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राष्ट्रीय · विज्ञान

2025 के भूकंपीय कोड की वापसी

13 मार्च 2026 · Raj Study संपादकीय टीम

याद रखें · एक पंक्ति में

भूकंपीय कोड — भूकंप-प्रतिरोधी निर्माण हेतु नियमों का समूह; IS 1893; BIS द्वारा।

क्या हुआ

2025 के भूकंपीय संहिता (Seismic Code) के रोलबैक की चर्चा हुई। भूकंपीय संहिता (जैसे BIS का IS 1893) इमारतों व संरचनाओं के भूकंप-रोधी डिज़ाइन के मानक तय करती है, जो देश को विभिन्न भूकंपीय ज़ोन (Zone II-V) में बाँटकर सुरक्षा-आवश्यकताएँ निर्धारित करती है (भारत का बड़ा भाग, विशेषकर हिमालयी क्षेत्र, उच्च-जोखिम Zone IV-V में है)। किसी अद्यतन संहिता का 'रोलबैक' (वापस लेना/स्थगन) आमतौर पर व्यावहारिक चुनौतियों, उद्योग/हितधारक चिंताओं, लागत या तकनीकी पुनर्विचार के कारण होता है। यह आपदा-प्रबंधन, संरचनात्मक सुरक्षा व मानक-निर्धारण की जटिलता दर्शाता है। यह विज्ञान, आपदा प्रबंधन व नीति से जुड़ा है।

मुख्य तथ्य

  1. 12025 की भूकंपीय संहिता का रोलबैक।
  2. 2भूकंपीय संहिता — भूकंप-रोधी डिज़ाइन मानक (BIS IS 1893)।
  3. 3भूकंपीय ज़ोन II-V; हिमालय उच्च-जोखिम।
  4. 4रोलबैक — व्यावहारिक/तकनीकी पुनर्विचार।
  5. 5आपदा-प्रबंधन; संरचनात्मक सुरक्षा।

परीक्षा में ऐसे पूछा जा सकता है

भूकंपीय कोड, BIS व भूकंप क्षेत्र विज्ञान/भूगोल में पूछे जाते हैं।

स्थायी GK: भूकंपीय संहिता — BIS IS 1893; भूकंप-रोधी डिज़ाइन; ज़ोन II-V। भारत — हिमालय उच्च-जोखिम (IV-V)। रोलबैक — व्यावहारिक/तकनीकी पुनर्विचार।

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