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राष्ट्रीय · राजव्यवस्था

निरसन व संशोधन अधिनियम, 2025

2 जनवरी 2026 · Raj Study संपादकीय टीम

याद रखें · एक पंक्ति में

निरसन व संशोधन अधिनियम — पुराने, अप्रचलित कानूनों को निरस्त कर विधि पुस्तक को सरल बनाना।

क्या हुआ

'निरसन व संशोधन अधिनियम, 2025' (Repealing and Amending Act) की चर्चा हुई। यह एक प्रकार का संसदीय अधिनियम है जिसका उद्देश्य पुराने, अप्रचलित (obsolete), अनावश्यक व निरर्थक हो चुके कानूनों को 'निरस्त' (repeal) करना व कुछ कानूनों में छोटे-मोटे (अप्रासंगिक) संशोधन करना है — ताकि विधि-पुस्तक (statute book) को साफ़, सरल व सुसंगत रखा जा सके। ऐसे आवधिक 'निरसन' विधि-सुधार, 'न्यूनतम सरकार-अधिकतम शासन', व्यापार-सुगमता (ease of doing business) व नागरिकों के लिए कानून-स्पष्टता को बढ़ावा देते हैं (विधि आयोग व सरकार समय-समय पर पुराने कानूनों की समीक्षा करते हैं)। यह राजव्यवस्था, विधायी प्रक्रिया व विधि-सुधार से जुड़ता है। यह राजव्यवस्था से जुड़ा है।

मुख्य तथ्य

  1. 1निरसन व संशोधन अधिनियम, 2025।
  2. 2पुराने, अप्रचलित, अनावश्यक कानून निरस्त।
  3. 3कुछ कानूनों में छोटे-मोटे संशोधन।
  4. 4विधि-पुस्तक को साफ़, सरल, सुसंगत रखना।
  5. 5विधि-सुधार; व्यापार-सुगमता; कानून-स्पष्टता।

परीक्षा में ऐसे पूछा जा सकता है

निरसन अधिनियम, विधायी सुधार व अप्रचलित कानून राजव्यवस्था में पूछे जाते हैं।

स्थायी GK: निरसन व संशोधन अधिनियम — पुराने/अप्रचलित कानून निरस्त; छोटे संशोधन। विधि-पुस्तक साफ़ रखना। विधि-सुधार; न्यूनतम सरकार-अधिकतम शासन; व्यापार-सुगमता।

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