व्यवहार, समाज और गणित के अनेकार्थक शब्द
‘कर’, ‘फल’, ‘मान’, ‘अंक’ — ये शब्द इतने परिचित हैं कि पढ़ने वाला मान लेता है कि इन्हें वह जानता है। प्रश्न ठीक वहीं से आता है जहाँ उसका ध्यान नहीं गया: ‘मान’ का रूठना, ‘घन’ का हथौड़ा, ‘कल’ का चैन। बाईस शब्द, हर एक अपने वाक्य के साथ।
ये शब्द रोज़ बोले जाते हैं — और वहीं चूक होती है
पिछले पृष्ठ के शब्द कठिन लगते हैं, इसलिए लोग उन्हें ध्यान से पढ़ते हैं। इस पृष्ठ के शब्द उल्टा काम करते हैं — ये इतने परिचित हैं कि पढ़ने वाला मान लेता है कि इन्हें वह पहले से जानता है। ‘कर’, ‘फल’, ‘मान’, ‘अंक’ — इनमें से हर शब्द रोज़ की बोली में चलता है, और रोज़ की बोली में इनका केवल एक अर्थ चलता है। प्रश्न प्रायः दूसरे अर्थ से बनता है।
‘मान’ को लीजिए। रोज़मर्रा में इसका अर्थ आदर है। पर ‘मान करना’ का अर्थ रूठना है, ‘मान’ का अर्थ अभिमान भी है, और गणित-भूगोल में इसका अर्थ माप है। चार अर्थ, और परिचित होने के कारण तीन अनदेखे रह जाते हैं।
इस पृष्ठ के कई शब्दों का एक अर्थ व्याकरण के भीतर ही बैठा है — ‘पद’ का अर्थ वाक्य में प्रयुक्त शब्द, ‘वर्ण’ का अर्थ अक्षर, ‘काल’ का अर्थ क्रिया का काल, ‘गुरु’ का अर्थ भारी अक्षर। ये अर्थ प्रश्न-पत्र के लिए विशेष रूप से उपयोगी हैं, क्योंकि आयोग का पूरा भाषा-खंड इन्हीं पारिभाषिक अर्थों में बात करता है।
व्यवहार, समाज और गणित — 22 अनेकार्थक शब्द
| शब्द | प्रमुख अर्थ | वाक्य प्रयोग (कोष्ठक में प्रयुक्त अर्थ) |
|---|---|---|
| अर्थ | धन · मतलब · प्रयोजन | व्यापार आरंभ करने के लिए पर्याप्त अर्थ जुटाना पहली शर्त है। (धन) |
| कर | हाथ · टैक्स · किरण · हाथी की सूँड़ | राजा ने प्रजा से कर वसूलना बंद कर दिया। (टैक्स) |
| काल | समय · मृत्यु · यमराज · अकाल · क्रिया का काल | उस वर्ष ऐसा काल पड़ा कि गाँव खाली हो गए। (अकाल) |
| पद | पैर · ओहदा · कविता का चरण · व्याकरण का शब्द | वाक्य में प्रयुक्त शब्द को पद कहते हैं। (व्याकरण का शब्द) |
| फल | वृक्ष का फल · परिणाम · लाभ · गणित का फल | परिश्रम का फल देर से मिला, पर मिला। (परिणाम) |
| वार | दिन · प्रहार · बारी | उसने बचकर वार खाली जाने दिया। (प्रहार) |
| हार | पराजय · माला (गले का आभूषण) | गले में मोतियों का हार शोभा दे रहा था। (माला) |
| मान | आदर · अभिमान · माप · रूठना | नायिका ने प्रिय से मान किया और बात करना छोड़ दिया। (रूठना) |
| अंक | संख्या · गोद · नाटक का भाग · चिह्न | माँ ने बालक को अंक में भर लिया। (गोद) |
| कोटि | करोड़ · श्रेणी · धनुष का सिरा | यह प्रश्न कठिन कोटि में आता है। (श्रेणी) |
| राशि | ढेर · समूह · ज्योतिष की राशि · धन | अनाज की राशि खलिहान में लगी थी। (ढेर) |
| उत्तर | जवाब · दिशा · बाद का | उत्तर दिशा से ठंडी हवा आ रही थी। (दिशा) |
| वर्ण | रंग · अक्षर · वर्ग | हिंदी में कुल वर्णों की गिनती कीजिए। (अक्षर) |
| रस | स्वाद · काव्य का रस · द्रव · आनंद | इस कविता में करुण रस है। (काव्य का रस) |
| घन | बादल · हथौड़ा · घना · गणित का घन | लोहार ने घन उठाकर लोहे पर मारा। (हथौड़ा) |
| कल | बीता या आने वाला दिन · मशीन · चैन · मधुर ध्वनि | दवा लेने के बाद रोगी को कल पड़ी। (चैन) |
| गुरु | शिक्षक · बृहस्पति · भारी · श्रेष्ठ | इस शब्द का पहला अक्षर गुरु है। (भारी) |
| पत्र | पत्ता · चिट्ठी · पंख · वाहन | पीपल का पत्र हवा में काँप रहा था। (पत्ता) |
| वर | श्रेष्ठ · दूल्हा · वरदान | तपस्या से प्रसन्न होकर देव ने वर दिया। (वरदान) |
| श्री | लक्ष्मी · शोभा · संपत्ति · आदरसूचक | उस भवन की श्री देखते ही बनती थी। (शोभा) |
| जड़ | मूल · चेतनारहित · मूर्ख | पत्थर जड़ है, उसमें चेतना नहीं। (चेतनारहित) |
| सूत | धागा · सारथी · पुत्र | सूत ने रथ की बागडोर सँभाली। (सारथी) |