पवित्र कमल में ऊष्मा-जनन (थर्मोजेनेसिस)
30 जनवरी 2026 · Raj Study संपादकीय टीम
याद रखें · एक पंक्ति में
थर्मोजेनेसिस — पवित्र कमल का फूल आने पर ऊष्मा उत्पन्न करना; परागणकर्ताओं को आकर्षित करता है।
क्या हुआ
पवित्र कमल (sacred lotus) में 'ऊष्मा-उत्पादन' (thermogenesis) की चर्चा हुई। थर्मोजेनेसिस वह जैविक प्रक्रिया है जिसमें कोई जीव स्वयं ऊष्मा (heat) उत्पन्न करता है। कमल (Nelumbo nucifera — भारत का राष्ट्रीय फूल) उन कुछ दुर्लभ पौधों में से है जो 'थर्मोजेनिक' हैं — यह अपने फूल का तापमान परिवेश से अधिक व स्थिर बनाए रख सकता है। यह परागणकर्ता कीटों को आकर्षित करने (गर्मी व सुगंध से) व उन्हें ठंडे वातावरण में आश्रय/ऊर्जा देकर परागण (pollination) बढ़ाने में मदद करता है। यह पादप-शरीरक्रिया-विज्ञान (plant physiology) का एक रोचक अनुकूलन है, जिसका अध्ययन जैव-ऊर्जा व जैव-नकल (biomimicry) में उपयोगी है। यह विज्ञान, जीव विज्ञान व पारिस्थितिकी से जुड़ा है। यह विज्ञान से जुड़ा है।
मुख्य तथ्य
- 1पवित्र कमल में थर्मोजेनेसिस (ऊष्मा-उत्पादन)।
- 2थर्मोजेनेसिस — जीव द्वारा स्वयं ऊष्मा उत्पन्न करना।
- 3कमल (Nelumbo nucifera) — दुर्लभ थर्मोजेनिक पौधा।
- 4फूल का तापमान परिवेश से अधिक/स्थिर।
- 5परागणकर्ता कीटों को आकर्षित कर परागण बढ़ाना।
परीक्षा में ऐसे पूछा जा सकता है
थर्मोजेनेसिस, पवित्र कमल व पादप शरीरक्रिया विज्ञान विज्ञान में पूछे जाते हैं।
स्थायी GK: थर्मोजेनेसिस — जीव द्वारा स्वयं ऊष्मा-उत्पादन। कमल (Nelumbo nucifera; राष्ट्रीय फूल) — थर्मोजेनिक; फूल-ताप स्थिर। परागणकर्ता आकर्षण; परागण।