पर्यायवाची शब्द
एक ही बात कहने के कई रास्ते होते हैं। पानी को पानी कह लीजिए, जल कह लीजिए, नीर कह लीजिए या वारि — बात वही रहती है, बस शब्द बदल जाता है। जिन शब्दों का अर्थ आपस में इतना मिलता-जुलता हो कि एक की जगह दूसरा रखा जा सके, उन्हें पर्यायवाची शब्द कहते हैं। ‘पर्याय’ का सीधा अर्थ ही है — बदलकर आने वाला, बारी-बारी से आने वाला। इन्हें समानार्थी शब्द भी कहा जाता है। हिंदी में इनकी भरमार इसलिए है क्योंकि हमारी भाषा ने संस्कृत, प्राकृत, फ़ारसी, अरबी और लोकबोलियों — सबसे शब्द लिए हैं, और हर स्रोत अपने साथ एक नया नाम लेकर आया। परीक्षा की दृष्टि से यह अध्याय सबसे अधिक अंक देने वाला है, क्योंकि इसमें न कोई जटिल नियम है, न कोई अपवाद — जो याद है, वह अंक है।
पर्यायवाची शब्द किसे कहते हैं
जिन दो या दो से अधिक शब्दों का अर्थ एक जैसा हो, वे एक-दूसरे के पर्यायवाची कहलाते हैं। जैसे ‘सूर्य’ के लिए हिंदी में रवि, भानु, दिनकर, दिवाकर, आदित्य, प्रभाकर — सब चलते हैं। यहाँ ध्यान देने की बात यह है कि अर्थ ‘एक जैसा’ होता है, ‘बिलकुल एक’ नहीं। हर पर्यायवाची अपने साथ एक हल्का-सा अलग रंग लेकर आता है। ‘रवि’ सूर्य को उसकी चमक के कारण कहते हैं, ‘दिनकर’ उसे इसलिए कहते हैं कि वह दिन बनाता है, और ‘आदित्य’ उसे अदिति का पुत्र मानकर कहा जाता है। मतलब एक, पर पीछे की कल्पना अलग-अलग।
यही कारण है कि पर्यायवाची शब्द हर जगह एक-दूसरे की जगह नहीं बैठते। ‘जल’ और ‘पानी’ दोनों का अर्थ एक है, पर ‘आँखों में पानी होना’ मुहावरे में ‘पानी’ की जगह ‘जल’ रख देंगे तो वाक्य बेमानी हो जाएगा। इसी तरह ‘पत्नी’ और ‘भार्या’ का अर्थ एक है, लेकिन बोलचाल में कोई ‘मेरी भार्या’ नहीं कहता। इसलिए सूची रटने के साथ-साथ यह भी देखते चलिए कि कौन-सा शब्द बोलचाल का है और कौन-सा किताबी या काव्य का।
एक बात साफ़ कर लीजिए
पर्यायवाची का अर्थ ‘पूरी तरह बराबर’ नहीं है। भाषाशास्त्र में इन्हें ‘निकटार्थी’ यानी अर्थ में पास-पास वाले शब्द कहना ज़्यादा सही होगा। परीक्षा में जब चार विकल्प दिए जाएँ और पूछा जाए कि कौन-सा पर्यायवाची नहीं है, तो यही बारीक फ़र्क़ आपका उत्तर तय करता है।
परीक्षा में यह अध्याय कैसे पूछा जाता है
राजस्थान की भर्ती परीक्षाओं में पर्यायवाची शब्द चार तरह से पूछे जाते हैं, और चारों का तरीक़ा आपको पता होना चाहिए। पहला और सबसे सीधा रूप — किसी शब्द का पर्यायवाची पूछ लिया जाता है और चार विकल्प दे दिए जाते हैं। दूसरा रूप उलटा होता है — चार शब्द दे दिए जाते हैं और पूछा जाता है कि इनमें से कौन-सा दिए गए शब्द का पर्यायवाची नहीं है। यह रूप सबसे ज़्यादा अंक काटता है, क्योंकि इसमें तीन सही विकल्प देखकर मन भ्रमित हो जाता है और गलत वाला पकड़ में नहीं आता।
तीसरा रूप जोड़ा-मिलान का है, जिसमें एक तरफ़ शब्द और दूसरी तरफ़ पर्यायवाची रखकर सही जोड़ी छाँटने को कहा जाता है। चौथा रूप थोड़ा कठिन है — एक ही शब्द के चार पर्यायवाची देकर पूछा जाता है कि इनमें से कौन-सा शब्द किसी और अर्थ का है। जैसे ‘कमल’ के पर्यायवाचियों में ‘कुमुद’ रख दिया जाए, जबकि कुमुद असल में कुमुदिनी यानी चंद्रविकासी फूल है, कमल नहीं। ऐसे ही जाल परीक्षक बिछाता है।
तैयारी का सबसे काम का तरीक़ा यह है कि आप शब्दों को अलग-अलग न रटकर समूह में याद करें। सूर्य, चंद्रमा, पृथ्वी, जल, अग्नि, वायु, आकाश, पर्वत, वृक्ष, नदी, समुद्र, हाथी, घोड़ा, सिंह, पक्षी, कमल, सोना, राजा, स्त्री, पुत्र, मित्र, शत्रु — यह बीस-पच्चीस शब्दों का घेरा ही परीक्षा में पूछे जाने वाले अधिकांश प्रश्नों को ढँक लेता है। बाकी शब्द इसके बाद जोड़िए।
याद रखने का व्यावहारिक तरीक़ा
रोज़ दस शब्द लीजिए और हर शब्द के पर्यायवाचियों से एक-एक छोटा वाक्य बनाइए। शब्द वाक्य में बैठते ही दिमाग में जगह बना लेता है, जबकि अकेला शब्द तीन दिन में फिसल जाता है। जिस दिन दोहराएँ, उस दिन सूची उलटी दिशा से पढ़िए — पर्यायवाची देखकर मूल शब्द बताइए। परीक्षा इसी उलटी दिशा में पूछती है।
पर्यायवाची — चार पेजों में
अ से घ तक
स्वरादि और क-वर्ग — 87 शब्द
च से ल तक
99 शब्द
व से ह तक और अन्य
77 शब्द, बार-बार पूछे जाने वाले सहित
निकटार्थी शब्द
जो पर्यायवाची लगते हैं पर हैं नहीं — 15 जोड़े
अनेकार्थक शब्द — एक शब्द, अनेक अर्थ
इस अध्याय का उल्टा सिरा — यहाँ कई शब्द एक अर्थ पर मिलते हैं, वहाँ एक शब्द कई अर्थों में बँटता है। दोनों साथ पढ़ने पर दोनों आसान हो जाते हैं।
सबसे आम गलतियाँ
पहली — ‘कुमुद’ को कमल का पर्यायवाची मान लेना; कुमुद रात में खिलता है, कमल दिन में। दूसरी — ‘गज’ और ‘गजानन’ को एक समझ लेना; गज हाथी है और गजानन गणेश। तीसरी — ‘हरि’ को केवल विष्णु का नाम मानना; हरि विष्णु, सिंह, बंदर और सूर्य — चारों के लिए आता है, इसलिए विकल्पों में यह अक्सर जाल बनता है। चौथी — ‘अंबर’ को केवल आकाश समझना; यह वस्त्र के अर्थ में भी चलता है। पाँचवीं — ‘मधु’ को केवल शहद मानना; वसंत ऋतु के लिए भी यही शब्द आता है।
किन परीक्षाओं में पूछा जाता है
| परीक्षा | कहाँ पूछा जाता है |
|---|---|
| RSSB पटवारी | संयुक्त हिंदी-अंग्रेज़ी खंड · 22 प्रश्न / 44 अंक वाले संयुक्त हिंदी-अंग्रेज़ी खंड का भाग |
| RSSB CET स्नातक स्तर | प्रश्न-पत्र 150 प्रश्न / 300 अंक / 3 घंटे · सामान्य हिन्दी व सामान्य अंग्रेज़ी पाठ्यक्रम में शामिल — विषयवार प्रश्न-संख्या आयोग द्वारा प्रकाशित नहीं |
| RSSB CET वरिष्ठ माध्यमिक (12वीं) स्तर | प्रश्न-पत्र 120 प्रश्न / 240 अंक / 2 घंटे 30 मिनट · सामान्य हिन्दी एवं अंग्रेजी पाठ्यक्रम में शामिल — विषयवार प्रश्न-संख्या आयोग द्वारा प्रकाशित नहीं |
| RSSB VDO | भाषा खंड · 50 प्रश्न / 50 अंक वाले भाषा खंड का भाग |
| RSSB LDC | प्रश्न-पत्र II सामान्य हिंदी · सामान्य हिंदी (75 प्रश्न) का भाग |
| RPSC पुलिस उप-निरीक्षक | प्रश्न-पत्र I सामान्य हिंदी · 100 प्रश्न / 200 अंक वाले प्रश्न-पत्र का भाग |
| RPSC वरिष्ठ अध्यापक (द्वितीय श्रेणी) | हिंदी विषय प्रश्न-पत्र, खंड I · खंड I का भाग |
| RPSC विद्यालय व्याख्याता (प्रथम श्रेणी) | हिंदी विषय प्रश्न-पत्र, खंड प्रथम · खंड प्रथम का भाग |
| REET | हिंदी भाषा I / II · 30 अंक प्रत्येक |
| राजस्थान उच्च न्यायालय LDC | हिंदी खंड · 50 प्रश्न / 100 अंक वाले हिंदी खंड का भाग |
अभ्यास प्रश्न
प्रश्न 1
‘कमल’ का पर्यायवाची नहीं है —
- Aकुमुद
- Bपंकज
- Cनीरज
- Dअरविंद
व्याख्या
कमल सूर्य के साथ खिलने वाला पुष्प है, जबकि कुमुद चंद्रमा के उदय पर खिलता है। इसी कारण कमल को ‘सूर्यविकासी’ और कुमुद को ‘चंद्रविकासी’ कहा जाता है। दोनों जल में उगते हैं, इसीलिए भ्रम होता है, पर ये अलग-अलग फूल हैं।
प्रश्न 2
‘नीरज’ किसका पर्यायवाची है?
- Aबादल
- Bकमल
- Cसमुद्र
- Dहिरन
व्याख्या
‘नीर’ का अर्थ जल है और ‘ज’ का अर्थ है उत्पन्न होने वाला। जल से उत्पन्न होने वाला यानी कमल। इसी बनावट से पंकज (पंक = कीचड़), जलज और सरोज (सर = तालाब) भी कमल के पर्याय बनते हैं।
प्रश्न 3
‘हुताशन’ का पर्यायवाची है —
- Aपवन
- Bजल
- Cअग्नि
- Dसूर्य
व्याख्या
‘हुत’ यानी हवन में डाली गई आहुति और ‘अशन’ यानी खाने वाला — जो आहुति ग्रहण करे, वह अग्नि। इसी अर्थ-समूह में पावक, अनल, वह्नि और कृशानु आते हैं।
प्रश्न 4
‘घोड़ा’ का पर्यायवाची नहीं है —
- Aतुरंग
- Bहय
- Cवाजि
- Dकुंजर
व्याख्या
कुंजर हाथी का पर्याय है, घोड़े का नहीं। घोड़े के लिए अश्व, तुरंग, हय, वाजि और सैंधव चलते हैं। पशुओं के पर्यायवाची याद करते समय हर पशु की सूची अलग कॉपी में लिखिए, वरना आपस में मिल जाती हैं।
प्रश्न 5
‘वनराज’ किसका पर्यायवाची है?
- Aसिंह
- Bहाथी
- Cभेड़िया
- Dबाघ
व्याख्या
वन का राजा यानी सिंह। इसी भाव से मृगराज, केसरी और नाहर भी सिंह के पर्याय हैं। ध्यान रहे, ‘मृगराज’ में ‘मृग’ होने से इसे हिरन समझ लेना सबसे आम भूल है।
प्रश्न 6
‘तनय’ का पर्यायवाची है —
- Aपुत्री
- Bपुत्र
- Cपिता
- Dभतीजा
व्याख्या
तनय पुल्लिंग है और इसका स्त्रीलिंग रूप तनया है, जिसका अर्थ पुत्री होता है। यही जोड़ी सुत–सुता और आत्मज–आत्मजा में भी चलती है, इसलिए अंत का स्वर देखकर ही उत्तर चुनिए।
प्रश्न 7
‘पृथ्वी’ का पर्यायवाची नहीं है —
- Aधरा
- Bअवनि
- Cअनिल
- Dमही
व्याख्या
अनिल का अर्थ वायु है। पृथ्वी के लिए धरा, धरती, अवनि, मही, वसुधा और वसुंधरा चलते हैं। शब्द के आरंभ में ‘अ’ देखकर उसे पृथ्वी-वर्ग का मान लेना गलत रास्ता है।
प्रश्न 8
‘मार्तंड’ किसका पर्यायवाची है?
- Aचंद्रमा
- Bअग्नि
- Cइंद्र
- Dसूर्य
व्याख्या
मार्तंड सूर्य का पर्याय है, जैसे रवि, भानु, दिनकर, दिवाकर और प्रभाकर। सूर्य और अग्नि दोनों तेज से जुड़े हैं, इसलिए प्रश्नपत्र में अग्नि का कोई पर्याय विकल्प में रखकर उलझाया जाता है।
प्रश्न 9
‘चंद्रमा’ का पर्यायवाची नहीं है —
- Aरजनी
- Bमयंक
- Cइंदु
- Dराकेश
व्याख्या
रजनी का अर्थ रात है, चंद्रमा नहीं। राकेश में ‘राका’ यानी पूर्णिमा और ‘ईश’ यानी स्वामी जुड़ा है, इसलिए वह चंद्रमा है। रात और चाँद पास-पास के अर्थ हैं, पर एक नहीं।
प्रश्न 10
‘विहग’ का पर्यायवाची है —
- Aसाँप
- Bपक्षी
- Cमछली
- Dबंदर
व्याख्या
‘विहायस’ यानी आकाश में चलने वाला — विहग। इसी भाव से खग, नभचर और पंछी बनते हैं। इन सबकी जड़ में ‘आकाश में गति’ का अर्थ है, इसलिए एक बार अर्थ समझ लेने पर पूरा समूह याद रह जाता है।
प्रश्न 11
‘आँख’ का पर्यायवाची नहीं है —
- Aनयन
- Bलोचन
- Cश्रवण
- Dदृग
व्याख्या
श्रवण कान का पर्याय है, क्योंकि उसकी जड़ ‘श्रु’ यानी सुनना है। आँख के लिए नेत्र, नयन, लोचन, चक्षु और दृग चलते हैं। इंद्रियों के पर्याय पूछे जाएँ तो पहले धातु का अर्थ पकड़िए।
प्रश्न 12
‘सलिल’ किसका पर्यायवाची है?
- Aआग
- Bपवन
- Cपृथ्वी
- Dजल
व्याख्या
सलिल जल का पर्याय है, जैसे नीर, वारि, अंबु, तोय और उदक। जल के पर्याय सबसे अधिक पूछे जाते हैं, क्योंकि इन्हीं से कमल, बादल और समुद्र के बहुत-से पर्याय बनते हैं।
प्रश्न 13
‘भ्रमर’ का पर्यायवाची नहीं है —
- Aशुक
- Bमधुप
- Cअलि
- Dषट्पद
व्याख्या
शुक का अर्थ तोता है। भौंरे के लिए भ्रमर, मधुप, अलि, मधुकर, षट्पद और द्विरेफ चलते हैं। षट्पद का अर्थ ही है छह पैरों वाला, जो भौंरे की पहचान है।
प्रश्न 14
‘जाह्नवी’ किसका पर्यायवाची है?
- Aयमुना
- Bगंगा
- Cसरस्वती
- Dनर्मदा
व्याख्या
कथा के अनुसार जह्नु ऋषि से संबंध के कारण गंगा जाह्नवी कहलाई, और भगीरथ के कारण भागीरथी। नदियों के ये नाम कथा से जुड़े हैं, इसलिए कथा याद रहने पर नाम कभी नहीं भूलता।
प्रश्न 15
‘कालिंदी’ किसका पर्यायवाची है?
- Aगंगा
- Bसरस्वती
- Cयमुना
- Dगोदावरी
व्याख्या
कलिंद पर्वत से निकलने के कारण यमुना कालिंदी कहलाती है, और सूर्य की पुत्री मानी जाने से सूर्यसुता तथा रविजा। गंगा के पर्याय अलग हैं — भागीरथी, जाह्नवी, सुरसरि।
प्रश्न 16
‘बादल’ का पर्यायवाची नहीं है —
- Aजलद
- Bनीरद
- Cपयोद
- Dपयोधि
व्याख्या
‘पय’ का अर्थ जल है। जो जल दे वह पयोद यानी बादल, और जो जल धारण करे वह पयोधि यानी समुद्र। एक ही उपसर्ग-जैसे अंश से बने ये दो शब्द परीक्षा में जान-बूझकर साथ रखे जाते हैं।
प्रश्न 17
‘वैनतेय’ का पर्यायवाची है —
- Aगरुड़
- Bहंस
- Cमोर
- Dकौआ
व्याख्या
विनता के पुत्र होने से गरुड़ को वैनतेय कहा जाता है; खगेश और गरुत्मान भी उसी के पर्याय हैं। माता या पिता के नाम से बना पुत्र-नाम पहचानना पर्यायवाची में बहुत काम आता है।
प्रश्न 18
‘हाथी’ का पर्यायवाची नहीं है —
- Aगज
- Bद्विज
- Cकुंजर
- Dद्विरद
व्याख्या
द्विरद का अर्थ है दो दाँतों वाला, यानी हाथी; पर द्विज का अर्थ है दो बार जन्म लेने वाला, जो पक्षी या ब्राह्मण के लिए आता है। आरंभ का ‘द्वि’ एक-सा दिखता है, अर्थ अलग है।
प्रश्न 19
‘ज्योत्स्ना’ किसका पर्यायवाची है?
- Aचंद्रमा
- Bरात
- Cचाँदनी
- Dतारा
व्याख्या
ज्योत्स्ना चाँदनी यानी चंद्रमा के प्रकाश का नाम है, चंद्रमा का नहीं। कौमुदी और चंद्रिका भी चाँदनी के ही पर्याय हैं। वस्तु और उसके प्रकाश का भेद यहाँ ध्यान रखना पड़ता है।
प्रश्न 20
‘अनुज’ का अर्थ है —
- Aबड़ा भाई
- Bपुत्र
- Cभतीजा
- Dछोटा भाई
व्याख्या
‘अनु’ का भाव है बाद में, इसलिए अनुज यानी बाद में जन्मा — छोटा भाई। इसके विपरीत ‘अग्र’ यानी पहले से अग्रज बनता है, जो बड़ा भाई है। उपसर्ग पकड़ लेने पर दोनों कभी नहीं उलझते।
प्रश्न 21
‘स्त्री’ का पर्यायवाची नहीं है —
- Aतनया
- Bवनिता
- Cरमणी
- Dकामिनी
व्याख्या
तनया का अर्थ पुत्री है, जो संबंध बताता है, गुण नहीं। स्त्री के लिए नारी, महिला, वनिता, रमणी और कामिनी चलते हैं। रिश्ते के शब्द और वर्ग के शब्द अलग-अलग रखिए।
प्रश्न 22
‘निशाचर’ किसका पर्यायवाची है?
- Aदेवता
- Bराक्षस
- Cऋषि
- Dब्राह्मण
व्याख्या
निशा यानी रात और चर यानी विचरण करने वाला — रात में घूमने वाला, यानी राक्षस। असुर, दैत्य, दानव और दनुज भी इसी अर्थ-समूह के हैं।
प्रश्न 23
‘समुद्र’ का पर्यायवाची नहीं है —
- Aजलधि
- Bरत्नाकर
- Cतटिनी
- Dअर्णव
व्याख्या
तटिनी का अर्थ नदी है, क्योंकि उसके तट होते हैं। समुद्र के लिए सागर, सिंधु, जलधि, रत्नाकर और अर्णव चलते हैं। नदी और समुद्र दोनों जल से जुड़े हैं, इसलिए विकल्प मिलाकर पूछे जाते हैं।
प्रश्न 24
‘मनीषी’ का पर्यायवाची है —
- Aमूर्ख
- Bराजा
- Cसैनिक
- Dविद्वान
व्याख्या
मन की ईषा यानी मन पर नियंत्रण रखने वाला — मनीषी, जो विद्वान का पर्याय है। सुधी, बुधजन और पंडित भी इसी समूह में आते हैं।
प्रश्न 25
‘पत्नी’ का पर्यायवाची नहीं है —
- Aदुहिता
- Bभार्या
- Cदारा
- Dअर्धांगिनी
व्याख्या
दुहिता का अर्थ पुत्री है। पत्नी के लिए भार्या, दारा, अर्धांगिनी, गृहिणी, वामा और सहधर्मिणी चलते हैं। परिवार के शब्दों में एक-एक रिश्ता अलग खाने में रखिए, तभी विकल्प साफ़ दिखते हैं।