निर्यात समर्थन हेतु RELIEF योजना का विस्तार
18 अप्रैल 2026 · Raj Study संपादकीय टीम
याद रखें · एक पंक्ति में
RELIEF — निर्यात संवर्धन मिशन के तहत समयबद्ध पहल (₹497 करोड़); ECGC द्वारा कार्यान्वित।
क्या हुआ
निर्यात समर्थन हेतु 'RELIEF' योजना के विस्तार की चर्चा हुई। निर्यात-समर्थन योजनाएँ निर्यातकों को ऋण, ब्याज सहायता, बीमा (ECGC), कर/शुल्क वापसी (RoDTEP/Duty Drawback) व बाज़ार-पहुँच सहायता प्रदान करती हैं, ताकि भारतीय निर्यात वैश्विक रूप से प्रतिस्पर्धी रहें। ऐसी योजना का विस्तार (विशेषकर MSME/श्रम-गहन क्षेत्रों के लिए) वैश्विक व्यापार तनाव, टैरिफ व मंदी के बीच निर्यातकों को राहत व नकदी-प्रवाह सहायता देता है। मज़बूत निर्यात व्यापार घाटे को कम करते हैं, विदेशी मुद्रा अर्जित करते हैं व रोज़गार सृजित करते हैं। भारत 2030 तक 2 ट्रिलियन डॉलर निर्यात का लक्ष्य रखता है। यह अर्थव्यवस्था व व्यापार से जुड़ा है।
मुख्य तथ्य
- 1निर्यात समर्थन हेतु 'RELIEF' योजना विस्तारित।
- 2निर्यातकों को ऋण, ब्याज सहायता, बीमा, कर-वापसी।
- 3MSME/श्रम-गहन क्षेत्रों को राहत व नकदी-प्रवाह।
- 4वैश्विक व्यापार तनाव/टैरिफ के बीच सहायता।
- 52030 तक 2 ट्रिलियन डॉलर निर्यात लक्ष्य।
परीक्षा में ऐसे पूछा जा सकता है
निर्यात संवर्धन मिशन, ECGC व आपूर्ति श्रृंखला लचीलापन अर्थव्यवस्था में पूछे जाते हैं।
स्थायी GK: निर्यात समर्थन — ऋण, ब्याज सहायता, ECGC बीमा, RoDTEP। MSME/श्रम-गहन क्षेत्र। 2030 तक 2 ट्रिलियन डॉलर निर्यात लक्ष्य।