निकटार्थी शब्द और उनका असली फ़र्क़
हिंदी में पूरी तरह एक जैसे अर्थ वाले दो शब्द लगभग होते ही नहीं — कहीं न कहीं बारीक फ़र्क़ रहता है। प्रश्न इसी फ़र्क़ पर बनता है, इसलिए यह पेज सूची से कम ज़रूरी नहीं है।
मिलते-जुलते शब्द जो पर्यायवाची नहीं हैं
अब उस हिस्से पर आइए जिसे अधिकतर किताबें छोड़ देती हैं, और जहाँ परीक्षा सबसे ज़्यादा अंक काटती है। हिंदी में बहुत से शब्द ऐसे हैं जो पास-पास खड़े दिखते हैं, एक ही भाव के आसपास घूमते हैं, पर आपस में बदले नहीं जा सकते। इन्हें निकटार्थी शब्द कहते हैं। इनका अंतर पहचानना रट्टे से नहीं आता, अर्थ की जड़ पकड़ने से आता है। नीचे उन जोड़ियों को रखा गया है जो सबसे ज़्यादा उलझन पैदा करती हैं।
निकटार्थी शब्द और उनका असली फ़र्क़
| शब्द | असली अर्थ | किससे भ्रम होता है |
|---|---|---|
| अनुज | जो बाद में जन्मा — यानी छोटा भाई | ‘अग्रज’ से, जो पहले जन्मा यानी बड़ा भाई है |
| स्नेह | बड़े का छोटे के प्रति सहज लगाव | ‘प्रेम’ से, जो बराबरी का और गहरा आकर्षण है |
| प्रेम | दो व्यक्तियों के बीच गहरा लगाव, जिसमें समर्पण होता है | ‘मोह’ से, जिसमें विवेक खो जाता है |
| मोह | ऐसा लगाव जो सही-गलत की पहचान मिटा दे | ‘प्रेम’ से, जो विवेक नहीं खोता |
| ईर्ष्या | दूसरे की उन्नति देखकर होने वाली जलन | ‘स्पर्धा’ से, जो आगे बढ़ने की स्वस्थ होड़ है |
| कमल | दिन में खिलने वाला सूर्यविकासी फूल | ‘कुमुद’ से, जो रात में खिलने वाली कुमुदिनी है |
| सागर | विशाल जलराशि, समुद्र | ‘सरोवर’ से, जो ठहरा हुआ तालाब है |
| अमूल्य | जिसका मूल्य आँका ही न जा सके | ‘बहुमूल्य’ से, जिसका मूल्य ऊँचा है पर आँका जा सकता है |
| आदर | गुण देखकर दिया गया सम्मान | ‘भय’ से उपजे झुकाव से, जो आदर नहीं है |
| कृपा | बड़े का छोटे पर किया गया अनुग्रह | ‘दया’ से, जो दुखी को देखकर उपजने वाला भाव है |
| अहंकार | अपने को औरों से बड़ा मान लेना | ‘स्वाभिमान’ से, जो अपनी गरिमा की रक्षा है |
| निंदा | किसी की बुराई पीठ पीछे करना | ‘आलोचना’ से, जो गुण-दोष दोनों का विवेचन है |
| शोक | किसी के वियोग से उपजा दुख | ‘क्षोभ’ से, जो अन्याय देखकर उपजी बेचैनी है |
| अनुभव | स्वयं भोगकर पाया गया ज्ञान | ‘अनुभूति’ से, जो भीतर उठी भावना है |
| पत्नी | विवाह से जुड़ी जीवनसंगिनी | ‘स्त्री’ से, जो नारी मात्र के लिए है |
इस तालिका को पढ़ने का तरीक़ा यह है कि हर जोड़ी में एक प्रश्न पूछिए — ‘भाव एक है, पर परिस्थिति क्या अलग है?’ स्नेह और प्रेम का भाव एक ही दिशा में जाता है, पर स्नेह में एक पक्ष बड़ा है और दूसरा छोटा, जबकि प्रेम बराबरी माँगता है। इसी तरह मोह भी प्रेम जैसा दिखता है, पर मोह में आँखें बंद हो जाती हैं। जिस दिन यह अंतर समझ आ गया, उस दिन ‘निम्नलिखित में से कौन-सा पर्यायवाची नहीं है’ वाले प्रश्न आपके लिए सबसे आसान हो जाएँगे।
इस भाग के अभ्यास प्रश्न
प्रश्न 1
‘कमल’ का पर्यायवाची नहीं है —
- Aकुमुद
- Bपंकज
- Cनीरज
- Dअरविंद
व्याख्या
कमल सूर्य के साथ खिलने वाला पुष्प है, जबकि कुमुद चंद्रमा के उदय पर खिलता है। इसी कारण कमल को ‘सूर्यविकासी’ और कुमुद को ‘चंद्रविकासी’ कहा जाता है। दोनों जल में उगते हैं, इसीलिए भ्रम होता है, पर ये अलग-अलग फूल हैं।