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अध्याय 8 · आर्थिक समीक्षा 2025-26
जल सुरक्षा एवं अनुकूलता
Water Security & Resilience
जल संसाधन, ERCP/PKC, सिंचाई व पेयजल।
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दृष्टि व जल संसाधन
Vision & Water Resources
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विकसित राजस्थान 2047 — जल सुरक्षा
- 2047 तक राजस्थान मजबूत शासन, सतत संरक्षण व न्यायसंगत उपयोग से जल सुरक्षा व दीर्घकालिक स्थिरता सुनिश्चित करेगा।
- राजस्थान को देश का केवल 1.16% जल संसाधन प्राप्त; बंजर भूमि 101 लाख हेक्टेयर; अनियमित वर्षा व कम वर्षा-दिवस। 6 वृहद, 5 मध्यम व 34 लघु परियोजनाएं।
मानसून 2025 व सिंचाई
- मानसून आगमन 26 जून (1 जून–30 सितंबर 2025); वर्षा 715.20 मिमी — सामान्य (435.60 मिमी) से 64.00% अधिक; सर्वाधिक बारां व सवाईमाधोपुर (दक्षिण-पूर्वी/मध्य)। सामान्य से % अंतर: सिरोही (LPA का 123%), हनुमानगढ़ (LPA का 227%)।
- विभिन्न परियोजनाओं से कुल सृजित सिंचाई क्षेत्र 40.19 लाख हेक्टेयर; दिसंबर 2025 तक 23,320 हेक्टेयर अतिरिक्त सिंचाई क्षमता।
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राम जल सेतु लिंक (PKC-ERCP) परियोजना
Ram Jal Setu Link (PKC-ERCP)
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- संशोधित पार्वती-कालीसिंध-चंबल (PKC) लिंक परियोजना — ERCP से एकीकृत; पूर्वी राजस्थान में जल सुरक्षा व क्षेत्रीय विकास।
- कुनू, कुल, पार्वती, कालीसिंध व मेज नदी के अधिशेष मानसून जल को बनास, मोरेल, बाणगंगा, गंभीर, कालीसिल व पार्वती में स्थानांतरित किया जाएगा। केंद्र:राजस्थान:मध्यप्रदेश = 90:5:5 (MOU 28 जनवरी 2024)।
- 17 जिलों को लाभ; लाभार्थी 3.25 करोड़ (32.5 मिलियन) लोग; फव्वारा सिंचाई से 2.21 लाख हेक्टेयर नवीन + 1.52 लाख हेक्टेयर पुनर्स्थापना; अपशिष्ट जल शोधन से 30,000 हेक्टेयर नवीन सिंचित क्षेत्र; प्रमुख निर्माण — नवनेरा बैराज व ईसरदा बांध; मोरसागर कृत्रिम जलाशय (अजमेर)।
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नर्मदा, परवन व अन्य सिंचाई परियोजनाएं
Narmada, Parwan & Other Irrigation Projects
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नर्मदा नहर परियोजना
विवरण
जालौर व बाड़मेर; 2.46 लाख हेक्टेयर (233 गाँव) कमांड में स्प्रिंकलर सिंचाई अनिवार्य; 1,541 गाँव (जालौर 874, बाड़मेर 667) व 3 शहर (जालौर, भीनमाल, सांचौर) — 37.48 लाख लोग
परवन वृहद परियोजना
विवरण
झालावाड़ में परवन नदी पर; झालावाड़, बारां व कोटा; 571 गाँव में 2.01 लाख हेक्टेयर CCA; 1,402 गाँव में पेयजल; लागत ₹2,500 करोड़
लिफ्ट/अन्य परियोजनाएं
माही/जाखम
माही बांध से 3.72 TMC जल जाखम बांध में; बांसवाड़ा-कुशलगढ़-बागीदौरा के 338 गाँव/41,903 हेक्टेयर; पीपलखूंट 24 गाँव/5,127 हेक्टेयर, ₹2,000 करोड़, 30 MW सौर संयंत्र
धौलपुर लिफ्ट
पार्वती व रामसागर बांध; धौलपुर के 483 गाँव व 3 शहर (बाड़ी, बसेड़ी, सरमथुरा)
बूंदी/कोटा/बारां
मंगली डूंगरी (बूंदी) 44 गाँव/9,161 हे.; ताकली नदी रामगंजमंडी (कोटा) 33 गाँव/7,800 हे.; किशनगंज (बारां) 49 गाँव/8,979 हे. — 286.50 हे. वन भूमि प्रत्यावर्तन स्वीकृति 23 मई 2025
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यमुना जल समझौता व IGNP
Yamuna Water Pact & IGNP
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यमुना जल समझौता
- राजस्थान-हरियाणा मई 1994 समझौते के अनुसार ताजेवाला हेड (हथिनीकुंड बैराज) पर मानसून (जुलाई–अक्टूबर) में 1,917 क्यूसेक (वार्षिक 577 MCM) जल राजस्थान को आवंटित। 17 फरवरी 2024 को नया MOU — ताजेवाला हेड से सीकर, चूरू, झुंझुनू व अन्य जिलों को जल।
इंदिरा गांधी नहर परियोजना (IGNP)
- पश्चिम राजस्थान को दूरस्थ हिमालयी जल से सिंचाई व पेयजल; कुल 16-17 लाख हेक्टेयर (चरण-I 5.46 LH, चरण-II 10.71 LH); IGNP के अंतर्गत अब तक कुल 14.82 लाख हेक्टेयर भूमि आवंटित।
- री-लाइनिंग: इंदिरा गांधी फीडर 97 किमी व सरहिंद फीडर 100 किमी; केंद्र 60%, राज्य 40%; सरहिंद फीडर — पंजाब 54.15%, राजस्थान 45.85%; प्रवाह क्षमता 11,192 क्यूसेक → घटकर 9,500 क्यूसेक।
- फिरोजपुर फीडर री-लाइनिंग: DPR को CWC की 158वीं सलाहकार बैठक में 24 अप्रैल 2025 को स्वीकृति; कुल लागत ₹647.62 करोड़ (पंजाब 58.54%, राजस्थान 41.46%); गंग नहर 3.14 लाख हे. + भाखड़ा 2.92 लाख हे. कृषकों को लाभ।
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PMKSY व सूक्ष्म सिंचाई
PMKSY & Micro-Irrigation
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प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना (PMKSY)
विवरण
2015-16; केंद्र:राज्य 60:40; कृषि व उद्यानिकी विभाग; 'हर खेत को पानी' व 'प्रति बूंद अधिक फसल'; घटक — तारबंदी, डिग्गी, फार्मपौंड, ग्रीनहाउस, ड्रिप/स्प्रिंकलर; भूमिहीन श्रमिकों को ₹5,000 तक कृषि यंत्र
PMKSY 2.0 (वाटरशेड)
विवरण
2021-22; भूमि संसाधन विभाग (भारत सरकार); रिज उपचार, जल संचयन संरचनाएं (चेक डैम, अमृत सरोवर), वर्षा प्रबंधन, आजीविका गतिविधियाँ
RRR (मरम्मत-नवीनीकरण-पुनर्स्थापन)
विवरण
जनवरी 2005; 2017-18 में PMKSY में शामिल; केंद्र:राज्य 60:40; वर्तमान में 37 परियोजनाएं (14 जिले); 84 नए प्रस्ताव मंजूर
सूक्ष्म सिंचाई घटक — सब्सिडी
दर
सामान्य किसान 70%; SC/ST/महिला/लघु-सीमांत कृषक 75% (ड्रिप व स्प्रिंकलर)
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जल स्वावलंबन व कुसुम-B
Jal Swavalamban & KUSUM-B
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मुख्यमंत्री जल स्वावलंबन अभियान 2.0
प्रारंभ/उद्देश्य
फरवरी 2024; अधिकतम वर्षा जल संचयन व विवेकपूर्ण उपयोग; नए एनीकट, खेत तालाब, MPT, MST, SSB निर्माण व पुरानी संरचनाओं की मरम्मत
लक्ष्य
5,135 (31 मार्च 2026), 4,746 (30 जून 2026), 5,000 (30 जून 2027), 5,119 (30 जून 2028) संरचनाएं
PM कुसुम-B (किसान ऊर्जा सुरक्षा)
विवरण
फरवरी 2019; MNRE; 2022 तक 30.8 GW अतिरिक्त क्षमता लक्ष्य; भालोजी गाँव (कोटपूतली); 3HP-10HP सौर पंप; अनुसूचित जनजाति किसानों को TAD द्वारा 100% अनुदान; अंशदान — केंद्र 30% + राज्य 30% + किसान/बैंक 40%
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बाह्य सहायतित जल परियोजनाएं
Externally-Aided Water Projects
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राजस्थान जल क्षेत्र आजीविका सुधार (RWSLP)
विवरण
JICA वित्तपोषित; 11 वर्ष (1 अप्रैल 2017–31 मार्च 2028); 30 जिलों में 137 परियोजनाओं का पुनर्वास; 5.13 लाख हेक्टेयर लाभान्वित; 3 चरण (65+36+36); लखपति दीदी घटक — 1,000 गाँव, 10,000 महिला किसान
बांध पुनर्वास व सुधार (DRIP-II)
विवरण
विश्व बैंक + AIIB; NDB:राजस्थान 70:30; 13 फरवरी 2018 ($100 मिलियन) व 29 जुलाई 2022 (₹2,254 करोड़) ऋण; इंदिरा गांधी मुख्य नहर 179.53 किमी जीर्णोद्धार; 33,312 हेक्टेयर जलभराव विकास; 286 स्वीकृत में से 276 कार्य पूर्ण
अटल भूजल योजना
विवरण
भारत सरकार + विश्व बैंक 50:50; 1 अप्रैल 2020 (2020-21 से 2024-25); 7 राज्यों में; नोडल भूजल विभाग; 38 में से 7 पंचायत समितियों में भूजल स्तर में आंशिक सुधार; 1,132 CRP प्रशिक्षित
राष्ट्रीय जल विज्ञान परियोजना (NHP)
विवरण
भारत सरकार + विश्व बैंक; जल संसाधन मंत्रालय; SCADA प्रणाली 7 बांधों पर (बीसलपुर, राणा प्रताप सागर, माही, गुड़ा, जवाई, छापी, जवाहर सागर) व 2 नहरों पर (गंग-भाखड़ा, नर्मदा)
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वंदे गंगा व जल जन-भागीदारी
Vande Ganga & Community Water Action
PreMains
- वंदे गंगा जल संरक्षण अभियान: 15 फरवरी 2025 (PM द्वारा 6 सितंबर 2024 के 'जल संचय जन भागीदारी अभियान' के क्रम में); जल शक्ति अभियान की 'कैच द रेन' थीम पर; वित्त — CSR, भामाशाह, प्रवासी राजस्थानी व क्राउड फंडिंग।
- 2025-26 में CSR निधि से 5,000 पुनर्भरण/जल संरक्षण संरचनाएं निर्माण का लक्ष्य; प्रत्येक जिला कम से कम 125। 2026 में 16,006 जल संरचनाएं निर्मित (लक्ष्य 5,000 से अधिक); 43,126 निर्माण स्थल चयनित।
- वंदे गंगा जन-जागृति: गंगा दशहरा व विश्व पर्यावरण दिवस पर 5–20 जून 2025 तक संपूर्ण राज्य में (जयपुर के रामगढ़ बांध व गड़ीसर झील जैसलमेर से) — वंदे गंगा कलश यात्रा, जल पूजन, प्रभात फेरी आदि। 'कर्मभूमि से मातृभूमि' अभियान के तहत जल शक्ति मंत्रालय ने राजस्थान के भामाशाहों को अखिल भारतीय स्तर पर सम्मानित किया।
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डिजिटल पहल — किसान साथी / बाराबंदी ऐप
Digital Initiatives — Kisan Sathi / Barabandi App
Mains
- किसान साथी / बाराबंदी मोबाइल ऐप: 14 अगस्त 2024 को जल संसाधन विभाग द्वारा लॉन्च; पार्वती परियोजना कमांड क्षेत्र के किसानों हेतु डिजिटल संचार मंच।
- उद्देश्य: पानी की उपलब्धता, बांध की स्थिति व नहर संचालन का सटीक-पारदर्शी डेटा समय पर देना; फसल विवरण डिजिटल रूप से जमा करना; जियो-फेंसिंग से केवल निर्दिष्ट कमांड क्षेत्र में प्रविष्टि। ~70,000 किसान पार्वती कमांड में; NIC श्रीगंगानगर द्वारा विकसित।
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शहरी व ग्रामीण जल आपूर्ति
Urban & Rural Water Supply
PreMains
- राज्य में कुल 257 शहरी कस्बे (सभी जिला मुख्यालय सहित); सभी को पाइप-आधारित पेयजल आपूर्ति — 86 कस्बे सतही जल पर, 89 भूजल पर व 82 मिश्रित स्रोतों पर निर्भर।
- 120 वृहद पेयजल परियोजनाएं स्वीकृत — 110 कस्बे, 16,680 गाँव व 12,716 ढाणियों को पेयजल हेतु डिज़ाइन। प्रमुख सतत जल स्रोत: IGNP (5,719 गाँव/39 कस्बे), चंबल नदी (4,899 गाँव/29 कस्बे), बीसलपुर बांध (3,109 गाँव/22 कस्बे), जवाई बांध (811 गाँव/10 कस्बे), नर्मदा (902 गाँव/3 कस्बे)।
जल जीवन मिशन (JJM)
प्रारंभ/लक्ष्य
15 अगस्त 2019; 2028 तक कार्यात्मक घरेलू नल कनेक्शन (FHTC) से प्रति व्यक्ति प्रतिदिन 55 लीटर; केंद्र:राज्य 50:50; जल शक्ति मंत्रालय (राजस्थान में PHED)
ढाँचा
ग्राम VWSC → जिला DWSM → राज्य SWSM; दिसंबर 2025 तक 1,414 ट्यूबवेल व 3,409 हैंडपंप स्थापित
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जल पुरस्कार
Water Awards
Pre
- 18 नवंबर 2025 को विज्ञान भवन, नई दिल्ली में राजस्थान को राज्य/केंद्रशासित प्रदेश श्रेणी में उत्कृष्ट जल प्रबंधन व सामुदायिक भागीदारी हेतु सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन पुरस्कार।
- जिला श्रेणी में: प्रथम — भीलवाड़ा; द्वितीय — बाड़मेर।