कोटा मंडल में पहली वंदे भारत फ्रेट ईएमयू का परीक्षण शुरू
3 अगस्त 2026 · Raj Study संपादकीय टीम
याद रखें · एक पंक्ति में
देश की पहली वंदे भारत फ्रेट ईएमयू (ICF चेन्नई) का परीक्षण कोटा मंडल में 29 जुलाई 2026 से; अधिकतम परीक्षण गति 145 किमी/घंटा।
क्या हुआ
देश की पहली वंदे भारत फ्रेट ईएमयू का तकनीकी परीक्षण 29 जुलाई 2026 को पश्चिम मध्य रेलवे के कोटा मंडल के कोटा-नागदा-सवाई माधोपुर खंड पर शुरू हुआ। इंटीग्रल कोच फैक्ट्री (ICF), चेन्नई द्वारा बने 16 डिब्बों के इस प्रोटोटाइप में दो रेफ्रिजरेटेड ड्राइविंग ट्रेलर, दो नॉन-ड्राइविंग ट्रेलर और 12 पार्सल कोच हैं। खाली रेक की गति 120 से 135 किमी/घंटा तक बढ़ाई गई और चौमहला-गुड़ला के बीच इसने 145 किमी/घंटा की परीक्षण गति छुई। RDSO लगभग एक माह तक रोज़ कम से कम दो फेरे में इसे परखेगा; यह ई-कॉमर्स, पार्सल और कोल्ड-चेन माल के लिए है।
मुख्य तथ्य
- 1परीक्षण 29 जुलाई 2026 से कोटा-नागदा-सवाई माधोपुर खंड पर
- 216 डिब्बे: 2 रेफ्रिजरेटेड ड्राइविंग ट्रेलर, 2 नॉन-ड्राइविंग ट्रेलर, 12 पार्सल कोच
- 3पहले दिन खाली रेक ने 145 किमी/घंटा की गति छुई
- 4परीक्षण RDSO द्वारा, लगभग एक माह, रोज़ कम से कम दो फेरे
परीक्षा में ऐसे पूछा जा सकता है
वंदे भारत फ्रेट ईएमयू का परीक्षण किस मंडल/ज़ोन में हो रहा है या रेक किस कारखाने ने बनाया, ऐसा प्रश्न आ सकता है।
स्थायी GK: पश्चिम मध्य रेलवे का मुख्यालय जबलपुर में है और इसके तीन मंडल हैं: जबलपुर, भोपाल और कोटा; कोटा मंडल पहले पश्चिम रेलवे का हिस्सा था और मुख्यतः राजस्थान को सेवा देता है।