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राष्ट्रीय · राजव्यवस्था

गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम 1967 (UAPA)

10 जनवरी 2026 · Raj Study संपादकीय टीम

याद रखें · एक पंक्ति में

UAPA — आतंकवादी व गैरकानूनी गतिविधियों के विरुद्ध मुख्य कानून; 2019 संशोधन से व्यक्तियों को 'आतंकवादी' घोषित करना संभव।

क्या हुआ

गैरकानूनी गतिविधियाँ (रोकथाम) अधिनियम (UAPA), 1967 की चर्चा हुई। UAPA भारत का प्रमुख आतंकवाद-रोधी व राष्ट्र-विरोधी गतिविधियों से निपटने वाला कानून है। यह सरकार को गैरकानूनी संगठनों को प्रतिबंधित करने, संपत्ति ज़ब्त करने व लंबी हिरासत (180 दिन तक बिना आरोपपत्र, कठोर ज़मानत शर्तें) की शक्ति देता है। 2019 के संशोधन ने सरकार को व्यक्तियों को भी 'आतंकवादी' घोषित करने की शक्ति दी। NIA इसके तहत जाँच करती है। आलोचना — संभावित दुरुपयोग, असहमति का दमन, कम सज़ा-दर व व्यक्तिगत स्वतंत्रता पर प्रभाव। बहस — राष्ट्रीय सुरक्षा बनाम नागरिक स्वतंत्रता (अनुच्छेद 19, 21)। यह आंतरिक सुरक्षा व कानून से जुड़ा है।

मुख्य तथ्य

  1. 1गैरकानूनी गतिविधियाँ (रोकथाम) अधिनियम (UAPA), 1967।
  2. 2प्रमुख आतंकवाद-रोधी कानून।
  3. 3संगठन प्रतिबंध, संपत्ति ज़ब्ती, लंबी हिरासत।
  4. 42019 संशोधन — व्यक्तियों को आतंकी घोषित करना।
  5. 5बहस — राष्ट्रीय सुरक्षा बनाम नागरिक स्वतंत्रता।

परीक्षा में ऐसे पूछा जा सकता है

UAPA, आतंकवाद-रोधी कानून व अनुच्छेद 21 राजव्यवस्था में महत्वपूर्ण हैं।

स्थायी GK: UAPA 1967 — आतंकवाद-रोधी कानून। 2019 संशोधन — व्यक्तियों को आतंकी घोषित करना। NIA जाँच। 180 दिन हिरासत; कठोर ज़मानत।

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