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विलोम के जाल

सूची याद हो जाने के बाद भी अंक यहीं कटते हैं। कुछ विकल्प विलोम जैसे लगते हैं पर होते नहीं, और कुछ शब्दों के एक से अधिक सही विलोम होते हैं — तब सबसे सटीक वाला चुनना होता है।

29 सितंबर 2026 को सत्यापित

जहाँ विद्यार्थी फिसलते हैं

अब उस भाग पर आइए जो अंक बनाता भी है और बिगाड़ता भी। कुछ शब्दों के सामने ऐसे विकल्प रख दिए जाते हैं जो देखने में बिलकुल ठीक लगते हैं, पर होते नहीं। इनकी पहचान का एक ही तरीक़ा है — विकल्प चुनने से पहले दोनों शब्दों को एक-एक वाक्य में रखकर देख लेना। यदि दोनों वाक्य एक ही पैमाने पर उलटी बात कह रहे हैं, तो जोड़ी सही है।

मिलते-जुलते विकल्प और असली विलोम

शब्दजो विकल्प गलत तरीक़े से आकर्षित करता हैसही विलोमभेद क्या है
उत्कर्षनिकर्षअपकर्ष‘निकर्ष’ का अर्थ कसौटी या नीचे खींचना है; उन्नति के ठीक उलटे अवनति-भाव के लिए ‘अपकर्ष’ ही चलता है।
ऋणात्मकशून्यधनात्मकशून्य बीच की स्थिति है, उलटी नहीं। विलोम में बीच की स्थिति कभी उत्तर नहीं होती।
सापेक्षप्रत्यक्षनिरपेक्ष‘प्रत्यक्ष’ का जोड़ा ‘परोक्ष’ है; ‘सापेक्ष’ का जोड़ा अपेक्षा-रहित होने से ‘निरपेक्ष’ बनता है।
आविर्भावअभावतिरोभाव‘अभाव’ का अर्थ न होना है, जबकि ‘तिरोभाव’ का अर्थ प्रकट होकर छिप जाना — यही प्रकट होने का उलटा है।
मूकबहरावाचालमूक बोल नहीं सकता; उसका उलटा वह है जो अत्यधिक बोले, यानी वाचाल। बहरापन सुनने से जुड़ा है, बोलने से नहीं।
कृतज्ञअज्ञकृतघ्न‘अज्ञ’ का अर्थ अनजान है। किए हुए उपकार को मानने वाले का उलटा वह है जो उपकार भुला दे — कृतघ्न।
ज्येष्ठलघुकनिष्ठ‘लघु’ आकार बताता है, आयु या क्रम नहीं। बड़े-छोटे भाई के क्रम के लिए ज्येष्ठ–कनिष्ठ जोड़ी बनती है।
स्थावरचंचलजंगम‘चंचल’ स्वभाव बताता है; एक जगह टिकी वस्तु का उलटा चलने-फिरने वाली वस्तु, यानी जंगम है।
निरपेक्षनिष्पक्षसापेक्ष‘निष्पक्ष’ का अर्थ किसी पक्ष में न होना है, जो तटस्थ का भाव है। ‘निरपेक्ष’ का उलटा वह है जो किसी अपेक्षा पर टिका हो, यानी सापेक्ष।
आगामीवर्तमानविगतवर्तमान अभी की स्थिति है। आने वाले का उलटा बीत चुका, यानी विगत या गत।

अब दूसरी तरह के जाल पर आइए — वे शब्द जिनके एक से अधिक विलोम सही माने जा सकते हैं, क्योंकि शब्द के एक से अधिक अर्थ हैं। ऐसे प्रश्नों में घबराने की ज़रूरत नहीं; बस वाक्य या विकल्पों को देखकर तय कीजिए कि प्रश्न किस अर्थ की बात कर रहा है।

एक शब्द, एक से अधिक सही विलोम

शब्दअर्थ जिस ओर जाइएउस अर्थ का विलोम
आदिआरंभ के अर्थ मेंअंत
आदिप्रथम या मूल के अर्थ मेंअंतिम
गुरुशिक्षक के अर्थ मेंशिष्य
गुरुभारी या दीर्घ के अर्थ मेंलघु
रागसंगीत की धुन से हटकर मन के लगाव के अर्थ मेंविराग
रागद्वेष के सामने प्रेम-भाव के अर्थ मेंद्वेष
उत्तरदिशा के अर्थ मेंदक्षिण
उत्तरजवाब के अर्थ मेंप्रश्न
समबराबर के अर्थ मेंविषम
समशांत या संतुलित के अर्थ मेंविषम या क्षुब्ध
वर्णरंग के अर्थ मेंकोई निश्चित विलोम नहीं — इस अर्थ में विलोम मत बनाइए
अनुजआयु-क्रम के अर्थ मेंअग्रज
अर्थमतलब के अर्थ मेंअनर्थ
वरवरदान के अर्थ मेंशाप
वरदूल्हा के अर्थ मेंवधू

तीन भूलें जो हर साल दोहराई जाती हैं

पहली — ‘न’ या ‘नहीं’ जोड़कर विलोम बना लेना, जैसे ‘आना’ का ‘न आना’; सही उत्तर ‘जाना’ है। दूसरी — शब्द-भेद बदल देना, जैसे ‘शत्रुता’ के सामने ‘मित्र’ चुन लेना, जबकि उत्तर ‘मित्रता’ है। तीसरी — मात्रा या हलंत की चूक, जैसे ‘दुर्लभ’ की जगह ‘दुलर्भ’ या ‘ह्रस्व’ की जगह ‘हृस्व’ लिख देना। लिखित परीक्षा में यह तीसरी भूल अकेले कई अंक ले जाती है, इसलिए हर शब्द बोलकर और लिखकर दोनों तरह से दोहराइए।

इस भाग के अभ्यास प्रश्न

प्रश्न 1

निम्नलिखित में से कौन-सा जोड़ा विलोम नहीं है?

  1. Aज्येष्ठ — कनिष्ठ
  2. Bस्थावर — जंगम
  3. Cमूक — बहरा
  4. Dकृतज्ञ — कृतघ्न

व्याख्या

मूक का संबंध बोलने से है, इसलिए उसका उलटा वह होगा जो बहुत बोले — वाचाल। बहरापन सुनने की क्षमता से जुड़ा है, इसलिए वह मूक का विलोम नहीं बनता। विलोम में हमेशा एक ही पैमाना रखना पड़ता है।

प्रश्न 2

निम्नलिखित में से कौन-सा जोड़ा सही नहीं है?

  1. Aसुगम — दुर्गम
  2. Bसुबोध — असुबोध
  3. Cसुपात्र — कुपात्र
  4. Dसुकाल — अकाल

व्याख्या

जिन शब्दों के आगे ‘सु’ लगा हो, उनका विलोम प्रायः ‘दुर्’ या ‘कु’ से बनता है, ‘अ’ से नहीं। इसलिए सुबोध का विलोम दुर्बोध है। ‘असुबोध’ नियम की नकल करके बनाया गया रूप है, प्रचलित शब्द नहीं।

प्रश्न 3

‘गुरु’ शब्द का विलोम ‘लघु’ किस अर्थ में होगा?

  1. Aशिक्षक के अर्थ में
  2. Bभारी या दीर्घ के अर्थ में
  3. Cपूज्य के अर्थ में
  4. Dबड़े भाई के अर्थ में

व्याख्या

‘गुरु’ के दो अर्थ हैं। शिक्षक के अर्थ में उसका विलोम ‘शिष्य’ है, और भारी या दीर्घ के अर्थ में ‘लघु’। जिन शब्दों के एक से अधिक अर्थ हों, उनमें पहले अर्थ तय कीजिए, फिर विकल्प देखिए।

प्रश्न 4

निम्नलिखित में से कौन-सा जोड़ा विलोम नहीं है?

  1. Aआदान — प्रदान
  2. Bआरोह — अवरोह
  3. Cआगामी — वर्तमान
  4. Dआसक्ति — विरक्ति

व्याख्या

आगामी यानी आने वाला; उसका उलटा वह है जो बीत चुका, यानी विगत या गत। वर्तमान अभी की स्थिति है, जो न आने वाली है और न बीती हुई — इसलिए वह बीच की स्थिति है, विलोम नहीं।

प्रश्न 5

निम्नलिखित में से कौन-सा जोड़ा विलोम नहीं है?

  1. Aशुक्ल — कृष्ण
  2. Bश्वेत — श्याम
  3. Cशांत — मौन
  4. Dशीत — उष्ण

व्याख्या

शांत और मौन दोनों एक ही दिशा के भाव हैं — एक मन की स्थिरता बताता है, दूसरा न बोलना; ये पर्याय जैसे हैं, विलोम नहीं। शांत का विलोम अशांत या क्षुब्ध होगा।

प्रश्न 6

‘शत्रुता’ का विलोम है —

  1. Aमित्र
  2. Bस्नेह
  3. Cसहयोग
  4. Dमित्रता

व्याख्या

प्रश्न का शब्द भाववाचक संज्ञा है, इसलिए उत्तर भी भाववाचक संज्ञा ही होगा — मित्रता। ‘मित्र’ व्यक्ति बताता है, भाव नहीं। विलोम में शब्द-भेद बदलना सबसे आम और सबसे महँगी भूल है।