सर्वोच्च न्यायालय ने अपने अरावली निर्णय पर रोक लगाई
1 जनवरी 2026 · Raj Study संपादकीय टीम
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अरावली — विश्व की सबसे पुरानी पर्वतमालाओं में; राजस्थान, हरियाणा, दिल्ली, गुजरात में फैली।
क्या हुआ
सर्वोच्च न्यायालय ने अरावली पर्वतमाला में खनन व निर्माण से संबंधित अपने ही पूर्व निर्णय/आदेश पर रोक लगा दी, जिससे संरक्षण बनाम विकास की बहस पुनः उभरी। अरावली विश्व की सबसे पुरानी वलित पर्वतमालाओं (प्री-कैम्ब्रियन) में से है, जो दिल्ली से हरियाणा, राजस्थान (सबसे लंबा विस्तार) होते हुए गुजरात तक ~692 किमी फैली है; सर्वोच्च चोटी गुरु शिखर (माउंट आबू, ~1,722 मीटर)। यह थार रेगिस्तान के पूर्व की ओर विस्तार को रोकने वाली प्राकृतिक अवरोधक का कार्य करती है और NCR के लिए भूजल पुनर्भरण में सहायक है। प्रमुख खतरे — अवैध खनन, वनों की कटाई, अतिक्रमण व उत्खनन। विधिक/नीतिगत ढाँचा — SC के पूर्व खनन प्रतिबंध (2002, 2009 आदेश), वन (संरक्षण) अधिनियम 1980, एम.सी. मेहता वाद, तथा प्रस्तावित 'अरावली ग्रीन वॉल परियोजना' (~700 किमी वनरोपण)। अरावली में सरिस्का व रणथंभौर बाघ अभयारण्य (राजस्थान) स्थित हैं।
मुख्य तथ्य
- 1अरावली — विश्व की सबसे पुरानी वलित पर्वतमालाओं में (प्री-कैम्ब्रियन); लंबाई ~692 किमी।
- 2विस्तार — दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान (सबसे लंबा भाग), गुजरात; सर्वोच्च चोटी गुरु शिखर (माउंट आबू)।
- 3थार रेगिस्तान के पूर्व की ओर विस्तार को रोकती प्राकृतिक 'हरित दीवार'; भूजल पुनर्भरण।
- 4खतरे — अवैध खनन, वनों की कटाई, अतिक्रमण; SC के पूर्व खनन प्रतिबंध (2002, 2009)।
- 5अरावली ग्रीन वॉल परियोजना (2023) — ~700 किमी वनरोपण।
परीक्षा में ऐसे पूछा जा सकता है
अरावली, खनन व पारिस्थितिक संरक्षण पर्यावरण में महत्वपूर्ण हैं (राजस्थान/RAS हेतु अत्यधिक प्रासंगिक)।
स्थायी GK: अरावली — भारत की सबसे पुरानी वलित पर्वतमाला (प्री-कैम्ब्रियन)। लंबाई ~692 किमी; राज्य — दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान, गुजरात। सर्वोच्च चोटी — गुरु शिखर (माउंट आबू, सिरोही ज़िला, राजस्थान)। उद्गम नदियाँ — बनास, साबी (साहिबी), लूनी। राष्ट्रीय उद्यान/अभयारण्य — सरिस्का, रणथंभौर, माउंट आबू WLS। विधि — वन (संरक्षण) अधिनियम 1980; एम.सी. मेहता वाद।