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विलोम शब्दों की वर्णक्रम सूची

यह पेज पढ़ने के लिए नहीं, देखने के लिए है। 409 विलोम वर्णक्रम में दस समूहों में बँटे हैं — ऊपर दी गई विषय-सूची से सीधे अपने अक्षर पर पहुँचिए।

29 सितंबर 2026 को सत्यापित

विलोम शब्दों की वर्णक्रम सूची

नीचे की सूची वर्णमाला के क्रम से सजाई गई है, ताकि दोहराते समय आपको ढूँढ़ना न पड़े। हर जोड़ी में बाईं ओर मूल शब्द है और दाईं ओर उसका विलोम। सूची को एक बार में पूरा पढ़ने की कोशिश मत कीजिए; एक दिन में एक-दो वर्ग लीजिए, और हर वर्ग के बाद पन्ना बंद करके कम से कम पाँच जोड़े स्मृति से बोलिए। जहाँ कोई जोड़ी नई लगे, उस पर पेंसिल से निशान लगाइए — अगली बार वही निशान आपकी दोहराव-सूची बन जाएगी।

‘अ’ वर्ग के विलोम शब्द

  • अमृतविष
  • अंधकारप्रकाश
  • अनुजअग्रज
  • अथइति
  • अल्पअधिक
  • अपनापराया
  • अस्तउदय
  • अमीरगरीब
  • अंतआरंभ
  • अनुकूलप्रतिकूल
  • अपमानसम्मान
  • अगलापिछला
  • अच्छाबुरा
  • अंतर्मुखीबहिर्मुखी
  • अज्ञानज्ञान
  • अरुचिरुचि
  • अल्पायुदीर्घायु
  • अनुरागविराग
  • अभिज्ञअनभिज्ञ
  • अवनतिउन्नति
  • अतिवृष्टिअनावृष्टि
  • अधमउत्तम
  • अर्थअनर्थ
  • अंतरंगबहिरंग
  • अभिशापवरदान
  • अमरमर्त्य
  • अस्थिरस्थिर
  • अनुलोमविलोम
  • अनाथसनाथ
  • अल्पज्ञबहुज्ञ
  • अगमसुगम
  • अतीतभविष्य
  • अनुपस्थितउपस्थित
  • अपकारउपकार
  • अपेक्षाउपेक्षा
  • अंगीकारअस्वीकार
  • अकालसुकाल
  • अँधेराउजाला
  • अंतिमप्रथम
  • अमावस्यापूर्णिमा
  • अधिकतमन्यूनतम
  • अभ्यस्तअनभ्यस्त
  • अगोचरगोचर
  • अनिष्टइष्ट
  • अस्वस्थस्वस्थ
  • अल्पसंख्यकबहुसंख्यक
  • अनिवार्यवैकल्पिक
  • अल्पसंख्याबहुसंख्या
  • अधिकन्यून
  • अचलचल

‘आ’, ‘इ’ और ‘ई’ वर्ग के विलोम शब्द

  • आदिअंत
  • आयव्यय
  • आदरअनादर
  • आकाशपाताल
  • आगामीविगत
  • आर्द्रशुष्क
  • आस्तिकनास्तिक
  • आलस्यस्फूर्ति
  • आरंभसमापन
  • आवश्यकअनावश्यक
  • आयातनिर्यात
  • आशानिराशा
  • आकर्षणविकर्षण
  • आज्ञाअवज्ञा
  • आरोहअवरोह
  • आविर्भावतिरोभाव
  • आसक्तिविरक्ति
  • आहारनिराहार
  • आदानप्रदान
  • आगतअनागत
  • आशीर्वादशाप
  • आवृतअनावृत
  • आगेपीछे
  • आस्थाअनास्था
  • इच्छाअनिच्छा
  • इष्टअनिष्ट
  • इहलोकपरलोक
  • इतिअथ
  • इकहरादोहरा
  • ईमानदारबेईमान
  • ईशअनीश
  • ईर्ष्यास्नेह

शेष स्वरादि वर्ग के विलोम शब्द

  • उत्कर्षअपकर्ष
  • उन्नतिअवनति
  • उदयअस्त
  • उत्तमअधम
  • उपकारअपकार
  • उपस्थितअनुपस्थित
  • उदारकृपण
  • उग्रसौम्य
  • उचितअनुचित
  • उत्साहनिरुत्साह
  • उत्तीर्णअनुत्तीर्ण
  • उपजाऊबंजर
  • उधारनकद
  • उन्मुखविमुख
  • उष्णशीत
  • उदात्तअनुदात्त
  • उपयोगीअनुपयोगी
  • उत्थानपतन
  • उषासंध्या
  • उन्नतअवनत
  • ऊँचानीचा
  • ऊर्ध्वअधः
  • ऊसरउर्वर
  • एकअनेक
  • एकताअनेकता
  • एकांगीसर्वांगीण
  • एकाकीसामूहिक
  • ऐच्छिकअनिवार्य
  • ऐश्वर्यदारिद्र्य
  • ऐहिकपारलौकिक
  • ऐक्यअनैक्य
  • ओछागंभीर
  • ओजस्वीनिस्तेज
  • औचित्यअनौचित्य
  • औपचारिकअनौपचारिक
  • औरतमर्द

‘क’ से ‘घ’ तक के विलोम शब्द

  • कटुमधुर
  • कठिनसरल
  • कृतज्ञकृतघ्न
  • क्रयविक्रय
  • कुटिलसरल
  • कृपणउदार
  • कर्कशमधुर
  • कनिष्ठज्येष्ठ
  • क्रूरदयालु
  • कायरवीर
  • कीर्तिअपकीर्ति
  • कल्पितयथार्थ
  • कुरूपसुंदर
  • क्षणिकशाश्वत
  • क्षम्यअक्षम्य
  • कड़वामीठा
  • कृत्रिमप्राकृतिक
  • कर्मठआलसी
  • कुपात्रसुपात्र
  • कुमतिसुमति
  • खराखोटा
  • खेदप्रसन्नता
  • खंडनमंडन
  • खुलाबंद
  • ख्यातिअपयश
  • खरीदबिक्री
  • गुणदोष
  • गरिमालघिमा
  • गहराउथला
  • गरमठंडा
  • गुप्तप्रकट
  • गृहस्थसंन्यासी
  • गीलासूखा
  • गमनआगमन
  • गौरवलाघव
  • ग्रामीणशहरी
  • ग्राह्यत्याज्य
  • गंभीरचंचल
  • घृणाप्रेम
  • घटियाबढ़िया
  • घनाविरल
  • घाटामुनाफ़ा

‘च’ से ‘झ’ तक के विलोम शब्द

  • चलअचल
  • चतुरमूर्ख
  • चंचलस्थिर
  • चढ़ावउतार
  • चेतनजड़
  • चालाकभोला
  • चिरंतनक्षणिक
  • छोटाबड़ा
  • छलीनिश्छल
  • छायाधूप
  • जन्ममृत्यु
  • जयपराजय
  • जड़चेतन
  • जटिलसरल
  • जागरणनिद्रा
  • जीवनमरण
  • ज्येष्ठकनिष्ठ
  • जलथल
  • जंगमस्थावर
  • जागृतसुप्त
  • जोड़घटाव
  • जल्दीदेर
  • जीतहार
  • झूठसच
  • झोपड़ीमहल
  • झगड़ामेल

‘ट’ से ‘थ’ तक के विलोम शब्द

  • टूटनाजुड़ना
  • टेढ़ासीधा
  • ठोसतरल
  • ठंडागरम
  • ठिगनालंबा
  • डरपोकनिडर
  • डूबनाउतराना
  • तरलठोस
  • तीव्रमंद
  • तुच्छमहान
  • तमप्रकाश
  • तृप्तअतृप्त
  • तिमिरआलोक
  • त्यागग्रहण
  • तरुणवृद्ध
  • तीखाफीका
  • तटस्थपक्षपाती
  • थलजल
  • थोकखुदरा
  • थोड़ाबहुत
  • थकानस्फूर्ति

‘द’ से ‘न’ तक के विलोम शब्द

  • दिनरात
  • दातायाचक
  • दुर्जनसज्जन
  • देवदानव
  • दयालुनिर्दय
  • दुर्लभसुलभ
  • दूषितस्वच्छ
  • दोषगुण
  • दुर्गंधसुगंध
  • दृश्यअदृश्य
  • दंडपुरस्कार
  • दीर्घह्रस्व
  • दक्षिणउत्तर
  • दुखसुख
  • दुराचारसदाचार
  • दुर्बलसबल
  • दुर्भाग्यसौभाग्य
  • दुर्गमसुगम
  • दुर्बोधसुबोध
  • धर्मअधर्म
  • धनीनिर्धन
  • धीरअधीर
  • धूपछाँव
  • धनात्मकऋणात्मक
  • ध्वंसनिर्माण
  • नवीनप्राचीन
  • नरनारी
  • न्यायअन्याय
  • निंदाप्रशंसा
  • निर्मलमलिन
  • नैतिकअनैतिक
  • निरक्षरसाक्षर
  • नकलीअसली
  • निकटदूर
  • निर्दोषदोषी
  • नश्वरअनश्वर
  • नम्रउद्दंड
  • निर्माणविनाश
  • नफ़ानुकसान
  • नित्यअनित्य
  • निषेधविधि
  • निरपेक्षसापेक्ष

‘प’ से ‘भ’ तक के विलोम शब्द

  • पापपुण्य
  • प्रेमघृणा
  • प्रश्नउत्तर
  • प्रकाशअंधकार
  • पवित्रअपवित्र
  • पूर्णअपूर्ण
  • प्रत्यक्षपरोक्ष
  • पक्षविपक्ष
  • परतंत्रस्वतंत्र
  • प्राचीननवीन
  • प्रलयसृष्टि
  • प्रवृत्तिनिवृत्ति
  • पूर्वपश्चिम
  • पतनउत्थान
  • परिश्रमीआलसी
  • पुरस्कारदंड
  • प्रशंसानिंदा
  • प्रारंभअंत
  • पराजयविजय
  • पालतूजंगली
  • प्रसन्नअप्रसन्न
  • प्रामाणिकअप्रामाणिक
  • परमार्थस्वार्थ
  • पंडितमूर्ख
  • फुर्तीलासुस्त
  • फैलावसिकुड़न
  • फ़ायदानुकसान
  • बंधनमुक्ति
  • बाढ़सूखा
  • बुद्धिमानमूर्ख
  • बाह्यआंतरिक
  • बलवाननिर्बल
  • बर्बरसभ्य
  • बहिष्कारअंगीकार
  • बासीताजा
  • बंजरउपजाऊ
  • बड़ाछोटा
  • बचतखर्च
  • बुराईभलाई
  • बहुज्ञअल्पज्ञ
  • भूतभविष्य
  • भयअभय
  • भलाबुरा
  • भारीहल्का
  • भौतिकआध्यात्मिक
  • भूषणदूषण
  • भिन्नअभिन्न
  • भक्ष्यअभक्ष्य

‘म’ से ‘ल’ तक के विलोम शब्द

  • मित्रशत्रु
  • मानअपमान
  • मौखिकलिखित
  • मृदुकठोर
  • मानवदानव
  • मुख्यगौण
  • मोक्षबंधन
  • मितव्ययीअपव्ययी
  • मंदतीव्र
  • महात्मादुरात्मा
  • मूकवाचाल
  • मीठाकड़वा
  • मलिननिर्मल
  • मूर्तअमूर्त
  • यशअपयश
  • योगवियोग
  • युद्धशांति
  • योग्यअयोग्य
  • यौवनबुढ़ापा
  • यथार्थकल्पना
  • रागविराग
  • रातदिन
  • रुग्णस्वस्थ
  • रक्षकभक्षक
  • रिक्तपूर्ण
  • रुचिअरुचि
  • राजारंक
  • रोगीनिरोगी
  • रचनाविनाश
  • लाभहानि
  • लौकिकअलौकिक
  • लघुगुरु
  • लिखितमौखिक
  • लचीलाकठोर
  • लुप्तप्रकट
  • लोभीसंतोषी
  • लिप्तनिर्लिप्त

‘व’ से ‘ह’ तक के विलोम शब्द

  • विधिनिषेध
  • वियोगसंयोग
  • विशेषसामान्य
  • विजयपराजय
  • वैरप्रीति
  • विकासह्रास
  • विस्तारसंक्षेप
  • वृद्धिह्रास
  • विरोधसमर्थन
  • वादीप्रतिवादी
  • विद्वानमूर्ख
  • वरदानअभिशाप
  • विनम्रउद्दंड
  • व्यर्थसार्थक
  • वीरकायर
  • विपत्तिसंपत्ति
  • व्यष्टिसमष्टि
  • वक्रसरल
  • वरवधू
  • विकर्षणआकर्षण
  • शत्रुमित्र
  • शुभअशुभ
  • शीतउष्ण
  • शुष्कआर्द्र
  • शुद्धअशुद्ध
  • शोषकशोषित
  • श्वेतश्याम
  • शांतिअशांति
  • शासकशासित
  • शक्तिशालीशक्तिहीन
  • शिष्टअशिष्ट
  • शयनजागरण
  • श्लीलअश्लील
  • सुखदुख
  • सत्यअसत्य
  • सज्जनदुर्जन
  • सरलकठिन
  • संयोगवियोग
  • सफलअसफल
  • सक्रियनिष्क्रिय
  • सगुणनिर्गुण
  • साकारनिराकार
  • सापेक्षनिरपेक्ष
  • स्वार्थपरमार्थ
  • स्थावरजंगम
  • स्वदेशविदेश
  • सुगमदुर्गम
  • सुपात्रकुपात्र
  • स्वाधीनपराधीन
  • सम्मानअपमान
  • सृष्टिप्रलय
  • संक्षेपविस्तार
  • सचेतअचेत
  • सुकालअकाल
  • स्थिरचंचल
  • सौभाग्यदुर्भाग्य
  • संतोषअसंतोष
  • सबलनिर्बल
  • सुबोधदुर्बोध
  • स्वीकृतअस्वीकृत
  • सारअसार
  • सूक्ष्मस्थूल
  • स्तुतिनिंदा
  • साक्षरनिरक्षर
  • समविषम
  • सदाचारदुराचार
  • हर्षशोक
  • हानिलाभ
  • हितअहित
  • हिंसाअहिंसा
  • हल्काभारी
  • हारजीत
  • ह्रस्वदीर्घ
  • हाजिरगैरहाजिर
  • हासरुदन

इस भाग के अभ्यास प्रश्न

प्रश्न 1

‘उत्कर्ष’ का विलोम है —

  1. Aअपकर्ष
  2. Bनिकर्ष
  3. Cप्रकर्ष
  4. Dविकर्ष

व्याख्या

‘उत्’ ऊपर की ओर ले जाता है और ‘अप’ नीचे की ओर, इसलिए उत्कर्ष का उलटा अपकर्ष है। ‘निकर्ष’ का अर्थ कसौटी है और ‘प्रकर्ष’ तो उत्कर्ष जैसा ही श्रेष्ठता-भाव रखता है — दोनों विलोम नहीं हैं।

प्रश्न 2

‘आविर्भाव’ का विलोम है —

  1. Aअभाव
  2. Bतिरोभाव
  3. Cप्रभाव
  4. Dदुर्भाव

व्याख्या

आविर्भाव यानी प्रकट होना और तिरोभाव यानी ओझल हो जाना। ‘अभाव’ का अर्थ न होना है, जो प्रकट होने का उलटा नहीं बल्कि अस्तित्व का निषेध है। यह भेद ध्यान में रखिए, क्योंकि यही विकल्प सबसे अधिक फँसाता है।

प्रश्न 3

‘साक्षर’ का विलोम है —

  1. Aअसाक्षर
  2. Bअनक्षर
  3. Cविक्षर
  4. Dनिरक्षर

व्याख्या

‘अक्षर से रहित’ के भाव में यहाँ ‘निर्’ उपसर्ग लगता है, इसलिए निरक्षर बनता है। ‘असाक्षर’ जोड़कर बनाया जा सकता है, पर भाषा में वह रूप नहीं चलता। बनाया हुआ रूप और प्रचलित रूप — यही अंतर परखा जाता है।

प्रश्न 4

‘सापेक्ष’ का विलोम है —

  1. Aनिरपेक्ष
  2. Bप्रत्यक्ष
  3. Cपरोक्ष
  4. Dअपेक्षित

व्याख्या

सापेक्ष यानी जो किसी अपेक्षा पर टिका हो; उसका उलटा वह है जिसे किसी अपेक्षा की आवश्यकता न हो — निरपेक्ष। ‘प्रत्यक्ष’ का जोड़ा अलग है, उसका विलोम ‘परोक्ष’ होता है।

प्रश्न 5

‘अनुकूल’ का विलोम है —

  1. Aप्रतिकार
  2. Bअनुसार
  3. Cप्रतिकूल
  4. Dविपरीतार्थक

व्याख्या

‘अनु’ का भाव है पीछे-पीछे चलना और ‘प्रति’ का भाव है सामने खड़ा होना। यही दोनों उपसर्ग एक-दूसरे के सामने आकर अनुकूल–प्रतिकूल की जोड़ी बनाते हैं। यह जोड़ी वादी–प्रतिवादी और पक्ष–प्रतिपक्ष में भी वही काम करती है।

प्रश्न 6

‘व्यष्टि’ का विलोम है —

  1. Aसृष्टि
  2. Bवृष्टि
  3. Cदृष्टि
  4. Dसमष्टि

व्याख्या

व्यष्टि यानी अकेली इकाई और समष्टि यानी पूरा समूह। बाकी तीनों विकल्प केवल ‘ष्टि’ की तुक मिलाते हैं, अर्थ से इनका कोई संबंध नहीं। तुक देखकर उत्तर चुनना इस अध्याय की सबसे महँगी आदत है।

प्रश्न 7

‘ऋणात्मक’ का विलोम है —

  1. Aधनात्मक
  2. Bशून्य
  3. Cगुणात्मक
  4. Dसंख्यात्मक

व्याख्या

ऋण घटाने की दिशा है और धन बढ़ाने की, इसलिए जोड़ी ऋणात्मक–धनात्मक बनती है। शून्य बीच की स्थिति है; विलोम में बीच की स्थिति कभी उत्तर नहीं होती, दोनों छोर ही उत्तर होते हैं।

प्रश्न 8

‘अतिवृष्टि’ का विलोम है —

  1. Aअल्पवृष्टि
  2. Bअनावृष्टि
  3. Cमहावृष्टि
  4. Dवर्षा

व्याख्या

‘अति’ यानी आवश्यकता से अधिक वर्षा और ‘अनावृष्टि’ यानी वर्षा का बिलकुल न होना। ‘अल्पवृष्टि’ कम वर्षा बताता है, जो कमी तो है पर पूरा उलटा नहीं। यही थोड़ा-सा अंतर सही और गलत विकल्प के बीच खड़ा रहता है।

प्रश्न 9

‘प्रवृत्ति’ का विलोम है —

  1. Aप्रगति
  2. Bविकृति
  3. Cसंवृत्ति
  4. Dनिवृत्ति

व्याख्या

प्रवृत्ति यानी किसी काम में लगना और निवृत्ति यानी उससे हट जाना। यहाँ ‘प्र’ के सामने ‘नि’ बैठता है।

प्रश्न 10

‘ह्रस्व’ का विलोम है —

  1. Aदीर्घ
  2. Bलघु
  3. Cसूक्ष्म
  4. Dसंक्षिप्त

व्याख्या

स्वरों के संदर्भ में छोटा स्वर ह्रस्व और बड़ा स्वर दीर्घ कहलाता है, इसलिए यही जोड़ी बनती है। ‘लघु’ का जोड़ा ‘गुरु’ है। दोनों जोड़ियाँ छोटे-बड़े का भाव रखती हैं, पर अलग-अलग प्रसंगों की हैं।

प्रश्न 11

‘स्थावर’ का विलोम है —

  1. Aचंचल
  2. Bचर
  3. Cअस्थिर
  4. Dजंगम

व्याख्या

स्थावर वह है जो अपनी जगह से हिल न सके, जैसे भूमि या भवन; जंगम वह है जो चल-फिर सके। ‘चंचल’ और ‘अस्थिर’ स्वभाव बताते हैं, वस्तु की श्रेणी नहीं — इसीलिए वे यहाँ उत्तर नहीं बनते।

प्रश्न 12

‘कृपण’ का विलोम है —

  1. Aउदार
  2. Bकृपालु
  3. Cकठोर
  4. Dनिर्दय

व्याख्या

कृपण का अर्थ कंजूस है, इसलिए उसका उलटा खुले हाथ वाला यानी उदार होगा। ‘कृपालु’ शब्द देखने में कृपण से मिलता-जुलता लगता है, पर उसका संबंध कृपा से है, धन देने या रोकने से नहीं।

प्रश्न 13

‘सार्थक’ का विलोम है —

  1. Aअसार्थक
  2. Bनिरर्थक
  3. Cअनर्थ
  4. Dविसार्थक

व्याख्या

‘निर् + अर्थक’ मिलकर निरर्थक बनता है, जिसका अर्थ है अर्थ से रहित। ‘अनर्थ’ का अर्थ अनिष्ट या विपरीत अर्थ है, वह ‘अर्थ’ का विलोम है, ‘सार्थक’ का नहीं।

प्रश्न 14

‘उन्मुख’ का विलोम है —

  1. Aसम्मुख
  2. Bप्रमुख
  3. Cअभिमुख
  4. Dविमुख

व्याख्या

उन्मुख यानी जिसका मुख किसी ओर लगा हो; विमुख यानी जो मुँह फेर ले। ‘सम्मुख’ और ‘अभिमुख’ भी सामने होने का ही भाव देते हैं, इसलिए वे उन्मुख के निकट हैं, उलटे नहीं।

प्रश्न 15

‘अथ’ का विलोम है —

  1. Aइति
  2. Bअंतिम
  3. Cअस्त
  4. Dअवसान

व्याख्या

‘अथ’ ग्रंथ या कथा के आरंभ का सूचक है और ‘इति’ उसके समाप्त होने का। यह जोड़ी संस्कृत परंपरा से आई है और इसी रूप में पूछी जाती है, इसलिए इसे अलग से याद रखिए।

प्रश्न 16

‘मितव्ययी’ का विलोम है —

  1. Aव्ययी
  2. Bअपव्ययी
  3. Cकिफ़ायती
  4. Dसंचयी

व्याख्या

मितव्ययी वह है जो नाप-तौलकर खर्च करे; अपव्ययी वह जो बेहिसाब खर्च करे। ‘किफ़ायती’ तो मितव्ययी का ही भाव है, इसलिए वह विकल्प पर्याय है, विलोम नहीं।

प्रश्न 17

‘तटस्थ’ का विलोम है —

  1. Aपक्षपाती
  2. Bनिष्पक्ष
  3. Cउदासीन
  4. Dमध्यस्थ

व्याख्या

तटस्थ वह है जो किसी पक्ष में न जाए; उसका उलटा वह है जो किसी एक पक्ष की ओर झुक जाए, यानी पक्षपाती। ‘निष्पक्ष’, ‘उदासीन’ और ‘मध्यस्थ’ तीनों तटस्थ के ही निकट अर्थ वाले शब्द हैं।