ट्रिब्यूनल सुधार अधिनियम, 2026
11 अगस्त 2026 · Raj Study संपादकीय टीम
याद रखें · एक पंक्ति में
2026 अधिनियम ट्रिब्यूनलों में कार्यपालिका के नियंत्रण को कम करके न्यायिक स्वतंत्रता सुनिश्चित करता है।
क्या हुआ
ट्रिब्यूनल सुधार अधिनियम, 2026 को राष्ट्रपति की मंजूरी मिल गई है। यह 2021 के अधिनियम को निरस्त करके राष्ट्रीय ट्रिब्यूनल आयोग (एनटीसी) की स्थापना करता है। एनटीसी में एक अध्यक्ष (सर्वोच्च न्यायालय का न्यायाधीश या उच्च न्यायालय का मुख्य न्यायाधीश), दो न्यायिक सदस्य और दो तकनीकी सदस्य (कम से कम 25 वर्ष अनुभव) होंगे। यह कानून नियुक्तियों में कार्यपालिका के प्रभुत्व, रिक्त पदों, लंबित मामलों और अल्पकालीन कार्यकाल जैसी समस्याओं को संबोधित करता है। अध्यक्ष और सदस्यों के लिए अधिकतम आयु क्रमशः 70 और 67 वर्ष है।
मुख्य तथ्य
- 1एनटीसी राष्ट्रीय ट्रिब्यूनल डेटा ग्रिड का रखरखाव करेगा और सदस्यों के खिलाफ शिकायतों की निगरानी करेगा।
- 22021 अधिनियम की 50-वर्ष की न्यूनतम आयु और 4-वर्ष का कार्यकाल सर्वोच्च न्यायालय द्वारा रद्द कर दिए गए थे।
- 3प्रथम ट्रिब्यूनल आयकर अपीलीय ट्रिब्यूनल (ITAT) 1941 में स्थापित किया गया था।
- 41976 में 42वें संविधान संशोधन अधिनियम के माध्यम से भाग XIV-A और अनुच्छेद 323-A व 323-B जोड़े गए।
परीक्षा में ऐसे पूछा जा सकता है
संविधान के अनुच्छेद 323-A और 323-B तथा ट्रिब्यूनलों की स्वतंत्रता व जवाबदेही के विधायी ढांचे को समझना RAS परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण है।
स्थायी GK: L. चंद्र कुमार बनाम भारत संघ (1997) में सर्वोच्च न्यायालय ने माना कि ट्रिब्यूनलों के निर्णय उच्च न्यायालयों की रिट क्षेत्राधिकार के अधीन हैं।