सूचना प्रौद्योगिकी
Information Technology
राजस्थान में ई-गवर्नेंस, स्टार्टअप नीतियों, AI व सेमीकंडक्टर पहलों से लेकर e-Mitra जैसे नागरिक पोर्टलों तक की डिजिटल यात्रा का समग्र अवलोकन।
विभाग, एजेंसियां व अनुसंधान संस्थान
नोडल आईटी विभाग से लेकर विशेष फिनटेक व ब्लॉकचेन संस्थानों तक, राजस्थान ने अपनी डिजिटल व ज्ञान अर्थव्यवस्था को गति देने के लिए एक व्यापक संस्थागत नेटवर्क खड़ा किया है।
🏛️सूचना प्रौद्योगिकी एवं संचार विभाग (DoIT&C)
- DoIT&C राज्य में सभी सूचना प्रौद्योगिकी परियोजनाओं की योजना बनाने, समन्वय करने व दिशा देने वाला विभाग है, और यह पूरे राजस्थान में कम्प्यूटरीकरण की नोडल एजेंसी के रूप में कार्य करता है।
- DoIT&C के अधीन दो प्रमुख एजेंसियां कार्य करती हैं - राजकॉम्प इन्फो सर्विसेज लिमिटेड (RISL) और राजस्थान नॉलेज कॉर्पोरेशन लिमिटेड (RKCL)।
🔐राजकॉम्प इन्फो सर्विसेज लिमिटेड (RISL)
- RISL की जड़ें 1989 में जाती हैं, जब राज्य सरकार ने IT प्रशिक्षण देने, विभागों को तकनीकी परामर्श देने और परियोजनाएं क्रियान्वित करने के लिए 'राजस्थान स्टेट कम्प्यूटर सर्विसेज (राजकॉम्प)' की स्थापना की थी; इसका नाम 2010 में बदलकर RISL कर दिया गया।
- भारत सरकार के नियंत्रक प्रमाणन प्राधिकरण ने RISL को प्रमाणन प्राधिकरण के रूप में मान्यता दी है - इस दर्जे के चलते राजस्थान अब ई-साइन, डिजिटल सिग्नेचर टोकन व SSL प्रमाण-पत्र जैसी सेवाएं अन्य राज्यों को भी दे सकता है।
🎓राजस्थान नॉलेज कॉर्पोरेशन लिमिटेड (RKCL)
- RKCL की स्थापना शहरी व दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों में IT शिक्षा फैलाकर डिजिटल विभाजन को पाटने के लिए की गई थी, और इसका सबसे प्रसिद्ध माध्यम इसका 'RS-CIT' कम्प्यूटर पाठ्यक्रम है।
📱राजस्थान सेंटर फॉर एप्लीकेशन डवलपमेंट (RajCAD)
- जनवरी 2020 में स्थापित RajCAD राज्य प्रशासन को ई-गवर्नेंस में अधिक पारदर्शी, जवाबदेह व कुशल बनाने वाले मोबाइल एप्लीकेशन व सॉफ्टवेयर कार्यक्रम विकसित करता है।
🔬राजस्थान इंस्टीट्यूट ऑफ एडवांस्ड लर्निंग (RIAL)
- जयपुर स्थित RIAL की स्थापना राज्य के युवाओं, उद्योगों, MSME व स्टार्टअप्स को अत्याधुनिक प्रौद्योगिकी क्षेत्रों में पाठ्यक्रम व अनुसंधान सुविधा देने के लिए की गई है।
🏫आर-केट केंद्र (राजीव गांधी सेंटर ऑफ एडवांस्ड टेक्नोलॉजी)
- R-CAT केंद्र राज्य के पांच संभागों - अजमेर, कोटा, भरतपुर, बीकानेर व उदयपुर - में खोले जाने हैं; इससे पहले 20 अगस्त 2022 को जयपुर में पहला R-CAT खोला जा चुका है।
- जोधपुर के राजीव गांधी फिनटेक डिजिटल यूनिवर्सिटी-कम-इन्स्टीट्यूट के तत्वावधान में इसके अस्थायी परिसर में भी एक R-CAT केंद्र कार्य करना शुरू कर चुका है।
🤖नैनो टेक्नोलॉजी, रोबोटिक्स एवं ऑटोमेशन सेंटर ऑफ एक्सीलेंस
- यह सेंटर ऑफ एक्सीलेंस राजस्थान तकनीकी विश्वविद्यालय, कोटा में स्थापित किया गया है, जो नैनो टेक्नोलॉजी, रोबोटिक्स व ऑटोमेशन में अनुसंधान को आगे बढ़ाता है।
💹राजीव गांधी फिनटेक डिजिटल इंस्टीट्यूट (RGFDI)
- करवड़ (केरू, जोधपुर) में स्थापित होने वाले RGFDI की घोषणा वर्ष 2021-22 के बजट में हुई थी; इसे डीम्ड विश्वविद्यालय का दर्जा मिलेगा। इसके लिए 'राजीव गांधी फिनटेक डिजिटल संस्थान विधेयक-2023' 17 जुलाई 2023 को विधानसभा में पारित हुआ और राज्यपाल की स्वीकृति के बाद 17 अगस्त 2023 को अधिसूचित हुआ।
- RGFDI में चार स्कूल स्थापित होंगे - स्कूल ऑफ फाइनेंशियल इन्फॉर्मेशन सिस्टम, स्कूल ऑफ फाइनेंशियल टेक्नोलॉजी सिस्टम, इंस्ट्रूमेंट्स एंड मार्केट्स स्कूल ऑफ फाइनेंशियल सिस्टम्स एवं एनालिटिक्स, तथा स्कूल ऑफ फिनटेक इनोवेशन एंड एंटरप्रेन्योरशिप।
💡राजीव गांधी नॉलेज सर्विस एंड इनोवेशन हब
- मुख्यमंत्री ने 20 मार्च 2023 को जोधपुर में इस हब का शिलान्यास किया; इसी तरह के हब जयपुर व कोटा में भी बनाए जा रहे हैं।
- यहां नवाचार करने वाली महिलाओं के लिए 'W-Hub' नाम से एक विशेष स्थान उपलब्ध कराया जाएगा।
🔭टेक पार्क व विज्ञान सुविधाएं
- बेंगलुरु व हैदराबाद की तर्ज पर जयपुर में 'श्री टेक पार्क' विकसित किया जाएगा।
- राज्य का पहला विज्ञान उद्यान एवं क्षेत्रीय विज्ञान केंद्र जयपुर के शास्त्री नगर में स्थित है।
- कोटा विज्ञान केंद्र में मई 2022 में एक डिजिटल प्लेनेटेरियम बनाने की स्वीकृति दी गई; इसी केंद्र में MPCIL द्वारा 28 फरवरी 2021 को एक मिनिएचर न्यूक्लियर गैलरी भी स्थापित की गई।
🔒राजीव गांधी सेंटर फॉर आईटी डवलपमेंट एंड ई-गवर्नेंस
- साइबर व डेटा सुरक्षा को मजबूत करने के लिए बजट 2023-24 में घोषित यह केंद्र जयपुर के खेतान पॉलिटेक्निक कॉलेज परिसर में स्थापित किया जा रहा है।
🧠एआईओटी इनोवेशन हब (सिटी इनोवेशन क्लस्टर)
- राज्य मंत्रिमंडल ने सिटी इनोवेशन क्लस्टर योजना के तहत जोधपुर में 'आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस ऑफ थिंग्स इनोवेशन हब' (एआईओटी) स्थापित करने को मंजूरी दी है।
- यह हब MSME, उद्यमी विद्यार्थियों व स्टार्टअप्स को अनुसंधान, इनक्यूबेशन व प्रोटोटाइप विकास हेतु हार्डवेयर व सॉफ्टवेयर सुविधाएं उपलब्ध कराएगा।
🏢भामाशाह टेक्नो हब
- भारत के सबसे बड़े इनक्यूबेशन सेंटर 'भामाशाह टेक्नो हब' का उद्घाटन 23 अगस्त 2018 को जयपुर में हुआ।
🎓एलएनएमआईआईटी (LNMIIT)
- राज्य का पहला राष्ट्रीय स्तर का सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान LNMIIT जयपुर ग्रामीण जिले के रूपा की नांगल गांव में प्रसिद्ध प्रवासी भारतीय उद्योगपति व 'स्टील किंग' लक्ष्मी निवास मित्तल द्वारा स्थापित किया गया।
🔗सेंटर ऑफ एक्सीलेंस फॉर ब्लॉकचेन
- यह एक अग्रणी पहल है, जो ब्लॉकचेन तकनीक के माध्यम से ई-गवर्नेंस सेवाओं में डिजिटल परिवर्तन, सुरक्षा व पारदर्शिता लाती है।
- 22 फरवरी 2024 को जयपुर के भामाशाह डाटा सेंटर में RISL व IIT कानपुर के बीच हुए एक समझौता ज्ञापन (MoU) के जरिए इसकी औपचारिक स्थापना हुई।
📞अंतरराष्ट्रीय बीपीओ सेंटर
- यह केंद्र राज्य के बिजनेस प्रोसेस आउटसोर्सिंग उद्योग को सहयोग देने हेतु जयपुर के सीतापुरा में खोला गया है।
नई नीतियां व बजट 2026-27 की डिजिटल पहलें
2024 से 2026 के बीच बजट घोषणाओं व नई नीतियों की तेज लहर राजस्थान के AI, सेमीकंडक्टर व डेटा अवसंरचना के उपयोग को नया आकार दे रही है।
🧾अगली पीढ़ी के नागरिक सेवा सुधार व स्मार्ट सेवा केंद्र
- 'अगली पीढ़ी के नागरिक सेवा सुधार' नागरिकों को सेवाओं तक सुगम व त्वरित पहुंच देने के लिए लाए जा रहे हैं, जिसमें दस्तावेज केवल एक बार लिए जाएंगे और विभाग आपस में डेटा साझा करेंगे।
- नगरीय निकायों में चरणबद्ध ढंग से स्मार्ट सेवा केंद्र स्थापित किए जाएंगे।
💬व्हाट्सएप पर ई-मित्र व मिनी ई-मित्र
- e-Mitra द्वारा वर्तमान में दी जा रही 600 से अधिक सेवाओं के अतिरिक्त, आगामी वर्ष के पहले चरण में 100 प्रमुख सेवाएं WhatsApp प्लेटफॉर्म पर शुरू करने की योजना है।
- मोबाइल आधारित सेवा वितरण हेतु 25,000 युवाओं व महिलाओं को 'मिनी ई-मित्र' के रूप में अधिकृत किया जाएगा।
🖥️नई आईटी नीति व AI सेंटर ऑफ एक्सीलेंस
- 'डिजिटल राजस्थान' के लक्ष्य को पाने और आमजन के सुगम जीवन को ध्यान में रखते हुए सरकारी कामकाज में अधिकतम e-Governance व IT निवेश बढ़ाने के लिए एक नई IT पॉलिसी लाई जाएगी।
- स्वास्थ्य, उद्योग व पर्यावरण जैसे क्षेत्रों पर केंद्रित AI के दो सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित किए जाएंगे।
🏗️डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर फैसिलिटेशन पॉलिसी व CM PRAMAN यूनिट
- राज्य में डिजिटल नवाचारों को बढ़ावा देने के लिए एक डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर फैसिलिटेशन पॉलिसी लाई जाएगी।
- साक्ष्य-आधारित नीति निर्माण व परिणाम-उन्मुख जनकल्याणकारी योजनाओं की संरचना के लिए 'समर्पित डेटा एवं नीति रणनीति इकाई - CM PRAMAN' (Policy, Research and Analytics for Measurable Action and Nexus) स्थापित की जाएगी।
🏢डिजास्टर रिकवरी डेटा सेंटर व ब्रह्मपुत्र सेंटर
- बजट 2025-26 में जोधपुर में एक डिजास्टर रिकवरी डेटा सेंटर बनाने का प्रावधान किया गया, साथ ही ब्रह्मपुत्र सेंटर ऑफ फ्रंटियर टेक्नोलॉजी की स्थापना की घोषणा भी की गई।
🎤राजस्थान डिजिफेस्ट टाई ग्लोबल समिट 2026
- 10वीं राजस्थान डिजिफेस्ट टाई ग्लोबल समिट 2026 का आयोजन 4-6 जनवरी 2026 तक जयपुर में हुआ, जो पहली बार किसी गैर-महानगरीय शहर में आयोजित हुई।
- इस समिट की थीम रखी गई - 'एआई युग में सतत उद्यमिता - नए विचार, प्रभाव और सबको साथ लेना'।
🧭राजस्थान आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पॉलिसी 2025
- DoIT&C विभाग इस नीति के जरिए राज्य को जिम्मेदार, समावेशी व नवाचार-प्रधान AI विकास केंद्र बनाने का लक्ष्य रखता है।
📲राजस्थान डिजिटल मिशन व नेवा सेवा केंद्र
- 12 मार्च 2025 को मुख्यमंत्री ने राजस्थान डिजिटल मिशन प्रारंभ करने की घोषणा की।
- नेशनल ई-विधान एप्लीकेशन के तहत नेवा सेवा केंद्र का शुभारंभ 3 फरवरी 2025 को विधानसभा में हुआ, जो विधानसभा को पेपरलेस व डिजिटल बनाएगा; इस परियोजना में केंद्र व राज्य का वित्तीय सहयोग 60:40 के अनुपात में है।
💼अटल एंटरप्रिन्योरशिप कार्यक्रम, फंड ऑफ फंड्स व LEAP
- बजट 2024-25 के तहत 'अटल एंटरप्रिन्योरशिप कार्यक्रम' युवाओं को स्टार्ट-अप स्थापित कर नियोक्ता बनने हेतु प्रोत्साहित करता है, जिसे स्टार्टअप्स को इक्विटी फंडिंग के जरिए सहयोग देने के लिए बनाए गए 100 करोड़ रुपये के फंड ऑफ फंड्स का सहारा मिलता है।
- i-start के अंतर्गत 25 करोड़ रुपये के परिव्यय से Learn, Earn & Progress (LEAP) कार्यक्रम शुरू किया जाएगा।
🗣️मातृभाषा में डिजिटल सेवाओं हेतु भाषिणी MoU
- नागरिकों को उनकी मातृभाषा में सरकारी सुविधाएं देने के लिए DoIT&C विभाग व केंद्र सरकार के डिजिटल इंडिया के 'भाषिणी' प्रभाग के बीच 25 दिसंबर 2025 को MoU हुआ।
- 'भाषिणी' आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस व प्राकृतिक भाषा प्रसंस्करण तकनीकों के जरिए विभिन्न भारतीय भाषाओं में डिजिटल सेवाओं व सूचनाओं को सहज उपलब्ध कराता है।
🗄️डिजीलॉकर व राज डी.एक्स (Raj D.Ex)
- डिजीलॉकर महत्वपूर्ण दस्तावेजों को डिजिटल रूप में सुरक्षित रखने के लिए सरकार द्वारा दिया गया क्लाउड-आधारित प्लेटफॉर्म है।
- Raj D.Ex को देश के पहले डेटा एक्सचेंज के रूप में राजस्थान में बनाया जाना प्रस्तावित है।
🏭भिवाड़ी सेमीकंडक्टर क्लस्टर व सेमीकंडक्टर पॉलिसी 2026
- 15 मई 2026 को मुख्यमंत्री ने भिवाड़ी के सलारपुर-खुशखेड़ा क्षेत्र में राज्य के पहले सेमीकंडक्टर क्लस्टर का उद्घाटन किया - यह एल्सीना इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग प्रा. लि. द्वारा 20 साझेदार कंपनियों के साथ विकसित एक ग्रीनफील्ड इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर है।
- यह न केवल राजस्थान का पहला सेमीकंडक्टर क्लस्टर है, बल्कि देश की पहली SME सेमीकंडक्टर फैसिलिटी भी है; इस क्षेत्र में निवेश आकर्षित करने हेतु सरकार ने 18 मार्च 2026 को राजस्थान सेमीकंडक्टर पॉलिसी 2026 भी जारी की।
🕵️AI आधारित चेहरा-पहचान एप्लिकेशन
- जटिल फेस सिमिलैरिटी सर्च में सक्षम एक एडवांस्ड कंप्यूटर विजन-आधारित AI एप्लिकेशन को शासन व कानून प्रवर्तन के कार्यों में लागू किया गया है।
- यह संदिग्ध अभ्यर्थियों की तस्वीरों का पंजीकृत डेटाबेस से मिलान कर डमी उम्मीदवारों की पहचान में मदद करता है, अभियुक्तों की छवियों को आपराधिक रिकॉर्ड से मिलाकर आदतन अपराधियों को चिन्हित करता है, और लावारिस शवों की त्वरित पहचान भी संभव बनाता है।
📚RGSA पंचायत लर्निंग सेंटर
- 14 फरवरी 2026 को राष्ट्रीय ग्राम स्वराज अभियान के तहत पाली जिले की सुमेरपुर विधानसभा क्षेत्र की अनोपपुरा ग्राम पंचायत मुख्यालय में नवनिर्मित पंचायत लर्निंग सेंटर-ई-लाइब्रेरी का लोकार्पण हुआ।
🗃️राजस्थान डाटा सेंटर नीति 2025
- बजट 2024-25 की घोषणा को पूरा करते हुए यह नीति 19 फरवरी 2025 को अधिसूचित हुई और इसके दिशा-निर्देश 16 जून 2025 को जारी हुए; इसका लक्ष्य राज्य को राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय डेटा सेंटर निवेश का प्रमुख गंतव्य बनाना है, और यह 31 मार्च 2029 तक या नई नीति आने तक लागू रहेगी।
🏖️राजस्थान सीसाइड स्टार्टअप समिट 2026
- इस समिट का आयोजन 27 फरवरी से 1 मार्च 2026 तक जयपुर में किया गया।
🌏राजस्थान ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर नीति 2025
- बजट 2025-26 की घोषणा को पूरा करते हुए यह नीति 27 नवंबर 2025 को अधिसूचित की गई, क्योंकि तीव्र वैश्वीकरण व डिजिटल परिवर्तन के इस दौर में ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर बहुराष्ट्रीय कंपनियों के लिए दक्षता, नवाचार व मूल्य सृजन के अहम चालक बनकर उभरे हैं।
- यह नीति भारतीय या विदेशी उद्यमों द्वारा स्थापित ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटरों पर लागू होती है, जिसमें IT, बैंकिंग/वित्तीय सेवाएं व बीमा, स्वास्थ्य व जीवन विज्ञान, वाहन व निर्माण, रिटेल व ई-कॉमर्स, टेलिकॉम, एरोस्पेस व रक्षा, ऊर्जा व उपयोगिताएं तथा मीडिया सेवाएं शामिल हैं।
🎮AVGC-XR नीति
- बजट 2024-25 में घोषित और दिसंबर 2025 से प्रभावी AVGC-XR (Animation, Visual Effects, Gaming, Comics and Extended Reality) नीति का उद्देश्य स्थानीय प्रतिभा, संस्कृति व संसाधनों को बढ़ावा देना तथा निवेश व तकनीकी रोजगार सृजित करना है।
- इसका लक्ष्य राजस्थान को AVGC-XR क्षेत्र में एक अग्रणी वैश्विक केंद्र बनाना, स्थानीय प्रतिभा व कारीगरों को सशक्त बनाना, रोजगार सृजित करना और राज्य की सांस्कृतिक विरासत को वैश्विक मंच पर प्रदर्शित करना है।
🤖राजस्थान AI/ML नीति 2026
- विकसित राजस्थान@2047 के विजन को साकार करने हेतु 6 जनवरी 2026 को लॉन्च यह नीति AI व ML के जिम्मेदार, नैतिक व समावेशी उपयोग से शासन को अधिक स्मार्ट, पारदर्शी व नागरिक-केंद्रित बनाने का लक्ष्य रखती है।
- यह नीति शासन, उद्योग, स्टार्टअप्स, MSME, शिक्षा व अनुसंधान को जोड़ते हुए सरकारी सेवा वितरण, स्वास्थ्य, शिक्षा, शहरी प्रशासन तथा रोजगार व स्टार्टअप सहायता क्षेत्रों में लागू होती है।
स्टार्टअप एवं उद्यमिता पारिस्थितिकी तंत्र
राजस्थान ने भारत की सबसे पहली राज्य स्टार्टअप नीतियों में से एक बनाई थी, और तब से इनक्यूबेटर, फंडिंग योजनाओं व एक समर्पित ऑनलाइन बाजार को जोड़कर युवा उद्यमियों को आगे बढ़ाया है।
🌱iStart प्लेटफॉर्म
- स्टार्टअप्स की गुणवत्ता व उन्हें मिलने वाली सुविधाओं को बढ़ाने के लिए राजस्थान सरकार ने एकीकृत स्टार्टअप प्लेटफॉर्म 'iStart' तैयार किया है।
🏗️स्टार्टअप इनक्यूबेशन सहायता
- इनक्यूबेशन कार्यक्रम के तहत निःशुल्क स्थान, कनेक्टिविटी, कंप्यूटर हार्डवेयर, इंफ्रास्ट्रक्चर, मेंटरशिप, मार्केट कनेक्ट, VC/इन्वेस्टर कनेक्ट व राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय संगठनों तक पहुंच जैसी सुविधाएं दी जाती हैं।
📜राजस्थान स्टार्ट-अप नीति 2022
- 13 नवंबर 2022 को जारी इस नीति से राज्य के स्टार्टअप, उद्यमशील विद्यार्थी, ग्रामीण स्टार्टअप्स व संस्थानिक इनक्यूबेशन सेंटर लाभान्वित होते हैं, और स्टार्ट-अप स्थापना हेतु 25 लाख रुपये तक के ऋण दस्तावेजों पर स्टाम्प शुल्क माफ किया जाता है।
- यह आइडिया-प्रोटोटाइप चरण में निर्वहन अनुदान (20,000 रु./माह, महिला स्टार्टअप्स हेतु 25,000 रु./माह, एक वर्ष तक), सीड चरण में 60 लाख रु. तक, ग्रोथ चरण में कन्वर्टिबल ऋण/इक्विटी के रूप में 2 करोड़ रु. तक तथा वर्कशॉप सपोर्ट एंड एक्सेलरेटर कार्यक्रम हेतु 35 लाख रु. तक का अनुदान देती है।
🥇स्टार्टअप पॉलिसी 2015 (राज्य की पहली नीति)
- 9 अक्टूबर 2015 को लॉन्च यह राजस्थान की पहली स्टार्टअप पॉलिसी थी; इसके साथ राजस्थान केरल, कर्नाटक, आंध्रप्रदेश व गुजरात के बाद ऐसी नीति जारी करने वाला देश का पांचवां राज्य और उत्तर भारत का पहला राज्य बना।
🪺iStart नेस्ट इनक्यूबेटर
- ये इनक्यूबेशन सेंटर स्टार्टअप समूहों को हाईस्पीड इंटरनेट, डेटा सेंटर, फर्नीचर, वर्कस्टेशन व विश्राम क्षेत्र जैसे स्थान व संसाधन उपलब्ध कराते हैं।
- वर्तमान में भरतपुर, उदयपुर, जयपुर, कोटा, बीकानेर, चूरू, पाली व जोधपुर में 8 iStart इनक्यूबेशन सेंटर क्रियाशील हैं।
🛒ई-बाजार
- ऑनलाइन विपणन में तकनीक के उपयोग को बढ़ावा देने हेतु DoIT&C ने राजकॉम्प इन्फो सर्विसेज लिमिटेड के सहयोग से एक एकल ई-व्यापार ऑनलाइन स्टोर बनाया है, जिस पर iStart में पंजीकृत स्टार्टअप्स अपने उत्पाद सूचीबद्ध करते हैं।
- राज्य सरकार ने अपने विभागों, निगमों व बोर्डों को eBazaar में पंजीकृत स्टार्टअप्स से बिना निविदा प्रक्रिया के 25 लाख रुपये तक की वस्तुएं व सेवाएं खरीदने का निर्देश दिया है।
🧑🎓युवा साथी केंद्र
- राज्य सरकार द्वारा जिलों व संभागों में स्थापित किए जा रहे ये केंद्र युवाओं को शिक्षा, छात्रवृत्ति, प्रतियोगी परीक्षा तैयारी, कोचिंग सहायता, करियर मार्गदर्शन, कौशल विकास, स्वरोजगार, उद्यमिता प्रशिक्षण व व्यापार-परियोजना संबंधी सहायता देते हैं।
नागरिक-केंद्रित ई-सेवा पोर्टल
सिंगल साइन-ऑन से लेकर घर-द्वार डिलीवरी पायलट तक, यह मंचों का समूह वह जगह है जहां अधिकांश राजस्थानी अपने रोजमर्रा के जीवन में ई-गवर्नेंस से रूबरू होते हैं।
📋जन सूचना पोर्टल
- सूचना के अधिकार अधिनियम 2005 की धारा 4(2) के तहत सूचना के सक्रिय प्रकटीकरण की भावना से प्रेरित होकर राज्य ने 2019 में जन सूचना पोर्टल शुरू किया, जो आरंभ में 13 विभागों की 23 योजनाओं से जुड़ी 44 सेवाओं के साथ लॉन्च हुआ।
- यह पोर्टल विभागों, प्राधिकरणों व निगमों के पास मौजूद सूचनाओं को क्षेत्रवार व सरल भाषा में उपलब्ध कराता है और सोशल ऑडिट में भी सहायक है; अब इस पर 117 विभाग, 351 योजनाएं तथा 749 प्रकार की सूचनाएं उपलब्ध हैं।
🏭राज उद्योग मित्र पोर्टल
- निवेश प्रोत्साहन ब्यूरो (BIP) के लिए विकसित यह वेब एप्लीकेशन 'राजस्थान MSME (स्थापना और संचालन की सुगम्यता) अधिनियम, 2019' के साथ मिलकर कार्य करता है, जो MSME को किसी भी कानून के तहत अनुमोदन व निरीक्षण से छूट देता है।
- राज उद्योग मित्र पोर्टल लागू करने वाला राजस्थान देश का पहला राज्य है।
🤝ई-मित्र
- ई-मित्र एक एकीकृत ई-प्लेटफॉर्म है जिसके जरिए शहरी व ग्रामीण नागरिकों को बिजली, पानी व टेलीफोन बिल जैसी सरकारी व निजी सेवाएं इलेक्ट्रॉनिक रूप से मिलती हैं; ऐसी इलेक्ट्रॉनिक सेवा डिलीवरी शुरू करने वाला राजस्थान देश का पहला राज्य है।
- 76,000 से अधिक ई-मित्र कियोस्क के जरिए लगभग 600 नागरिक-केंद्रित सेवाएं आमजन तक पहुंचाई जा रही हैं, जिन्हें मोबाइल एप, ऑनलाइन पोर्टल व ई-मित्र प्लस के माध्यम से भी प्राप्त किया जा सकता है।
- मुख्यमंत्री की बजट घोषणा 2022 के अनुपालन में डिजिटल शिक्षा, कृषि, QR पार्किंग स्टीकर, चिकित्सा परामर्श, म्यूच्युअल फंड्स, इंश्योरेंस, हाउस रेंट व बैंकिंग/पैन/ITR जैसी लगभग 250 B2C निजी क्षेत्र सेवाएं भी ई-मित्र के जरिए दी जा रही हैं।
🖲️ई-मित्र प्लस
- ई-मित्र प्लस ई-सेवा वितरण में एक क्रांतिकारी कदम है, जिसके तहत राज्यभर में लगभग 15,000 मानवरहित स्वयंसेवी कियोस्क स्थापित किए गए हैं - यह भारत में अपनी तरह का पहला कियोस्क है।
- इन कियोस्क पर नकद, डेबिट/क्रेडिट कार्ड व नेट बैंकिंग जैसे भुगतान विकल्प उपलब्ध हैं, साथ ही विभिन्न प्रमाण-पत्र, ई-कार्ड (आधार, जन-आधार), पीवीसी जन-आधार कार्ड प्रिंट तथा पेंशनरों के जीवन प्रमाण-पत्र का वार्षिक सत्यापन निःशुल्क उपलब्ध है।
🌐राजस्थान स्टेट पोर्टल
- स्टेट पोर्टल पर सचिवालय, प्रशासन, विभिन्न विभागों, निर्वाचन, न्यायपालिका, विधानसभा, रोजगार, उद्योग, शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं, ई-बाजार तथा राजस्थान की कला-संस्कृति-विरासत-पर्यटन से जुड़ी जानकारी एक साथ उपलब्ध कराई जाती है।
🤝जनकल्याण पोर्टल
- 18 दिसंबर 2020 को लॉन्च यह केंद्रीकृत पोर्टल जनकल्याण परियोजनाओं/प्रमुख कार्यों, सरकारी दस्तावेजों तथा विभिन्न विभागों की लाभकारी योजनाओं/सेवाओं की विस्तृत जानकारी देता है।
☎️नागरिक संपर्क केंद्र
- टोल-फ्री नंबर 1800-180-6127 व 181 पर कॉल करके नागरिक राजस्थान सरकार के समस्त विभागों से जुड़ी जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।
📣राजस्थान सम्पर्क
- राजस्थान सम्पर्क सामान्य जन की शिकायतों व सुझावों के निवारण का एकीकृत मंच है, जो www.sampark.rajasthan.gov.in पर उपलब्ध है।
- इसका उद्देश्य शिकायत निवारण प्रणाली को सुदृढ़ बनाना है, और नागरिक व्हाट्सएप, वॉयसबॉट, चैटबॉट, सीएम हेल्पलाइन 181 व वेब पोर्टल जैसे माध्यमों से शिकायत दर्ज कर सकते हैं व सेवाओं के लिए आवेदन कर सकते हैं।
📄डिजीलॉकर पर जन्म, मृत्यु व विवाह प्रमाण-पत्र
- 5 फरवरी 2020 को जयपुर स्थित आर्थिक एवं सांख्यिकी निदेशालय ने जन्म, मृत्यु व विवाह प्रमाण-पत्र डिजिलॉकर से डिजिटल रूप में प्राप्त करने की सुविधा शुरू की।
✍️राज ई-साइन
- दस्तावेजों को प्रमाणित व हस्ताक्षरित करने की यह इलेक्ट्रॉनिक हस्ताक्षर सुविधा अक्टूबर 2017 से आधार-आधारित एकीकृत इलेक्ट्रॉनिक हस्ताक्षर के रूप में निःशुल्क उपलब्ध है।
- भारत सरकार ने 19 सितंबर 2019 को RISL को Controller of Certifying Authority घोषित किया, और राजस्थान देश में सभी को e-sign सुविधा उपलब्ध कराने वाला पहला राज्य बना।
🗝️राज ई-वॉल्ट
- यह डॉक्यूमेंट मैनेजमेंट सिस्टम राजस्थान के नागरिकों को अपने दस्तावेज इलेक्ट्रॉनिक रूप में सुरक्षित रखने की सुविधा देता है, जिससे भविष्य में उपयोग हेतु कागजी कार्यवाही कम हो जाती है।
- दस्तावेजों को eSign करने के लिए Raj eSign व Aadhaar एप्लिकेशन को राज ई-वॉल्ट के साथ एकीकृत किया गया है।
📖राज ई-ज्ञान
- यह शिक्षकों व विद्यार्थियों के लिए एक ऑनलाइन ई-लर्निंग पोर्टल है, जिसमें प्री-प्राइमरी से कक्षा 12 तक की शैक्षिक डिजिटल सामग्री हिंदी व अंग्रेजी दोनों भाषाओं में उपलब्ध है।
🪪राजस्थान जन आधार योजना
- 'एक नंबर, एक कार्ड, एक पहचान' की विचारधारा पर आधारित जन आधार योजना का उद्देश्य सरकारी योजनाओं का लाभ आमजन तक सरल, सुगम व पारदर्शी ढंग से पहुंचाना है।
- इस योजना के क्रियान्वयन हेतु आयोजना विभाग ने राजकॉम्प को राज्य स्तरीय क्रियान्वयन एजेंसी नियुक्त किया है।
🔑राज सिंगल साइन ऑन (SSO)
- SSO के जरिए नागरिक एक ही यूजरनेम व पासवर्ड से विभिन्न विभागों की सेवाएं प्राप्त कर सकते हैं; यह सुविधा स्टेट पोर्टल rajasthan.gov.in पर उपलब्ध है।
- यह सरकारी अधिकारियों, कर्मचारियों, ई-मित्र संचालकों, निवेशकों व नागरिकों को एक डिजिटल पहचान देती है, जिससे वे विभिन्न विभागों के ऑनलाइन एप्लीकेशन का सुगमता से उपयोग कर पाते हैं।
🚪डोर स्टेप होम डिलीवरी सेवाएं
- इस योजना के तहत नागरिकों को जन्म, जाति, मूल-निवास, आय व विवाह प्रमाण-पत्र, ड्राइविंग लाइसेंस-नवीनीकरण, पेयजल कनेक्शन व पेंशन पीपीओ जैसी सेवाएं घर पर उपलब्ध कराई जाती हैं।
- 'Door Step Home Delivery System' के रूप में यह सेवा जयपुर व जोधपुर में पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर शुरू की गई है।
🏗️ऑनलाइन बिल्डिंग प्लान अप्रूवल सिस्टम (BPAS)
- ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को मजबूत करने के लिए विकसित BPAS एक IT आधारित वर्कफ्लो सिस्टम है, जो आवेदन जमा करने से लेकर अनुमति पत्र जारी होने तक का संपूर्ण ऑनलाइन समाधान देता है।
प्रशासनिक तंत्र, नेटवर्क अवसंरचना व डिजिटल मील के पत्थर
हर नागरिक-केंद्रित ऐप के पीछे आंतरिक नेटवर्क, डेटा सेंटर व कानूनी ढांचों का एक जाल काम करता है - साथ ही कई 'पहली बार' की उपलब्धियां भी हैं, जो राजस्थान की दो दशक लंबी ई-गवर्नेंस यात्रा को दर्शाती हैं।
📡राजवीसी, राजनेट व राज वाई-फाई (कनेक्टिविटी की रीढ़)
- राजवीसी ने प्रशासन व विकास योजनाओं की निगरानी हेतु विभाग मुख्यालय/कार्यालय, जिला मुख्यालय, SDM/तहसील कार्यालय, नगर निगम व ब्लॉक मुख्यालय में हार्डवेयर आधारित वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग व्यवस्था स्थापित की है।
- राजनेट का लक्ष्य सरकारी कार्यालयों को ग्राम पंचायत स्तर तक नेटवर्क कनेक्टिविटी से जोड़ना है - इसमें इंटरनेट पहुंच, एक केंद्रीकृत नेटवर्क ऑपरेटिंग सेंटर, ASK पर e-Mitra कियोस्क/वाई-फाई/IP फोन कनेक्टिविटी तथा VC व लाइव प्रसारण की सुविधा शामिल है।
- राज वाई-फाई ग्राम पंचायतों, सरकारी भवनों व सार्वजनिक स्थानों पर वाई-फाई नेटवर्क की परिकल्पना करता है, जिसका उद्देश्य ग्राम पंचायत स्तर तक नागरिकों को मुफ्त इंटरनेट सुविधा देना है।
🗂️राज-मास्टर (स्टेट मास्टर डेटा हब)
- यह हब विभिन्न विभागों की एप्लिकेशन आवश्यकतानुसार भौगोलिक वर्गीकरण जैसे हर प्रकार के मास्टर डेटा उपलब्ध कराता है, और वर्तमान में राज्य के 48 से अधिक विभाग इस सेवा का उपयोग कर रहे हैं।
🗃️राजकाज (इंटीग्रेटेड राज ई-ऑफिस)
- राजकाज सभी सरकारी विभागों, PSU, बोर्ड व निगमों में विभागीय प्रक्रियाओं को ऑनलाइन लाकर कर्मचारियों व अधिकारियों के हित में कार्य करता है।
- इसके मॉड्यूल में ई-फाइल प्रबंधन, डाक प्रबंधन, वार्षिक कार्य मूल्यांकन प्रतिवेदन, अचल संपत्ति विवरण, अनापत्ति प्रमाण-पत्र, राजकीय आवास प्रबंधन तथा अवकाश प्रबंधन व नकदीकरण आवेदन शामिल हैं।
📺विडियोवॉल नेटवर्क
- प्रत्येक जिला मुख्यालय व पंचायत समिति स्तर पर सरकारी नवाचारों, जनकल्याणकारी योजनाओं व लाइव इवेंट की स्ट्रीमिंग हेतु 339 विडियोवॉल स्थापित किए गए हैं।
- इन विडियोवॉल पर स्वचालित रूप से सूचनाएं प्रसारित होती हैं, जिससे आमजन को जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रति जागरूक किया जाता है।
🏘️एकीकृत ई-पंचायत सॉफ्टवेयर
- यह सॉफ्टवेयर ग्रामीण विकास व पंचायती राज विभाग के विभिन्न संस्थानों तथा जिला परिषद, पंचायत समिति व ग्राम पंचायतों को डिजिटल रूप से सशक्त बनाता है।
- इसका उद्देश्य पंचायती राज संस्थाओं की स्वायत्तता, पारदर्शिता व जवाबदेही में सुधार लाना और योजनाओं के तहत कार्यों के भुगतान की प्रक्रिया को सुविधाजनक बनाना है।
🌾राजकिसान साथी
- यह प्लेटफॉर्म Ease of Doing Farming (EoDF) की अवधारणा के जरिए कृषि, बागवानी व कृषि विपणन विभागों की किसान संबंधी सभी सेवाएं एक जगह उपलब्ध कराता है।
- यह कृषि, बागवानी व विपणन विभागों की सेवाओं को एकीकृत कर किसानों को उनकी जरूरत के अनुसार एक ही डिजिटल प्लेटफॉर्म पर समाधान देता है।
📚ई-लाइब्रेरी (राजकीय महाविद्यालय)
- विभिन्न राजकीय महाविद्यालयों की लाइब्रेरी प्रक्रिया को कम्प्यूटरीकृत कर पुस्तक क्रय, जमा, अधिग्रहण, परिग्रहण व स्टॉक सत्यापन जैसे संचालन स्वचालित कर दिए गए हैं।
⚖️जनरलाइज्ड कोर्ट मैनेजमेंट सिस्टम (GCMS)
- GCMS एक जेनेरिक वेब-आधारित प्लेटफॉर्म है, जिसे वादों के प्रबंधन में अधिक पारदर्शिता व जवाबदेही लाने तथा न्यायालयों के स्वचालन में लीड-टाइम व कार्यवाही को मानकीकृत करने के लिए बनाया गया है।
- न्यायालय इसका उपयोग पंजीकरण, नोटिस/सम्मन, वाद सूची, फीडबैक, अंतिम निर्णय व कार्यान्वयन, कैविएट्स, फाइल प्रबंधन तथा संदेश व अनुमोदन जैसे कार्यों के लिए करते हैं।
🔍डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन एवं ऑथेंटिकेशन इंजन (DVAE)
- DVAE को विभिन्न सरकारी विभागों द्वारा जारी दस्तावेजों/प्रमाण-पत्रों के सत्यापन व प्रमाणीकरण की दक्षता बढ़ाने के लिए लॉन्च किया गया है।
- यह प्रणाली ऐसे दस्तावेजों के सत्यापन व प्रमाणीकरण में पारदर्शिता लाती है और दक्षता बढ़ाती है।
📤ई-संचार 2.0
- यह एप्लिकेशन विभिन्न ई-गवर्नेंस परियोजनाओं से जुड़ी सूचनाएं व अलर्ट SMS व वॉइस कॉल के जरिए आमजन व विभागीय कर्मचारियों को भेजने की सुविधा देता है।
- यह आमजन से SMS के माध्यम से प्राप्त सूचनाओं व संदेशों को भी संबंधित परियोजनाओं के लिए उपलब्ध कराता है।
⚙️स्वतः (SWATAH)
- DoIT&C विभाग जन-आधार डेटाबेस का उपयोग कर एक रियल-टाइम ऑटो सर्विस डिलीवरी सिस्टम 'स्वतः' (SWATAH) विकसित कर रहा है।
- इस प्रणाली से पात्र नागरिकों को आवेदन किए बिना ही विभिन्न विभागों की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ घर बैठे स्वतः मिल जाएगा।
🖥️चीफ मिनिस्टर इन्फॉर्मेशन सिस्टम (CMIS)
- CMIS राजस्थान में मुख्यमंत्री कार्यालय की आंतरिक प्रक्रियाओं के लिए एक वेब आधारित अनुप्रयोग है।
- यह योजनाओं के क्रियान्वयन तथा मुख्यमंत्री की घोषणाओं व प्रमुख परियोजनाओं से जुड़े निर्णयों/दिशा-निर्देशों की समग्र प्रगति की ऑनलाइन निगरानी की सुविधा देता है।
🛡️कमांड एंड कंट्रोल सेंटर (अभय)
- यह GPS व CCTV कैमरा आधारित एकीकृत सुरक्षा समाधान संभागीय मुख्यालयों सहित राज्य के सभी जिलों में स्थापित किया गया है।
- इसके घटकों में वीडियो निगरानी तंत्र, डायल 100 नियंत्रण तंत्र, फोरेंसिक अनुसंधान प्रणाली, यातायात प्रबंधन तंत्र, वाहन ट्रैकिंग तंत्र तथा भौगोलिक सूचना तंत्र शामिल हैं।
🚓आरक्षी (ऑनलाइन FIR)
- यह परियोजना नागरिकों को पुलिस थानों में कम्प्यूटर के जरिए ऑनलाइन FIR दर्ज कराने की सुविधा देती है।
📶प्रारंभिक नेटवर्किंग रीढ़: SECLAN, करिश्मा व राज स्वान
- SECLAN (सचिवालय नेटवर्किंग) राज्य सचिवालय में विभिन्न उपयोगकर्ताओं को कम्प्यूटर नेटवर्क से जोड़ने के लिए स्थापित एक उच्च तकनीकी संचार तंत्र है।
- पंचायती राज विभाग द्वारा 9 दिसंबर 2005 को शुरू की गई करिश्मा परियोजना ने जिला परिषदों, पंचायत समितियों व ग्राम पंचायतों को कम्प्यूटरीकृत किया और रेडियो फ्रीक्वेंसी के जरिए उन्हें विभाग मुख्यालय से जोड़ा।
- केंद्र सरकार द्वारा मार्च 2005 में देशभर में SWAN योजना को मंजूरी दिए जाने के बाद राजस्थान स्टेटवाइड एरिया नेटवर्क (राजस्वान) शुरू किया गया, ताकि राज्य सरकार की सेवाएं व सूचनाएं कभी भी, कहीं भी उपलब्ध हो सकें और ई-गवर्नेंस तंत्र प्रभावी ढंग से लागू हो सके।
🗄️राजस्थान स्टेट डाटा सेंटर (RSDC)
- 600 रैक स्पेस क्षमता वाली RSDC की फेज-4 सर्वर सेवाओं का शुभारंभ 6 अक्टूबर 2018 को हुआ; यह भारत का सबसे बड़ा राज्य सरकार के स्वामित्व, नियंत्रण व प्रबंधन वाला डेटा सेंटर है।
- यह विभिन्न विभागों व उद्यमों की सेवाओं/एप्लिकेशन को एक कॉमन इन्फ्रास्ट्रक्चर पर होस्ट करने में सक्षम है, और वर्तमान में इसमें जयपुर में 4 डेटा सेंटर तथा जोधपुर में 1 डिजास्टर रिकवरी साइट शामिल है।
📶5जी इंटरनेट सेवा
- जयपुर, जोधपुर व उदयपुर में 5जी इंटरनेट सेवा का शुभारंभ 7 जनवरी 2023 को हुआ।
📶पीएम वाणी योजना
- प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने दिसंबर 2020 में पीएम वाणी योजना शुरू की; राजस्थान में इसके तहत प्रतापगढ़ व जयपुर शहरों में वाई-फाई डेटा एक्सेस प्वाइंट लगाने का पायलट प्रोजेक्ट चल रहा है।
⚖️राजस्थान लोक उपापन में पारदर्शिता अधिनियम, 2012
- यह अधिनियम राज्य सरकार की समस्त प्रक्रियाओं में पारदर्शिता, प्रतियोगिता, दक्षता, मितव्ययिता, सत्यनिष्ठा, जवाबदेही व ईमानदारी सुनिश्चित करने के लिए लागू किया गया है।
🏅डिजिटल प्रथम: कालाडेरा, हाईटेक डाकघर व स्कूल कम्प्यूटर साक्षरता
- कालाडेरा को राज्य के पहले 'साइबर कियोस्क' गांव होने का गौरव प्राप्त है।
- राज्य का पहला हाईटेक डाकघर पुष्कर में 28 अक्टूबर 2006 को शुरू हुआ।
- केंद्र सरकार की सहायता से विद्यालयों में कम्प्यूटर शिक्षण हेतु 'Class-Computer Literacy and Studies in School' योजना शुरू की गई।