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राष्ट्रीय · पर्यावरण

कोयला संयंत्रों से SO₂ शमन व FGD

13 मई 2026 · Raj Study संपादकीय टीम

याद रखें · एक पंक्ति में

SO₂ शमन से ~1.24 लाख वार्षिक मौतें टल सकती हैं; FGD — चूना-पत्थर से SO₂ हटाना।

क्या हुआ

कोयला बिजली संयंत्रों से सल्फर डाइऑक्साइड (SO2) उत्सर्जन में कमी व FGD (फ्लू गैस डिसल्फराइज़ेशन) की चर्चा हुई। SO2 कोयला जलाने से निकलने वाली एक हानिकारक गैस है, जो वायु प्रदूषण, श्वसन रोग, अम्लीय वर्षा (acid rain) व सूक्ष्म कणों (PM2.5) के निर्माण का कारण बनती है। FGD एक प्रौद्योगिकी है जो बिजली संयंत्रों की निकास-गैस से SO2 को हटाती है (आमतौर पर चूना/चूना-पत्थर से अभिक्रिया कराकर)। सरकार ने तापीय संयंत्रों में FGD लगाना अनिवार्य किया है (हालाँकि समयसीमा/लागत व क्षेत्रीय आवश्यकता पर बहस रही है)। यह वायु गुणवत्ता, सार्वजनिक स्वास्थ्य व स्वच्छ ऊर्जा संक्रमण से जुड़ा है। CPCB नियामक है। यह पर्यावरण से जुड़ा है।

मुख्य तथ्य

  1. 1कोयला संयंत्रों से SO2 में कमी; FGD।
  2. 2SO2 — हानिकारक गैस; अम्लीय वर्षा; PM2.5।
  3. 3FGD — निकास-गैस से SO2 हटाने की तकनीक।
  4. 4तापीय संयंत्रों में FGD अनिवार्य।
  5. 5वायु गुणवत्ता; सार्वजनिक स्वास्थ्य; CPCB।

परीक्षा में ऐसे पूछा जा सकता है

SO₂, PM2.5, FGD तकनीक व वायु प्रदूषण पर्यावरण में महत्वपूर्ण हैं।

स्थायी GK: SO2 — कोयले से हानिकारक गैस; अम्लीय वर्षा; PM2.5। FGD — निकास-गैस से SO2 हटाना (चूना/चूना-पत्थर)। CPCB; तापीय संयंत्र।

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