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राष्ट्रीय · राजव्यवस्था

सुप्रीम कोर्ट: राजमार्गों पर सुरक्षित यात्रा अनुच्छेद 21 के जीवन के अधिकार का हिस्सा

27 अप्रैल 2026 · Raj Study संपादकीय टीम

याद रखें · एक पंक्ति में

In Re: Phalodi Accident (13 अप्रैल 2026) — राजमार्गों पर सुरक्षित यात्रा अनुच्छेद 21 का हिस्सा घोषित।

क्या हुआ

नवंबर 2025 में राजस्थान के फलोदी और तेलंगाना के चेवेल्ला के पास हुई दो सड़क दुर्घटनाओं में 34 लोगों की मौत के बाद सुप्रीम कोर्ट ने स्वतः संज्ञान लिया था। 13 अप्रैल 2026 को जस्टिस जे.के. माहेश्वरी और जस्टिस अतुल चंदुरकर की पीठ ने कहा कि अनुच्छेद 21 राज्य पर जीवन की रक्षा हेतु सुरक्षित वातावरण देने का सकारात्मक दायित्व डालता है। अदालत ने माना कि राष्ट्रीय राजमार्ग कुल सड़क लंबाई का लगभग 2% हैं पर सड़क मौतों का करीब 30% यहीं होता है। अनुच्छेद 142 के तहत अंतरिम निर्देशों में राजमार्ग की सीमा में अनधिकृत ढाबे हटाने और तय स्थानों के अलावा भारी वाहनों की पार्किंग पर रोक शामिल है।

मुख्य तथ्य

  1. 1मामला: फलोदी दुर्घटना पर स्वतः संज्ञान; निर्णय 13 अप्रैल 2026
  2. 2पीठ: जस्टिस जे.के. माहेश्वरी व जस्टिस अतुल चंदुरकर
  3. 3राष्ट्रीय राजमार्ग: ~2% सड़क लंबाई, ~30% सड़क मौतें
  4. 4अनुच्छेद 142 के तहत अवैध ढाबे हटाने, भारी वाहन पार्किंग पर रोक

परीक्षा में ऐसे पूछा जा सकता है

राजस्थान से जुड़े इस निर्णय पर प्रश्न आ सकता है कि सुरक्षित सड़क यात्रा का अधिकार किस अनुच्छेद से जुड़ा है।

स्थायी GK: फलोदी दुर्घटना (2 नवंबर 2025) में भारतमाला एक्सप्रेसवे पर ढाबे के पास खड़े ट्रेलर से तीर्थयात्रियों की बस टकराई थी, जिसमें 15 लोगों की मौत हुई।

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