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निबंध लेखन

इकाई III पूरे प्रश्न-पत्र के 40 अंकों की है और उसमें केवल एक निबंध लिखना है — लगभग 600 शब्दों का, हिंदी अथवा अंग्रेज़ी में, आयोग द्वारा गिनाए गए छह विषयगत क्षेत्रों में से किसी एक पर। यह पूरे पेपर का सबसे बड़ा अकेला प्रश्न है।

30 सितंबर 2026 को सत्यापित

आयोग ने क्या कहा है

आयोग ने इस इकाई के बारे में तीन बातें बिलकुल स्पष्ट लिखी हैं। पहली, निबंध भाग में छह विषयगत क्षेत्र होंगे और अभ्यर्थी को उनमें से किसी एक विषय पर लिखना होगा। दूसरी, निबंध लगभग 600 शब्दों का होगा और वह हिंदी अथवा अंग्रेज़ी — किसी एक भाषा में लिखा जा सकता है। तीसरी, और सबसे महत्वपूर्ण, अंक किस आधार पर दिए जाएँगे: विचारों की स्पष्टता, संरचना की सुसंगतता और अभिव्यक्ति की प्रभावशीलता।

यह तीसरी बात ही तैयारी की दिशा तय करती है। आयोग ने यह नहीं कहा कि अंक जानकारी की मात्रा पर मिलेंगे। इसका अर्थ है कि आँकड़े और योजनाओं के नाम भर देने से निबंध अच्छा नहीं बनता; वह तभी अच्छा बनता है जब उसका तर्क एक सिरे से दूसरे सिरे तक साफ़ चले। 600 शब्दों में जानकारी उड़ेलने की जगह भी नहीं है — उतने में लगभग पाँच-छह अनुच्छेद ही आते हैं।

एक नज़र में

इकाई
इकाई III — निबंध
अंक
40
कितने निबंध
केवल एक
शब्द-सीमा
लगभग 600 शब्द
भाषा
हिंदी अथवा अंग्रेज़ी — अभ्यर्थी की पसंद
विषय
छह विषयगत क्षेत्रों में से किसी एक से संबंधित
मूल्यांकन का आधार
विचारों की स्पष्टता · संरचना की सुसंगतता · अभिव्यक्ति की प्रभावशीलता

छह विषयगत क्षेत्र — आयोग के शब्दों में

क्रमविषयगत क्षेत्रइस क्षेत्र में किस तरह के विषय आ सकते हैं
1भाषा, साहित्य और सांस्कृतिक विरासतमातृभाषा और शिक्षा, लोक साहित्य, परंपरा का संरक्षण, विरासत और आधुनिकता
2समाज, शासन और सार्वजनिक मामलेसुशासन, पारदर्शिता, सामाजिक न्याय, नागरिक और प्रशासन का संबंध
3विज्ञान, प्रौद्योगिकी, पर्यावरण और सतत विकासतकनीक और रोज़गार, जल एवं ऊर्जा, जलवायु परिवर्तन, विकास बनाम पर्यावरण
4अर्थव्यवस्था, कृषि, उद्योग और वाणिज्यकृषि की चुनौतियाँ, लघु उद्योग, रोज़गार, बाज़ार और किसान
5समसामयिक घटनाएँ, आपदाएँ और राष्ट्रीय विकास पहलआपदा प्रबंधन, राष्ट्रीय अभियान, हाल की बड़ी घटनाएँ और उनके प्रभाव
6राजस्थान के संदर्भ में पर्यटन, संस्कृति तथा समसामयिक मुद्देराजस्थान का पर्यटन, लोक संस्कृति, जल संकट, प्रदेश के वर्तमान प्रश्न

ध्यान दीजिए कि छठा क्षेत्र पूरी तरह राजस्थान का है। तैयारी करते समय इसे अलग से समय देना चाहिए, क्योंकि यह वह क्षेत्र है जिसमें सामान्य ज्ञान से काम नहीं चलता।

लिखने से पहले के दस मिनट — खाका

पहले तीन मिनट — विषय तय कीजिए

छह में से वही विषय चुनिए जिस पर आपके पास कम से कम तीन ठोस बिंदु और एक उदाहरण पहले से हैं। जिस विषय पर आपकी राय सबसे साफ़ है, वही आपका विषय है — जो सबसे बड़ा या प्रभावशाली लगता है, वह नहीं।

अगले तीन मिनट — केंद्रीय तर्क एक वाक्य में

पूरे निबंध का सार एक वाक्य में लिखिए, जैसे — ‘पर्यटन राजस्थान की अर्थव्यवस्था को तभी सँभालेगा जब उसका लाभ स्थानीय समुदाय तक पहुँचे।’ यह वाक्य आपके पास रहेगा तो निबंध भटकेगा नहीं।

अगले तीन मिनट — पाँच अनुच्छेदों के शीर्षक

हाशिये पर पाँच शब्द-समूह लिखिए, हर अनुच्छेद के लिए एक। लिखते समय बस इन्हीं को खोलना है। यह खाका बनाने में लगे नौ-दस मिनट लिखने के समय से नहीं कटते, उसे बचाते हैं।

आख़िरी एक मिनट — अंत सोच लीजिए

निबंध कहाँ जाकर समाप्त होगा, यह पहले तय कर लेने से अंतिम अनुच्छेद जल्दबाज़ी में नहीं लिखा जाता — और परीक्षक पर अंतिम अनुच्छेद की छाप सबसे गहरी पड़ती है।

600 शब्दों का ढाँचा — अनुच्छेद और उनका भार

अनुच्छेदक्या आता हैलगभग शब्द
भूमिकाविषय को सामने रखिए और अपना केंद्रीय तर्क संकेत में दे दीजिए70–80
दूसराविषय की वर्तमान स्थिति — तथ्य और सन्दर्भ110–120
तीसरामुख्य कारण अथवा मुख्य समस्या, एक उदाहरण सहित110–120
चौथादूसरा पक्ष — जो असहमत हैं वे क्या कहते हैं90–100
पाँचवाँआगे का रास्ता — ठोस और विषय से जुड़ा हुआ110–120
उपसंहारकेंद्रीय तर्क फिर से, नए शब्दों में — कोई नई बात नहीं60–70

चौथा अनुच्छेद, यानी दूसरा पक्ष, वही है जो अच्छे और औसत निबंध के बीच अंतर बनाता है। जिस निबंध में विरोधी दृष्टिकोण का उल्लेख ही नहीं, वह तर्क नहीं, प्रचार लगता है।

मूल्यांकन के तीनों आधार — और उन्हें उत्तर में कैसे दिखाएँ

विचारों की स्पष्टता

एक अनुच्छेद में एक ही विचार रखिए, और उसे पहले वाक्य में ही कह दीजिए। परीक्षक को हर अनुच्छेद की बात पहली पंक्ति में मिल जानी चाहिए; शेष वाक्य उसे सिद्ध करने के लिए हैं।

संरचना की सुसंगतता

अनुच्छेदों के बीच जोड़ दिखना चाहिए — ‘इसी कारण’, ‘दूसरी ओर’, ‘इसका परिणाम यह हुआ’। छह अच्छे अनुच्छेद यदि एक-दूसरे से जुड़े न हों तो वे छह टिप्पणियाँ बन जाते हैं, निबंध नहीं।

अभिव्यक्ति की प्रभावशीलता

सरल और सीधे वाक्य लिखिए। प्रभाव लंबे वाक्यों और कठिन शब्दों से नहीं आता, ठोस बात से आता है। एक सटीक उदाहरण तीन अलंकारों से अधिक असर करता है।

भाषा चुनने का निर्णय एक बार ले लीजिए, परीक्षा-कक्ष में नहीं

आयोग निबंध हिंदी या अंग्रेज़ी — किसी भी एक भाषा में लिखने की छूट देता है। यह छूट सुविधा है, पर तभी तक जब तक निर्णय पहले से लिया हुआ हो। जिस भाषा में आप 600 शब्द बिना अटके, शुद्ध वर्तनी के साथ लिख सकते हैं, वही आपकी भाषा है, और पूरे वर्ष का अभ्यास उसी में होना चाहिए। परीक्षा-कक्ष में यह तय करना कि आज किस भाषा में लिखें — दस मिनट और आत्मविश्वास दोनों ले जाता है।

अभ्यास कैसे कीजिए

निबंध की तैयारी बाकी सब भागों से अलग है, क्योंकि इसमें पढ़ने से नहीं, लिखने से सुधार होता है। सप्ताह में एक निबंध पूरा लिखिए — घड़ी देखकर, उतने ही समय में जितना परीक्षा में मिलेगा, और उतने ही शब्दों में। लिख लेने के बाद अपना निबंध एक दिन छोड़कर पढ़िए और स्वयं से तीन प्रश्न पूछिए: क्या हर अनुच्छेद की बात उसकी पहली पंक्ति में है? क्या दूसरा पक्ष कहीं आया है? क्या उपसंहार में कोई नई बात आ गई है? इन तीन प्रश्नों से अधिकांश कमियाँ अपने आप दिख जाती हैं।

छह क्षेत्रों को छह सप्ताहों में बाँट लेना सबसे व्यावहारिक योजना है — हर सप्ताह एक क्षेत्र, और उस क्षेत्र के लिए तीन-चार तथ्य, एक उदाहरण और एक विरोधी दृष्टिकोण अपनी नोटबुक में लिख लीजिए। यही सामग्री परीक्षा में काम आती है, क्योंकि 600 शब्दों में उससे अधिक अँटता भी नहीं।

किन परीक्षाओं में पूछा जाता है

परीक्षाकहाँ पूछा जाता है
RPSC RAS मुख्य परीक्षाप्रश्न-पत्र IV, इकाई III (निबंध) · ‘प्रश्न पत्र के निबंध भाग में छः विषयगत क्षेत्र होंगे; अभ्यर्थियों को लगभग 600 शब्दों का एक निबंध हिन्दी अथवा अंग्रेजी भाषा में लिखना होगा’ · कुल 40 अंक — पाठ्यक्रम दिनांक 09-01-2026

यहाँ केवल वही परीक्षा दी गई है जिसका आधिकारिक पाठ्यक्रम पढ़ा जा चुका है। वर्णनात्मक लेखन अन्य भर्तियों में भी आता है, पर उनका नाम और भार उनके अपने पाठ्यक्रम से मिलाए बिना नहीं जोड़ा गया।

स्रोत और सामग्री के बारे में

यह पृष्ठ RPSC के आधिकारिक पाठ्यक्रम एवं परीक्षा योजना, दिनांक 09-01-2026 पर आधारित है। आयोग का अपना नोट भी ध्यान रखिए — परीक्षा योजना केवल सामान्य मार्गदर्शन के लिए है, अंक और प्रश्न-संख्या में बदलाव संभव है। इस पृष्ठ के सभी गद्यांश, उदाहरण और नमूना उत्तर पढ़ाने के लिए स्वयं तैयार किए गए हैं।

प्रश्न-पत्र IV का वर्णनात्मक भाग — शेष अध्याय