रानी वेलु नचियार
5 जनवरी 2026 · Raj Study संपादकीय टीम
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रानी वेलु नचियार — शिवगंगा (तमिलनाडु) की रानी; ब्रिटिश से लड़ने वाली पहली रानी; 'वीरमंगई'।
क्या हुआ
'रानी वेलु नाचियार' (Rani Velu Nachiyar) की चर्चा हुई। रानी वेलु नाचियार (1730-1796) शिवगंगा (तमिलनाडु) की रानी थीं, जिन्हें 'वीरमंगई' (वीर महिला) कहा जाता है। वे ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी के विरुद्ध सशस्त्र युद्ध लड़ने वाली पहली भारतीय रानियों में से एक थीं (1857 से बहुत पहले)। अपने पति की मृत्यु के बाद उन्होंने हैदर अली व अन्य के सहयोग से सेना संगठित कर ब्रिटिशों से अपना राज्य पुनः जीता। उन्हें इतिहास की पहली 'मानव-बम'/आत्म-बलिदान रणनीति (उनकी सेनापति कुयिली द्वारा) से भी जोड़ा जाता है। वे महिला-शक्ति, साहस व प्रारंभिक उपनिवेश-विरोधी प्रतिरोध की प्रतीक हैं। यह स्वतंत्रता संग्राम (प्रारंभिक प्रतिरोध) व इतिहास से जुड़ता है। यह कला-संस्कृति से जुड़ा है।
मुख्य तथ्य
- 1रानी वेलु नाचियार (1730-1796)।
- 2शिवगंगा (तमिलनाडु) की रानी; 'वीरमंगई'।
- 3ब्रिटिशों से सशस्त्र युद्ध लड़ने वाली पहली रानियों में।
- 4हैदर अली सहयोग से राज्य पुनः जीता।
- 5महिला-शक्ति; प्रारंभिक उपनिवेश-विरोधी प्रतिरोध; कुयिली।
परीक्षा में ऐसे पूछा जा सकता है
रानी वेलु नचियार, शिवगंगा व ब्रिटिश-विरोधी प्रतिरोध आधुनिक भारतीय इतिहास में पूछी जाती हैं।
स्थायी GK: रानी वेलु नाचियार (1730-1796) — शिवगंगा (तमिलनाडु); 'वीरमंगई'। ब्रिटिश-विरोधी सशस्त्र युद्ध (1857 से पहले)। हैदर अली सहयोग; सेनापति कुयिली।