तमिलनाडु ने तीसरी भाषा पर UGC परिपत्र का विरोध किया
27 जनवरी 2026 · Raj Study संपादकीय टीम
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तमिलनाडु — द्विभाषा नीति (तमिल व अंग्रेज़ी) का समर्थक; त्रिभाषा सूत्र का विरोध।
क्या हुआ
तमिलनाडु द्वारा तीसरी भाषा पर UGC परिपत्र का विरोध की चर्चा हुई। यह राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP 2020) की 'त्रि-भाषा सूत्र' (three-language formula) से जुड़ा है, जिसके तहत छात्र तीन भाषाएँ सीखते हैं (जिनमें दो भारतीय भाषाएँ हों)। तमिलनाडु लंबे समय से 'द्वि-भाषा नीति' (तमिल व अंग्रेज़ी) का पालन करता है और त्रि-भाषा सूत्र को हिंदी थोपने (imposition) के रूप में देखकर इसका विरोध करता रहा है (1937 से हिंदी-विरोधी आंदोलनों का इतिहास)। यह भाषाई संघवाद, राज्य-केंद्र संबंध, सांस्कृतिक स्वायत्तता व शिक्षा (समवर्ती सूची) के तनाव को उजागर करता है। यह राजव्यवस्था, संघवाद व भाषा-नीति से जुड़ा है। यह राजव्यवस्था से जुड़ा है।
मुख्य तथ्य
- 1तमिलनाडु ने तीसरी भाषा पर UGC परिपत्र का विरोध किया।
- 2NEP 2020 का 'त्रि-भाषा सूत्र'।
- 3तमिलनाडु — द्वि-भाषा नीति (तमिल व अंग्रेज़ी)।
- 4हिंदी-थोपने का विरोध (हिंदी-विरोधी आंदोलन 1937)।
- 5भाषाई संघवाद; राज्य-केंद्र; सांस्कृतिक स्वायत्तता।
परीक्षा में ऐसे पूछा जा सकता है
त्रिभाषा सूत्र, NEP 2020 व संघवाद राजव्यवस्था में पूछे जाते हैं।
स्थायी GK: त्रि-भाषा सूत्र (NEP) — तीन भाषाएँ। तमिलनाडु — द्वि-भाषा (तमिल+अंग्रेज़ी); हिंदी-थोपने का विरोध (1937 से)। भाषाई संघवाद; शिक्षा समवर्ती सूची।