पत्र-लेखन (कार्यालयी पत्राचार)
RAS मुख्य परीक्षा के भाग स में पत्र-लेखन के पाँच रूप नाम से गिनाए गए हैं — सरकारी पत्र, कार्यालय आदेश, अर्द्धशासकीय पत्र, अनुस्मारक और प्रतिवेदन। पाँचों का ढाँचा अलग है, और अंक विषय-वस्तु से अधिक इसी ढाँचे पर मिलते हैं। हर प्रारूप का अपना पृष्ठ है, हर पृष्ठ पर पूरा नमूना उत्तर।
भाग स का पत्र-लेखन — पाँच प्रारूप, पाँच अलग ढाँचे
RAS मुख्य परीक्षा के प्रश्न-पत्र IV में इकाई I का भाग स तीस अंकों का है, और उसका पहला बिंदु पत्र-लेखन है। आयोग ने इसमें पाँच रूप नाम से गिनाए हैं — सामान्य कार्यालयी पत्र, कार्यालय आदेश, अर्द्धशासकीय पत्र, अनुस्मारक और प्रतिवेदन। ये पाँचों अलग-अलग प्रारूप हैं, और इनका अंतर केवल भाषा का नहीं, ढाँचे का है।
यहाँ अंक विषय-वस्तु से कहीं अधिक प्रारूप पर मिलते हैं, और यही इस भाग को आसान बनाता है। जो अभ्यर्थी पाँचों का ढाँचा क्रम से जानता है, उसका आधा उत्तर प्रश्न देखने से पहले ही तय हो चुका होता है — उसे केवल विषय-वस्तु भरनी है। इसके विपरीत जो ढाँचा नहीं जानता, वह अच्छी भाषा लिखकर भी प्रारूप के अंक खो देता है।
इसलिए इन पाँचों को एक ही लंबे पृष्ठ पर नहीं रखा गया है। हर प्रारूप का अपना पृष्ठ है, हर पृष्ठ पर उसके अंग क्रम से हैं, और हर पृष्ठ पर एक पूरा नमूना उत्तर है जिसे देखकर लिखने का अभ्यास किया जा सके।
पाँचों प्रारूप — एक नज़र में अंतर
| प्रारूप | किससे किसको | संबोधन | समापन | सबसे बड़ी पहचान |
|---|---|---|---|---|
| सामान्य कार्यालयी पत्र | एक कार्यालय से दूसरे कार्यालय को | महोदय, | भवदीय, | विषय और पत्र संख्या दोनों अनिवार्य |
| कार्यालय आदेश | कार्यालय द्वारा अपने ही कर्मचारियों के लिए जारी | कोई नहीं | केवल हस्ताक्षर और पदनाम | किसी को भेजा नहीं जाता, जारी होता है |
| अर्द्धशासकीय पत्र | एक अधिकारी से दूसरे अधिकारी को, व्यक्तिगत रूप से | प्रिय श्री …, | आपका सद्भावी, | उत्तम पुरुष में — ‘मैं’ यहीं चलता है |
| अनुस्मारक | वही प्रेषक, वही प्राप्तकर्ता — याद दिलाने के लिए | महोदय, | भवदीय, | पूर्व पत्र की संख्या और दिनांक |
| प्रतिवेदन | जाँच करने वाले से आदेश देने वाले अधिकारी को | प्रायः कोई नहीं | हस्ताक्षर, पदनाम, दिनांक | तथ्य → निष्कर्ष → सुझाव का क्रम |
इस तालिका की तीन बीच वाली कॉलम ही अधिकांश भूलों की जड़ हैं। संबोधन और समापन का जोड़ा गलत बैठते ही प्रारूप बदल जाता है।
पाँच प्रारूप — पाँच पृष्ठों में
सामान्य कार्यालयी पत्र
दस अंग क्रम सहित, पूरा नमूना उत्तर और प्रतिलिपि का ढंग
कार्यालय आदेश
न ‘सेवा में’, न ‘महोदय’, न ‘भवदीय’ — और पृष्ठांकन कैसे लिखें
अर्द्धशासकीय पत्र
वह अकेला प्रारूप जिसमें ‘मैं’ लिखा जाता है
अनुस्मारक
पूर्व पत्र का संदर्भ — वही अंग इसे अनुस्मारक बनाता है
प्रतिवेदन (रिपोर्ट)
छह भाग, और तथ्य तथा सुझाव को अलग रखने का अनुशासन
किन परीक्षाओं में पूछा जाता है
| परीक्षा | कहाँ पूछा जाता है |
|---|---|
| RSSB CET स्नातक स्तर | प्रश्न-पत्र 150 प्रश्न / 300 अंक / 3 घंटे · सामान्य हिन्दी में ‘पत्र एवं उसके प्रकार — कार्यालयी पत्र के प्रारूप के विशेष सन्दर्भ में’ तथा General English में ‘Letter writing : Official, Demi-official, Informal (01-07-2026 की विस्तृत विज्ञप्ति के अनुसार; 2024 के पाठ्यक्रम में यहाँ Circulars and Notices था)’ — पाठ्यक्रम दिनांक 06-08-2024 · विषयवार प्रश्न-संख्या आयोग द्वारा प्रकाशित नहीं |
| RSSB CET वरिष्ठ माध्यमिक (12वीं) स्तर | प्रश्न-पत्र 120 प्रश्न / 240 अंक / 2 घंटे 30 मिनट · सामान्य हिन्दी में ‘कार्यालयी पत्रों से सम्बन्धित ज्ञान’ तथा General English में ‘Knowledge of writing letters: Official, Demi-Official, Informal (23-06-2026 की विस्तृत विज्ञप्ति के अनुसार; 2024 के पाठ्यक्रम में यहाँ Circulars and Notices था)’ — पाठ्यक्रम दिनांक 29-08-2024 · विषयवार प्रश्न-संख्या आयोग द्वारा प्रकाशित नहीं |
| RPSC RAS मुख्य परीक्षा | प्रश्न-पत्र IV, इकाई I (सामान्य हिन्दी) का भाग स · ‘पत्र-लेखन — सामान्य कार्यालयी पत्र, कार्यालय आदेश, अर्द्धशासकीय पत्र, अनुस्मारक, प्रतिवेदन (रिपोर्ट)’ · 30 अंक वाले भाग का हिस्सा — पाठ्यक्रम दिनांक 09-01-2026 |
यह सूची केवल उन्हीं परीक्षाओं की है जिनके आधिकारिक पाठ्यक्रम में यह बिंदु इसी नाम से पढ़ा जा चुका है। अन्य भर्तियों में वर्णनात्मक पत्र-लेखन आता है, पर उसका नाम और भार वहाँ के अपने पाठ्यक्रम से मिलाए बिना यहाँ नहीं जोड़ा गया।
उत्तर-पुस्तिका में ढाँचा दिखना चाहिए
वर्णनात्मक पत्र-लेखन में परीक्षक सबसे पहले यह देखता है कि पत्र दिखने में पत्र लगता है या नहीं — पत्र संख्या ऊपर बाईं ओर है, दिनांक दाईं ओर, विषय अलग पंक्ति में, संबोधन अलग पंक्ति में, ‘भवदीय’ दाईं ओर। ये सब पढ़े जाने से पहले दिख जाते हैं। इसीलिए अभ्यास करते समय पूरा पत्र उसी सज्जा में लिखिए जिसमें परीक्षा में लिखना है; केवल विषय-वस्तु याद कर लेना आधी तैयारी है।
स्रोत और नमूनों के बारे में
यह पृष्ठ RPSC के आधिकारिक पाठ्यक्रम एवं परीक्षा योजना, दिनांक 09-01-2026 के आधार पर बनाया गया है। आयोग का अपना नोट भी ध्यान में रखिए — परीक्षा योजना केवल सामान्य मार्गदर्शन के लिए है, अंक और प्रश्न-संख्या में बदलाव संभव है। नीचे दिए गए सभी नमूने पढ़ाने के लिए स्वयं तैयार किए गए हैं; उनमें आए पत्र-क्रमांक, तिथियाँ और कार्यालय काल्पनिक हैं और किसी वास्तविक सरकारी दस्तावेज़ की प्रतिलिपि नहीं हैं।
भाग स का दूसरा हिस्सा
प्रश्न-पत्र IV का वर्णनात्मक भाग — शेष अध्याय
CET में यह अध्याय वस्तुनिष्ठ रूप में भी पूछा जाता है
RSSB के स्नातक स्तर के पाठ्यक्रम में पत्र-लेखन के आगे एक नोट है — ‘Questions on letter writing will also be objective regarding the structure of a letter.’ इसका सीधा अर्थ यह है कि CET में आपसे पूरा पत्र लिखवाया नहीं जाएगा, बल्कि पत्र की संरचना पर बहुविकल्पीय प्रश्न पूछे जाएँगे — जैसे ‘कार्यालय आदेश में संबोधन होता है या नहीं’, या ‘अर्द्धशासकीय पत्र का समापन क्या होता है’। इसीलिए इन पृष्ठों पर हर प्रारूप के अंग क्रम संख्या के साथ तालिका में दिए गए हैं। RAS मुख्य परीक्षा के लिए वही तालिका पूरा पत्र लिखने का ढाँचा बन जाती है, और CET के लिए वही तालिका सीधे प्रश्न का उत्तर है — एक ही सामग्री, दो तरह से काम आती है।