भारत में बैंकिंग की प्रवृत्ति व प्रगति रिपोर्ट 2024-25
3 जनवरी 2026 · Raj Study संपादकीय टीम
याद रखें · एक पंक्ति में
रिपोर्ट — RBI की वार्षिक बैंकिंग क्षेत्र समीक्षा; NPA, पूंजी पर्याप्तता, ऋण वृद्धि।
क्या हुआ
'भारत में बैंकिंग की प्रवृत्ति व प्रगति 2024-25' रिपोर्ट चर्चा में रही। भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) यह वैधानिक वार्षिक रिपोर्ट जारी करता है, जो भारत के बैंकिंग क्षेत्र (वाणिज्यिक बैंक, सहकारी बैंक, NBFC) के प्रदर्शन व प्रवृत्तियों का व्यापक विश्लेषण प्रस्तुत करती है — जमा/ऋण वृद्धि, गैर-निष्पादित परिसंपत्तियाँ (NPA), लाभप्रदता, पूँजी पर्याप्तता, डिजिटल बैंकिंग व वित्तीय समावेशन। रिपोर्ट बैंकिंग प्रणाली के स्वास्थ्य, स्थिरता व सुधारों की समीक्षा करती है। स्वस्थ बैंकिंग क्षेत्र ऋण प्रवाह, निवेश व आर्थिक वृद्धि के लिए आवश्यक है। RBI भारत का केंद्रीय बैंक व बैंकिंग नियामक है। यह वित्तीय क्षेत्र व अर्थव्यवस्था से जुड़ा है।
मुख्य तथ्य
- 1'बैंकिंग की प्रवृत्ति व प्रगति 2024-25' रिपोर्ट।
- 2RBI की वैधानिक वार्षिक रिपोर्ट।
- 3जमा/ऋण वृद्धि, NPA, लाभप्रदता, पूँजी पर्याप्तता।
- 4बैंकिंग प्रणाली के स्वास्थ्य व स्थिरता की समीक्षा।
- 5RBI — केंद्रीय बैंक व बैंकिंग नियामक।
परीक्षा में ऐसे पूछा जा सकता है
बैंकिंग प्रवृत्ति रिपोर्ट, NPA व RBI अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण हैं।
स्थायी GK: RBI — केंद्रीय बैंक (1935); बैंकिंग नियामक। NPA; पूँजी पर्याप्तता (Basel)। वैधानिक वार्षिक रिपोर्ट। वित्तीय समावेशन।