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राष्ट्रीय · विज्ञान

पुन: प्रयोज्य प्रक्षेपण यान (RLV) प्रौद्योगिकी

24 जनवरी 2026 · Raj Study संपादकीय टीम

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RLV — पुन: प्रयोज्य रॉकेट/यान; अंतरिक्ष पहुंच की लागत में भारी कमी।

क्या हुआ

पुन: प्रयोज्य प्रक्षेपण यान (Reusable Launch Vehicle/RLV) तकनीक की चर्चा हुई। RLV ऐसी प्रक्षेपण यान तकनीक है जिसमें राकेट के चरणों को पुनः उपयोग के लिए सुरक्षित रूप से वापस लाया जाता है, जिससे अंतरिक्ष पहुँच की लागत भारी रूप से घटती है (पारंपरिक राकेट प्रायः एक-बार उपयोग वाले होते हैं)। ISRO अपनी RLV-TD (टेक्नोलॉजी डेमॉन्स्ट्रेटर) के माध्यम से इस तकनीक का परीक्षण कर रहा है — 'पुष्पक' जैसे प्रयोगों में स्वचालित लैंडिंग का प्रदर्शन हुआ। यह भविष्य के किफायती, सतत व बार-बार अंतरिक्ष मिशनों (उपग्रह प्रक्षेपण, अंतरिक्ष पर्यटन) के लिए महत्वपूर्ण है। यह अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी, आत्मनिर्भरता व वाणिज्यिक अंतरिक्ष से जुड़ा है।

मुख्य तथ्य

  1. 1पुन: प्रयोज्य प्रक्षेपण यान (RLV) तकनीक।
  2. 2राकेट चरणों का पुनः उपयोग; लागत में भारी कमी।
  3. 3ISRO — RLV-TD; 'पुष्पक' स्वचालित लैंडिंग।
  4. 4किफायती व बार-बार अंतरिक्ष मिशन।
  5. 5अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी; आत्मनिर्भरता।

परीक्षा में ऐसे पूछा जा सकता है

RLV, ISRO व अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी विज्ञान में महत्वपूर्ण हैं।

स्थायी GK: RLV — पुन: प्रयोज्य राकेट; लागत में कमी। ISRO — RLV-TD; 'पुष्पक' (स्वचालित लैंडिंग)। वाणिज्यिक अंतरिक्ष; IN-SPACe।

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