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10 फरवरी 2026 · 10 February 2026अर्थव्यवस्था

RBI ने MSE हेतु संपार्श्विक-मुक्त ऋण बढ़ाया

RBI enhances collateral-free lending for MSEs

RBI द्वारा सूक्ष्म व लघु उद्यमों (MSEs) हेतु संपार्श्विक-मुक्त (collateral-free) ऋण बढ़ाने की चर्चा हुई। MSME (सूक्ष्म, लघु व मध्यम उद्यम) भारत की अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं (GDP, रोज़गार व निर्यात में बड़ा योगदान), पर उन्हें ऋण-पहुँच में बाधा (विशेषकर गिरवी/संपार्श्विक की कमी) का सामना करना पड़ता है। 'संपार्श्विक-मुक्त ऋण' में उद्यमी को गिरवी के बिना ऋण मिलता है (CGTMSE — सूक्ष्म व लघु उद्यमों के लिए क्रेडिट गारंटी फंड ट्रस्ट इसकी गारंटी देता है)। RBI द्वारा इस सीमा को बढ़ाना MSE को अधिक व सुलभ वित्त, औपचारिकीकरण, विस्तार व रोज़गार-सृजन में सहायता करता है। यह वित्तीय समावेशन व आत्मनिर्भर भारत से जुड़ता है। यह अर्थव्यवस्था से जुड़ा है।
✨ RajAI— RAS Prelims Expert

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