23 अगस्त 2026 · 23 August 2026⭐ परीक्षा में महत्वपूर्ण
थार मरुस्थल में सुमेर सिंह भाटी की घास के मैदान संरक्षण उपलब्धि
Sumer Singh Bhati Leading Grassland Conservation in the Thar Desert
सुमेर सिंह भाटी ने थार में 10,000 हेक्टेयर घास के मैदान की बहाली के लिए अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त की।
मुख्य तथ्य
- •देग्राई माता ओरण लगभग 10,000 हेक्टेयर क्षेत्र में फैला पवित्र घास के मैदान है
- •लगभग 20 गांवों के समुदायों को घास के मैदान संरक्षण में संगठित किया
- •महान भारतीय bustard और एशियाई caracal के आवास को संरक्षित किया
- •रेंजलैंड अवार्ड्स 2026 में अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर मान्यता दी गई
सुमेर सिंह भाटी राजस्थान के जैसलमेर जिले के पारंपरिक ऊंट पालक हैं जिन्होंने देग्राई माता ओरण की पवित्र घास के मैदानों की रक्षा के लिए दशकों का प्रयास किया है। उन्होंने लगभग 20 गांवों के समुदायों को संगठित कर प्राकृतिक पुनर्जनन को बढ़ावा दिया है। सेवण और धामण जैसी मूल घास प्रजातियां पशुधन के लिए महत्वपूर्ण चारा प्रदान करती हैं। ये घास के मैदान महान भारतीय bustard और एशियाई caracal जैसी लुप्तप्राय वन्यजीव प्रजातियों के लिए आवास प्रदान करते हैं। भाटी ने तनोट माता मंदिर से जयपुर तक 700 किमी की 85 दिवसीय 'ओरण बचाओ पदयात्रा' का नेतृत्व भी किया।
🎯 परीक्षा में कैसे आएगा
राजस्थान में पारंपरिक ज्ञान और सामुदायिक संरक्षण के माध्यम से जैव विविधता और घास के मैदान संरक्षण।
📚 संबंधित स्थायी GK
महान भारतीय bustard भारत की सबसे भारी उड़ने वाली पक्षी प्रजाति है और राजस्थान में पाई जाती है।
✨ RajAI— RAS Prelims Expert