पर्यायवाची — व से ह तक और अन्य
वर्णक्रम सूची का आख़िरी हिस्सा, और उसके बाद 31 ऐसे शब्द जो वर्णक्रम में अलग-अलग जगह पड़ते हैं पर प्रश्नपत्रों में बार-बार लौटते हैं। कुल 77 शब्द।
‘व’ से ‘ह’ तक के पर्यायवाची शब्द
- वृक्षपेड़, तरु, विटप, द्रुम, पादप, रूख
- वर्षाबारिश, बरसात, वृष्टि, पावस, मेघवृष्टि
- वस्त्रकपड़ा, चीर, पट, परिधान
- विद्वानपंडित, ज्ञानी, सुधी, मनीषी, बुधजन
- विद्यालयपाठशाला, शिक्षालय, विद्यामंदिर, स्कूल
- विष्णुनारायण, केशव, माधव, गोविंद, जनार्दन, चक्रपाणि
- वीरबहादुर, शूर, पराक्रमी, साहसी, योद्धा
- विशालविराट, बृहत्, महान, बड़ा
- व्यर्थनिरर्थक, बेकार, निष्फल, अकारथ
- वचनवादा, प्रतिज्ञा, बोल, कौल
- शत्रुदुश्मन, रिपु, वैरी, अरि, प्रतिद्वंद्वी
- शरीरदेह, तन, काया, वपु, गात, कलेवर
- शिवशंकर, महादेव, भोलेनाथ, रुद्र, त्रिलोचन, नीलकंठ
- शिक्षाविद्या, पढ़ाई, सीख, तालीम
- शीघ्रजल्दी, तुरंत, सत्वर, द्रुत, त्वरित
- शीतलठंडा, शीत, सर्द, सुशीतल
- संसारजगत, विश्व, दुनिया, जग, लोक
- समुद्रसागर, सिंधु, जलधि, रत्नाकर, पयोधि, अर्णव
- सिंहशेर, केसरी, मृगराज, वनराज, नाहर
- सोनास्वर्ण, कनक, कंचन, हेम, हिरण्य, सुवर्ण
- स्त्रीनारी, महिला, औरत, वनिता, रमणी, कामिनी
- सूर्यरवि, भानु, दिनकर, दिवाकर, आदित्य, प्रभाकर, मार्तंड
- सरस्वतीशारदा, वाणी, भारती, वागीश्वरी, गिरा, वीणापाणि
- साँपसर्प, नाग, भुजंग, विषधर, उरग, अहि
- सीताजानकी, वैदेही, मैथिली, जनकसुता, भूमिजा
- संध्यासाँझ, गोधूलि, शाम, सायंकाल
- सुगंधसुवास, महक, सौरभ, परिमल
- सुखआनंद, हर्ष, चैन
- सत्यसच, तथ्य, यथार्थ, ऋत
- सिरशीश, मस्तक, माथा, शिर
- सेनाफ़ौज, दल, वाहिनी, कटक, चमू
- सेवाटहल, परिचर्या, शुश्रूषा, खिदमत
- सज्जनभद्र, शिष्ट, सुशील, भलामानुष
- स्वर्गदेवलोक, सुरलोक, द्युलोक, त्रिदिव, नाकलोक
- स्वच्छसाफ़, निर्मल, शुद्ध, विमल, पावन
- स्वप्नसपना, ख्वाब
- संपूर्णपूरा, समस्त, अखिल, समग्र, निखिल
- हाथकर, हस्त, पाणि
- हाथीगज, हस्ती, कुंजर, मतंग, द्विरद, करी
- हनुमानपवनसुत, मारुति, बजरंगबली, अंजनीपुत्र, केसरीनंदन, महावीर
- हिमालयहिमाद्रि, गिरिराज, नगाधिराज, हिमगिरि, पर्वतराज
- हृदयदिल, मन, उर, अंतर, वक्षस्थल
- हिरनमृग, कुरंग, सारंग, हरिण
- हीराहीरक, वज्र, अलमास
- गर्मीऊष्मा, ताप, निदाघ, ग्रीष्म
- कृष्णमुरारी, गोपाल, वासुदेव, मुरलीधर, कन्हैया, माधव
अन्य अक्सर पूछे जाने वाले शब्द
ऊपर की सूची के बाद जो शब्द बचते हैं, वे भी प्रश्नपत्रों में लगातार लौटकर आते हैं। इन्हें अलग रख देने का कारण यह है कि ये किसी एक अक्षर-समूह में सीमित नहीं, बल्कि पूरी वर्णमाला में बिखरे हुए हैं। दोहराते समय इन्हें आखिर में एक बार पढ़ लीजिए।
बिखरे हुए किंतु बार-बार पूछे जाने वाले पर्यायवाची
- आँगनप्रांगण, अजिर, सहन, चौक
- ईखगन्ना, इक्षु, पौंडा
- केशबाल, कच, अलक, चिकुर, कुंतल
- कोषभंडार, निधि, संचय, खजाना
- क्षेत्रइलाका, भूभाग, प्रदेश, अंचल
- खबरसमाचार, वृत्त, संदेश, सूचना
- घटघड़ा, कलश, कुंभ, गागर
- गुफाकंदरा, गुहा, दरी, विवर
- चरणपैर, पद, पाँव, पग
- छाताछत्र, छतरी, आतपत्र
- जूतापादत्राण, पदत्र, उपानह
- ठगधूर्त, छली, प्रवंचक, फ़रेबी
- तटकिनारा, तीर, कूल, पुलिन
- तेजआभा, दीप्ति, कांति, ओज
- दयाकरुणा, कृपा, अनुकंपा, रहम
- द्रौपदीपांचाली, याज्ञसेनी, द्रुपदसुता, कृष्णा
- नाशविनाश, ध्वंस, संहार, क्षय
- पापदुष्कर्म, पातक, कुकर्म, अध
- पुण्यसुकृत, धर्म, शुभकर्म, नेकी
- प्रकाशउजाला, रोशनी, आलोक, ज्योति, द्युति
- बलशक्ति, ताकत, सामर्थ्य, ऊर्जा, दम
- मधुशहद, मकरंद, पुष्परस
- लहरतरंग, ऊर्मि, हिलोर, वीचि
- वाणीवचन, बोली, भाषा, गिरा, वाक्
- शय्याबिछौना, बिस्तर, पर्यंक
- संकटविपत्ति, आपदा, विपदा, मुसीबत
- सहायतामदद, सहयोग, साहाय्य, इमदाद
- सहेलीसखी, आली, संगिनी, सहचरी
- सुंदरमनोहर, रमणीय, चारु, ललित, खूबसूरत
- सत्कारआदर, सम्मान, स्वागत, आवभगत
- हंसमराल, कलहंस, चक्रांग
इस भाग के अभ्यास प्रश्न
प्रश्न 1
‘वनराज’ किसका पर्यायवाची है?
- Aसिंह
- Bहाथी
- Cभेड़िया
- Dबाघ
व्याख्या
वन का राजा यानी सिंह। इसी भाव से मृगराज, केसरी और नाहर भी सिंह के पर्याय हैं। ध्यान रहे, ‘मृगराज’ में ‘मृग’ होने से इसे हिरन समझ लेना सबसे आम भूल है।
प्रश्न 2
‘मार्तंड’ किसका पर्यायवाची है?
- Aचंद्रमा
- Bअग्नि
- Cइंद्र
- Dसूर्य
व्याख्या
मार्तंड सूर्य का पर्याय है, जैसे रवि, भानु, दिनकर, दिवाकर और प्रभाकर। सूर्य और अग्नि दोनों तेज से जुड़े हैं, इसलिए प्रश्नपत्र में अग्नि का कोई पर्याय विकल्प में रखकर उलझाया जाता है।
प्रश्न 3
‘हाथी’ का पर्यायवाची नहीं है —
- Aगज
- Bद्विज
- Cकुंजर
- Dद्विरद
व्याख्या
द्विरद का अर्थ है दो दाँतों वाला, यानी हाथी; पर द्विज का अर्थ है दो बार जन्म लेने वाला, जो पक्षी या ब्राह्मण के लिए आता है। आरंभ का ‘द्वि’ एक-सा दिखता है, अर्थ अलग है।
प्रश्न 4
‘स्त्री’ का पर्यायवाची नहीं है —
- Aतनया
- Bवनिता
- Cरमणी
- Dकामिनी
व्याख्या
तनया का अर्थ पुत्री है, जो संबंध बताता है, गुण नहीं। स्त्री के लिए नारी, महिला, वनिता, रमणी और कामिनी चलते हैं। रिश्ते के शब्द और वर्ग के शब्द अलग-अलग रखिए।
प्रश्न 5
‘समुद्र’ का पर्यायवाची नहीं है —
- Aजलधि
- Bरत्नाकर
- Cतटिनी
- Dअर्णव
व्याख्या
तटिनी का अर्थ नदी है, क्योंकि उसके तट होते हैं। समुद्र के लिए सागर, सिंधु, जलधि, रत्नाकर और अर्णव चलते हैं। नदी और समुद्र दोनों जल से जुड़े हैं, इसलिए विकल्प मिलाकर पूछे जाते हैं।
प्रश्न 6
‘मनीषी’ का पर्यायवाची है —
- Aमूर्ख
- Bराजा
- Cसैनिक
- Dविद्वान
व्याख्या
मन की ईषा यानी मन पर नियंत्रण रखने वाला — मनीषी, जो विद्वान का पर्याय है। सुधी, बुधजन और पंडित भी इसी समूह में आते हैं।