जैव-आतंकवाद में राइसिन
13 फरवरी 2026 · Raj Study संपादकीय टीम
याद रखें · एक पंक्ति में
राइसिन — अरंडी के बीज (रिसिनस कम्युनिस) से विषैला प्रोटीन; अत्यंत घातक।
क्या हुआ
जैव-आतंकवाद (bioterrorism) के संदर्भ में 'राइसिन' (Ricin) की चर्चा हुई। राइसिन अरंडी (castor) के बीजों (जिनसे अरंडी का तेल निकाला जाता है) में पाया जाने वाला एक अत्यधिक विषैला प्राकृतिक प्रोटीन-विष (toxin) है, जो कोशिकाओं में प्रोटीन-संश्लेषण को रोककर उन्हें नष्ट कर देता है। इसकी उच्च विषाक्तता के कारण इसे एक संभावित जैव-आतंकवाद/रासायनिक-जैविक हथियार-खतरे के रूप में वर्गीकृत किया गया है। यह 'रासायनिक हथियार अभिसमय' (CWC) की अनुसूची-1 में सूचीबद्ध है (इसके हथियार-उपयोग पर प्रतिबंध)। यह जन-स्वास्थ्य-तैयारी, जैव-सुरक्षा (biosecurity) व अप्रसार के संदर्भ में महत्वपूर्ण है। (यह विषय संवेदनशील है; प्रविष्टि केवल सामान्य-जागरूकता हेतु तथ्यात्मक है, इसमें कोई निर्माण/उपयोग-विवरण नहीं है।) यह विज्ञान, जैव-सुरक्षा व अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा है। यह विज्ञान से जुड़ा है।
मुख्य तथ्य
- 1जैव-आतंकवाद के संदर्भ में राइसिन।
- 2अरंडी (castor) के बीजों में पाया जाने वाला विष।
- 3कोशिकाओं में प्रोटीन-संश्लेषण रोककर नष्ट करता है।
- 4रासायनिक हथियार अभिसमय (CWC) अनुसूची-1।
- 5जैव-सुरक्षा; जन-स्वास्थ्य-तैयारी; अप्रसार।
परीक्षा में ऐसे पूछा जा सकता है
राइसिन, जैव-आतंकवाद व रासायनिक हथियार सम्मेलन विज्ञान/सुरक्षा में पूछे जाते हैं।
स्थायी GK: राइसिन — अरंडी (castor) बीज का विष-प्रोटीन; प्रोटीन-संश्लेषण रोकता है। जैव-आतंकवाद खतरा। CWC अनुसूची-1 (हथियार-प्रतिबंध)। जैव-सुरक्षा।