Multilingual Classroom (बहुभाषी कक्षा)
यह पेज REET English पेडागॉजी के Multilingual Classroom (बहुभाषी कक्षा) टॉपिक को कवर करता है — भारत जैसे बहुभाषी देश में बच्चों की मातृभाषा को संसाधन मानकर अंग्रेज़ी पढ़ाने का दृष्टिकोण। REET 2024 में इस टॉपिक से जुड़ा प्रश्न पूछा गया था, जिसमें NCF 2005 की सिफारिश पर आधारित सही दृष्टिकोण चुनना था।
- REET 2024 में 1 प्रश्न
- शिक्षक-प्रशिक्षण स्तर
- 8 मिनट पढ़ें
REET में यह टॉपिक कैसे पूछा जाता है
REET English pedagogy खंड में Multilingual Classroom से जुड़ा प्रश्न आमतौर पर यह पूछता है कि बहुभाषी कक्षा में बच्चों की अलग-अलग मातृभाषाओं के साथ अंग्रेज़ी पढ़ाने का सही दृष्टिकोण क्या है। REET 2024 में पूछे गए प्रश्न का सही उत्तर 'Multilingual approach' (बहुभाषी दृष्टिकोण) था — यानी बच्चों की मातृभाषाओं को समस्या नहीं बल्कि सीखने का संसाधन (resource) मानना, जो NCF 2005 की सिफारिश पर आधारित है। इस प्रश्न का मूल पाठ (question text) डेटाबेस में उपलब्ध नहीं है, इसलिए यह विवरण दिए गए उत्तर व व्याख्या पर आधारित है।
Multilingual Classroom (बहुभाषी कक्षा) क्या है?
भारत एक भाषाई रूप से बेहद विविध देश है — एक ही कक्षा में बच्चे अलग-अलग मातृभाषा (जैसे राजस्थान में मारवाड़ी, मेवाड़ी, ढूंढाड़ी, वागड़ी जैसी बोलियाँ) लेकर आते हैं, जबकि स्कूल की भाषा (हिंदी) और सीखी जाने वाली भाषा (अंग्रेज़ी) दोनों उनकी घर की भाषा से अलग हो सकती हैं। ऐसी कक्षा को Multilingual Classroom (बहुभाषी कक्षा) कहा जाता है।
पारंपरिक सोच में बच्चों की मातृभाषा को कक्षा में अंग्रेज़ी सीखने में 'बाधा' माना जाता था, और शिक्षक बच्चों को मातृभाषा बोलने से रोकते थे। आधुनिक भाषा-शिक्षण सिद्धांत इसके विपरीत मातृभाषा और बहुभाषिकता को एक संसाधन (resource) मानता है, जिसका उपयोग नई भाषा (अंग्रेज़ी) सीखने में सहारे के रूप में किया जा सकता है।
प्रमुख अवधारणाएँ (Key Concepts)
- Code-switching
- दो भाषाओं के बीच बातचीत में तुरंत, स्वाभाविक अदला-बदली (जैसे वाक्य के बीच में हिंदी से अंग्रेज़ी में बदल जाना)[स्रोत 1]
- Translanguaging
- शिक्षण के दौरान जानबूझकर एक से अधिक भाषाओं को मिलाकर प्रयोग करना, ताकि बच्चे कठिन अवधारणा को पहले अपनी सबसे मजबूत भाषा में समझें[स्रोत 1]
- Mother Tongue-Based Multilingual Education (MTB-MLE)
- बच्चे की मातृभाषा से शिक्षण शुरू करके धीरे-धीरे दूसरी/तीसरी भाषा (जैसे राज्य भाषा, अंग्रेज़ी) की ओर बढ़ने वाला शिक्षण दृष्टिकोण
- Interlanguage
- भाषा सीखते समय बच्चे की अपनी विकासशील भाषा-प्रणाली, जो न तो पूरी तरह मातृभाषा है, न ही पूरी तरह लक्ष्य भाषा (अंग्रेज़ी) — बल्कि बीच की एक अवस्था[स्रोत 1]
NCF 2005 की सिफारिशें
| बिंदु | सिफारिश |
|---|---|
| बहुभाषिकता का दृष्टिकोण | बहुभाषी कक्षा को चुनौती नहीं बल्कि एक संभावना और संसाधन (resource) के रूप में देखा जाए |
| मातृभाषा की भूमिका | मातृभाषा को घर और स्कूल की भाषा के बीच सहज बदलाव (smooth transition) का माध्यम माना जाए |
| तीन भाषा सूत्र (Three Language Formula) | पहली भाषा (मातृभाषा/क्षेत्रीय भाषा), दूसरी भाषा (हिंदी या अंग्रेज़ी) और तीसरी भाषा (अन्य आधुनिक भारतीय भाषा) — यह सूत्र सबसे पहले राष्ट्रीय शिक्षा नीति 1968 में सुझाया गया था |
NCF 2005 भारत की भाषाई विविधता को कक्षा की ताकत मानने पर बल देता है।
राजस्थान के संदर्भ में महत्व
राजस्थान जैसे राज्य में यह टॉपिक और भी प्रासंगिक हो जाता है, क्योंकि यहाँ मारवाड़ी, मेवाड़ी, ढूंढाड़ी, वागड़ी, हाड़ौती जैसी कई बोलियाँ बोली जाती हैं, और सरकारी स्कूलों के अधिकतर बच्चे घर पर इन्हीं बोलियों में बात करते हैं जबकि कक्षा की भाषा मानक हिंदी और सीखी जाने वाली भाषा अंग्रेज़ी होती है। ऐसे में REET उत्तीर्ण भावी शिक्षक के लिए बहुभाषी कक्षा प्रबंधन की समझ व्यावहारिक रूप से भी उतनी ही जरूरी है जितनी परीक्षा के दृष्टिकोण से।
Code-switching बनाम Translanguaging — व्यावहारिक अंतर
कक्षा में जब कोई बच्चा बीच वाक्य में अनायास हिंदी से अंग्रेज़ी में बदल जाता है (जैसे 'मुझे यह word समझ नहीं आया'), तो यह code-switching है — यह स्वाभाविक रूप से होता है। जब शिक्षक स्वयं जानबूझकर एक अवधारणा को दो भाषाओं में समझाने की रणनीति अपनाता है (जैसे पहले हिंदी में समझाकर फिर अंग्रेज़ी शब्द देना), तो यह translanguaging कहलाता है — यह एक सोची-समझी शिक्षण विधि है, न कि आकस्मिक भाषा-प्रयोग।
REET के प्रश्नों में इस अंतर को समझना जरूरी है क्योंकि कई बार विकल्पों में 'code-switching' और 'translanguaging' दोनों शब्द दिए होते हैं, और सही उत्तर इस बात पर निर्भर करता है कि प्रश्न में वर्णित व्यवहार सहज/स्वाभाविक है (code-switching) या शिक्षक की सोची-समझी रणनीति (translanguaging)।
इसी तरह इंटरलैंग्वेज (Interlanguage) को गलती (error) समझकर तुरंत टोकना भी एक आम भूल है — भाषा-अधिग्रहण के शोध के अनुसार यह बच्चे की भाषा सीखने की प्रक्रिया का स्वाभाविक व अस्थायी चरण है, जो अभ्यास के साथ धीरे-धीरे लक्ष्य भाषा के करीब होता जाता है।
बच्चों को कैसे पढ़ाएँ
कक्षा गतिविधि
बच्चों को नई अंग्रेज़ी अवधारणा (जैसे नया शब्द) पहले उनकी मातृभाषा या हिंदी में समझाकर, फिर अंग्रेज़ी में जोड़ें — इससे अर्थ स्पष्ट होता है और बच्चे भाषाओं के बीच पुल (bridge) बना पाते हैं।
शिक्षण सहायक सामग्री
बहुभाषी शब्द-दीवार (multilingual word wall) बनाएँ, जिसमें एक ही वस्तु के नाम मातृभाषा, हिंदी और अंग्रेज़ी तीनों में लिखे हों — जैसे 'पानी / पाणी / Water'।
सामान्य भ्रांति
कई शिक्षक मानते हैं कि कक्षा में मातृभाषा या code-switching की अनुमति देने से बच्चे अंग्रेज़ी सीखने में पिछड़ जाएँगे, जबकि शोध और NCF 2005 दोनों बताते हैं कि मातृभाषा का सहारा लेने से नई भाषा सीखना आसान होता है, कठिन नहीं। यह भ्रांति अक्सर शिक्षकों की अपनी पुरानी 'अंग्रेज़ी-केवल' शिक्षण परंपरा से आती है, जिसे आधुनिक शोध के आधार पर बदलना जरूरी है।
आकलन का तरीका
बच्चों से किसी वस्तु/क्रिया को पहले अपनी भाषा में और फिर अंग्रेज़ी में बताने को कहें, इससे पता चलता है कि वे भाषाओं के बीच अर्थ को कितना जोड़ पा रहे हैं। यह तरीका शब्दावली और समझ दोनों का आकलन एक साथ करता है, बिना बच्चे को असहज किए।
याद रखने की ट्रिक
याद रखें — NCF 2005 का मूल संदेश है 'मातृभाषा समस्या नहीं, संसाधन है' (Mother tongue is a resource, not a problem)। परीक्षा में जब भी 'बहुभाषी कक्षा में बच्चों की मातृभाषा के साथ क्या करें' जैसा प्रश्न आए, तो हमेशा वही विकल्प सही मानें जो मातृभाषा को अपनाने/उपयोग करने की बात करे, न कि रोकने या नज़रअंदाज करने की।
REET 2024 में पूछे गए प्रश्न (हल सहित)
प्रश्न 69
Ours is a country of many languages, so ___________ is the suitable approach for teaching of English.
- AProject approach
- BCommunicative approach
- CMultilingual approach
- DSituational approach
व्याख्या
भारत बहुभाषी देश है और कक्षाओं में विद्यार्थी अलग-अलग मातृभाषाएँ लेकर आते हैं। ऐसे में बच्चों की भाषाओं को संसाधन मानकर अंग्रेज़ी पढ़ाने वाला Multilingual approach सबसे उपयुक्त है, जिसकी सिफारिश NCF 2005 में भी की गई है।
अभ्यास प्रश्न
प्रश्न 1
According to NCF 2005, multilingualism in the classroom should be treated as:
- AA problem to be eliminated
- BA resource and possibility
- CAn obstacle to English learning
- DSomething to be ignored
व्याख्या
NCF 2005 के अनुसार बहुभाषी कक्षा को चुनौती नहीं, बल्कि एक संभावना और संसाधन (resource) के रूप में देखा जाना चाहिए।
प्रश्न 2
A teacher who lets students briefly discuss a new concept in their home language before explaining it in English is using:
- AGrammar-translation method only
- BA multilingual/translanguaging strategy
- CRote memorisation
- DPunishment for using the mother tongue
व्याख्या
बच्चों को उनकी मातृभाषा में पहले समझाकर फिर अंग्रेज़ी से जोड़ना translanguaging/multilingual रणनीति है, जिसमें भाषाओं को शिक्षण के लिए संसाधन की तरह प्रयोग किया जाता है।
प्रश्न 3
The spontaneous, natural alternation between two languages within a conversation is best called:
- ATranslanguaging
- BCode-switching
- CInterlanguage
- DGrammar-translation
व्याख्या
बातचीत के दौरान दो भाषाओं के बीच तुरंत, स्वाभाविक अदला-बदली को Code-switching कहते हैं, जबकि Translanguaging एक सोची-समझी शिक्षण रणनीति है।
प्रश्न 4
A learner's evolving language system, which is neither the mother tongue nor fully the target language, is known as:
- AInterlanguage
- BTranslanguaging
- CMother Tongue-Based Education
- DCode-mixing only
व्याख्या
Interlanguage वह विकासशील भाषा-प्रणाली है जो बच्चा भाषा सीखते समय बनाता है, जो न तो पूरी तरह मातृभाषा है, न पूरी तरह लक्ष्य भाषा।
प्रश्न 5
Mother Tongue-Based Multilingual Education (MTB-MLE) primarily means:
- ATeaching only in English from the first day
- BStarting instruction in the child's mother tongue and gradually moving to other languages
- CBanning the use of regional languages in school
- DTesting children only in their mother tongue
व्याख्या
MTB-MLE का अर्थ है बच्चे की मातृभाषा से शिक्षण शुरू करके धीरे-धीरे दूसरी/तीसरी भाषा (जैसे राज्य भाषा, अंग्रेज़ी) की ओर बढ़ना।
प्रश्न 6
As per the Three Language Formula, which languages are typically included?
- AMother tongue/regional language, Hindi or English, and another modern Indian language
- BOnly English and Sanskrit
- COnly the mother tongue
- DEnglish, French and German
व्याख्या
तीन भाषा सूत्र में पहली भाषा (मातृभाषा/क्षेत्रीय भाषा), दूसरी भाषा (हिंदी या अंग्रेज़ी) और तीसरी भाषा (अन्य आधुनिक भारतीय भाषा) शामिल होती है।
प्रश्न 7
In a multilingual Rajasthan classroom, a child's home dialect (like Marwari or Mewari) should be treated by the teacher as:
- AA problem that delays English learning
- BA resource that supports language learning
- CSomething children must forget
- DIrrelevant to classroom teaching
व्याख्या
NCF 2005 और आधुनिक भाषा-शिक्षण सिद्धांत दोनों बच्चों की घरेलू बोली/मातृभाषा को सीखने में सहायक संसाधन मानते हैं, बाधा नहीं।
प्रश्न 8
The most effective classroom tool to support a multilingual classroom is:
- AA monolingual English-only word wall
- BA multilingual word wall showing the same word in the child's language, Hindi and English
- CPunishing students for speaking their mother tongue
- DIgnoring language differences among students
व्याख्या
बहुभाषी शब्द-दीवार (multilingual word wall), जिसमें एक ही शब्द मातृभाषा, हिंदी और अंग्रेज़ी तीनों में दिखाया जाता है, बच्चों को भाषाओं के बीच अर्थ जोड़ने में मदद करती है।
प्रश्न 9
A common misconception among teachers about multilingual classrooms is that:
- AAllowing mother-tongue use will slow down English learning
- BMother tongue supports English learning
- CNCF 2005 recommends using multiple languages
- DCode-switching happens naturally in multilingual settings
व्याख्या
कई शिक्षक गलत मानते हैं कि मातृभाषा या code-switching की अनुमति देने से बच्चे अंग्रेज़ी सीखने में पिछड़ जाएँगे, जबकि शोध और NCF 2005 दोनों बताते हैं कि मातृभाषा का सहारा नई भाषा सीखना आसान बनाता है।
प्रश्न 10
How can a teacher best assess whether students are connecting meaning across languages in a multilingual classroom?
- ABy testing only in English
- BBy asking students to express the same idea first in their own language and then in English
- CBy discouraging any use of the mother tongue
- DBy ignoring the assessment of language transfer
व्याख्या
बच्चों से किसी विचार को पहले अपनी भाषा में और फिर अंग्रेज़ी में व्यक्त करवाने से यह जाँचा जा सकता है कि वे भाषाओं के बीच अर्थ को कितनी अच्छी तरह जोड़ पा रहे हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
REET English pedagogy में Multilingual Classroom से कितने प्रश्न आते हैं?+
REET 2024 में इस टॉपिक से 1 प्रश्न पूछा गया था; यह अंग्रेज़ी पेडागॉजी खंड के भाषा-अधिग्रहण/शिक्षण-सिद्धांत भाग का हिस्सा है।
Code-switching और Translanguaging में क्या अंतर है?+
Code-switching बातचीत में दो भाषाओं के बीच तुरंत, स्वाभाविक अदला-बदली है, जबकि Translanguaging शिक्षण के दौरान जानबूझकर एक से अधिक भाषाओं को मिलाकर प्रयोग करने की सोची-समझी रणनीति है।
NCF 2005 के अनुसार बहुभाषी कक्षा को कैसे देखा जाना चाहिए?+
NCF 2005 के अनुसार बहुभाषी कक्षा को चुनौती नहीं बल्कि एक संभावना और संसाधन (resource) के रूप में देखा जाना चाहिए।
Three Language Formula में कौन-सी भाषाएँ शामिल हैं?+
इसमें पहली भाषा (मातृभाषा/क्षेत्रीय भाषा), दूसरी भाषा (हिंदी या अंग्रेज़ी) और तीसरी भाषा (एक अन्य आधुनिक भारतीय भाषा) शामिल होती है, जो सबसे पहले राष्ट्रीय शिक्षा नीति 1968 में सुझाई गई थी।
क्या कक्षा में बच्चों को मातृभाषा बोलने देना चाहिए?+
हाँ, आधुनिक भाषा-शिक्षण सिद्धांत और NCF 2005 दोनों मातृभाषा के प्रयोग को नई भाषा सीखने में सहारा (scaffold) मानते हैं, बाधा नहीं।
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आधिकारिक स्रोत
बदलाव लॉग
- 16 सितंबर 2026 — पेज प्रकाशित — तथ्य स्वतंत्र रूप से जाँचे गए