SC ने स्पेक्ट्रम को सार्वजनिक संसाधन माना
16 फरवरी 2026 · Raj Study संपादकीय टीम
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स्पेक्ट्रम — एक दुर्लभ सार्वजनिक संसाधन; आवंटन सार्वजनिक न्यास सिद्धांत के अनुरूप।
क्या हुआ
सर्वोच्च न्यायालय ने स्पेक्ट्रम को एक सार्वजनिक संसाधन के रूप में पुष्टि की। स्पेक्ट्रम (रेडियो तरंगें) एक सीमित प्राकृतिक संसाधन है जिसका उपयोग दूरसंचार, प्रसारण व इंटरनेट में होता है। 2जी स्पेक्ट्रम मामले (2012) में SC ने 'सार्वजनिक न्यास सिद्धांत' (public trust doctrine) के तहत कहा कि स्पेक्ट्रम जैसे प्राकृतिक संसाधन जनता के स्वामित्व में हैं व सरकार उनकी संरक्षक (trustee) है — इनका आवंटन पारदर्शी, निष्पक्ष व अधिकतम जनहित (प्रायः नीलामी) में होना चाहिए, न कि मनमाने 'पहले आओ पहले पाओ' से। यह अनुच्छेद 39(b) (DPSP — सामुदायिक संसाधनों का समान वितरण) से जुड़ा है। यह संसाधन शासन व पारदर्शिता से जुड़ा है।
मुख्य तथ्य
- 1SC ने स्पेक्ट्रम को सार्वजनिक संसाधन माना।
- 2स्पेक्ट्रम — सीमित प्राकृतिक संसाधन।
- 3सार्वजनिक न्यास सिद्धांत; 2जी मामला (2012)।
- 4पारदर्शी आवंटन (नीलामी); जनहित।
- 5अनुच्छेद 39(b) — संसाधनों का समान वितरण।
परीक्षा में ऐसे पूछा जा सकता है
स्पेक्ट्रम आवंटन, सार्वजनिक न्यास सिद्धांत व 2G केस राजव्यवस्था/अर्थव्यवस्था में पूछे जाते हैं।
स्थायी GK: स्पेक्ट्रम — सीमित प्राकृतिक संसाधन। सार्वजनिक न्यास सिद्धांत; 2जी मामला (2012)। अनुच्छेद 39(b)। नीलामी; पारदर्शिता।