REET 2024 Level 1 प्रश्न-पत्र (शिफ्ट 1) — हल सहित
REET 2024 Level 1 (शिफ्ट 1) का आधिकारिक प्रश्न-पत्र — हर प्रश्न BSER की अंतिम उत्तर कुंजी से मिलाया गया और हिंदी में व्याख्या सहित।
- 150 प्रश्न
- हर प्रश्न की व्याख्या
- मुफ़्त, बिना लॉगिन
इस प्रश्न-पत्र के बारे में
- परीक्षा
- REET 2024 (BSER) — Level 1
- पेपर कोड / शिफ्ट
- PL-1 / शिफ्ट 1 (सीरीज़ A)
- प्रश्न / अंक / समय
- 150 प्रश्न · 150 अंक · 2 घंटे 30 मिनट[स्रोत 1]
- नेगेटिव मार्किंग
- नहीं — बुकलेट के अनुसार गलत उत्तर पर अंक नहीं कटते[स्रोत 1]
- उत्तर का आधार
- BSER की अंतिम उत्तर कुंजी · बोनस प्रश्न: 7 · एक से अधिक मान्य उत्तर: 5[स्रोत 2]
भाषा खण्ड कैसे पढ़ें
खण्ड II और III में अभ्यर्थी केवल अपनी चुनी हुई भाषा के 30 प्रश्न हल करते हैं। यहाँ हिंदी, English और संस्कृत — तीनों विकल्प हल सहित दिए गए हैं।
खण्ड I — बाल विकास एवं शिक्षाशास्त्र (प्रश्न 1–30)
प्रश्न 1
हल के प्रभावी प्रतिक्रिया संभाव्यता सूत्र में प्रतिक्रिया निषेध का प्रतीक क्या है ?
- AsHr
- BD
- CV
- DIr
व्याख्या
हल (Hull) के सूत्र में प्रभावी प्रतिक्रिया संभाव्यता (sĒr) = sHr × D × V × K − Ir होती है। यहाँ sHr आदत शक्ति (habit strength), D अन्तर्नोद (drive), V उद्दीपक तीव्रता तथा Ir प्रतिक्रिया निषेध (reactive inhibition) है। अतः प्रतिक्रिया निषेध का प्रतीक Ir है; sHr, D और V अन्य चर हैं।
प्रश्न 2
गार्डनर के अनुसार बहुबुद्धि सिद्धान्त को विद्यालयों में किस प्रकार लागू करना चाहिए ?
- Aकेवल भाषाई और तार्किक गणितीय बुद्धिमत्ता पर ध्यान करके
- Bशिक्षकों को कला, संगीत और भूमिका-अभिनय जैसे विविध तरीकों का उपयोग करके पाठ पढ़ाने के लिए प्रशिक्षित करके
- Cबुद्धिमत्ता प्रकार की पहचान के लिये IQ परीक्षण को मानकीकृत करके
- Dशिक्षण विधियों को पारंपरिक कक्षा के दृष्टिकोण तक सीमित करके
व्याख्या
गार्डनर (Howard Gardner) के बहुबुद्धि सिद्धान्त के अनुसार हर बच्चे में अलग-अलग प्रकार की बुद्धि (भाषाई, तार्किक-गणितीय, संगीतात्मक, शारीरिक-गतिक आदि) होती है। इसलिए विद्यालयों में शिक्षकों को कला, संगीत, भूमिका-अभिनय जैसे विविध तरीकों से पढ़ाना चाहिए ताकि हर प्रकार की बुद्धि वाले बच्चे सीख सकें। केवल भाषाई-तार्किक बुद्धि पर ध्यान या केवल IQ परीक्षण इस सिद्धान्त के विपरीत है।
प्रश्न 3
किसी अन्य के व्यवहार या व्यक्तित्व लक्षणों को स्वयं द्वारा अपनाने को क्या कहते हैं ?
- Aउदात्तीकरण
- Bपहचान
- Cप्रक्षेपण
- Dक्षतिपूर्ति
व्याख्या
पहचान या तादात्मीकरण (Identification) एक रक्षा युक्ति है जिसमें व्यक्ति किसी अन्य (जैसे आदर्श व्यक्ति) के व्यवहार या व्यक्तित्व लक्षणों को अपना मान कर अपना लेता है। प्रक्षेपण (Projection) में व्यक्ति अपने दोष दूसरों पर डालता है, उदात्तीकरण (Sublimation) में दमित इच्छाओं को सामाजिक रूप से स्वीकार्य दिशा दी जाती है और क्षतिपूर्ति (Compensation) में एक कमी को दूसरे क्षेत्र में सफलता से पूरा किया जाता है।
प्रश्न 4
“क्रियात्मक अनुसंधान” की मुख्य विशेषता क्या है ?
- Aयह एक गतिशील प्रक्रिया है
- Bयह एक सैद्धान्तिक प्रक्रिया है
- Cयह समस्या समाधान दृष्टिकोण से बचता है
- Dयह केवल स्व-मूल्यांकन पर निर्भर करता है
व्याख्या
क्रियात्मक अनुसंधान (Action Research) कक्षा या विद्यालय की तात्कालिक समस्याओं के समाधान हेतु शिक्षक द्वारा किया जाने वाला अनुसंधान है। इसमें योजना, क्रिया, अवलोकन और चिन्तन का चक्र लगातार चलता रहता है, इसलिए यह एक गतिशील (dynamic) प्रक्रिया है। यह सैद्धान्तिक नहीं बल्कि व्यावहारिक और समस्या-समाधान केन्द्रित होता है।
प्रश्न 5
पढ़े गये पाठ को समझने या याद करने में कठिनाई का संकेत क्या है ?
- Aपुस्तक का शीर्षक भूल जाना
- Bपढ़े गये पाठ से मूल तथ्यों को याद रखने में असमर्थता
- Cउच्च प्रवाह के साथ पढ़ना लेकिन कम समझना
- Dअत्यधिक नोट्स बनाना
व्याख्या
पढ़े गये पाठ को समझने या याद रखने में कठिनाई का सबसे स्पष्ट संकेत यह है कि बच्चा पढ़ने के बाद पाठ के मूल तथ्यों को याद नहीं कर पाता। पुस्तक का शीर्षक भूल जाना सामान्य बात है और अधिक नोट्स बनाना कठिनाई का संकेत नहीं है। विकल्प (C) भी बोध की कमी दर्शाता है, परन्तु BSER की अंतिम उत्तर कुंजी ने (B) को सही माना है क्योंकि इसमें समझने और याद रखने दोनों की कठिनाई सीधे दिखती है।
प्रश्न 6
निम्नलिखित में से कौन-सा गिलफोर्ड के मानव बुद्धि की संरचना के तीन बुनियादी मापदंडों में शामिल नहीं है ?
- Aविशेष घटक
- Bविषय वस्तु
- Cउत्पाद
- Dसंचालन
व्याख्या
गिलफोर्ड (J.P. Guilford) के बुद्धि संरचना मॉडल (Structure of Intellect) में बुद्धि के तीन आयाम हैं — संक्रिया/संचालन (Operations), विषय वस्तु (Contents) और उत्पाद (Products)। 'विशेष घटक' (Specific factor, s) स्पीयरमैन के द्वि-कारक सिद्धान्त से संबंधित है, गिलफोर्ड के मॉडल से नहीं।
प्रश्न 7
सतत एवं व्यापक मूल्यांकन के अन्तर्गत “व्यापक” पहलू का मुख्य फोकस क्या है ?
- Aकेवल शैक्षणिक विषय
- Bसमग्र विकास, जिसमें संज्ञानात्मक, शारीरिक और सामाजिक-भावनात्मक पहलू शामिल है
- Cकेवल सह-शैक्षणिक गतिविधियों पर ध्यान केन्द्रित करना
- Dमूल्यांकन को कक्षा की गतिविधियों तक सीमित करना
व्याख्या
सतत एवं व्यापक मूल्यांकन (CCE) में 'व्यापक' (Comprehensive) का अर्थ है बच्चे के सम्पूर्ण विकास का मूल्यांकन — शैक्षिक (संज्ञानात्मक) के साथ-साथ शारीरिक, सामाजिक और भावनात्मक पहलू भी। 'सतत' (Continuous) पहलू मूल्यांकन की निरन्तरता से जुड़ा है। केवल शैक्षणिक या केवल सह-शैक्षणिक गतिविधियों पर ध्यान व्यापकता के विपरीत है।
प्रश्न 8
कौन-सा समायोजन तंत्र हताशा को बाहरी स्रोतों पर थोपता है ?
- Aबहिर्दण्डात्मक
- Bअंत:दण्डात्मक
- Cप्रतिपूरक
- Dउदात्तीकरण
व्याख्या
रोजेनज़्वाइग (Rosenzweig) के अनुसार हताशा की प्रतिक्रिया में जब व्यक्ति दोष बाहरी व्यक्तियों या परिस्थितियों पर डालता है तो उसे बहिर्दण्डात्मक (Extrapunitive) प्रतिक्रिया कहते हैं। जब व्यक्ति स्वयं को दोष देता है तो वह अंत:दण्डात्मक (Intropunitive) प्रतिक्रिया है। अतः सही उत्तर बहिर्दण्डात्मक है।
प्रश्न 9
मास्लो की आवश्यकता पदानुक्रम के अनुसार, पदानुक्रम के शीर्ष पर क्या होता है ?
- Aसुरक्षा आवश्यकताएँ
- Bशारीरिक आवश्यकताएँ
- Cआत्म साक्षात्कार
- Dआत्म-सम्मान की आवश्यकताएँ
व्याख्या
मास्लो (Maslow) के आवश्यकता पदानुक्रम में नीचे से ऊपर क्रम है — शारीरिक आवश्यकताएँ, सुरक्षा, प्रेम व संबद्धता, आत्म-सम्मान और सबसे ऊपर आत्म-साक्षात्कार (Self-actualization)। शारीरिक आवश्यकताएँ सबसे नीचे (आधार) पर होती हैं।
प्रश्न 10
निम्नलिखित में से कौन-सी एक पिछड़े बालकों की विशेषता है ?
- Aऔसत से ऊपर की शैक्षिक उपलब्धि
- Bसमवयस्क वर्ग से उच्च बौद्धिक क्षमताएँ
- Cऔसत मानसिक और शैक्षिक आयु समवयस्क वर्ग से निम्न
- Dभाषा कौशल की निपुणता
व्याख्या
पिछड़ा बालक (Backward child) वह है जिसकी शैक्षिक उपलब्धि और मानसिक आयु अपनी कक्षा/समवयस्क वर्ग के औसत से कम होती है। इसलिए विकल्प (C) सही है। औसत से ऊपर की उपलब्धि या उच्च बौद्धिक क्षमता प्रतिभाशाली बालक की विशेषताएँ हैं।
प्रश्न 11
अधिगमकर्ता की “मूलभूत क्षमता और योग्यता” में क्या शामिल है ?
- Aविषय पर पूर्ण अधिकार
- Bतत्परता और इच्छाशक्ति
- Cशिक्षार्थी की अंतर्निहित क्षमताएँ और कौशल
- Dशिक्षक के साथ समायोजन
व्याख्या
अधिगमकर्ता की मूलभूत क्षमता और योग्यता से आशय उसकी जन्मजात/अंतर्निहित क्षमताओं और कौशलों से है, जो अधिगम को प्रभावित करने वाला एक प्रमुख व्यक्तिगत कारक है। तत्परता और इच्छाशक्ति अभिप्रेरणा से जुड़े कारक हैं, जबकि विषय पर अधिकार और शिक्षक से समायोजन क्षमता का अर्थ नहीं हैं।
प्रश्न 12
अभिप्रेरणा के व्यवहारवादी अधिगम सिद्धान्तों के अनुसार व्यवहार को आकार देने वाला प्रमुख कारक कौन-सा है ?
- Aप्रवृत्तियाँ
- Bसामाजिक अंत:क्रिया
- Cपुनर्बलन
- Dसंज्ञानात्मक कौशल
व्याख्या
व्यवहारवादी (Behaviourist) सिद्धान्तों — जैसे थॉर्नडाइक, स्किनर, हल — के अनुसार व्यवहार को आकार देने और अभिप्रेरित करने का मुख्य कारक पुनर्बलन (Reinforcement) है; जिस व्यवहार को पुरस्कार मिलता है वह दोहराया जाता है। प्रवृत्तियाँ (Instinct) मूलप्रवृत्ति सिद्धान्त से और संज्ञानात्मक कौशल संज्ञानवादी सिद्धान्तों से संबंधित हैं।
प्रश्न 13
व्यक्तित्व की संकल्पना में निम्नलिखित में से कौन-सा सम्मिलित नहीं है ?
- Aमनोशारीरिक तंत्र
- Bगत्यात्मक संगठन
- Cवातावरण में अपूर्व समायोजन का निर्धारण
- Dस्थिर संगठन
व्याख्या
ऑलपोर्ट (Allport) की परिभाषा के अनुसार व्यक्तित्व व्यक्ति के भीतर उन मनोशारीरिक तंत्रों का गत्यात्मक संगठन है जो वातावरण के साथ उसके अपूर्व (unique) समायोजन को निर्धारित करता है। इस परिभाषा में मनोशारीरिक तंत्र, गत्यात्मक संगठन और अपूर्व समायोजन तीनों शामिल हैं, परन्तु 'स्थिर संगठन' नहीं, क्योंकि व्यक्तित्व परिवर्तनशील (गत्यात्मक) है।
प्रश्न 14
अलाभान्वित बच्चों के लिए मुख्य भावनात्मक चुनौती क्या है ?
- Aहीनता ग्रंथि और नकारात्मकता
- Bअति-आत्मविश्वास
- Cअत्यधिक सक्रियता
- Dदूरदर्शिता
व्याख्या
अलाभान्वित (disadvantaged) बच्चे आर्थिक-सामाजिक अभाव के कारण प्रायः उपेक्षा और असफलता का अनुभव करते हैं, जिससे उनमें हीनता ग्रंथि (inferiority complex) और नकारात्मकता की भावना विकसित हो सकती है। अति-आत्मविश्वास या दूरदर्शिता उनकी भावनात्मक चुनौती नहीं मानी जाती।
प्रश्न 15
बर्ट के अनुसार शैक्षिक लब्धि (EQ) की गणना का सूत्र क्या है ?
- ACA ÷ EA × 100
- BEA ÷ CA × 100
- CCA ÷ EA
- DEA ÷ CA
व्याख्या
शैक्षिक लब्धि (Educational Quotient) = शैक्षिक आयु (EA) ÷ वास्तविक/कालानुक्रमिक आयु (CA) × 100। यह बुद्धि लब्धि (IQ = MA ÷ CA × 100) की तरह ही निकाली जाती है। विकल्प (A) में अंश-हर उल्टे हैं और (C), (D) में 100 से गुणा नहीं किया गया है।
प्रश्न 16
पूर्व-संक्रियात्मक अवस्था के दौरान कौन-सी क्षमता विकसित होती है ?
- Aतार्किक तर्क
- Bप्रतीकात्मक सोच
- Cमूर्त चिन्तन
- Dकाल्पनिक सोच
व्याख्या
पियाजे (Piaget) की पूर्व-संक्रियात्मक अवस्था (लगभग 2–7 वर्ष) में बच्चा भाषा, चित्र और खेल के माध्यम से प्रतीकों का प्रयोग करना सीखता है, अर्थात प्रतीकात्मक सोच (Symbolic thinking) विकसित होती है। मूर्त चिन्तन और तार्किक तर्क मूर्त संक्रियात्मक अवस्था (7–11 वर्ष) में तथा काल्पनिक/परिकल्पनात्मक सोच औपचारिक संक्रियात्मक अवस्था (11+ वर्ष) में विकसित होती है।
प्रश्न 17
आर.टी.ई. अधिनियम छात्रों के सीखने के मूल्यांकन के लिए शिक्षकों की जिम्मेदारियों के बारे में क्या कहता है ?
- Aप्रत्येक बच्चे की सीखने की क्षमता का मूल्यांकन करें और आवश्यकता के अनुसार अतिरिक्त निर्देश दें
- Bछात्र क्षमताओं का मूल्यांकन किए बिना केवल पाठ्यक्रम पूरा करने पर ध्यान केंन्द्रित करें
- Cकेवल शैक्षणिक वर्ष के अंत में मूल्यांकन करें
- Dछात्रों के साथ बातचीत को कक्षा शिक्षण तक सीमित रखें
व्याख्या
RTE अधिनियम 2009 की धारा 24 के अनुसार शिक्षक का कर्तव्य है कि वह प्रत्येक बच्चे की सीखने की क्षमता का आकलन करे और आवश्यकता के अनुसार अतिरिक्त निर्देश (additional instructions) दे। केवल पाठ्यक्रम पूरा करना या केवल वर्ष के अंत में मूल्यांकन करना अधिनियम की सतत एवं व्यापक मूल्यांकन की भावना के विपरीत है।
प्रश्न 18
निम्नलिखित में से कौन-सी एक व्यक्तित्व मापन के प्रक्षेपण परीक्षण की विधि नहीं है ?
- Aशब्द-साहचर्य परीक्षण
- Bविषय-आत्मबोधन परीक्षण
- Cरेटिंग मापनी
- Dवाक्य पूर्ति परीक्षण
व्याख्या
प्रक्षेपण परीक्षणों (Projective tests) में व्यक्ति अस्पष्ट उद्दीपकों पर प्रतिक्रिया देकर अनजाने में अपनी भावनाएँ व्यक्त करता है — जैसे शब्द-साहचर्य परीक्षण, विषय-आत्मबोधन परीक्षण (TAT) और वाक्य पूर्ति परीक्षण। रेटिंग मापनी (Rating Scale) एक वस्तुनिष्ठ निर्धारण विधि है जिसमें निर्णायक सीधे गुणों का मूल्यांकन करता है, इसलिए यह प्रक्षेपण विधि नहीं है।
प्रश्न 19
विकास के सिद्धान्तों के अनुसार “मस्तकाधोमुखी विकास” (Cephalocaudal development) का क्या अर्थ है ?
- Aविकास शरीर के निचले हिस्से से सिर की ओर बढ़ता है
- Bविकास सिर से शुरू होता है और पैरों की ओर बढ़ता है
- Cविकास अंगों से शुरू होता है और अंदर की ओर बढ़ता है
- Dविकास का कोई विशिष्ट दिशा क्रम नहीं होता है
व्याख्या
मस्तकाधोमुखी (Cephalocaudal) विकास का सिद्धान्त बताता है कि विकास सिर से शुरू होकर पैरों की ओर बढ़ता है; जैसे शिशु पहले सिर संभालना, फिर बैठना और अंत में चलना सीखता है। अंगों के केन्द्र (धड़) से बाहर की ओर विकास को निकट-दूर (Proximodistal) सिद्धान्त कहते हैं।
प्रश्न 20
NCF – 2005 के अनुसार “बाल-केन्द्रित शिक्षण” का मुख्य फोकस क्या है ?
- Aपाठ्यपुस्तक की सामग्री को याद करना
- Bबच्चों के अनुभवों, आवाजों और सक्रिय भागीदारी को महत्व देना
- Cपारंपरिक विधियों का सख्ती से पालन करना
- Dछात्रों के बीच प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा देना
व्याख्या
NCF-2005 बाल-केन्द्रित शिक्षण पर बल देता है जिसमें बच्चों के अनुभवों, उनकी आवाज (विचारों) और सीखने में सक्रिय भागीदारी को महत्व दिया जाता है। यह रटने, पारंपरिक विधियों के कठोर पालन और अनावश्यक प्रतिस्पर्धा के स्थान पर ज्ञान निर्माण की प्रक्रिया को प्रोत्साहित करता है।
प्रश्न 21
ADHD वाले छात्रों की सीखने में मदद के लिए कौन-सा शिक्षण तरीका सुझाया गया है ?
- Aकेवल मौखिक निर्देशों का उपयोग करना
- Bलंबे असाइनमेंट देना
- Cकिसी भी दृश्य सामग्री के उपयोग से बचना
- Dबहुत सारी तस्वीरों और दृश्य संकेतों का उपयोग करना
व्याख्या
ADHD (Attention Deficit Hyperactivity Disorder) वाले छात्रों का ध्यान जल्दी भटकता है, इसलिए चित्रों और दृश्य संकेतों (visual clues) का उपयोग उनका ध्यान बनाए रखने और सीखने में सहायक होता है। केवल मौखिक निर्देश या लंबे असाइनमेंट उनके लिए कठिन होते हैं, अतः छोटे कार्य और दृश्य सामग्री उपयुक्त मानी जाती है।
प्रश्न 22
बंदुरा ने दूसरों के व्यवहार का अवलोकन करके सीखने को क्या नाम दिया ?
- Aप्रत्यक्ष अधिगम
- Bअनुभवजन्य अधिगम
- Cस्थानापन्न अधिगम
- Dसंज्ञानात्मक अधिगम
व्याख्या
बंदुरा (Albert Bandura) ने दूसरों के व्यवहार और उसके परिणामों को देखकर सीखने को स्थानापन्न अधिगम (Vicarious learning) कहा। इसमें सीखने वाला स्वयं अनुभव किए बिना मॉडल (आदर्श) का अवलोकन करके सीखता है। प्रत्यक्ष व अनुभवजन्य अधिगम में व्यक्ति स्वयं अनुभव से सीखता है।
प्रश्न 23
जैम्स ड्रीवर के अनुसार परिणामवादी कल्पना को किस प्रकार की कल्पना में वर्गीकृत किया गया है ?
- Aव्यावहारिक और सैद्धांतिक
- Bसौंदर्यात्मक और अनोखी
- Cकलात्मक और सृजनात्मक
- Dसंरचनात्मक और सृजनात्मक
व्याख्या
जेम्स ड्रीवर (James Drever) ने कल्पना को पुनरुत्पादक (reproductive) और उत्पादक/रचनात्मक (productive) में बाँटा है। रचनात्मक कल्पना के दो भेद हैं — परिणामवादी (pragmatic) कल्पना, जिसके उपप्रकार व्यावहारिक (practical) और सैद्धान्तिक (theoretical) हैं; तथा सौंदर्यात्मक (aesthetic) कल्पना, जिसके उपप्रकार कलात्मक और अनोखी/काल्पनिक (fantastic) हैं। अतः परिणामवादी कल्पना के अन्तर्गत व्यावहारिक और सैद्धान्तिक कल्पना आती है।
प्रश्न 24
आनुवंशिकता और पर्यावरण के संबंध का वर्णन करने के लिए कौन-सा गणितीय मॉडल उपयोग किया जाता है ?
- Aजोड़
- Bघटाव
- Cभाग
- Dगुणा
व्याख्या
आनुवंशिकता और पर्यावरण का संबंध गुणनफल के रूप में समझाया जाता है — विकास = आनुवंशिकता × पर्यावरण (वुडवर्थ, Woodworth)। यदि इनमें से एक भी शून्य हो तो विकास शून्य होगा, इसलिए यह जोड़ नहीं बल्कि गुणा (Multiplication) का संबंध है।
प्रश्न 25
एन.सी.ई.आर.टी. के दस्तावेज “प्रारंभिक स्तर पर सीखने के प्रतिफल” सीखने के प्रतिफलों के उद्देश्य के बारे में क्या कहता है ?
- Aविद्यालयों में एक समान शिक्षण विधियों को बढ़ावा देना
- Bअवधारणाओं को रटने की प्रवृत्ति को प्राथमिकता देना
- Cयह सुनिश्चित करना कि छात्र आयु उपयुक्त दक्षताओं को प्राप्त करें
- Dकेवल सैद्धान्तिक ज्ञान पर ध्यान केन्द्रित करना
व्याख्या
NCERT के दस्तावेज 'प्रारंभिक स्तर पर सीखने के प्रतिफल' (Learning Outcomes at the Elementary Stage) का उद्देश्य प्रत्येक कक्षा व विषय के लिए अपेक्षित दक्षताएँ तय करना है ताकि यह सुनिश्चित हो कि बच्चे अपनी आयु/कक्षा के अनुरूप दक्षताएँ प्राप्त करें। यह रटने या केवल सैद्धान्तिक ज्ञान पर बल नहीं देता और एक समान शिक्षण विधि थोपने के लिए भी नहीं है।
प्रश्न 26
वृद्धि और विकास के बीच मुख्य अंतर क्या है ?
- Aवृद्धि मात्रात्मक परिवर्तनों को संदर्भित करता है, जबकि विकास मात्रात्मक और गुणात्मक दोनों परिवर्तनों को शामिल करता है
- Bवृद्धि केवल मानसिक विकास से संबंधित है
- Cविकास परिपक्वता पर रुक जाता है
- Dवृद्धि और विकास पूर्णत: असंबंधित है
व्याख्या
वृद्धि (Growth) शरीर के आकार, भार, लम्बाई जैसे मात्रात्मक परिवर्तनों को दर्शाती है, जबकि विकास (Development) में मात्रात्मक के साथ गुणात्मक परिवर्तन (जैसे कार्यक्षमता, व्यवहार, सोच में परिपक्वता) भी शामिल होते हैं। वृद्धि एक आयु के बाद रुक जाती है पर विकास जीवनपर्यन्त चलता है, इसलिए (C) गलत है।
प्रश्न 27
मनोविज्ञान में “व्यक्तिगत विभिन्नताओं” की सही व्याख्या क्या है ?
- Aव्यक्तियों में एकल या अनेक विशेषताओं के संदर्भ में विविधताएँ या विचलन
- Bएक ही प्रजाती के लोगों के बीच समानता
- Cव्यक्तियों में भावनात्मक प्रतिक्रियाओं में समानता
- Dव्यक्तियों में विचारों और व्यवहारों में समानता
व्याख्या
व्यक्तिगत विभिन्नताएँ (Individual differences) का अर्थ है व्यक्तियों के बीच किसी एक या अनेक विशेषताओं — जैसे बुद्धि, रुचि, व्यक्तित्व, शारीरिक गुण — में पाई जाने वाली विविधताएँ या विचलन। बाकी विकल्प समानताओं की बात करते हैं, जो विभिन्नता के विपरीत है।
प्रश्न 28
कौन-सा सिद्धान्त निजी भाषण पर पर्यावरणीय संदर्भों के प्रभाव को महत्व देता है ?
- Aवाइगोत्स्की का सिद्धान्त
- Bपियाजे का सिद्धान्त
- Cदोनों सिद्धान्त समान रूप से
- Dकोई भी सिद्धान्त नहीं
व्याख्या
वाइगोत्स्की (Vygotsky) के अनुसार निजी भाषण (private speech) सामाजिक अंत:क्रिया से उत्पन्न होता है और बच्चे के विचार व व्यवहार को नियंत्रित करने का साधन है; इस पर सामाजिक-पर्यावरणीय संदर्भ का गहरा प्रभाव होता है। पियाजे ने इसे अहंकेन्द्रित भाषण (egocentric speech) माना, जो संज्ञानात्मक अपरिपक्वता का संकेत है और आयु के साथ समाप्त हो जाता है।
प्रश्न 29
बी. एफ. स्कीनर ने अधिगम की व्याख्या करने के लिए मानवीय व्यवहार तथा उद्दीपकों के बीच _________ बल दिया है ।
- Aआधारभूत विश्लेषण
- Bकार्यात्मक विश्लेषण
- Cमूलभूत विश्लेषण
- Dभाषा विश्लेषण
व्याख्या
बी.एफ. स्किनर (B.F. Skinner) ने अधिगम की व्याख्या के लिए मापनीय व्यवहार और उद्दीपकों/परिणामों के बीच कार्यात्मक विश्लेषण (Functional analysis) पर बल दिया, अर्थात यह देखना कि कौन-सी पर्यावरणीय परिस्थितियाँ और परिणाम किसी व्यवहार को नियंत्रित करते हैं। यही विचार आगे व्यवहार विश्लेषण (Behaviour analysis) का आधार बना।
प्रश्न 30
अधिसंज्ञानात्मक कौशलों के अन्तर्गत ‘निगरानी’ में क्या शामिल है ?
- Aकिसी कार्य को कितना समय देना है इसका निर्णय लेना
- Bप्रश्न पूछना जैसे “क्या यह समझ में आ रहा है ?”
- Cप्रतिक्रिया के बिना कार्य पूरा करना
- Dकार्य की कठिनाई को अनदेखा करना
व्याख्या
अधिसंज्ञान (Metacognition) के कौशलों में योजना बनाना, निगरानी (monitoring) और मूल्यांकन शामिल हैं। निगरानी में सीखने के दौरान स्वयं से प्रश्न पूछना आता है, जैसे 'क्या यह समझ में आ रहा है?'। किसी कार्य को कितना समय देना है, यह तय करना योजना (planning) का भाग है।
खण्ड II — भाषा-I हिंदी (प्रश्न 31–60)
प्रश्न 31
‘काफी समय पश्चात् किसी ने पहिये का आविष्कार किया ।’ दिए गए वाक्य में ‘काल’ है
- Aसंदिग्ध भूतकाल
- Bआसन्न भूतकाल
- Cसामान्य भूतकाल
- Dसंभाव्य भूतकाल
व्याख्या
वाक्य की क्रिया ‘आविष्कार किया’ भूतकाल की है और इससे बीते समय में कार्य के सामान्य रूप से पूरा होने का बोध होता है, इसलिए यह सामान्य भूतकाल है। आसन्न भूतकाल में ‘किया है’ जैसा रूप होता है, संदिग्ध भूतकाल में ‘किया होगा’ और संभाव्य भूतकाल में ‘किया हो’ जैसा रूप होता है।
प्रश्न 32
गद्यांश में ‘पुल्लिंग’ रूप में प्रयुक्त शब्द नहीं है
- Aदु:ख
- Bअनाज
- Cआग
- Dप्राणी
व्याख्या
‘आग’ स्त्रीलिंग शब्द है (जैसे — आग लगी)। ‘दु:ख’, ‘अनाज’ और ‘प्राणी’ पुल्लिंग रूप में प्रयुक्त होते हैं (जैसे — दु:ख नहीं रहा, अनाज उगाने लगा, विचरने वाला प्राणी था)। इसलिए पुल्लिंग न होने वाला शब्द ‘आग’ है।
प्रश्न 33
निम्नलिखित में से सदैव ‘बहुवचन’ में प्रयुक्त होने वाला विकल्प है
- Aलोग
- Bकिसान
- Cभोजन
- Dमनुष्य
व्याख्या
‘लोग’ शब्द सदैव बहुवचन में प्रयुक्त होता है, जैसे — ‘हम लोग’, ‘लोग आए हैं’। ‘किसान’, ‘भोजन’ और ‘मनुष्य’ एकवचन और बहुवचन दोनों में प्रयुक्त हो सकते हैं। अतः सही उत्तर ‘लोग’ है।
प्रश्न 34
गद्यांश में प्रयुक्त ‘बेघर’ शब्द का अर्थ है
- Aजिसके पास दो घर हों
- Bजिसका कोई घर ना हो
- Cविशाल घर वाला
- Dऊँची छत वाला घर
व्याख्या
‘बेघर’ शब्द ‘बे’ (रहित/बिना) + ‘घर’ से बना है, जिसका अर्थ है — जिसका कोई घर न हो। गद्यांश में भी मनुष्य को भोजन की खोज में एक स्थान से दूसरे स्थान भटकने वाला बेघर प्राणी बताया गया है। अतः विकल्प (B) सही है।
प्रश्न 35
वस्तुनिष्ठ परीक्षा हेतु ‘स्टेनले तथा रॉस’ के अनुसार परीक्षा के निर्माण में कितने सोपानों का अनुसरण किया जाता है ?
- Aपाँच सोपानों का
- Bचार सोपानों का
- Cतीन सोपानों का
- Dदो सोपानों का
व्याख्या
आधिकारिक उत्तर-कुंजी के अनुसार स्टेनले तथा रॉस के मत में वस्तुनिष्ठ परीक्षा के निर्माण में चार सोपानों का अनुसरण किया जाता है। मूल्यांकन की पाठ्य-सामग्री में परीक्षा-निर्माण को सामान्यतः चार चरणों — योजना बनाना, परीक्षा तैयार करना, परीक्षण (ट्रायल) और मूल्यांकन — में बाँटकर पढ़ाया जाता है। अतः उत्तर ‘चार सोपानों का’ है।
प्रश्न 36
निम्नलिखित में से ‘लोकोक्ति’ है
- Aनया-पुराना करना
- Bअरहर की टट्टी गुजराती ताला
- Cताँतिया जवान
- Dबछिया का ताऊ होना
व्याख्या
लोकोक्ति एक पूर्ण वाक्य जैसी स्वतंत्र उक्ति होती है, जबकि मुहावरा वाक्यांश होता है जो प्रायः ‘-ना’ क्रिया रूप में समाप्त होता है। ‘अरहर की टट्टी गुजराती ताला’ एक लोकोक्ति है, जिसका अर्थ है — मामूली वस्तु की रक्षा के लिए बहुत कीमती प्रबंध करना। ‘नया-पुराना करना’ और ‘बछिया का ताऊ होना’ मुहावरे हैं।
प्रश्न 37बोनस — अंतिम कुंजी में निरस्त
मौन-वाचन के लिए उचित कथन है
- Aस्वर में रागात्मकता आती है ।
- Bमौन-वाचन स्थूल व सूक्ष्म दोनों प्रकार के अध्ययन में सहायक होता है ।
- Cमौन-वाचन सामूहिक वाचन के रूप में किया जा सकता है ।
- Dमौन-वाचन प्रवाहमय तथा गति पर नियन्त्रण के साथ होना चाहिए ।
व्याख्या
BSER ने अंतिम उत्तर-कुंजी में इस प्रश्न को निरस्त (BONUS) कर दिया, अर्थात् सभी अभ्यर्थियों को इसके अंक दिए गए। बोर्ड ने प्रश्न हटाने का कारण नहीं बताया। सामान्य रूप से पढ़ाया जाता है कि मौन-वाचन बिना स्वर के, व्यक्तिगत रूप से किया जाता है, इसलिए (A) और (C) इससे मेल नहीं खाते।
प्रश्न 38
निम्नलिखित में से ‘संज्ञा-पदबंध’ का उदाहरण है
- Aभारत के प्रधानमंत्री
- Bशेर के समान बलवान
- Cदैव का मारा वह
- Dकिसी-न-किसी तरह
व्याख्या
जब कई पद मिलकर संज्ञा का कार्य करते हैं तो उसे संज्ञा-पदबंध कहते हैं। ‘भारत के प्रधानमंत्री’ में शीर्ष पद ‘प्रधानमंत्री’ संज्ञा है, अतः यह संज्ञा-पदबंध है। ‘शेर के समान बलवान’ विशेषण-पदबंध, ‘दैव का मारा वह’ सर्वनाम-पदबंध और ‘किसी-न-किसी तरह’ क्रियाविशेषण-पदबंध है।
प्रश्न 39
उपचारात्मक शिक्षण के क्षेत्र में निम्नलिखित में से क्या सर्वाधिक उपयोगी है ?
- Aरेडियो
- Bटेलीविज़न
- Cकम्प्यूटर
- Dचित्र-विस्तारक यन्त्र
व्याख्या
उपचारात्मक शिक्षण में प्रत्येक विद्यार्थी की कमजोरी के अनुसार अलग-अलग, बार-बार अभ्यास और तुरंत प्रतिपुष्टि (feedback) की आवश्यकता होती है। कम्प्यूटर व्यक्तिगत गति से अभ्यास, पुनरावृत्ति और तत्काल प्रतिपुष्टि की सुविधा देता है, इसलिए यह सर्वाधिक उपयोगी है। रेडियो और टेलीविज़न एकतरफा सामूहिक माध्यम हैं।
प्रश्न 40
‘भाषा-शिक्षण’ के लिए उचित कथन है
- A‘भाषा-शिक्षण’ के लिए ‘अमूर्त से मूर्त’ सूत्र उपयोगी है ।
- B‘भाषा-शिक्षण’ के लिए ‘जटिल से सरल’ का अनुसरण आवश्यक होता है ।
- C‘भाषा-शिक्षण’ में ‘आगमन से निगमन’ सूत्र विशेष उपयोगी होता है ।
- D‘भाषा-शिक्षण’ ‘खण्ड से पूर्ण’ सूत्र के आधार पर कराया जाता है ।
व्याख्या
शिक्षण-सूत्रों के अनुसार शिक्षण ‘मूर्त से अमूर्त’, ‘सरल से जटिल’ और ‘पूर्ण से खण्ड’ की ओर होना चाहिए, इसलिए (A), (B) और (D) उलटे होने के कारण गलत हैं। भाषा-शिक्षण, विशेषकर व्याकरण, में पहले उदाहरण देकर नियम निकलवाना (आगमन) और फिर नियम को नए उदाहरणों पर लागू करवाना (निगमन) उपयोगी होता है। अतः ‘आगमन से निगमन’ वाला कथन उचित है।
प्रश्न 41
राजस्थानी की ‘बोली’ नहीं मानी जाती है
- Aमालवी
- Bमैथिली
- Cमेवाती
- Dबागड़ी
व्याख्या
मैथिली राजस्थानी की बोली नहीं है; यह मुख्यतः बिहार में बोली जाने वाली भाषा है (संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल)। मालवी, मेवाती और बागड़ी राजस्थानी की बोलियाँ मानी जाती हैं। अतः उत्तर (B) है।
प्रश्न 42
‘मॉण्टेसरी प्रणाली’ में ज्ञानेन्द्रियों के माध्यम से शिक्षा दी जाती है
- A3 से 6 वर्ष के बच्चों को
- B4 से 5 वर्ष के बच्चों को
- C4 से 7 वर्ष के बच्चों को
- D5 से 7 वर्ष के बच्चों को
व्याख्या
मारिया मॉण्टेसरी की प्रणाली मुख्यतः 3 से 6 वर्ष के बच्चों के लिए विकसित की गई थी, जिसमें विशेष शिक्षण-उपकरणों द्वारा ज्ञानेन्द्रियों के प्रशिक्षण के माध्यम से सीखने पर बल दिया जाता है। अतः सही उत्तर (A) है।
प्रश्न 43
‘बहुत चतुर होना’ अर्थ को आत्मसात करने वाला मुहावरा है
- Aउड़ती नज़र
- Bउड़ती खबर
- Cउड़ती चिड़िया के पंख गिनना
- Dउड़ चलना
व्याख्या
‘उड़ती चिड़िया के पंख गिनना’ मुहावरे का अर्थ है — बहुत चतुर या अनुभवी होना (दूर से ही बात भाँप लेना)। ‘उड़ती खबर’ का अर्थ अफवाह/अपुष्ट सूचना और ‘उड़ती नज़र’ का अर्थ सरसरी दृष्टि है। अतः विकल्प (C) सही है।
प्रश्न 44
‘उपलब्धि परीक्षण की रूपरेखा’ से तुरंत क्या पता लगा सकते हैं ?
- Aविषय-वस्तु का अंक विभाजन
- Bलक्ष्य-निर्धारण का मापन
- Cलक्ष्यों के महत्त्व का प्रतिशत
- Dउपर्युक्त सभी
व्याख्या
उपलब्धि परीक्षण की रूपरेखा (blueprint) एक त्रि-आयामी तालिका होती है, जिसमें उद्देश्यों, विषय-वस्तु और प्रश्नों के प्रकार के अनुसार अंकों का विभाजन दिखाया जाता है। इससे विषय-वस्तु का अंक विभाजन, उद्देश्यों/लक्ष्यों का मापन और प्रत्येक लक्ष्य को दिया गया प्रतिशत भार तुरंत ज्ञात हो जाता है। इसलिए ‘उपर्युक्त सभी’ सही है।
प्रश्न 45
किसी के द्वारा कही गयी बात को ज्यों का त्यों लिखा जाने पर निम्नलिखित में से लगाया जाने वाला ‘विराम चिह्न’ है
- Aयोजक चिह्न
- Bविवरण चिह्न
- Cनिर्देशक चिह्न
- Dउद्धरण चिह्न
व्याख्या
किसी के कहे गए कथन को ज्यों का त्यों लिखने पर उद्धरण चिह्न (“ ”) लगाया जाता है। योजक चिह्न (-) शब्दों को जोड़ने के लिए, विवरण चिह्न (:-) किसी बात का विवरण देने के लिए और निर्देशक चिह्न (—) निर्देश/संकेत के लिए प्रयुक्त होता है।
प्रश्न 46
“भाषा शिक्षण का संबंध केवल ज्ञान प्रदान करना है सूचनाएँ प्रदान करना मात्र नहीं, बल्कि भाषा सीखने वाले को इन चारों विविध कौशलों में दक्ष बनाना है; जैसे सुनना, बोलना; पढ़ना और लिखना ।” उपर्युक्त परिभाषा दी गई है
- Aरॉबर्ट लाडो द्वारा
- Bपामर द्वारा
- Cएस. के. देशपांडे द्वारा
- Dभोलानाथ तिवारी द्वारा
व्याख्या
आधिकारिक उत्तर-कुंजी के अनुसार भाषा-शिक्षण की यह परिभाषा एस. के. देशपांडे की मानी गई है। परिभाषा का मूल भाव यह है कि भाषा-शिक्षण केवल जानकारी देना नहीं, बल्कि सुनना, बोलना, पढ़ना और लिखना — इन चारों भाषायी कौशलों में दक्षता विकसित करना है। अतः उत्तर (C) है।
प्रश्न 47
‘राजा नगर में आए ।’ उपर्युक्त वाक्य का प्रकार है
- Aसंदेह सूचक
- Bइच्छाबोधक
- Cविधानार्थक
- Dआज्ञार्थक
व्याख्या
अर्थ के आधार पर जिस वाक्य में किसी कार्य या स्थिति की सामान्य सूचना दी जाती है, उसे विधानार्थक (विधानवाचक) वाक्य कहते हैं। ‘राजा नगर में आए ।’ में राजा के नगर में आने की सूचना दी गई है, इसलिए यह विधानार्थक वाक्य है। इसमें न कोई आज्ञा है, न संदेह, न इच्छा।
प्रश्न 48
निम्न में से ‘राजस्थानी’ की एक बोली मानी जाती है
- Aबाँगरू
- Bबघेली
- Cमगही
- Dढूँढाड़ी
व्याख्या
ढूँढाड़ी (जयपुरी) राजस्थानी की प्रमुख बोली है, जो जयपुर और आसपास के क्षेत्र में बोली जाती है। बाँगरू हरियाणा की, बघेली मध्य प्रदेश (पूर्वी हिन्दी वर्ग) की और मगही बिहार की बोली है।
प्रश्न 49
भाषा-शिक्षण के लिए अध्यापक को
- Aउच्चारण संबंधी त्रुटियों की अवहेलना नहीं करनी चाहिए
- Bविद्यार्थियों द्वारा किए गए अशुद्ध प्रयोग के उचित संशोधन की आवश्यकता नहीं है
- Cस्थानीय बोली के प्रभावों को दूर नहीं करना चाहिए
- Dवाक्य-रचना पर कोई ध्यान नहीं देना चाहिए
व्याख्या
भाषा-शिक्षण में शुद्ध उच्चारण बहुत महत्त्वपूर्ण है, इसलिए अध्यापक को उच्चारण संबंधी त्रुटियों की अवहेलना नहीं करनी चाहिए, बल्कि उन्हें सुधारना चाहिए। अन्य विकल्प — अशुद्ध प्रयोग का संशोधन न करना, स्थानीय बोली के प्रभाव को दूर न करना, वाक्य-रचना पर ध्यान न देना — भाषा-शिक्षण के उद्देश्यों के विरुद्ध हैं।
प्रश्न 50
‘जंगल के निवासी हिंसक पशुओं से नहीं डरते हैं ।’ उपर्युक्त वाक्य में ‘विधेय’ है
- Aहिंसक पशु
- Bजंगल के निवासी
- Cजंगल
- Dहिंसक पशुओं से नहीं डरते हैं
व्याख्या
वाक्य के दो अंग होते हैं — उद्देश्य (जिसके बारे में कहा जाए) और विधेय (जो कहा जाए)। यहाँ ‘जंगल के निवासी’ उद्देश्य है और उनके बारे में कही गई बात ‘हिंसक पशुओं से नहीं डरते हैं’ विधेय है। इसलिए विकल्प (D) सही है।
प्रश्न 51
निम्नांकित में से कौन-से समूह के सभी शब्द ‘वस्त्र’ के ‘पर्यायवाची’ शब्द हैं ?
- Aअंशुक, मयूख, पोशाक, अहन्
- Bपट, चीर, अंबर, वसन
- Cअंबु, परिधान, पुष्कर, करवाल
- Dकपड़ा, कोविद, विभव, लिबास
व्याख्या
‘पट, चीर, अंबर, वसन’ — ये सभी ‘वस्त्र’ के पर्यायवाची हैं। (A) में ‘मयूख’ (किरण) और ‘अहन्’ (दिन), (C) में ‘अंबु’ (जल), ‘पुष्कर’ (कमल/तालाब) व ‘करवाल’ (तलवार), तथा (D) में ‘कोविद’ (विद्वान) व ‘विभव’ (धन/ऐश्वर्य) वस्त्र के पर्यायवाची नहीं हैं।
प्रश्न 52
‘भारतीय’ शब्द में ‘प्रत्यय’ है
- Aभार
- Bतीय
- Cईय
- Dभारती
व्याख्या
‘भारतीय’ शब्द ‘भारत’ मूल शब्द में ‘ईय’ प्रत्यय जोड़कर बना है (भारत + ईय = भारतीय)। इसी प्रकार राष्ट्र + ईय = राष्ट्रीय। ‘तीय’ गलत विच्छेद है क्योंकि मूल शब्द ‘भारत’ है, ‘भार’ नहीं।
प्रश्न 53
‘विष्णु की उपासना करने वाला’ वाक्यांश के लिए एक शब्द है
- Aकौस्तुभ
- Bवैजयन्त
- Cपरीक्षित
- Dवैष्णव
व्याख्या
विष्णु की उपासना करने वाले को ‘वैष्णव’ कहते हैं (जैसे शिव के उपासक को ‘शैव’)। ‘कौस्तुभ’ विष्णु द्वारा धारण की जाने वाली मणि है और ‘वैजयन्त’ इन्द्र के महल/ध्वज का नाम है, अतः ये उपयुक्त नहीं हैं।
प्रश्न 54
‘परिश्रम’ शब्द में ‘उपसर्ग’ है
- Aश्रम
- Bपरा
- Cप्र
- Dपरि
व्याख्या
‘परिश्रम’ शब्द ‘परि’ उपसर्ग और ‘श्रम’ मूल शब्द से बना है (परि + श्रम)। ‘परि’ का अर्थ है — चारों ओर/पूर्णतः। ‘श्रम’ मूल शब्द है, उपसर्ग नहीं।
प्रश्न 55
निम्नांकित में से ‘जातिवाचक संज्ञा’ है
- Aअभिमान
- Bदु:ख
- Cकृषक
- Dउदारता
व्याख्या
जातिवाचक संज्ञा किसी पूरी जाति या वर्ग के प्राणियों/वस्तुओं का बोध कराती है। ‘कृषक’ (किसान) सभी किसानों के वर्ग का बोध कराता है, इसलिए यह जातिवाचक संज्ञा है। ‘अभिमान’, ‘दु:ख’ और ‘उदारता’ भाववाचक संज्ञाएँ हैं।
प्रश्न 56
निम्नलिखित में से ‘संन्यासी’ शब्द का ‘विलोम’ शब्द है
- Aजंगल वासी
- Bउपवन वासी
- Cगृहस्थ
- Dसदाचारी
व्याख्या
‘संन्यासी’ वह है जो गृहस्थ जीवन त्यागकर वैराग्य धारण कर लेता है, इसलिए इसका विलोम ‘गृहस्थ’ (घर-परिवार में रहने वाला) है। ‘जंगल वासी’, ‘उपवन वासी’ या ‘सदाचारी’ इसके विपरीत अर्थ नहीं देते।
प्रश्न 57
‘तल्लीन’ शब्द का सही ‘सन्धि-विच्छेद’ होगा
- Aतल् + लीन
- Bतत् + लीन
- Cत: + लीन
- Dत + ल्लीन
व्याख्या
‘तल्लीन’ = तत् + लीन। यह व्यंजन संधि है: ‘त्’ के बाद ‘ल’ आने पर ‘त्’ का ‘ल्’ हो जाता है, इसलिए तत् + लीन = तल्लीन (जैसे उत् + लास = उल्लास)। ‘तल् + लीन’ मूल शब्द का सही रूप नहीं दर्शाता।
प्रश्न 58
गद्यांश में प्रयुक्त ‘क्लांति’ शब्द का अर्थ है
- Aउत्साह
- Bओज
- Cथकान
- Dप्रेम
व्याख्या
‘क्लांति’ का अर्थ है थकान या थकावट। गद्यांश में ‘क्लांति रहित परिश्रम’ का अर्थ है — बिना थके किया गया परिश्रम। ‘उत्साह’ और ‘ओज’ इसके लगभग विपरीत भाव हैं।
प्रश्न 59
“हमें याद रखना चाहिए कि पाठ्य-पुस्तक पढ़ाना ही पठन-शिक्षण नहीं है, यद्यपि पाठ्य-पुस्तक आधार या केन्द्र अवश्य है ।” उपर्युक्त कथन है
- Aडब्ल्यू. एम. राइबर्न का
- Bमैंग्जिल का
- Cफ्रोबेल का
- Dरॉबर्ट फोस्टर का
व्याख्या
आधिकारिक उत्तर-कुंजी के अनुसार यह कथन डब्ल्यू. एम. राइबर्न (W. M. Ryburn) का है। कथन का आशय यह है कि पठन-शिक्षण का उद्देश्य केवल पाठ्य-पुस्तक पढ़ा देना नहीं, बल्कि पढ़ने का कौशल विकसित करना है; पाठ्य-पुस्तक उसका आधार या केन्द्र मात्र है।
प्रश्न 60
‘हरबर्ट उपागम’ के चार पदों को ‘पंचपद प्रणाली’ में बदला गया
- Aमैंग्जिल के द्वारा
- Bजिलर के द्वारा
- Cब्लूम के द्वारा
- Dफ्रोबेल के द्वारा
व्याख्या
हरबर्ट ने शिक्षण के चार पद (स्पष्टता, सम्बद्धता, व्यवस्था, विधि) बताए थे। उनके अनुयायी जिलर (Ziller) ने ‘स्पष्टता’ को विभाजित कर इन्हें पाँच पदों में बदला, जो आगे चलकर हरबर्ट की पंचपद प्रणाली के रूप में प्रचलित हुई। अतः सही उत्तर (B) है।
खण्ड II — भाषा-I English (प्रश्न 31–60)
प्रश्न 31
The correct passive voice of ‘He draws a sketch everyday.’ is
- AA sketch is drawn everyday.
- BA sketch was drawn everyday.
- CA sketch is being drawn everyday.
- DA sketch was being drawn by him everyday.
व्याख्या
वाक्य Simple Present Tense में है, जिसका passive रूप ‘is/am/are + V3’ से बनता है। ‘He draws a sketch’ → ‘A sketch is drawn (by him)’। ‘by him’ जैसे सामान्य कर्ता को छोड़ा जा सकता है, इसलिए (A) सही है। (B) में tense past हो गया है और (C) में continuous रूप है, जो मूल वाक्य में नहीं है।
प्रश्न 32
The phonetic transcription of the word ‘description’ is
- A/deskripsʌn/
- B/discr∂pʃen/
- C/dɪ'skrɪpθn/
- D/diskripʃn/
व्याख्या
‘description’ का मानक उच्चारण /dɪˈskrɪpʃn/ है — इसमें ‘-tion’ का उच्चारण /ʃn/ होता है। विकल्पों में केवल (D) /diskripʃn/ में ‘-ption’ के लिए /pʃn/ सही दिया गया है। (A) में /sʌn/ और (C) में /θn/ गलत ध्वनियाँ हैं, इसलिए (D) सबसे उपयुक्त है।
प्रश्न 33
_________ is a drawback in the implementation of the direct method in teaching of English.
- AUse of mother tongue
- BFamiliar texts
- CLack of facilities
- DCharts
व्याख्या
Direct Method में मातृभाषा का प्रयोग नहीं होता और अर्थ वस्तुओं, चित्रों, अभिनय आदि से सीधे समझाया जाता है। इसके लिए सहायक सामग्री, छोटी कक्षाएँ और अंग्रेज़ी में दक्ष शिक्षक चाहिए, जो भारतीय विद्यालयों में अक्सर उपलब्ध नहीं होते। इसलिए ‘Lack of facilities’ इसके क्रियान्वयन की प्रमुख बाधा है। ‘Use of mother tongue’ तो इस विधि में वर्जित है, वह बाधा नहीं।
प्रश्न 34
___________ is a noun.
- APicked
- BDesired
- CChisel
- DTremble
व्याख्या
‘Chisel’ (छेनी) एक औज़ार का नाम है, अतः यह noun है। अनुच्छेद में ‘picked up the chisel’ में यह ‘the’ के बाद वस्तु के रूप में आया है। ‘Picked’, ‘Desired’ और ‘Tremble’ क्रिया (verb) रूप हैं।
प्रश्न 35
In the phrase ‘... any other work in the world’, the word ‘other’ is
- Anoun
- Bsubject
- Cobject
- Ddeterminer
व्याख्या
‘any other work’ में ‘other’ noun ‘work’ से पहले आकर उसकी सीमा/पहचान बताता है, इसलिए यह determiner है। यह स्वयं noun, subject या object नहीं है क्योंकि वाक्य में इसका स्वतंत्र प्रयोग नहीं हुआ है।
प्रश्न 36
‘Continuously’ is
- Aadverb
- Bnoun
- Cadjective
- Dconjunction
व्याख्या
‘Continuously’ विशेषण ‘continuous’ में ‘-ly’ जोड़कर बना है और अनुच्छेद में ‘worked continuously’ में क्रिया ‘worked’ की विशेषता बताता है (कैसे काम किया)। क्रिया की विशेषता बताने वाला शब्द adverb होता है।
प्रश्न 37
The sentence that is incorrect due to the use of wrong determiner is
- AHe worked till their hands began to tremble.
- BHe loved his work.
- CHis arms grew heavy.
- DThe old man sighed and picked up the chisel and the hammer.
व्याख्या
वाक्य का कर्ता ‘He’ (एकवचन पुल्लिंग) है, इसलिए possessive determiner ‘his’ होना चाहिए, ‘their’ नहीं। अतः ‘He worked till their hands began to tremble.’ गलत determiner के कारण अशुद्ध है। बाकी तीनों वाक्य शुद्ध हैं।
प्रश्न 38
____________ is that incorrect sentence.
- AHe loved his work.
- BIt would be his last work.
- CHis arms grown heavy.
- DHe worked till hands began to tremble.
व्याख्या
‘His arms grown heavy.’ में ‘grown’ past participle है, जिसे has/have जैसी सहायक क्रिया के बिना मुख्य क्रिया के रूप में प्रयोग नहीं किया जा सकता; गद्यांश में सही रूप ‘His arms grew heavy.’ दिया गया है। (D) में ‘his’ छूटा हुआ है, पर उसकी क्रिया-रचना सही है। क्रिया-रूप की स्पष्ट त्रुटि के कारण BSER की अंतिम कुंजी ने (C) को अशुद्ध वाक्य माना है।
प्रश्न 39
Cotton is ___________ than wood. Choose the correct adjective.
- Aheavier
- Blighter
- Cheavy
- Dlight
व्याख्या
वाक्य में ‘than’ है, इसलिए comparative degree चाहिए। रुई (cotton) लकड़ी से हल्की होती है, अतः ‘lighter’ सही है। ‘heavier’ अर्थ की दृष्टि से गलत है और ‘heavy/light’ positive degree हैं जो ‘than’ के साथ नहीं आते।
प्रश्न 40
The comparative degree of ‘heavy’ is
- Amore heavy
- Bmost heavy
- Cheavier
- Dheaviest
व्याख्या
‘heavy’ जैसे व्यंजन + y पर समाप्त होने वाले विशेषण में y को i बनाकर ‘-er’ जोड़ते हैं: heavy → heavier → heaviest। ‘more heavy/most heavy’ मानक रूप नहीं हैं और ‘heaviest’ superlative degree है।
प्रश्न 41
The correct word with this symbol (ð) sound is
- Abrother
- Blaughter
- Cgreat
- Dhigher
व्याख्या
/ð/ सघोष (voiced) दन्त्य ध्वनि है, जो ‘this’, ‘that’, ‘brother’ के ‘th’ में सुनाई देती है। ‘brother’ का उच्चारण /ˈbrʌðə/ है। ‘laughter’ और ‘higher’ में ‘gh’ /f/ या मौन है, तथा ‘great’ में यह ध्वनि नहीं है।
प्रश्न 42
‘Unit of teaching is a word’ is a feature of
- Adirect method
- Bindirect method
- Cgrammar cum translation method
- Dcommunicative approach
व्याख्या
Grammar-cum-Translation Method में शब्दों व व्याकरण नियमों को रटकर मातृभाषा में अनुवाद के माध्यम से पढ़ाया जाता है, इसलिए इसमें शिक्षण की इकाई ‘शब्द’ (word) मानी जाती है। इसके विपरीत Direct Method में शिक्षण की इकाई ‘वाक्य’ (sentence) होती है।
प्रश्न 43
‘Reading is a process of sight, sound and scene.’ is quoted by
- AP.B. Ballard
- BDr. West
- CW.S. Gray
- DJesperson
व्याख्या
BSER की अंतिम कुंजी के अनुसार यह कथन Dr. West (Michael West) से जोड़ा गया है; अंग्रेज़ी शिक्षण की पाठ्यपुस्तकों में इसे इसी रूप में पढ़ाया जाता है। प्रश्न-पुस्तिका में ‘scene’ छपा है, जबकि यह कथन प्रायः ‘sight, sound and sense’ के रूप में उद्धृत होता है। इसका आशय है कि पढ़ना लिखे शब्द को देखना, उसकी ध्वनि पहचानना और उसका अर्थ समझना — तीनों की समन्वित प्रक्रिया है।
प्रश्न 44
‘They will not help their needy neighbour.’ The correct question for the sentence is
- AWhat did he do ?
- BWhy will the neighbour not help ?
- CWho will they not help ?
- DWhat did the neighbour do ?
व्याख्या
वाक्य में ‘their needy neighbour’ object है और क्रिया ‘will not help’ है। object के बारे में प्रश्न बनाने पर ‘Who(m) will they not help?’ बनता है, जिसमें सहायक क्रिया ‘will’ और कर्ता ‘they’ यथावत रहते हैं। (A) और (D) में tense (did) बदल गया है तथा (B) में कर्ता ही बदल गया है।
प्रश्न 45
In learning English as L2, the following skill is acquired independently
- Avocabulary
- Blistening
- Cnone
- Dall
व्याख्या
दूसरी भाषा (L2) सीखते समय भाषा-कौशल (listening, speaking, reading, writing) और शब्दावली एक-दूसरे से जुड़े होते हैं; कोई भी कौशल पूर्णतः अलग-थलग (independently) अर्जित नहीं होता। इसलिए सही उत्तर ‘none’ है।
प्रश्न 46
In CCE, the focus remains on
- Aprogress, process and product
- Bcourse, test, performance
- Ctime, process, assessment
- Dformats, product, record
व्याख्या
सतत एवं व्यापक मूल्यांकन (CCE) में केवल अंतिम परिणाम नहीं, बल्कि सीखने की प्रक्रिया (process), प्रगति (progress) और परिणाम/उत्पाद (product) — तीनों पर ध्यान दिया जाता है। अन्य विकल्प परीक्षा-केंद्रित या रिकॉर्ड-केंद्रित तत्व हैं, जो CCE का मूल फोकस नहीं हैं।
प्रश्न 47
‘When we learn a second language, we tend to filter the universe through the language already known.’ is a principle of
- AUsing mother tongue
- BExposure
- CHabit formation
- DMotivation
व्याख्या
दूसरी भाषा सीखते समय बच्चा नई भाषा को पहले से ज्ञात भाषा (मातृभाषा) के माध्यम से समझता है। इसी आधार पर भाषा-शिक्षण का सिद्धांत है कि आवश्यकता पड़ने पर मातृभाषा का विवेकपूर्ण उपयोग (Using mother tongue) किया जाए। Exposure, Habit formation और Motivation अलग सिद्धांत हैं।
प्रश्न 48
The Communicative Approach develops
- Athe speech and expression ability
- Bgrammar skills
- Cknowledge
- Dvision of learning
व्याख्या
Communicative Approach का उद्देश्य वास्तविक परिस्थितियों में भाषा का प्रयोग कर बोलने और अपने विचार व्यक्त करने की क्षमता (communicative competence) विकसित करना है। इसमें व्याकरण गौण है और अर्थपूर्ण संप्रेषण प्रमुख है।
प्रश्न 49
The use of multimedia aids such as T.V., radio, computer etc. in teaching is also known as _________ approach.
- Avisual
- Bsoftware
- Caudio
- Dhardware
व्याख्या
शैक्षिक तकनीकी में T.V., रेडियो, कंप्यूटर, प्रोजेक्टर जैसे मशीनी/इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के प्रयोग को ‘hardware approach’ कहा जाता है। ‘software approach’ में शिक्षण की विषयवस्तु, विधियाँ और कार्यक्रम (जैसे programmed instruction) आते हैं।
प्रश्न 50
‘The doctor has given her a good treatment.’ The passive voice of this sentence is
- AShe was given a good treatment.
- BShe gave the doctor a good treatment.
- CA good treatment was given to her by the doctor.
- DA good treatment has been given to her by the doctor.
व्याख्या
वाक्य Present Perfect Tense में है, जिसका passive ‘has/have been + V3’ से बनता है। object ‘a good treatment’ कर्ता बनेगा: ‘A good treatment has been given to her by the doctor.’ (C) में tense past (was given) हो गया है, इसलिए गलत है।
प्रश्न 51
‘...... but are present everywhere......’ According to the passage, the underlined word means
- Asold
- Blost
- Cfound
- Dforgot
व्याख्या
अनुच्छेद में ‘They could not be seen but are present everywhere’ का अर्थ है कि bacteria हर जगह ‘पाए जाते हैं’। इस सन्दर्भ में ‘present’ का अर्थ ‘found’ (उपस्थित/पाया जाना) है। sold, lost, forgot अर्थ से मेल नहीं खाते।
प्रश्न 52
The correct spelling is
- AMischievus
- BMischievous
- CMischeivous
- DMischieous
व्याख्या
सही वर्तनी ‘Mischievous’ है (mis-chie-vous)। इसमें ‘ie’ और अंत में ‘-vous’ आता है; ‘Mischievus’ में o छूटा है, ‘Mischeivous’ में ei उलटा है और ‘Mischieous’ में v छूटा है।
प्रश्न 53
The noun form of the word ‘discover’ is
- Ainvention
- Bdiscovery
- Cdiscovered
- Dinvented
व्याख्या
क्रिया ‘discover’ में ‘-y’ प्रत्यय जोड़कर noun ‘discovery’ बनता है। ‘invention’ दूसरे शब्द (invent) का noun है, जबकि ‘discovered/invented’ क्रिया के past रूप हैं।
प्रश्न 54
The word opposite in meaning of ‘present’ is
- Aeverywhere
- Babsent
- Cattendance
- Dgift
व्याख्या
‘present’ (उपस्थित) का विलोम ‘absent’ (अनुपस्थित) है। ‘gift’ ‘present’ का दूसरा अर्थ (उपहार) है, विलोम नहीं; ‘everywhere’ और ‘attendance’ भी विलोम नहीं हैं।
प्रश्न 55
‘danger-dangerous’ is a pair of
- Anoun-adjective
- Bnoun-pronoun
- Cnoun-adverb
- Dadjective-noun
व्याख्या
‘danger’ (खतरा) noun है और उसमें ‘-ous’ प्रत्यय जोड़ने से adjective ‘dangerous’ (खतरनाक) बनता है। अतः यह noun-adjective जोड़ी है।
प्रश्न 56
‘To act or behave in a certain way towards somebody’ is
- Atreat
- Binject
- Ccure
- Dvaccinate
व्याख्या
‘To act or behave in a certain way towards somebody’ (किसी के प्रति एक विशेष ढंग से व्यवहार करना) का एक शब्द ‘treat’ है, जैसे अनुच्छेद में ‘treated bacteria as the enemy of man’। inject, cure और vaccinate चिकित्सा से जुड़े अलग अर्थ वाले शब्द हैं।
प्रश्न 57
One word for ‘illness of body or mind’ is
- Adisease
- Bhealthy
- Cbacteria
- Dvaccination
व्याख्या
शरीर या मन की बीमारी (illness of body or mind) के लिए एक शब्द ‘disease’ है। ‘healthy’ इसका उल्टा भाव है, ‘bacteria’ रोग का एक कारण है और ‘vaccination’ बचाव का उपाय है।
प्रश्न 58
There are tests in education system
- Ato fail the learners
- Bto pass the learners
- Cto grade and rank the learners
- Dto detain the learners
व्याख्या
शिक्षा व्यवस्था में परीक्षाओं का उद्देश्य विद्यार्थियों की उपलब्धि को मापकर उन्हें ग्रेड देना और उनकी तुलनात्मक स्थिति (rank) तय करना है। उन्हें फेल करना, रोकना (detain) या केवल पास करना परीक्षा का उद्देश्य नहीं है।
प्रश्न 59
‘I am sick.’ The correct question tag for this sentence is
- AAren’t I ?
- BAre you ?
- CAm I ?
- DAm you ?
व्याख्या
‘I am’ वाले सकारात्मक वाक्य का negative question tag मानक अंग्रेज़ी में ‘aren’t I?’ होता है (‘amn’t I’ प्रचलित नहीं है)। सकारात्मक वाक्य के साथ negative tag आता है, इसलिए ‘Am I?’ गलत है और ‘you’ कर्ता बदल देता है।
प्रश्न 60
One of the features of the portfolio in CCE is
- AObjective tests
- BIt promotes diversity in the assessment method
- CPartiality
- DRecord maintenance
व्याख्या
Portfolio में विद्यार्थी के कार्य के विविध नमूने (लेखन, प्रोजेक्ट, चित्र, स्व-मूल्यांकन आदि) संकलित किए जाते हैं, जिससे मूल्यांकन की विधियों में विविधता आती है। यह केवल objective test या रिकॉर्ड रखना नहीं है और पक्षपात (partiality) इसका गुण नहीं हो सकता।
खण्ड II — भाषा-I संस्कृत (प्रश्न 31–60)
प्रश्न 31
“बहूनि रमणीयानि मन्दिराणि अपि सन्ति । इत्यत्र रेखाङ्कितपदे लकारः अस्ति -
- Aलोट्-लकारः
- Bलृट्-लकारः
- Cलट्-लकारः
- Dलङ् -लकारः
व्याख्या
“सन्ति” पद ‘अस्’ धातु (होना) का लट्-लकार (वर्तमान काल), प्रथम पुरुष, बहुवचन रूप है (अस्ति, स्तः, सन्ति)। लोट् में ‘सन्तु’, लृट् में ‘भविष्यन्ति’ और लङ् में ‘आसन्’ रूप बनता है। अतः सही उत्तर लट्-लकार है।
प्रश्न 32
“प्रतिवर्षम्” इत्यत्र कः समासः ?
- Aद्वन्द्वः
- Bतत्पुरुषः
- Cअव्ययीभावः
- Dकर्मधारयः
व्याख्या
“प्रतिवर्षम्” का विग्रह है ‘वर्षं वर्षं प्रति’ (हर वर्ष)। यहाँ पूर्वपद ‘प्रति’ अव्यय है और वीप्सा (पुनरावृत्ति) अर्थ में समास हुआ है, इसलिए यह अव्ययीभाव समास है। अव्ययीभाव समास का समस्त पद प्रायः नपुंसकलिङ्ग एकवचन में ‘-म्’ अन्त वाला होता है।
प्रश्न 33
“पुष्करसरः” इत्यत्र किं लिङ्गम् ?
- Aपुंल्लिङ्गम्
- Bनपुंसकलिङ्गम्
- Cस्त्रीलिङ्गम्
- Dउभयलिङ्गम्
व्याख्या
“पुष्करसरः” में उत्तरपद ‘सरस्’ (तालाब) शब्द है, जो सकारान्त नपुंसकलिङ्ग शब्द है (जैसे मनस्, पयस्)। तत्पुरुष समास में समस्त पद का लिङ्ग उत्तरपद के अनुसार होता है, इसलिए ‘पुष्करसरः’ नपुंसकलिङ्ग है। ‘सरः’ के विसर्ग को देखकर इसे पुंल्लिङ्ग मान लेना सामान्य भूल है।
प्रश्न 34
“ब्रह्मणः विश्वप्रसिद्धं मन्दिरमस्ति ।” इत्यस्मिन् वाक्ये विशेषणपदमस्ति -
- Aमन्दिरम्
- Bब्रह्मणः
- Cअस्ति
- Dविश्वप्रसिद्धम्
व्याख्या
वाक्य में ‘विश्वप्रसिद्धम्’ पद ‘मन्दिरम्’ की विशेषता (विश्व में प्रसिद्ध) बताता है, इसलिए यह विशेषण है और ‘मन्दिरम्’ विशेष्य है। दोनों में समान लिङ्ग, विभक्ति, वचन (नपुंसकलिङ्ग, प्रथमा, एकवचन) है। ‘ब्रह्मणः’ षष्ठी सम्बन्ध वाला पद है और ‘अस्ति’ क्रियापद है।
प्रश्न 35
“अत्र बहवः पर्यटकाः आगच्छन्ति ।” अस्मिन् वाक्ये क्रियापदम् अस्ति -
- Aआगच्छन्ति
- Bपर्यटकाः
- Cबहवः
- Dअत्र
व्याख्या
‘आगच्छन्ति’ पद आ + गम् धातु, लट्-लकार, प्रथम पुरुष, बहुवचन का रूप है, अतः यही क्रियापद है। ‘पर्यटकाः’ कर्ता है, ‘बहवः’ उसका विशेषण है और ‘अत्र’ स्थानवाचक अव्यय है।
प्रश्न 36
माहेश्वरसूत्रेषु यण्-प्रत्याहारस्य उचितक्रमः विद्यते -
- Aय, र, ल, व
- Bय, र, व, ल
- Cय, व, ल, र
- Dय, व, र, ल
व्याख्या
यण् प्रत्याहार माहेश्वर सूत्र ‘हयवरट्’ के ‘य’ से लेकर ‘लण्’ के ‘ण्’ तक बनता है। इत् वर्णों (ट्, ण्) को छोड़ने पर इसमें क्रमशः य, व, र, ल वर्ण आते हैं। इसी कारण यण् सन्धि में इ/उ/ऋ/ऌ के स्थान पर क्रमशः य्, व्, र्, ल् होते हैं।
प्रश्न 37
भाषाकौशलानां मनोवैज्ञानिकक्रमोऽस्ति -
- Aभाषणम्, लेखनम्, श्रवणम्, पठनम्
- Bश्रवणम्, भाषणम्, पठनम्, लेखनम्
- Cभाषणम्, पठनम्, लेखनम्, श्रवणम्
- Dश्रवणम्, भाषणम्, लेखनम्, पठनम्
व्याख्या
भाषा सीखने का स्वाभाविक/मनोवैज्ञानिक क्रम है — श्रवणम् (सुनना), भाषणम् (बोलना), पठनम् (पढ़ना), लेखनम् (लिखना), जिसे LSRW क्रम कहते हैं। बालक पहले सुनकर, फिर बोलकर भाषा ग्रहण करता है, उसके बाद पढ़ना और अन्त में लिखना सीखता है। विकल्प (D) में पठन और लेखन का क्रम उलटा है।
प्रश्न 38
“अहं कार्यं करोमि” । वाक्यमिदं लङ्-लकारे परिवर्तयत -
- Aअहं कार्यम् अकरवम् ।
- Bअहं कार्यं करवाणि ।
- Cअहं कार्यं करिष्यामि ।
- Dअहं कार्यं कुर्याम् ।
व्याख्या
‘कृ’ धातु लङ्-लकार (भूतकाल), उत्तम पुरुष, एकवचन का रूप ‘अकरवम्’ होता है, अतः ‘अहं कार्यम् अकरवम्’ सही है। ‘करवाणि’ लोट्, ‘करिष्यामि’ लृट् और ‘कुर्याम्’ विधिलिङ् का रूप है।
प्रश्न 39
संस्कृतशिक्षणस्य शास्त्रीयविधिषु सर्वप्राचीनः विधिः अस्ति -
- Aपाठ्यपुस्तकविधिः
- Bप्रत्यक्षविधिः
- Cपरम्परागतविधिः
- Dसमवायविधिः
व्याख्या
संस्कृत शिक्षण की सबसे प्राचीन विधि परम्परागत विधि (पाठशाला/गुरुकुल विधि) है, जिसमें गुरु मौखिक रूप से पढ़ाता था और शिष्य कण्ठस्थ करते थे। प्रत्यक्ष विधि, पाठ्यपुस्तक विधि और समवाय विधि आधुनिक काल की विधियाँ हैं।
प्रश्न 40
संस्कृतेन अनुवादं कुरुत - “शिक्षक को पढ़ाना अच्छा लगता है ।”
- Aशिक्षकाय पाठनं रोचते ।
- Bशिक्षकस्य पाठनं रोचते ।
- Cशिक्षकः पठनं रोचते ।
- Dशिक्षके पाठनं रोचते ।
व्याख्या
‘रुच्’ धातु (अच्छा लगना) के योग में जिसे अच्छा लगता है उसमें चतुर्थी विभक्ति होती है — ‘रुच्यर्थानां प्रीयमाणः’ सूत्र। इसलिए ‘शिक्षक को’ = ‘शिक्षकाय’ (चतुर्थी) और ‘पढ़ाना’ = ‘पाठनम्’ होगा: ‘शिक्षकाय पाठनं रोचते’। विकल्प (C) में ‘पठनम्’ (पढ़ना) अर्थ भी गलत है और विभक्ति भी।
प्रश्न 41
“परमावश्यकम्” इत्यत्र कः सन्धिः ?
- Aयण्-सन्धिः
- Bदीर्घ-सन्धिः
- Cगुण-सन्धिः
- Dअयादि-सन्धिः
व्याख्या
‘परमावश्यकम्’ = परम + आवश्यकम्। यहाँ ‘अ + आ = आ’ हुआ है, जो ‘अकः सवर्णे दीर्घः’ सूत्र से दीर्घ सन्धि है। गुण सन्धि में अ + इ/उ से ए/ओ बनते हैं, जो यहाँ नहीं है।
प्रश्न 42
“कलौ” इत्यत्र का विभक्तिः ?
- Aपञ्चमी
- Bतृतीया
- Cसप्तमी
- Dद्वितीया
व्याख्या
‘कलौ’ इकारान्त पुंल्लिङ्ग शब्द ‘कलि’ का सप्तमी विभक्ति, एकवचन रूप है (जैसे हरि → हरौ, मुनि → मुनौ)। अर्थ है ‘कलियुग में’। इसके साथ ‘युगे’ भी सप्तमी में है।
प्रश्न 43
“निर्माणाय” इत्यत्र उपसर्गः कः ?
- Aनिः
- Bनिस्
- Cनि
- Dनिर्
व्याख्या
‘निर्माणाय’ = निर् + मा धातु + ल्युट् (अन) → निर्माण, चतुर्थी एकवचन। यहाँ प्रयुक्त उपसर्ग ‘निर्’ है। ‘नि’ उपसर्ग मानने पर ‘नि + माण’ बनता, ‘निर्माण’ नहीं। (उपसर्गों की सूची में ‘निस्’ और ‘निर्’ दोनों अलग-अलग गिने जाते हैं; यहाँ शब्द में ‘र्’ दिख रहा है, इसलिए कुंजी में ‘निर्’ स्वीकार किया गया है।)
प्रश्न 44
“उन्नतिः” इत्यत्र प्रत्ययोऽस्ति -
- Aक्त
- Bक्तिन्
- Cइन्
- Dणिनि
व्याख्या
‘उन्नतिः’ = उत् + नम् धातु + क्तिन् प्रत्यय। भाववाचक स्त्रीलिङ्ग संज्ञा बनाने के लिए क्तिन् (ति) प्रत्यय लगता है, जैसे गतिः, मतिः, कृतिः। ‘क्त’ से ‘उन्नतः’ (विशेषण) बनता, ‘उन्नतिः’ नहीं।
प्रश्न 45
“कलियुगे संहतिः कार्यसाधिका वर्तते” अस्मिन् वाक्ये विशेष्यपदं विद्यते -
- Aसंहतिः
- Bकार्यसाधिका
- Cकलियुगे
- Dवर्तते
व्याख्या
वाक्य में ‘कार्यसाधिका’ (कार्य सिद्ध करने वाली) पद ‘संहतिः’ (संगठन/एकता) की विशेषता बताता है, अतः ‘संहतिः’ विशेष्य है। दोनों स्त्रीलिङ्ग, प्रथमा, एकवचन में हैं। ‘कलियुगे’ सप्तमी में स्थान/काल बताता है और ‘वर्तते’ क्रियापद है।
प्रश्न 46
“हितं मनोहारि च _______ वचः” । समुचितपदेन रिक्तस्थानं पूरयत -
- Aनिर्मलम्
- Bदुर्लभम्
- Cशोभनम्
- Dसुलभम्
व्याख्या
यह प्रसिद्ध सूक्ति है — ‘हितं मनोहारि च दुर्लभं वचः’, अर्थात् ऐसी वाणी जो हितकारी भी हो और मन को भाने वाली भी, दुर्लभ होती है। अतः रिक्त स्थान में ‘दुर्लभम्’ आएगा। ‘सुलभम्’ इसका विपरीत अर्थ देता है।
प्रश्न 47
पञ्चदशानां षट् भवति -
- Aषष्टिः
- Bपञ्चनवतिः
- Cनवतिः
- Dसप्ततिः
व्याख्या
‘पञ्चदशानां षट्’ अर्थात् पन्द्रह के छह गुने: 15 × 6 = 90। संस्कृत में 90 को ‘नवतिः’ कहते हैं। षष्टिः = 60, सप्ततिः = 70, पञ्चनवतिः = 95।
प्रश्न 48
उत्तमाय सम्प्रेषणाय दृश्यश्रव्यसाधनं विद्यते -
- Aसङ्गणकयन्त्रम्
- Bआकाशवाणी
- Cशिक्षणपट्टः
- Dमानचित्रम्
व्याख्या
सङ्गणकयन्त्रम् (कम्प्यूटर) में दृश्य (चित्र, वीडियो) और श्रव्य (ध्वनि) दोनों प्रकार की सामग्री प्रस्तुत की जा सकती है, इसलिए यह दृश्य-श्रव्य साधन है। आकाशवाणी (रेडियो) केवल श्रव्य साधन है, जबकि शिक्षणपट्ट और मानचित्र केवल दृश्य साधन हैं।
प्रश्न 49
“प्रसन्नतायाः विषयोऽयम्”। रेखाङ्कितपदमाधृत्य प्रश्ननिर्माणं कुरुत -
- Aकस्य विषयोऽयम् ?
- Bकस्याः विषयोऽयम् ?
- Cकस्याम् विषयोऽयम् ?
- Dकुत्र विषयोऽयम् ?
व्याख्या
रेखाङ्कित पद ‘प्रसन्नतायाः’ आकारान्त स्त्रीलिङ्ग शब्द ‘प्रसन्नता’ का षष्ठी एकवचन है। प्रश्नवाचक ‘किम्’ का स्त्रीलिङ्ग षष्ठी एकवचन रूप ‘कस्याः’ है, अतः प्रश्न होगा ‘कस्याः विषयोऽयम्?’। ‘कस्य’ पुंल्लिङ्ग/नपुंसकलिङ्ग का रूप है और ‘कस्याम्’ सप्तमी का।
प्रश्न 50
प्रत्येकं छात्रस्य व्यक्तिगतरूपेण काठिन्यनिदानाय कीदृशं शिक्षणं करणीयम् ?
- Aउपचारात्मकशिक्षणम्
- Bगीतश्रवणात्मकशिक्षणम्
- Cभ्रमणात्मकशिक्षणम्
- Dकथाकथनात्मकशिक्षणम्
व्याख्या
प्रत्येक छात्र की व्यक्तिगत कठिनाइयों का निदान (diagnosis) करके उन्हें दूर करने के लिए उपचारात्मक शिक्षण (Remedial Teaching) किया जाता है। पहले निदानात्मक परीक्षण से कमजोरी पहचानी जाती है, फिर उपचारात्मक शिक्षण से उसे सुधारा जाता है।
प्रश्न 51
छात्राणां सर्वविधगुणवत्तायाः समीक्षणं केन क्रियते ?
- Aभाषणेन
- Bमूल्याङ्कनेन
- Cअध्यापनेन
- Dदर्शनेन
व्याख्या
छात्रों के सभी पक्षों (ज्ञान, कौशल, व्यवहार, अभिवृत्ति) की गुणवत्ता की समीक्षा मूल्याङ्कन (Evaluation) द्वारा की जाती है। मूल्याङ्कन व्यापक प्रक्रिया है, जबकि भाषण, अध्यापन या दर्शन से यह समग्र समीक्षा नहीं होती।
प्रश्न 52
“वयं पितरौ नमामः” । वाक्यमिदं लृट्-लकारे परिवर्तयत -
- Aवयं पितरौ नमेम ।
- Bवयं पितरौ अनमाम ।
- Cवयं पितरौ नमामः ।
- Dवयं पितरौ नंस्यामः ।
व्याख्या
‘नम्’ धातु लृट्-लकार (भविष्यत् काल), उत्तम पुरुष, बहुवचन का रूप ‘नंस्यामः’ है, अतः ‘वयं पितरौ नंस्यामः’ सही है। ‘नमेम’ विधिलिङ्, ‘अनमाम’ लङ् और ‘नमामः’ लट् का रूप है।
प्रश्न 53
भाषाकौशलेषु सर्वेषां कौशलानामाधारो विद्यते -
- Aपठनकौशलम्
- Bभाषणकौशलम्
- Cश्रवणकौशलम्
- Dलेखनकौशलम्
व्याख्या
चारों भाषा कौशलों में श्रवण कौशल सबसे पहला और आधारभूत है। बालक पहले सुनकर ही बोलना सीखता है, और सुनी-बोली भाषा के आधार पर ही पढ़ना-लिखना विकसित होता है। इसलिए श्रवणकौशल सभी कौशलों का आधार माना जाता है।
प्रश्न 54
श्रवणं भाषणं पठनं लेखनं चायं क्रमः भाषाभिक्षणस्य केन सिद्धान्तेन सह सम्बद्धः ?
- Aरुचेः सिद्धान्तेन
- Bसक्रियतायाः सिद्धान्तेन
- Cस्वाभाविकतायाः सिद्धान्तेन
- Dमौखिककार्यस्य सिद्धान्तेन
व्याख्या
श्रवण → भाषण → पठन → लेखन का क्रम बालक के भाषा सीखने का प्राकृतिक क्रम है, जैसे मातृभाषा स्वाभाविक रूप से सीखी जाती है। इसलिए यह क्रम भाषा शिक्षण के ‘स्वाभाविकता के सिद्धान्त’ (Principle of Naturalness) से सम्बद्ध है। मौखिक कार्य का सिद्धान्त केवल सुनने-बोलने पर बल देता है, पूरे क्रम पर नहीं।
प्रश्न 55
संस्कृतशिक्षणाधिगमे प्रस्तवना प्रश्नाः केन शिक्षणसूत्रेण सह सम्बन्धितोऽस्ति ?
- Aपूर्णादंशं प्रति
- Bविश्लेषणात् संश्लेषणं प्रति
- Cज्ञातादज्ञातं प्रति
- Dस्थूलात् सूक्ष्मं प्रति
व्याख्या
प्रस्तावना प्रश्न पाठ आरम्भ करने से पहले छात्रों के पूर्वज्ञान से जुड़े होते हैं, ताकि उसी के आधार पर नया विषय प्रस्तुत किया जा सके। इसलिए यह ‘ज्ञातादज्ञातं प्रति’ (ज्ञात से अज्ञात की ओर) शिक्षण सूत्र से सम्बन्धित है।
प्रश्न 56
“त्वं जलं पिबसि” । इत्यस्य वाक्यस्य वाच्यपरिवर्तनं कुरुत -
- Aत्वया जलं पीयसे ।
- Bत्वया जलः पियते ।
- Cत्वया जलं पीयते ।
- Dत्वं जलेन पीयसे ।
व्याख्या
कर्तृवाच्य ‘त्वं जलं पिबसि’ को कर्मवाच्य में बदलने पर कर्ता ‘त्वम्’ तृतीया में ‘त्वया’ होता है, कर्म ‘जलम्’ प्रथमा में रहता है, और क्रिया कर्म के अनुसार (प्रथम पुरुष, एकवचन) ‘पीयते’ बनती है। अतः ‘त्वया जलं पीयते’ सही है। (A) में ‘पीयसे’ मध्यम पुरुष है, जो कर्म ‘जलम्’ से मेल नहीं खाता।
प्रश्न 57
सर्वे विषयाः यत्र परस्परं सम्बन्धाः भवन्ति । तत्र कीदृशः सिद्धान्तः भवेत् ?
- Aक्रियाशीलतायाः सिद्धान्तः
- Bस्वाभाविकतायाः सिद्धान्तः
- Cउपचारात्मकशिक्षणसिद्धान्तः
- Dसमवायसिद्धान्तः
व्याख्या
जहाँ सभी विषयों को परस्पर सम्बन्धित करके पढ़ाया जाता है, वहाँ समवाय सिद्धान्त (Principle of Correlation) लागू होता है। इसमें एक विषय को दूसरे विषयों और जीवन से जोड़कर पढ़ाया जाता है।
प्रश्न 58
संस्कृतं संस्कृतभाषयैव बोधनीया । इति वाक्यमिदं केन विधिना सम्बन्धितम् ?
- Aप्रत्यक्षविधेः
- Bसमाहारविधेः
- Cव्याख्यानविधेः
- Dव्याख्याविधेः
व्याख्या
‘संस्कृत को संस्कृत भाषा के माध्यम से ही पढ़ाना चाहिए’ — यह प्रत्यक्ष विधि (Direct Method) का मूल सिद्धान्त है। इसमें मातृभाषा या अनुवाद का सहारा लिए बिना सीधे लक्ष्य भाषा में शिक्षण होता है।
प्रश्न 59
“लोकस्य उपर्युपरि सूर्यः अस्ति” वाक्यमिदं संशोधयत -
- Aलोकाय उपर्युपरि सूर्यः अस्ति ।
- Bलोके उपर्युपरि सूर्यम् अस्ति ।
- Cलोकम् उपर्युपरि सूर्यः अस्ति ।
- Dलोकात् उपर्युपरि सूर्यः अस्ति ।
व्याख्या
‘उपर्युपरि’ शब्द के योग में द्वितीया विभक्ति होती है — ‘धिगुपर्यादिषु त्रिषु’ वार्त्तिक के अनुसार उपर्युपरि, अधोऽधः, अध्यधि के योग में द्वितीया लगती है। अतः ‘लोकस्य’ (षष्ठी) के स्थान पर ‘लोकम्’ होगा: ‘लोकम् उपर्युपरि सूर्यः अस्ति’। (B) में ‘सूर्यम्’ भी गलत है क्योंकि कर्ता प्रथमा में होना चाहिए।
प्रश्न 60
“80” एतां संख्यां संस्कृतेन लिखत -
- Aअशीतिः
- Bअशितिः
- Cअशीतीः
- Dअशितीः
व्याख्या
संस्कृत में 80 को ‘अशीतिः’ कहते हैं, जिसमें ‘शी’ दीर्घ ईकार और अन्त में ‘तिः’ ह्रस्व इकार है। अन्य विकल्पों में मात्राओं की अशुद्धि है।
खण्ड III — भाषा-II हिंदी (प्रश्न 61–90)
प्रश्न 61
पद्यांश के संबंध में असंगत व्याख्या है
- Aसंस्कृतनिष्ठ शब्दावली
- Bउदात्त राष्ट्रप्रेम
- Cअप्रभावी नाद सौंदर्य
- Dअनुप्रास अलंकार का प्रभावी प्रयोग
व्याख्या
पद्यांश में ‘हिमाद्रि तुंग शृंग’, ‘प्रबुद्ध शुद्ध’ जैसी संस्कृतनिष्ठ शब्दावली, उदात्त राष्ट्रप्रेम और अनुप्रास (जैसे ‘प्रबुद्ध शुद्ध’, ‘बढ़े चलो, बढ़े चलो’) का प्रभावी प्रयोग है। इसकी लय और नाद सौंदर्य अत्यंत प्रभावी है, इसलिए ‘अप्रभावी नाद सौंदर्य’ असंगत व्याख्या है।
प्रश्न 62
सैन्य-सिंधु में कौन-सा अलंकार है ?
- Aवक्रोक्ति अलंकार
- Bउत्प्रेक्षा अलंकार
- Cरूपक अलंकार
- Dश्लेष अलंकार
व्याख्या
जहाँ उपमेय पर उपमान का अभेद आरोप किया जाता है, वहाँ रूपक अलंकार होता है। ‘सैन्य-सिंधु’ में शत्रु की सेना (उपमेय) को ही समुद्र (उपमान) मान लिया गया है — सेना रूपी सिंधु, इसलिए यहाँ रूपक अलंकार है। उत्प्रेक्षा में ‘मानो, जनु’ जैसे संभावना-सूचक शब्द होते हैं।
प्रश्न 63
पद्यांश में मातृभूमि के सपूत की विशेषता व्यक्त करने वाला शब्द नहीं है -
- Aशूर
- Bअमर्त्य
- Cप्रवीर
- Dभारती
व्याख्या
‘शूर’, ‘अमर्त्य’ और ‘प्रवीर’ शब्द मातृभूमि के सपूतों (वीरों) की विशेषता बताते हैं। ‘भारती’ शब्द भारत माता/भारतभूमि के लिए प्रयुक्त हुआ है, जो स्वतंत्रता की पुकार कर रही है, न कि सपूत की विशेषता। अतः उत्तर (D) है।
प्रश्न 64
स्वतंत्रता हेतु किस प्रकार की आग के समान जलने का आह्वान कवि ने इस कविता में किया है ?
- Aजंगल की आग के समान
- Bईर्ष्या की आग के समान
- Cअंतरिक्ष की आग के समान
- Dसमुद्र की आग के समान
व्याख्या
पद्यांश में ‘अराति सैन्य-सिंधु में सुवाडवाग्नि से जलो’ कहा गया है। ‘वाडवाग्नि’ (बड़वानल) समुद्र के भीतर जलने वाली आग को कहते हैं। कवि शत्रु-सेना रूपी समुद्र में बड़वानल की तरह जलने का आह्वान करता है, इसलिए उत्तर ‘समुद्र की आग के समान’ है।
प्रश्न 65
पद्यांश में वर्णित प्रमुख जीवन-मूल्य है -
- Aप्रकृति प्रेम
- Bराष्ट्र प्रेम
- Cसंघर्षों से पलायन
- Dमानवीय सौहार्द
व्याख्या
पूरी कविता में स्वतंत्रता की पुकार, मातृभूमि के सपूतों को बढ़ते रहने और शत्रु से लड़ने का आह्वान है, इसलिए प्रमुख जीवन-मूल्य राष्ट्र प्रेम है। ‘संघर्षों से पलायन’ तो कविता के भाव के विपरीत है।
प्रश्न 66
अच्छे मूल्यांकन की विशेषता है -
- Aअविश्वसनीयता
- Bअवैधता
- Cसंकीर्णता
- Dविभेदीकरण
व्याख्या
अच्छे मूल्यांकन की विशेषताएँ हैं — विश्वसनीयता, वैधता, व्यापकता और विभेदीकरण (discrimination) की क्षमता, अर्थात् वह योग्य और कम योग्य विद्यार्थियों में अंतर कर सके। अविश्वसनीयता, अवैधता और संकीर्णता अच्छे मूल्यांकन के दोष हैं। अतः ‘विभेदीकरण’ सही उत्तर है।
प्रश्न 67
“वह बाजार से सामान लाने जाएगा ।” उक्त वाक्य में ‘उद्देश्य’ है -
- Aवह
- Bबाजार से
- Cसामान
- Dलाने जाएगा
व्याख्या
वाक्य में जिसके बारे में कुछ कहा जाता है, वह उद्देश्य होता है। ‘वह बाजार से सामान लाने जाएगा ।’ में ‘वह’ के बारे में बताया जा रहा है, इसलिए ‘वह’ उद्देश्य है; शेष भाग ‘बाजार से सामान लाने जाएगा’ विधेय है।
प्रश्न 68
भाषायी दक्षता के विकास हेतु संगत पाठ्य सहगामी क्रिया नहीं है -
- Aकवि-सम्मेलन
- Bवाद-विवाद
- Cनाट्याभिनय
- Dध्यान
व्याख्या
कवि-सम्मेलन, वाद-विवाद और नाट्याभिनय में विद्यार्थी बोलने, सुनने और अभिव्यक्ति का अभ्यास करते हैं, इसलिए ये भाषायी दक्षता बढ़ाने वाली पाठ्य सहगामी क्रियाएँ हैं। ‘ध्यान’ (meditation) मानसिक एकाग्रता की क्रिया है, भाषायी दक्षता के विकास से इसका सीधा संबंध नहीं है।
प्रश्न 69
अभिव्यक्ति में कौन-कौन-से भाषाई कौशल सम्मिलित होते हैं ?
- Aसुनना और बोलना
- Bपढ़ना और सुनना
- Cबोलना और लिखना
- Dलिखना और पढ़ना
व्याख्या
भाषायी कौशलों में सुनना और पढ़ना ग्रहणात्मक (receptive) कौशल हैं, जबकि बोलना और लिखना अभिव्यक्तात्मक (productive) कौशल हैं। अभिव्यक्ति में व्यक्ति अपने विचार बोलकर या लिखकर प्रकट करता है, इसलिए उत्तर (C) है।
प्रश्न 70
मातृभाषा शिक्षण की सर्वाधिक प्रचलित एवं संगत विधि है -
- Aप्रयोगशाला विधि
- Bअनुकरण विधि
- Cव्याकरण विधि
- Dप्रोजेक्ट विधि
व्याख्या
बच्चा मातृभाषा सबसे पहले परिवार और परिवेश के लोगों का अनुकरण करके सीखता है। इसलिए विशेषकर प्रारंभिक स्तर पर मातृभाषा शिक्षण की सर्वाधिक प्रचलित एवं स्वाभाविक विधि अनुकरण विधि है। व्याकरण विधि प्रारंभिक स्तर पर नीरस मानी जाती है।
प्रश्न 71
रचना के अनुसार वाक्य का प्रकार नहीं है -
- Aसाधारण
- Bमिश्र
- Cनिषेधवाचक
- Dसंयुक्त
व्याख्या
रचना के आधार पर वाक्य तीन प्रकार के होते हैं — साधारण (सरल), संयुक्त और मिश्र। ‘निषेधवाचक’ वाक्य अर्थ के आधार पर किया गया भेद है, रचना के आधार पर नहीं। अतः उत्तर (C) है।
प्रश्न 72
“उपचारात्मक शिक्षण का आधार निदानात्मक प्रक्रिया ही होती है ।” उपचारात्मक शिक्षण के संबंध में उक्त कथन है -
- Aसत्य
- Bअसत्य
- Cअसंबद्ध
- Dभ्रामक
व्याख्या
उपचारात्मक शिक्षण से पहले निदानात्मक परीक्षण द्वारा विद्यार्थी की कठिनाइयों और त्रुटियों के कारणों का पता लगाया जाता है, फिर उन्हीं के आधार पर उपचार किया जाता है। इसलिए ‘उपचारात्मक शिक्षण का आधार निदानात्मक प्रक्रिया है’ — यह कथन सत्य है।
प्रश्न 73
इनमें से मौन वाचन का प्रकार है -
- Aसामूहिक वाचन
- Bअनुकरण वाचन
- Cगंभीर वाचन
- Dसमवेत वाचन
व्याख्या
मौन वाचन के दो प्रमुख प्रकार माने जाते हैं — गंभीर वाचन और द्रुत (गति) वाचन। गंभीर वाचन में विषय-वस्तु को गहराई से समझने के लिए मौन रूप से पढ़ा जाता है। सामूहिक वाचन, अनुकरण वाचन और समवेत वाचन सस्वर (मुखर) वाचन के प्रकार हैं।
प्रश्न 74
‘समन्वित’ शब्द में निम्नलिखित में से उपसर्ग है -
- Aस
- Bसम
- Cसम्
- Dसमन्
व्याख्या
‘समन्वित’ = सम् + अन्वित। यहाँ ‘सम्’ उपसर्ग है, जिसके ‘म्’ का ‘अ’ से मेल होकर ‘समन्वित’ बना है (जैसे सम् + आचार = समाचार)। ‘सम’ या ‘समन्’ मानक उपसर्ग रूप नहीं हैं।
प्रश्न 75
गद्यांश में प्रयुक्त ‘देवी-देवताओं’ शब्द में कौन-सा समास है ?
- Aअव्ययीभाव समास
- Bद्विगु समास
- Cबहुव्रीहि समास
- Dद्वंद्व समास
व्याख्या
‘देवी-देवताओं’ का विग्रह है — देवी और देवता। जिस समास में दोनों पद प्रधान हों और विग्रह में ‘और/या’ आता हो, वह द्वंद्व समास होता है। इसलिए यहाँ द्वंद्व समास है।
प्रश्न 76
“भारतीय संस्कृति की धारा निर्बाध रूप से हजारों वर्षों से बहती चली आ रही है ।” वाक्य में प्रयुक्त काल है -
- Aभूतकाल
- Bभविष्यत्काल
- Cवर्तमानकाल
- Dआज्ञार्थ भविष्यत्काल
व्याख्या
‘बहती चली आ रही है’ क्रिया रूप में ‘रही है’ से पता चलता है कि कार्य वर्तमान में भी जारी है। अतः यह वर्तमानकाल (अपूर्ण/तात्कालिक वर्तमान) है। ‘रही थी’ होता तो भूतकाल और ‘रहेगी’ होता तो भविष्यत्काल होता।
प्रश्न 77
‘सैंधव’ शब्द निम्नलिखित में से है -
- Aक्रिया
- Bसंज्ञा
- Cसर्वनाम
- Dअव्यय
व्याख्या
दिए गए विकल्पों में ‘सैंधव’ शब्द संज्ञा है। ‘सैंधव’ का अर्थ सिंधु (सिन्ध) प्रदेश से संबंधित/वहाँ का निवासी तथा सेंधा नमक भी होता है। यह न कोई कार्य बताता है (क्रिया), न संज्ञा के स्थान पर आता है (सर्वनाम), न अविकारी शब्द (अव्यय) है, इसलिए विकल्पों में संज्ञा ही उपयुक्त है।
प्रश्न 78
‘आत्मा से संबंधित ज्ञान’ वाक्यांश के लिए उपयुक्त शब्द है -
- Aसार्वभौमिक
- Bध्येय
- Cअध्यात्म
- Dआत्मसात्
व्याख्या
आत्मा और परमात्मा से संबंधित ज्ञान या चिंतन को ‘अध्यात्म’ कहते हैं। ‘सार्वभौमिक’ का अर्थ सब जगह लागू होने वाला, ‘ध्येय’ का अर्थ लक्ष्य और ‘आत्मसात्’ का अर्थ अपने में समा लेना है।
प्रश्न 79
निम्नलिखित विकल्पों में से सदैव बहुवचन के रूप में यथावत् प्रयुक्त होने वाला शब्द है -
- Aसंस्कृति
- Bसामग्री
- Cसभ्यता
- Dप्राण
व्याख्या
‘प्राण’ शब्द हिन्दी में सदैव बहुवचन में प्रयुक्त होता है, जैसे — ‘उसके प्राण निकल गए’। इसी प्रकार ‘दर्शन’, ‘हस्ताक्षर’, ‘आँसू’ आदि भी बहुवचन में प्रयुक्त होते हैं। ‘संस्कृति’, ‘सामग्री’, ‘सभ्यता’ एकवचन में प्रयुक्त होते हैं।
प्रश्न 80
निम्नलिखित में से किस शब्द में यण् संधि नहीं है ?
- Aव्यक्ति
- Bअध्ययन
- Cसभ्यता
- Dव्यवस्था
व्याख्या
यण् संधि में इ/ई, उ/ऊ, ऋ के बाद भिन्न स्वर आने पर क्रमशः य्, व्, र् हो जाता है। व्यक्ति (वि + अक्ति), अध्ययन (अधि + अयन) और व्यवस्था (वि + अवस्था) में यण् संधि है। ‘सभ्यता’ सभ्य + ता (प्रत्यय) से बना है, इसमें यण् संधि नहीं है।
प्रश्न 81
“यह प्राप्त सामग्री आज भी हमारा गौरव है ।” वाक्य में प्रयुक्त ‘हमारा’ शब्द निम्नलिखित में से है -
- Aसंज्ञा
- Bसर्वनाम
- Cक्रिया-विशेषण
- Dक्रिया
व्याख्या
‘हमारा’ शब्द ‘हम’ (उत्तम पुरुष सर्वनाम) का संबंध कारक रूप है, जो संज्ञा के स्थान पर प्रयुक्त हुआ है। इसलिए यह सर्वनाम है (कुछ व्याकरण इसे सार्वनामिक विशेषण भी कहते हैं, पर विकल्पों में ‘सर्वनाम’ ही उपयुक्त है)।
प्रश्न 82
मूल एवं मूल्य का क्रमश: अर्थ है -
- Aकीमत - प्रधान
- Bप्रदान - आरंभ
- Cकीमत - प्रदान
- Dआरंभ - कीमत
व्याख्या
‘मूल’ और ‘मूल्य’ समान उच्चारण वाले भिन्नार्थक शब्द (श्रुतिसम शब्द-युग्म) हैं। ‘मूल’ का अर्थ जड़/आरंभ/आधार है और ‘मूल्य’ का अर्थ कीमत है। अतः क्रमशः अर्थ ‘आरंभ - कीमत’ है।
प्रश्न 83
मानव शब्द में प्रत्यय है -
- Aव
- Bअव
- Cआव
- Dअ
व्याख्या
‘मानव’ शब्द ‘मनु’ में ‘अ’ प्रत्यय लगाकर बना है (मनु + अ = मानव), अर्थात् मनु की संतान। तद्धित ‘अ’ प्रत्यय लगने पर आदि स्वर में वृद्धि (म → मा) और ‘उ’ का ‘व’ हो जाता है, जैसे शिव + अ = शैव।
प्रश्न 84
‘गर्मी का मौसम’ के अर्थ में प्रयुक्त संगत राजस्थानी शब्द है -
- Aउनाळौ
- Bसियाळो
- Cअगुणो
- Dबड़णो
व्याख्या
राजस्थानी में गर्मी के मौसम को ‘उनाळौ’ कहा जाता है। ‘सियाळो’ सर्दी के मौसम के लिए प्रयुक्त शब्द है, इसलिए वह गलत है। अतः सही उत्तर (A) है।
प्रश्न 85
किस भाषा विशेषज्ञ ने भाषा सीखने की प्रक्रिया में ज्ञानात्मक युक्तियों, शब्दार्थ और भाषा संदर्भ पक्ष पर अधिक बल दिया है ?
- Aमैक्स वेबर
- Bजॉन पी. डिसको
- Cडेनियल डेविस
- Dचोमस्की
व्याख्या
आधिकारिक उत्तर-कुंजी के अनुसार भाषा सीखने में ज्ञानात्मक (संज्ञानात्मक) पक्ष पर बल देने वाले भाषा विशेषज्ञ चोमस्की हैं। नोम चोमस्की ने भाषा को मनुष्य की मानसिक क्षमता से जोड़कर देखा और भाषा-अध्ययन में संज्ञानात्मक दृष्टिकोण को प्रमुखता दी। मैक्स वेबर समाजशास्त्री थे, भाषा विशेषज्ञ नहीं। अतः उत्तर (D) है।
प्रश्न 86
राजस्थानी की कौन-सी बोली राजस्थान के बाहर मुख्यत: बोली जाती है ?
- Aमारवाड़ी
- Bढूँढाड़ी
- Cमेवाड़ी
- Dमालवी
व्याख्या
मालवी बोली राजस्थानी की बोली मानी जाती है, पर यह मुख्यतः राजस्थान के बाहर मध्य प्रदेश के मालवा क्षेत्र (जैसे इंदौर, उज्जैन) में बोली जाती है; राजस्थान में इसका क्षेत्र झालावाड़-प्रतापगढ़ के आसपास सीमित है। मारवाड़ी, ढूँढाड़ी और मेवाड़ी मुख्यतः राजस्थान के भीतर बोली जाती हैं।
प्रश्न 87
“सोने में सुगंध होना ।” मुहावरे का उपयुक्त अर्थ है -
- Aलाभपूर्ण वस्तु से वंचित रहना
- Bथोथी कल्पना करना
- Cप्रभुत्व स्थापित करना
- Dगुणों की अतिशयता होना
व्याख्या
‘सोने में सुगंध होना’ का अर्थ है — किसी अच्छी वस्तु या व्यक्ति में और भी अधिक गुणों का होना, अर्थात् गुणों की अतिशयता। जैसे — विद्वान होने के साथ विनम्र भी होना सोने में सुगंध है।
प्रश्न 88
निम्नलिखित में से मूल्यांकन के संबंध में असत्य कथन है -
- Aमूल्यांकन अधिगम उद्देश्यों की प्राप्ति का पता लगाने की प्रक्रिया है ।
- Bमूल्यांकन निष्कर्षों के आधार पर उपचारात्मक शिक्षण करवाया जाता है ।
- Cमूल्यांकन प्रक्रिया केवल विद्यार्थी के लिए पुनर्बलन का काम करती है ।
- Dमूल्यांकन शिक्षण विधियों की उपादेयता और कमजोरी का भी परिचायक होता है ।
व्याख्या
मूल्यांकन केवल विद्यार्थी के लिए ही नहीं, बल्कि शिक्षक, अभिभावक और पाठ्यक्रम-निर्माताओं के लिए भी प्रतिपुष्टि और पुनर्बलन का काम करता है। इसलिए ‘मूल्यांकन प्रक्रिया केवल विद्यार्थी के लिए पुनर्बलन का काम करती है’ असत्य कथन है। शेष तीनों कथन मूल्यांकन के सही कार्य बताते हैं।
प्रश्न 89
भाषा प्रयोगशाला शिक्षण में अभाव रहता है -
- Aतकनीकी का
- Bसामूहिक क्रियाओं का
- Cविषय-वस्तु का
- Dसंचार-साधनों का
व्याख्या
भाषा प्रयोगशाला में प्रत्येक विद्यार्थी हेडफ़ोन आदि उपकरणों के साथ अलग-अलग बैठकर व्यक्तिगत अभ्यास करता है। इसमें तकनीक और संचार-साधन भरपूर होते हैं, पर सामूहिक क्रियाओं और आपसी संवाद का अभाव रहता है। अतः उत्तर (B) है।
प्रश्न 90
“विशु रोहन से फुर्तीला है ।” वाक्य में रेखांकित पद में कौन-सा कारक है ?
- Aसंप्रदान कारक
- Bअधिकरण कारक
- Cअपादान कारक
- Dकरण कारक
व्याख्या
‘विशु रोहन से फुर्तीला है ।’ में ‘से’ तुलना का भाव व्यक्त कर रहा है। तुलना और अलग होने के भाव में प्रयुक्त ‘से’ अपादान कारक का चिह्न होता है। करण कारक के ‘से’ में साधन का भाव होता है (जैसे — कलम से लिखता है), जो यहाँ नहीं है।
खण्ड III — भाषा-II English (प्रश्न 61–90)
प्रश्न 61
The correct example of alliteration is
- ABats and Bricks
- BSlant and Curved
- CCuts and Bruises
- DMind and Heart
व्याख्या
Alliteration में पास-पास के शब्दों की शुरुआत एक ही व्यंजन ध्वनि से होती है। ‘Bats and Bricks’ में दोनों शब्द /b/ से शुरू होते हैं। ‘Slant and Curved’, ‘Cuts and Bruises’, ‘Mind and Heart’ में आरंभिक ध्वनि समान नहीं है।
प्रश्न 62बोनस — अंतिम कुंजी में निरस्त
Identify the literary device used in the line ‘Slant and curved the word sword fall’.
- APersonification
- BAssonance
- CAlliteration
- DRhyme
व्याख्या
BSER ने final answer key में इस प्रश्न को BONUS (रद्द) घोषित किया है। पंक्ति ‘Slant and curved the word sword fall’ में ‘word’ और ‘sword’ की समान ध्वनि के कारण एक से अधिक उपकरण (जैसे internal rhyme/assonance) तर्कसंगत माने जा सकते हैं और कोई एक विकल्प निर्विवाद रूप से सही नहीं बनता, संभवतः इसी कारण इसे bonus दिया गया।
प्रश्न 63
‘The words fall like swords,’ the device used in this line is a
- AAlliteration
- BSimile
- CPersonification
- DHyperbole
व्याख्या
‘The words fall like swords’ में शब्दों की तुलना तलवारों से ‘like’ शब्द के प्रयोग द्वारा की गई है। ‘like’ या ‘as’ से की गई प्रत्यक्ष तुलना simile (उपमा) कहलाती है।
प्रश्न 64
Identify the literary device used in the line ‘Stones and sticks break only skin’.
- ASimile
- BMetaphor
- CAlliteration
- DRhyme
व्याख्या
‘Stones and sticks break only skin’ में ‘Stones’, ‘sticks’ और ‘skin’ — तीनों शब्द /s/ ध्वनि से शुरू होते हैं। पास-पास के शब्दों में एक ही आरंभिक व्यंजन ध्वनि की पुनरावृत्ति alliteration है।
प्रश्न 65
The rhyming words in the poem are
- ATender-Remember
- BFall-Bones
- CBones-Skin
- DScar-Healed
व्याख्या
कविता के अंतिम पद में ‘tender’ और ‘remember’ पंक्तियों के अंत में आते हैं और दोनों ‘-ender/-ember’ की समान ध्वनि पर समाप्त होते हैं, अतः ये rhyming words हैं। अन्य जोड़ियों के अंत की ध्वनियाँ मेल नहीं खातीं।
प्रश्न 66एक से अधिक उत्तर मान्य
‘While words are ghosts that haunt me’ the literary device used in this line is
- AMetaphor
- BSimile
- CAlliteration
- DAssonance
व्याख्या
BSER की final key में (A) और (C) दोनों स्वीकार किए गए हैं। ‘words are ghosts’ में शब्दों को सीधे ‘भूत’ कहा गया है (like/as के बिना), इसलिए यह metaphor है। साथ ही ‘While words’ में /w/ ध्वनि की पुनरावृत्ति है, इसलिए alliteration भी माना जा सकता है।
प्रश्न 67
‘Pain from words has left its scar’ is an example of
- ASimile
- BPersonification
- CAlliteration
- DRhyme
व्याख्या
‘Pain from words has left its scar’ में अमूर्त भाव ‘pain’ को ऐसे दिखाया गया है मानो वह कोई सजीव कर्ता हो जो निशान छोड़ जाता है; अमूर्त वस्तु को सजीव जैसा कार्य करते दिखाना personification (मानवीकरण) है। पंक्ति में like/as नहीं है, इसलिए यह simile नहीं है, और पंक्ति में न तो आरम्भिक व्यंजन की पुनरावृत्ति है न तुकांत। अतः दिए गए विकल्पों में BSER की कुंजी (B) Personification सबसे उपयुक्त है।
प्रश्न 68
__________ is an example of cluster-sound.
- AL
- Bsk
- Cs
- Dk
व्याख्या
Consonant cluster में बिना स्वर के दो या अधिक व्यंजन ध्वनियाँ एक साथ आती हैं, जैसे ‘sky’, ‘ask’ में /sk/। ‘L’, ‘s’ और ‘k’ अकेली ध्वनियाँ हैं, इसलिए ‘sk’ cluster sound का उदाहरण है।
प्रश्न 69
Ours is a country of many languages, so ___________ is the suitable approach for teaching of English.
- AProject approach
- BCommunicative approach
- CMultilingual approach
- DSituational approach
व्याख्या
भारत बहुभाषी देश है और कक्षाओं में विद्यार्थी अलग-अलग मातृभाषाएँ लेकर आते हैं। ऐसे में बच्चों की भाषाओं को संसाधन मानकर अंग्रेज़ी पढ़ाने वाला Multilingual approach सबसे उपयुक्त है, जिसकी सिफारिश NCF 2005 में भी की गई है।
प्रश्न 70
The officer is keenly __________ the murder mystry.
- Alooking into
- Blooking after
- Clooking for
- Dlooking out
व्याख्या
Phrasal verb ‘look into’ का अर्थ है ‘जाँच करना’ (investigate), जो हत्या के रहस्य (murder mystery) के साथ सही बैठता है। ‘look after’ = देखभाल करना, ‘look for’ = खोजना, ‘look out’ = सावधान रहना।
प्रश्न 71बोनस — अंतिम कुंजी में निरस्त
According to the nature of obstruction, the following are the fricative sounds
- Ap, b, t
- Bm, n
- Cf, r, s
- Dtʃ, dʒ, ʃ
व्याख्या
BSER ने final key में इस प्रश्न को BONUS घोषित किया है। अंग्रेज़ी में fricative ध्वनियाँ /f, v, θ, ð, s, z, ʃ, ʒ, h/ हैं। (C) ‘f, r, s’ में /r/ approximant है और (D) में /tʃ, dʒ/ affricates हैं, जबकि (A) plosives और (B) nasals हैं; अतः कोई भी विकल्प पूरी तरह सही नहीं है।
प्रश्न 72
___________ is a merit of objective type test.
- ADeeper surface knowledge
- BAnswers are short and definite
- CShort term preparation
- DDescriptive answers
व्याख्या
Objective type test में प्रत्येक प्रश्न का उत्तर छोटा और निश्चित होता है, जिससे जाँच वस्तुनिष्ठ, शीघ्र और पक्षपात-रहित होती है। ‘Descriptive answers’ essay type test की विशेषता है।
प्रश्न 73
You ________ pay your debts.
- Awill
- Bcan
- Cought to
- Dmay
व्याख्या
नैतिक कर्तव्य या दायित्व (moral obligation) व्यक्त करने के लिए ‘ought to’ का प्रयोग होता है — ऋण चुकाना नैतिक कर्तव्य है। ‘will’ भविष्य, ‘can’ क्षमता और ‘may’ अनुमति/संभावना बताते हैं।
प्रश्न 74
Mutual understanding __________ an important step in building healthy relationship.
- Ahave
- Bhas
- Care
- Dis
व्याख्या
कर्ता ‘Mutual understanding’ एकवचन (singular, uncountable) noun है और वाक्य में ‘an important step’ से पहले linking verb चाहिए, इसलिए ‘is’ सही है। ‘has’ अर्थ नहीं देता और ‘have/are’ बहुवचन के साथ आते हैं।
प्रश्न 75
The parents __________ the needs of their children.
- Aare fulfilling
- Bfulfil
- Chas fulfilled
- Dis fulfilled
व्याख्या
कर्ता ‘The parents’ बहुवचन है, इसलिए simple present में क्रिया का मूल रूप ‘fulfil’ आएगा, जो सामान्य सत्य या नियमित कार्य बताता है। ‘has fulfilled’ और ‘is fulfilled’ एकवचन सहायक क्रिया के कारण गलत हैं, और ‘is fulfilled’ passive भी है। ‘are fulfilling’ व्याकरणिक रूप से असंभव नहीं, पर सामान्य कथन के लिए simple present उपयुक्त है, इसलिए BSER कुंजी ने (B) को माना है।
प्रश्न 76
A number of factors __________ for better relationship.
- Amake
- Bneed
- Ccontribute
- Dmakes
व्याख्या
‘A number of + बहुवचन संज्ञा’ बहुवचन अर्थ देता है, इसलिए क्रिया बहुवचन रूप में आएगी; ‘makes’ गलत है। अनुच्छेद का भाव यह है कि अनेक कारक बेहतर संबंध बनाने में योगदान देते हैं, इसलिए ‘contribute’ अर्थ की दृष्टि से सबसे उपयुक्त है (मानक प्रयोग ‘contribute to’ है)। BSER की अंतिम कुंजी ने (C) को सही माना है।
प्रश्न 77
The suitable title of the passage is
- AGood family
- BHealthy family
- CNecessities of a better relationship
- DMaking peace
व्याख्या
पूरा अनुच्छेद बेहतर संबंध के लिए आवश्यक बातों — आपसी संवाद, बच्चों को स्वतंत्रता व सम्मान, और एक-दूसरे के प्रति ज़िम्मेदारी — पर केंद्रित है। अतः ‘Necessities of a better relationship’ सबसे उपयुक्त शीर्षक है; ‘Good family’ या ‘Healthy family’ बहुत सामान्य हैं।
प्रश्न 78
It is the imposed decision of the parents that __________ responsible to spoil the child’s free thinking.
- Acan
- Bis
- Cheld
- Dwould
व्याख्या
Relative pronoun ‘that’ का antecedent ‘the imposed decision’ (एकवचन) है, इसलिए verb ‘is’ आएगा: ‘...that is responsible...’। ‘can/would’ के बाद ‘be’ चाहिए और ‘held’ अकेले व्याकरणिक रूप से ठीक नहीं बैठता।
प्रश्न 79
If the parents lack to fulfil their responsibilities, they cannot expect the same from their children __________.
- Aeither
- Bneither
- Cor
- Dnor
व्याख्या
नकारात्मक वाक्य (cannot expect) के अंत में ‘भी नहीं’ का भाव व्यक्त करने के लिए ‘either’ प्रयुक्त होता है। ‘neither/nor’ स्वयं नकारात्मक हैं, इसलिए ‘cannot’ के साथ double negative बन जाएगा; ‘or’ यहाँ अर्थ नहीं देता।
प्रश्न 80
Mutual interaction and regular communication can make __________ atmosphere in the family.
- Aneedful
- Bdeveloping
- Ccomfortable
- Dsad
व्याख्या
अनुच्छेद के अंत में कहा गया है कि ज़िम्मेदारी न निभाने पर ‘mutual understanding and comfortable atmosphere’ नहीं बन सकता; अर्थात् आपसी संवाद से परिवार में ‘comfortable’ (सुखद) वातावरण बनता है।
प्रश्न 81
The correct transcription of ‘soon’ is
- A/ʃun/
- B/su:n/
- C/sɔn/
- D/sʌ:n/
व्याख्या
‘soon’ में ‘oo’ लंबा स्वर /uː/ है, इसलिए उच्चारण /suːn/ है। (A) में /ʃ/ ध्वनि गलत है, (C) /ɔ/ और (D) /ʌ/ अलग स्वर हैं।
प्रश्न 82
I don’t think I _________ be able to go there.
- Acan
- Bshall
- Cmust
- Dshould
व्याख्या
भविष्य काल में ‘I/We’ के साथ पारंपरिक व्याकरण में ‘shall’ का प्रयोग होता है और ‘be able to’ क्षमता का भविष्य रूप है: ‘I shall be able to go’। ‘can’ और ‘must’ के बाद ‘be able to’ नहीं आता, और ‘should’ सलाह/कर्तव्य बताता है।
प्रश्न 83एक से अधिक उत्तर मान्य
The following is not an objective of remedial teaching.
- Ato segregate the students
- Bto prepare suitable assignments including easy to difficult tasks
- Cto prepare items to test the learning that should take place
- Dto highlight the weaknesses of the students
व्याख्या
BSER की final key में (A) और (D) दोनों स्वीकार हैं। उपचारात्मक शिक्षण (remedial teaching) का उद्देश्य कमज़ोर विद्यार्थियों को अलग-थलग (segregate) करना नहीं, बल्कि उनकी कठिनाइयाँ दूर करना है; इसी तरह केवल उनकी कमज़ोरियों को उजागर (highlight) करना भी उद्देश्य नहीं है। सरल से कठिन कार्य देना और सीखने की जाँच हेतु items तैयार करना इसके वास्तविक उद्देश्य हैं।
प्रश्न 84
In order to learn a foreign language
- AOne must adopt many approaches judiciously and rationally
- BOne must master many foreign languages
- COne must select the students
- DOne must be subjective
व्याख्या
विदेशी भाषा सीखने-सिखाने की कोई एक सर्वोत्तम विधि नहीं है; परिस्थिति के अनुसार अनेक विधियों/approaches का विवेकपूर्ण और तर्कसंगत (eclectic) प्रयोग करना चाहिए। अनेक विदेशी भाषाओं में दक्षता या विद्यार्थियों का चयन आवश्यक नहीं है।
प्रश्न 85
The robbers __________ the defenceless travellers.
- Aset up
- Bset upon
- Cset in
- Dset out
व्याख्या
Phrasal verb ‘set upon’ का अर्थ है ‘अचानक हमला करना’ (attack violently), जो डाकुओं और निहत्थे यात्रियों के सन्दर्भ में सही है। ‘set up’ = स्थापित करना, ‘set in’ = आरंभ होना, ‘set out’ = यात्रा पर निकलना।
प्रश्न 86
The remedial teaching strategies include
- APeer support programme
- BReward scheme
- CFeed back to the students, parents and teachers
- DAll the three
व्याख्या
उपचारात्मक शिक्षण में सहपाठी सहायता (peer support), पुरस्कार योजना द्वारा प्रोत्साहन तथा विद्यार्थियों, अभिभावकों और शिक्षकों को फीडबैक — ये सभी रणनीतियाँ अपनाई जाती हैं। इसलिए ‘All the three’ सही है।
प्रश्न 87
___________ is an example of velar sound.
- Az
- Bð
- Ch
- Dŋ
व्याख्या
Velar ध्वनियाँ जीभ के पिछले भाग के कोमल तालु (soft palate/velum) से स्पर्श से बनती हैं: /k/, /g/, /ŋ/। अतः /ŋ/ (जैसे ‘sing’ में) velar है। /z/ alveolar, /ð/ dental और /h/ glottal ध्वनि है।
प्रश्न 88
A sonnet is a short poem of _______ lines.
- Afourteen
- Bsixteen
- Cthirteen
- Dfifteen
व्याख्या
Sonnet चौदह (14) पंक्तियों की एक छोटी कविता होती है, जैसे Shakespearean sonnet (3 quatrains + 1 couplet) और Petrarchan sonnet (octave + sestet)।
प्रश्न 89
While working with communicative approach, the Indian students lack
- AConfidence
- BAdequate exposure to the target language
- CFacilities
- DAudio visual aids
व्याख्या
Communicative approach सफल तभी होता है जब विद्यार्थियों को लक्ष्य भाषा (अंग्रेज़ी) सुनने-बोलने का पर्याप्त अवसर मिले। भारतीय विद्यार्थियों को कक्षा के बाहर अंग्रेज़ी का पर्याप्त exposure नहीं मिलता, यही उनकी मुख्य कमी है।
प्रश्न 90
‘In the nick of the time’ means
- Awhen the time was over
- Bwhen they needed time
- Cjust at the right moment
- Djust after the accident
व्याख्या
Idiom ‘in the nick of time’ का अर्थ है ‘ठीक समय पर / अंतिम क्षण में’ (just at the right moment)। अन्य विकल्प इस मुहावरे का अर्थ नहीं देते।
खण्ड III — भाषा-II संस्कृत (प्रश्न 61–90)
प्रश्न 61
“पुत्रः प्रातः (6.15) वादने मन्दिरं गच्छति” । रेखाङ्कितं समयं संस्कृते लिखत ।
- Aसार्धषड्वादने
- Bसपादषड्वादने
- Cअर्द्धषड्वादने
- Dपादोनषड्वादने
व्याख्या
सवा (¼ अधिक) के लिए संस्कृत में ‘सपाद’ शब्द प्रयुक्त होता है। 6:15 अर्थात् सवा छह बजे = ‘सपादषड्वादने’। ‘सार्ध’ = साढ़े (6:30) और ‘पादोन’ = पौने (5:45) के लिए प्रयुक्त होता है।
प्रश्न 62
चतुर्विध-कौशलेषु अन्तिमं कौशलं किम् अस्ति ?
- Aपठनकौशलम्
- Bलेखनकौशलम्
- Cभाषणकौशलम्
- Dश्रवणकौशलम्
व्याख्या
चार भाषा कौशलों का क्रम है — श्रवण, भाषण, पठन, लेखन। इस क्रम में अन्तिम कौशल लेखनकौशल है, क्योंकि लिखना सबसे बाद में और सबसे जटिल रूप में विकसित होता है।
प्रश्न 63
“स्वधर्मे ____________ श्रेयः परधर्मो भयावहः” अत्र रिक्तस्थानम् उचित-पदेन पूरयत
- Aनिधनम्
- Bमारणम्
- Cजीवनम्
- Dस्मरणम्
व्याख्या
यह भगवद्गीता (3.35) की प्रसिद्ध पंक्ति है — ‘स्वधर्मे निधनं श्रेयः परधर्मो भयावहः’, अर्थात् अपने धर्म का पालन करते हुए मृत्यु भी श्रेयस्कर है, दूसरे का धर्म भयावह है। अतः रिक्त स्थान में ‘निधनम्’ आएगा।
प्रश्न 64
“शल्” इति प्रत्याहारस्य वर्णाः भवन्ति
- Aश् घ् ध् ढ्
- Bश् स् य् व्
- Cश् ष् स् ह्
- Dश् ष् य् ल्
व्याख्या
शल् प्रत्याहार माहेश्वर सूत्र ‘शषसर्’ के ‘श’ से लेकर ‘हल्’ के ‘ल्’ तक बनता है। इत् वर्ण (र्, ल्) छोड़ने पर इसमें श्, ष्, स्, ह् — ये चार ऊष्म वर्ण आते हैं। अतः विकल्प (C) सही है।
प्रश्न 65
वाणीरूपं भाव प्रकटनमेव किं कौशलम् उच्यते ?
- Aभाषाणकौशलम्
- Bपठनकौशलम्
- Cलेखनकौशलम्
- Dश्रवणकौशलम्
व्याख्या
वाणी के द्वारा अपने भाव और विचार प्रकट करना भाषण (बोलना) कौशल कहलाता है। पठन और श्रवण ग्रहणात्मक (receptive) कौशल हैं, जबकि लेखन में भाव लिखित रूप में प्रकट होते हैं, वाणी से नहीं। (विकल्प में ‘भाषाणकौशलम्’ मुद्रण के अनुसार लिखा गया है, आशय ‘भाषणकौशलम्’ है।)
प्रश्न 66
केषां प्रश्नानामुत्तरं द्वि-त्रि शब्देषु एकपंक्त्यां वा भवति ?
- Aप्रत्यास्मरणानाम्
- Bवस्तुनिष्ठानाम्
- Cअतिलघूत्तरात्मकानाम्
- Dनिबन्धात्मकानाम्
व्याख्या
जिन प्रश्नों का उत्तर दो-तीन शब्दों या एक पंक्ति में दिया जाता है, वे अतिलघूत्तरात्मक (Very Short Answer) प्रश्न कहलाते हैं। निबन्धात्मक प्रश्नों में विस्तृत उत्तर लिखना होता है, और वस्तुनिष्ठ प्रश्नों में प्रायः विकल्प चुनना होता है।
प्रश्न 67
“सः धनं ददाति” इत्यस्य वाक्यस्य वाच्यपरिवर्तनं वर्तते
- Aसः धनं दीयते ।
- Bतेन धनं दीयते ।
- Cतेन धनं ददाति ।
- Dतेन धनेन दीयते ।
व्याख्या
कर्तृवाच्य ‘सः धनं ददाति’ को कर्मवाच्य में बदलने पर कर्ता ‘सः’ तृतीया में ‘तेन’ होता है, कर्म ‘धनम्’ प्रथमा में रहता है और ‘दा’ धातु का कर्मवाच्य रूप ‘दीयते’ बनता है। अतः ‘तेन धनं दीयते’ सही है। (C) में क्रिया कर्तृवाच्य की ही रह गई है।
प्रश्न 68
इन्द्रियाधारेण दृश्यश्रव्योपकरणानि मुख्यतः कतिषु योगेषु विभाजयितुं शक्यन्ते ?
- Aपञ्चसु
- Bनवसु
- Cत्रिषु
- Dषट्सु
व्याख्या
इन्द्रियों के आधार पर शिक्षण सहायक सामग्री को मुख्यतः तीन वर्गों में बाँटा जाता है — दृश्य साधन (आँख से, जैसे श्यामपट्ट, मानचित्र), श्रव्य साधन (कान से, जैसे आकाशवाणी) और दृश्य-श्रव्य साधन (दोनों से, जैसे दूरदर्शन, सङ्गणक)। अतः उत्तर ‘त्रिषु’ है।
प्रश्न 69
“आलोकात् श्यामः चतुरतरः अस्ति” रेखाङ्कितपदमाधारीकृत्य प्रश्ननिर्माणं कुरुत
- Aकस्य
- Bकेन
- Cकस्मिन्
- Dकस्मात्
व्याख्या
रेखाङ्कित पद ‘आलोकात्’ पञ्चमी विभक्ति में है, क्योंकि तुलना (‘तरप्’ प्रत्यय वाले ‘चतुरतरः’) में जिससे तुलना की जाती है उसमें पञ्चमी होती है। ‘किम्’ का पुंल्लिङ्ग पञ्चमी एकवचन रूप ‘कस्मात्’ है, अतः प्रश्नवाचक पद ‘कस्मात्’ होगा।
प्रश्न 70
“पाठ्यक्रमस्य उद्देश्यानि मूल्यानि च प्रति छात्राणां प्रवृत्तेः आकलनम्” इति कस्य अर्थः भवति ?
- Aमूल्याङ्कनस्य
- Bमापनस्य
- Cनिरीक्षणस्य
- Dपरिवीक्षणस्य
व्याख्या
पाठ्यक्रम के उद्देश्यों और मूल्यों के सन्दर्भ में छात्रों की प्रगति/प्रवृत्ति का आकलन करना मूल्याङ्कन (Evaluation) कहलाता है। मापन (Measurement) केवल अंकों में मात्रात्मक माप देता है, जबकि मूल्याङ्कन उद्देश्यों के सापेक्ष गुणात्मक निर्णय भी करता है।
प्रश्न 71
“विवाहे संजाते” इत्यत्र का विभक्तिः ?
- Aपञ्चमी
- Bसप्तमी
- Cचतुर्थी
- Dप्रथमा
व्याख्या
‘विवाहे संजाते’ (विवाह हो जाने पर) में दोनों पद सप्तमी विभक्ति में हैं। जब एक क्रिया के होने से दूसरी क्रिया का होना बताया जाए, तब ‘यस्य च भावेन भावलक्षणम्’ सूत्र से सप्तमी होती है, जिसे ‘सति सप्तमी’ कहते हैं।
प्रश्न 72
“शिक्षावदेव” अत्र कः सन्धि ?
- Aजश्त्वसन्धिः
- Bचर्त्वसन्धिः
- Cश्चुत्वसन्धिः
- Dष्टुत्वसन्धिः
व्याख्या
‘शिक्षावदेव’ = शिक्षावत् + एव। यहाँ पदान्त ‘त्’ के बाद स्वर ‘ए’ आने पर ‘झलां जशोऽन्ते’ सूत्र से ‘त्’ को उसी वर्ग का तीसरा वर्ण ‘द्’ हो गया, यह जश्त्व सन्धि है। चर्त्व सन्धि में इसके विपरीत जश् वर्ण चर् (कठोर) वर्ण में बदलता है।
प्रश्न 73
“मातृशक्तेः” इत्यत्र कः समासः ?
- Aअव्ययीभावः
- Bकर्मधारयः
- Cद्वन्द्वः
- Dतत्पुरुषः
व्याख्या
‘मातृशक्तेः’ का विग्रह है ‘मातुः शक्तिः’ (माता की शक्ति), जिसमें पूर्वपद षष्ठी विभक्ति में है, इसलिए यह षष्ठी तत्पुरुष समास है। अव्ययीभाव में पूर्वपद अव्यय होता है और द्वन्द्व में दोनों पद प्रधान होते हैं, जो यहाँ नहीं है।
प्रश्न 74
विद्याया अभावात् स्त्री स्वकीयं कर्तव्यं न जानाति । इत्यस्मिन् वाक्ये विशेषणपदम् किम् ?
- Aविद्यायाः
- Bकर्तव्यम्
- Cअभावात्
- Dस्वकीयम्
व्याख्या
वाक्य में ‘स्वकीयम्’ (अपना) पद ‘कर्तव्यम्’ की विशेषता बताता है, इसलिए यह विशेषण है और ‘कर्तव्यम्’ विशेष्य है। ‘विद्यायाः’ षष्ठी सम्बन्ध वाला पद है और ‘अभावात्’ हेतु में पञ्चमी है।
प्रश्न 75
“करणीयः” इत्यत्र कः प्रत्ययः ?
- Aअनीयर्
- Bनीय
- Cअनीय
- Dअणीय
व्याख्या
‘करणीयः’ = कृ धातु + अनीयर् प्रत्यय (करने योग्य)। अनीयर् प्रत्यय में ‘र्’ इत् होता है और ‘अनीय’ शेष रहता है; कृ के ‘ऋ’ का गुण ‘अर्’ होकर और णत्व होकर ‘करणीय’ बनता है। प्रत्यय का शास्त्रीय नाम ‘अनीयर्’ है, इसलिए (A) सही है।
प्रश्न 76
“वानरः वृक्षे तिष्ठति” वाक्यमिदं लृट्-लकारे-परिवर्तयत
- Aवानरः वृक्षे तिष्ठिष्यति ।
- Bवानरः वृक्षं स्थास्यति ।
- Cवानरः वृक्षे स्थास्यति ।
- Dवानरः वृक्षं तिष्ठिष्यति ।
व्याख्या
‘तिष्ठति’ स्था धातु (ठहरना) का लट् रूप है; स्था का लृट्-लकार प्रथम पुरुष एकवचन रूप ‘स्थास्यति’ होता है (‘तिष्ठिष्यति’ कोई शुद्ध रूप नहीं है)। ‘वृक्षे’ आधार होने से सप्तमी में ही रहेगा। अतः ‘वानरः वृक्षे स्थास्यति’ सही है।
प्रश्न 77
वर्णसमाम्नाय-पद्धतिः कः विधि ?
- Aकथाविधिः
- Bपदविधिः
- Cवाक्यविधिः
- Dअक्षरविधिः
व्याख्या
वर्णसमाम्नाय पद्धति में पहले वर्णमाला के अक्षर (वर्ण) सिखाए जाते हैं, फिर उनसे शब्द और वाक्य बनाए जाते हैं। इसलिए यह अक्षरविधि (वर्ण विधि) है। पदविधि और वाक्यविधि में शिक्षण शब्द या वाक्य से आरम्भ होता है।
प्रश्न 78
“ओ” इति वर्णस्य उच्चारणस्थानं वर्तते
- Aकण्ठ-तालु
- Bदन्तोष्ठम्
- Cकण्ठोष्ठम्
- Dमूर्धा
व्याख्या
‘ओ’ और ‘औ’ वर्णों का उच्चारण स्थान कण्ठ और ओष्ठ दोनों है — ‘ओदौतोः कण्ठोष्ठम्’। ‘ए, ऐ’ का स्थान कण्ठ-तालु है और ‘व’ का दन्तोष्ठ।
प्रश्न 79बोनस — अंतिम कुंजी में निरस्त
स्वामिकप्रवृत्या सह सम्बन्धिसिद्धान्तस्य नाम
- Aरुचिसिद्धान्तः
- Bसमवायसिद्धान्तः
- Cमौखिककार्यसिद्धान्तः
- Dस्वाभाविकता सिद्धान्तः
व्याख्या
BSER ने अन्तिम उत्तर-कुंजी में इस प्रश्न को निरस्त (BONUS) कर दिया, अर्थात् सभी परीक्षार्थियों को इसके अंक दिए गए। बोर्ड ने कारण नहीं बताया। प्रश्न में छपा शब्द ‘स्वामिकप्रवृत्या’ स्पष्ट नहीं है (सम्भवतः ‘स्वाभाविकप्रवृत्त्या’ आशय था), जिससे प्रश्न का अर्थ ही अस्पष्ट हो जाता है।
प्रश्न 80
“मम परितः क्षेत्राणि सन्ति” वाक्यमिदं संशोधयत
- Aमह्यं परितः क्षेत्राणि सन्ति ।
- Bमया परितः क्षेत्राणि सन्ति ।
- Cअहम् परितः क्षेत्राणि सन्ति ।
- Dमां परितः क्षेत्राणि सन्ति ।
व्याख्या
‘परितः’ (चारों ओर) के योग में द्वितीया विभक्ति होती है — ‘अभितःपरितःसमयानिकषाहाप्रतियोगेऽपि’ वार्त्तिक। अतः ‘मम’ (षष्ठी) के स्थान पर अस्मद् का द्वितीया एकवचन ‘माम्’ (मां) होगा: ‘मां परितः क्षेत्राणि सन्ति’।
प्रश्न 81
श्रव्यसाधनेषु नास्ति
- Aआकाशवाणी
- Bश्यामपट्टः
- Cवर्तुलाकारध्वनिग्राहकः
- Dध्वन्यभिलेखः
व्याख्या
श्रव्य साधन वे हैं जिनका उपयोग सुनकर किया जाता है, जैसे आकाशवाणी, ध्वनिग्राहक और ध्वन्यभिलेख (रिकॉर्डर)। श्यामपट्ट (ब्लैकबोर्ड) आँखों से देखा जाता है, इसलिए यह दृश्य साधन है, श्रव्य नहीं।
प्रश्न 82
“मैं इस गाँव में आ गया ।” अस्य वाक्यस्य संस्कृतानुवादः भवति
- Aअहम् इमं ग्रामं गच्छामि ।
- Bअहम् अस्मिन् ग्रामे अगच्छम् ।
- Cअहम् इमं ग्रामम् आगच्छम् ।
- Dअहम् इमं ग्रामात् आगच्छम् ।
व्याख्या
‘आ गया’ भूतकाल है, इसलिए आ + गम् धातु का लङ् उत्तम पुरुष एकवचन ‘आगच्छम्’ होगा। गत्यर्थक धातु के योग में जहाँ जाया/आया जाए उसमें द्वितीया होती है, इसलिए ‘इमं ग्रामम्’ होगा। अतः ‘अहम् इमं ग्रामम् आगच्छम्’ सही है; (A) वर्तमान काल का है और (D) ‘ग्रामात्’ से ‘गाँव से’ अर्थ देता है।
प्रश्न 83
“कर्णाभ्यां श्रवणम् , मुखेन च भाषणम् उभाविव संस्कृत शिक्षणस्य आधारौस्तः” इति कस्य शिक्षण सिद्धान्तस्य विशेषता ?
- Aमौखिक कार्य-सिद्धान्तस्य
- Bअभ्यासस्य सिद्धान्तस्य
- Cरुचेः सिद्धान्तस्य
- Dसमवाय-सिद्धान्तस्य
व्याख्या
कानों से सुनना और मुख से बोलना — इन दोनों को भाषा शिक्षण का आधार मानना मौखिक कार्य के सिद्धान्त (Principle of Oral Work) की विशेषता है। इस सिद्धान्त के अनुसार पढ़ने-लिखने से पहले मौखिक अभ्यास (सुनना-बोलना) कराया जाना चाहिए।
प्रश्न 84
“95” इमां संख्यां संस्कृते लिखत ।
- Aपञ्चनवतिः
- Bपञ्चनवनवतिः
- Cपञ्चानवतिः
- Dपञ्चदशनवतिः
व्याख्या
95 = पाँच + नब्बे; संस्कृत में ‘पञ्च’ + ‘नवतिः’ = ‘पञ्चनवतिः’। अन्य विकल्प संस्कृत संख्या-नियम के अनुसार अशुद्ध हैं।
प्रश्न 85
“हर वार्टीय पञ्चपदी” इत्यस्मिन् विधौ कतिः सोपानानि भवन्ति ?
- Aत्रिसोपानानि
- Bपञ्चसोपानानि
- Cनवसोपानानि
- Dसप्तसोपानानि
व्याख्या
हरबार्ट (Herbart) की पञ्चपदी में पाँच सोपान होते हैं — प्रस्तावना (तैयारी), प्रस्तुतीकरण, तुलना/सम्बन्ध, सामान्यीकरण और प्रयोग (अनुप्रयोग)। अतः उत्तर ‘पञ्चसोपानानि’ है।
प्रश्न 86
उपर्युक्ते श्लोके किं छन्दः प्रयुक्तम् ?
- Aउपजातिः
- Bइन्द्रवज्रा
- Cउपेन्द्रवज्रा
- Dवंशस्थम्
व्याख्या
इन्द्रवज्रा (त त ज ग ग) और उपेन्द्रवज्रा (ज त ज ग ग) दोनों 11 अक्षरों के छन्द हैं; इन्द्रवज्रा का पहला अक्षर गुरु और उपेन्द्रवज्रा का लघु होता है। श्लोक के ‘वर्षागमे…’ और ‘क्वान्यत्र…’ चरण गुरु से आरम्भ (इन्द्रवज्रा) और ‘सरः सु…’ चरण लघु से आरम्भ (उपेन्द्रवज्रा) होते हैं। जब इन दोनों के चरण मिले हों तो वह उपजाति छन्द कहलाता है।
प्रश्न 87
“रमेत” इत्यस्मिन् पदे कः लकारः ?
- Aलङ् लकारः
- Bविधिलिङ् लकारः
- Cलट् लकारः
- Dलोट् लकारः
व्याख्या
‘रमेत’ रम् धातु (आत्मनेपद), विधिलिङ्-लकार, प्रथम पुरुष, एकवचन का रूप है (रमेत, रमेयाताम्, रमेरन्)। इसका अर्थ है ‘रमेगा/रम सकता है’। लट् में ‘रमते’, लोट् में ‘रमताम्’ और लङ् में ‘अरमत’ रूप होता है।
प्रश्न 88
“सरः सु” इत्यत्र किं लिङ्गम् ?
- Aनपुंसकलिङ्गम्
- Bस्त्रीलिङ्गम्
- Cपुंल्लिङ्गम्
- Dउभयलिङ्गम्
व्याख्या
‘सरःसु’ सकारान्त ‘सरस्’ (तालाब) शब्द का सप्तमी बहुवचन रूप है। ‘सरस्’ नपुंसकलिङ्ग शब्द है (जैसे मनस्, पयस्), अतः उत्तर नपुंसकलिङ्ग है।
प्रश्न 89
“शरत्-प्रसन्नं सलिलं चकास्ति” इत्यत्र विशेष्यपदं किम् ?
- Aप्रसन्नम्
- Bशरत्
- Cचकास्ति
- Dसलिलम्
व्याख्या
‘शरत्-प्रसन्नं सलिलं चकास्ति’ में ‘शरत्-प्रसन्नम्’ (शरद् ऋतु के समान स्वच्छ) पद ‘सलिलम्’ (जल) की विशेषता बताता है, अतः ‘सलिलम्’ विशेष्य है। ‘चकास्ति’ क्रियापद है।
प्रश्न 90
“क्वान्यत्र” इत्यत्र कः सन्धि ?
- Aगुण सन्धिः
- Bअयादि सन्धिः
- Cदीर्घ सन्धिः
- Dयण् सन्धिः
व्याख्या
‘क्वान्यत्र’ = क्व + अन्यत्र। यहाँ ‘अ + अ = आ’ हुआ है, जो ‘अकः सवर्णे दीर्घः’ सूत्र से दीर्घ सन्धि है। ‘क्व’ के ‘व’ को देखकर यण् सन्धि समझना भूल है, क्योंकि ‘व’ मूल शब्द में ही है।
खण्ड IV — गणित (प्रश्न 91–120)
प्रश्न 91
एक कुर्सी को ₹ 1,080 में बेचने पर दुकानदार को 10% हानि होती है । वह इस कुर्सी को कितने में बेचे कि उसे 10% लाभ हो ?
- A₹ 1,200
- B₹ 1,400
- C₹ 1,100
- D₹ 1,320
व्याख्या
10% हानि पर विक्रय मूल्य ₹1,080 है, अतः क्रय मूल्य = 1080 × 100/90 = ₹1,200। 10% लाभ के लिए विक्रय मूल्य = 1200 × 110/100 = ₹1,320। विकल्प (A) ₹1,200 तो क्रय मूल्य है, विक्रय मूल्य नहीं।
प्रश्न 92
प्रत्यास्मरण तथा प्रत्याभिज्ञान का विकास निम्न में से किस शिक्षण उद्देश्य में किया जाता है ?
- Aविश्लेषण
- Bबोध
- Cसंश्लेषण
- Dज्ञान
व्याख्या
ब्लूम के वर्गीकरण (Bloom's Taxonomy) में 'ज्ञान' (Knowledge) सबसे निचला स्तर है, जिसमें तथ्यों, परिभाषाओं आदि का प्रत्यास्मरण (recall) और प्रत्याभिज्ञान (recognition) विकसित किया जाता है। 'बोध' (Understanding) में अर्थ समझना, अनुवाद व व्याख्या करना आता है, जबकि विश्लेषण व संश्लेषण उच्च स्तर के उद्देश्य हैं।
प्रश्न 93
P/Q के रूप में 1.2̅7̅ (27 आवर्ती) बराबर होगा
- A17/11
- B11/14
- C14/11
- D11/12
व्याख्या
1.2̅7̅ में 27 आवर्ती है, अतः 0.2̅7̅ = 27/99 = 3/11। इसलिए 1.2̅7̅ = 1 + 3/11 = 14/11। विकल्प (B) 11/14 इसका व्युत्क्रम है, जो 1 से छोटा है, अतः गलत है।
प्रश्न 94
“यद्यपि गणित तर्कशास्त्र की एक शाखा नहीं है, फिर भी यह तर्कपूर्ण भाषा है ।” यह कथन किसने दिया ?
- Aबर्ट्रेण्ड रसेल
- Bगॉस
- Cलॉक
- Dहॉगवेन
व्याख्या
गणित की प्रकृति (nature of mathematics) से जुड़े कथनों में यह कथन — कि गणित तर्कशास्त्र की शाखा न होकर भी एक तर्कपूर्ण भाषा है — BSER की अंतिम उत्तर कुंजी के अनुसार बर्ट्रेण्ड रसेल (Bertrand Russell) का माना गया है। रसेल गणित और तर्कशास्त्र (logic) के संबंध पर अपने कार्य के लिए प्रसिद्ध दार्शनिक-गणितज्ञ थे। अतः आधिकारिक उत्तर (A) है।
प्रश्न 95
60 से 80 के बीच सभी अभाज्य संख्याओं का योग है
- A291
- B351
- C434
- D373
व्याख्या
60 और 80 के बीच अभाज्य संख्याएँ हैं: 61, 67, 71, 73, 79। इनका योग = 61 + 67 + 71 + 73 + 79 = 351। ध्यान दें कि 63, 69, 77 आदि अभाज्य नहीं हैं (क्रमशः 3, 3, 7 से विभाज्य)।
प्रश्न 96
आँकड़ों को स्तम्भों और पंक्तियों में क्रमबद्ध रूप में प्रस्तुत करने की व्यवस्था को कहते हैं
- Aसारणीयन
- Bमध्यमान
- Cदण्ड आरेख
- Dमाध्यिका
व्याख्या
आँकड़ों को स्तम्भों (columns) और पंक्तियों (rows) में क्रमबद्ध रूप से प्रस्तुत करना सारणीयन (Tabulation) कहलाता है। मध्यमान और माध्यिका केंद्रीय प्रवृत्ति के माप हैं, तथा दण्ड आरेख आँकड़ों का चित्रात्मक (graphical) प्रस्तुतीकरण है, सारणी नहीं।
प्रश्न 97
एक घड़ी को ₹ 1,260 में खरीद कर ₹ 1,197 में बेचे जाने पर हानि प्रतिशत कितना है ?
- A4%
- B5%
- C7%
- D10%
व्याख्या
हानि = 1260 − 1197 = ₹63। हानि प्रतिशत = (63/1260) × 100 = 5%। (हानि प्रतिशत हमेशा क्रय मूल्य पर निकाला जाता है।)
प्रश्न 98
लीलावती नामक पुस्तक के लेखक हैं
- Aब्रह्मगुप्त
- Bभास्कराचार्य द्वितीय
- Cरोजर बेकन
- Dगैलीलियो
व्याख्या
'लीलावती' भास्कराचार्य द्वितीय (भास्कर II) की प्रसिद्ध गणित पुस्तक है, जो उनके ग्रंथ 'सिद्धांत शिरोमणि' का अंकगणित वाला भाग है। ब्रह्मगुप्त ने 'ब्रह्मस्फुटसिद्धांत' लिखा था, जबकि रोजर बेकन और गैलीलियो यूरोपीय विद्वान थे।
प्रश्न 99
पाँच करोड़ बावन लाख इक्कीस हजार तीन सौ पाँच का अंकीय रूप है
- A52521305
- B55221305
- C53052125
- D52152305
व्याख्या
पाँच करोड़ = 5,00,00,000; बावन लाख = 52,00,000; इक्कीस हजार = 21,000; तीन सौ पाँच = 305। इन्हें जोड़ने पर भारतीय पद्धति में 5,52,21,305 अर्थात् 55221305 प्राप्त होता है।
प्रश्न 100
10% वार्षिक साधारण ब्याज की दर से कोई धन कितने वर्षों में तीन गुना हो जाएगा ?
- A20 वर्ष
- B15 वर्ष
- C10 वर्ष
- D25 वर्ष
व्याख्या
धन तीन गुना होने का अर्थ है ब्याज = मूलधन का 2 गुना = 200%। साधारण ब्याज में समय = (ब्याज × 100)/(मूलधन × दर) = 200/10 = 20 वर्ष। विकल्प (C) 10 वर्ष में धन केवल दुगुना होता है।
प्रश्न 101
यदि चार दर्जन पेन का मूल्य ₹ 120 है, तो ₹ 35 में कितने पेन खरीदे जा सकते हैं ?
- A10
- B12
- C24
- D14
व्याख्या
चार दर्जन = 4 × 12 = 48 पेन, जिनका मूल्य ₹120 है। अतः 1 पेन का मूल्य = 120/48 = ₹2.50। ₹35 में पेन = 35/2.5 = 14 पेन।
प्रश्न 102
यदि 12 पैकेट पेंसिल का मूल्य 362 रुपये 76 पैसे हो, तो एक पैकेट पेंसिल का मूल्य है
- A30 रुपये 23 पैसे
- B33 रुपये 30 पैसे
- C23 रुपये 30 पैसे
- D13 रुपये 23 पैसे
व्याख्या
362 रुपये 76 पैसे = 36276 पैसे। एक पैकेट का मूल्य = 36276 ÷ 12 = 3023 पैसे = 30 रुपये 23 पैसे। विकल्प (C) 23 रुपये 30 पैसे में अंकों का क्रम उलटा है, इसलिए गलत है।
प्रश्न 103बोनस — अंतिम कुंजी में निरस्त
6 यदि वर्ग की प्रत्येक भुजा एक तिहाई कम कर दी जाए, तो क्षेत्रफल हो जाएगा
- A1/3
- B1/2
- C1/9
- D1/6
व्याख्या
BSER ने अंतिम उत्तर कुंजी में इस प्रश्न को BONUS (निरस्त) कर दिया है। कारण यह प्रतीत होता है कि अंग्रेज़ी और हिंदी रूप में अर्थ अलग है: अंग्रेज़ी 'reduced to one-third' के अनुसार भुजा a/3 होने पर क्षेत्रफल 1/9 गुना हो जाता है (विकल्प C), जबकि हिंदी 'एक तिहाई कम कर दी जाए' के अनुसार भुजा 2a/3 होने पर क्षेत्रफल 4/9 गुना होता है, जो किसी विकल्प में नहीं है। साथ ही प्रश्न में 'मूल क्षेत्रफल का कितना भाग' स्पष्ट नहीं लिखा गया है।
प्रश्न 104
यदि एक कोण अपने पूरक कोण का दुगुना हो, तो उस कोण का मान होगा
- A35°
- B45°
- C60°
- D90°
व्याख्या
मान लें कोण = x, तो उसका पूरक कोण = 90° − x। शर्त: x = 2(90° − x) ⇒ 3x = 180° ⇒ x = 60°। जाँच: 60° का पूरक 30° है और 60° = 2 × 30°।
प्रश्न 105
1/20 + 1/30 + 1/42 + 1/56 का मान है
- A0.152
- B1.125
- C0.125
- D0.120
व्याख्या
20 = 4×5, 30 = 5×6, 42 = 6×7, 56 = 7×8 तथा 1/(n(n+1)) = 1/n − 1/(n+1)। अतः योग = (1/4 − 1/5) + (1/5 − 1/6) + (1/6 − 1/7) + (1/7 − 1/8) = 1/4 − 1/8 = 1/8 = 0.125। विकल्प (B) 1.125 में दशमलव गलत है — चार छोटी भिन्नों का योग 1 से अधिक नहीं हो सकता।
प्रश्न 106
एक आयताकार प्लाट की लम्बाई, उसकी चौड़ाई से 10 मीटर अधिक है । यदि प्लाट के चारों ओर बाड़ लगाने का खर्च ₹ 15.50 प्रति मीटर की दर से ₹ 1,550 हो, तो प्लाट की लम्बाई होगी
- A20 मीटर
- B30 मीटर
- C40 मीटर
- D10 मीटर
व्याख्या
परिमाप = कुल खर्च ÷ दर = 1550 ÷ 15.50 = 100 मीटर। यदि चौड़ाई b है तो लम्बाई b + 10, अतः 2(b + 10 + b) = 100 ⇒ 2b + 10 = 50 ⇒ b = 20 मीटर। इसलिए लम्बाई = 30 मीटर; विकल्प (A) 20 मीटर चौड़ाई है।
प्रश्न 107
16 और 36 के लघुतम समापवर्त्य व महत्तम समापवर्तक का अनुपात है
- A36 : 1
- B16 : 1
- C1 : 36
- D72 : 1
व्याख्या
16 = 2⁴ और 36 = 2² × 3²। म.स. (HCF) = 2² = 4 तथा ल.स. (LCM) = 2⁴ × 3² = 144। अतः LCM : HCF = 144 : 4 = 36 : 1। विकल्प (C) 1 : 36 उलटा अनुपात (HCF : LCM) है।
प्रश्न 108
एक परीक्षण का वह गुण जिसके द्वारा मेधावी, कमजोर तथा पिछड़े हुए विद्यार्थियों के बीच काफी सीमा तक भेद किया जा सके, कहलाता है
- Aवैधता
- Bविभेदकारिता
- Cविश्वसनीयता
- Dस्पष्टता
व्याख्या
परीक्षण का वह गुण जिससे मेधावी, सामान्य और कमजोर विद्यार्थियों में अंतर किया जा सके, विभेदकारिता (Discrimination) कहलाता है। वैधता का अर्थ है परीक्षण वही मापे जिसके लिए बना है, और विश्वसनीयता का अर्थ है बार-बार प्रयोग पर परिणामों की संगति।
प्रश्न 109एक से अधिक उत्तर मान्य
निम्न में से किस गणित शिक्षण विधि में ‘करके सीखने के सिद्धान्त’ को महत्व दिया गया ?
- Aप्रदर्शन विधि
- Bव्याख्यान विधि
- Cप्रयोगशाला विधि
- Dह्यूरिस्टिक विधि
व्याख्या
BSER की अंतिम कुंजी ने (C) और (D) दोनों को सही माना है। प्रयोगशाला विधि (Laboratory method) 'करके सीखो' (learning by doing) के सिद्धांत पर ही आधारित है, जिसमें विद्यार्थी स्वयं प्रयोग व माप करके निष्कर्ष निकालते हैं। ह्यूरिस्टिक (अन्वेषण) विधि में भी विद्यार्थी स्वयं खोज करके, स्वयं क्रियाशील रहकर सीखता है, इसलिए इसे भी स्वीकार किया गया। प्रदर्शन और व्याख्यान विधियों में मुख्य रूप से शिक्षक सक्रिय रहता है।
प्रश्न 110
5 का ‘परम मित्र अंक’ है
- A3
- B4
- C5
- D10
व्याख्या
वैदिक गणित में दो अंक जिनका योग 10 हो, एक-दूसरे के 'परम मित्र अंक' कहलाते हैं (जैसे 1-9, 2-8, 3-7, 4-6)। 5 + 5 = 10, अतः 5 का परम मित्र अंक स्वयं 5 है। (जिनका योग 5 हो, जैसे 1-4, 2-3, वे 'मित्र अंक' कहलाते हैं।)
प्रश्न 111
मूल्यांकन प्रक्रिया को त्रिकोणात्मक रूप से किसके द्वारा प्रदर्शित किया गया है ?
- Aआई. के. डेविस
- Bडॉ. ब्लूम
- Cस्किनर
- Dरॉस
व्याख्या
मूल्यांकन प्रक्रिया को त्रिभुज (त्रिकोण) के रूप में डॉ. बी. एस. ब्लूम ने प्रदर्शित किया। इस त्रिभुज के तीन कोने हैं — शैक्षिक उद्देश्य, अधिगम अनुभव (शिक्षण) और मूल्यांकन (व्यवहार परिवर्तन), जो परस्पर एक-दूसरे से जुड़े रहते हैं।
प्रश्न 112
दिये गये चित्र में ∠AOD का मान है
चित्र: DOC is a straight line with O on it. Rays OA and OB rise from O into the upper half. Angle AOD is (5x) degrees, angle BOA is (3x-2) degrees, and angle COB is (x+2) degrees. Diagram added and verified: solving gives x=20, so angle AOD = 100 degrees, matching the stored answer.
- A60°
- B90°
- C100°
- D20°
व्याख्या
DOC एक सरल रेखा है, अतः उस पर बने सभी कोणों का योग 180° होगा: 5x + (3x − 2) + (x + 2) = 180° ⇒ 9x = 180° ⇒ x = 20°। इसलिए ∠AOD = 5x = 100°। विकल्प (D) 20° केवल x का मान है, कोण का नहीं।
प्रश्न 113
13/15, 15/17, 17/19 तथा 19/21 में से कौन-सी भिन्न सबसे बड़ी भिन्न है ?
- A19/21
- B13/15
- C17/19
- D15/17
व्याख्या
प्रत्येक भिन्न में हर, अंश से 2 अधिक है: 13/15 = 1 − 2/15, 15/17 = 1 − 2/17, 17/19 = 1 − 2/19, 19/21 = 1 − 2/21। जिसका हर सबसे बड़ा है उसमें 1 से घटने वाला भाग (2/21) सबसे छोटा है, अतः 19/21 सबसे बड़ी भिन्न है।
प्रश्न 114
निम्न में से किसको शिक्षा का केन्द्र मानते हुए पाठ्यक्रम निर्माण करना चाहिए ?
- Aविद्यालय
- Bशिक्षक
- Cअभिभावक
- Dबालक
व्याख्या
आधुनिक शिक्षा बाल-केन्द्रित (child-centred) है, अतः पाठ्यक्रम निर्माण बालक को शिक्षा का केन्द्र मानकर, उसकी रुचि, आवश्यकता, आयु और क्षमता के अनुसार किया जाना चाहिए। विद्यालय, शिक्षक और अभिभावक सहायक हैं, केन्द्र नहीं।
प्रश्न 115
निम्न में से किस परीक्षण से विद्यार्थियों की विशिष्ट विषय विशेष की अधिगम कठिनाइयों तथा कमजोरियों का पता लगाया जा सकता है ?
- Aनिदानात्मक परीक्षण
- Bउपलब्धि परीक्षण
- Cमानसिक क्षमता परीक्षण
- Dबुद्धि लब्धि परीक्षण
व्याख्या
निदानात्मक परीक्षण (Diagnostic test) का उद्देश्य किसी विषय विशेष में विद्यार्थी की विशिष्ट अधिगम कठिनाइयों और कमजोरियों का पता लगाना है, जिसके बाद उपचारात्मक शिक्षण (remedial teaching) दिया जाता है। उपलब्धि परीक्षण केवल यह मापता है कि विद्यार्थी ने कितना सीखा।
प्रश्न 116
चार क्रमागत सम संख्याओं का औसत 23 है, इनमें सबसे बड़ी संख्या है
- A26
- B24
- C20
- D18
व्याख्या
चार क्रमागत सम संख्याएँ x, x+2, x+4, x+6 मानें। औसत = (4x + 12)/4 = x + 3 = 23 ⇒ x = 20। संख्याएँ 20, 22, 24, 26 हैं, अतः सबसे बड़ी संख्या 26 है।
प्रश्न 117
निम्न में से किसने सूक्ष्म-शिक्षण का विकास किया ?
- Aबर्टन
- Bक्रो व क्रो
- Cड्वाइट डब्ल्यू. एलन
- Dहेनरी मोरे
व्याख्या
सूक्ष्म-शिक्षण (Micro-teaching) का विकास अमेरिका के स्टैनफोर्ड विश्वविद्यालय में ड्वाइट डब्ल्यू. एलन (Dwight W. Allen) और उनके सहयोगियों ने किया। इसमें शिक्षक कम समय में, छोटी कक्षा के सामने एक-एक शिक्षण कौशल का अभ्यास करता है।
प्रश्न 118
एक खम्भे का 3/10 वाँ भाग कीचड़ में, 3/5 वाँ भाग पानी में तथा शेष 2 मीटर पानी की सतह के ऊपर हो, तो खम्भे की लम्बाई होगी
- A10 मीटर
- B15 मीटर
- C30 मीटर
- D20 मीटर
व्याख्या
कीचड़ और पानी में कुल भाग = 3/10 + 3/5 = 3/10 + 6/10 = 9/10। शेष भाग = 1 − 9/10 = 1/10, जो 2 मीटर है। अतः खम्भे की लम्बाई = 2 × 10 = 20 मीटर।
प्रश्न 119
मध्याह्न भोजन में प्रति दिन प्रति बालक 150 ग्राम गेहूँ तथा 100 ग्राम चावल के हिसाब से 60 बच्चों के लिए 30 दिन के लिए गेहूँ व चावल की कुल मात्रा है
- A450 किग्रा
- B180 किग्रा
- C270 किग्रा
- D400 किग्रा
व्याख्या
प्रति बालक प्रति दिन कुल अनाज = 150 + 100 = 250 ग्राम। 60 बच्चों के लिए 30 दिन में = 250 × 60 × 30 = 4,50,000 ग्राम = 450 किग्रा। विकल्प (C) 270 किग्रा केवल गेहूँ की मात्रा है।
प्रश्न 120
प्रथम पाँच प्राकृतिक संख्याओं के घनों का औसत है
- A40
- B64
- C45
- D50
व्याख्या
प्रथम पाँच प्राकृतिक संख्याओं के घन: 1, 8, 27, 64, 125; योग = 225 (सूत्र [n(n+1)/2]² = 15² = 225)। औसत = 225/5 = 45।
खण्ड V — पर्यावरण अध्ययन (प्रश्न 121–150)
प्रश्न 121
निम्नलिखित को सुमेलित कीजिए तथा सही उत्तर का चयन कीजिए । (i) वायरस जनित रोग (a) तपेदिक (ii) जीवाणु जनित रोग (b) मलेरिया (iii) प्रोटोज़ोआ जनित रोग (c) क्वाशियोरकर (iv) कुपोषण के कारण होने वाला रोग (d) चिकन पोक्स (i) (ii) (iii) (iv)
- A(a) (d) (c) (b)
- B(d) (a) (b) (c)
- C(c) (b) (a) (d)
- D(b) (c) (d) (a)
व्याख्या
चिकन पॉक्स वायरस (Varicella-zoster) से, तपेदिक (TB) जीवाणु (Mycobacterium tuberculosis) से, मलेरिया प्रोटोज़ोआ (Plasmodium) से और क्वाशियोरकर प्रोटीन की कमी (कुपोषण) से होता है। अतः सही मिलान (i)-(d), (ii)-(a), (iii)-(b), (iv)-(c) है, जो विकल्प (B) है।
प्रश्न 122एक से अधिक उत्तर मान्य
भारत के कौन-से क्षेत्र में ‘याक’ पशु पाया जाता है ?
- Aलद्दाख
- Bदार्जिलिंग
- Cअरुणाचल प्रदेश
- Dउपर्युक्त में से कोई नहीं
व्याख्या
याक ठंडे, ऊँचे हिमालयी क्षेत्रों का पशु है और भारत में मुख्यतः लद्दाख, सिक्किम तथा अरुणाचल प्रदेश जैसे ऊँचाई वाले क्षेत्रों में पाला जाता है। इसलिए लद्दाख (A) और अरुणाचल प्रदेश (C) दोनों सही हैं, और BSER की अंतिम कुंजी ने दोनों विकल्पों को सही माना है। दार्जिलिंग सामान्यतः याक पालन के प्रमुख क्षेत्र के रूप में नहीं जाना जाता।
प्रश्न 123
ई.एन.वी.आई.एस. का पूर्ण रूप है
- Aपर्यावरणीय सूचना प्रणाली
- Bपर्यावरणीय प्रभाव आकलन
- Cपर्यावरण संरक्षण एजेंसी
- Dपर्यावरण संरक्षण काउंसिल
व्याख्या
ENVIS का पूर्ण रूप Environmental Information System (पर्यावरणीय सूचना प्रणाली) है, जिसे भारत सरकार के पर्यावरण मंत्रालय ने पर्यावरण संबंधी सूचनाओं के संग्रह और प्रसार के लिए शुरू किया। पर्यावरणीय प्रभाव आकलन का संक्षिप्त रूप EIA होता है, ENVIS नहीं।
प्रश्न 124
21 जुलाई, 1969 को नील आर्मस्ट्राँग के बाद चन्द्रमा पर पहला कदम रखने वाला कौन था ?
- Aयूरी गगारिन
- Bएलन शेफर्ड
- Cकल्पना चावला
- Dएडविन एल्ड्रिन
व्याख्या
अपोलो-11 मिशन (1969) में नील आर्मस्ट्राँग चन्द्रमा पर कदम रखने वाले पहले व्यक्ति थे और उनके बाद एडविन (बज़) एल्ड्रिन ने चन्द्रमा पर कदम रखा। यूरी गगारिन अंतरिक्ष में जाने वाले पहले व्यक्ति थे, चन्द्रमा पर नहीं गए।
प्रश्न 125
पांडुपोल मेला कहाँ लगता है ?
- Aजयपुर
- Bअजमेर
- Cअलवर
- Dपण्डेर
व्याख्या
पांडुपोल अलवर जिले में सरिस्का क्षेत्र में स्थित है, जहाँ हनुमान जी का प्रसिद्ध मंदिर है और यहाँ पांडुपोल मेला भरता है। मान्यता है कि पांडवों ने अज्ञातवास के समय यहाँ समय बिताया था।
प्रश्न 126
कृत्रिम पर्यावरण निर्मित करने के तीसरे उपसंकुल को ‘प्रौद्योगिक-पारिस्थितिक तंत्र’ नाम किसने दिया ?
- Aओडम
- Bटैन्सले
- Cहीकल
- Dहैबर
व्याख्या
प्रश्न के अनुसार मानव द्वारा कृत्रिम पर्यावरण निर्मित करने वाले उपसंकुल को 'प्रौद्योगिक-पारिस्थितिक तंत्र' (techno-ecosystem) कहा गया है। पर्यावरण अध्ययन की कुछ पाठ्यपुस्तकों में इस वर्गीकरण को जर्मन पारिस्थितिकीविद् वोल्फगैंग हैबर (Haber) से जोड़कर पढ़ाया जाता है, और BSER की अंतिम कुंजी में उत्तर (D) हैबर ही है। टैन्सले और ओडम पारिस्थितिकी तंत्र की सामान्य अवधारणा से जुड़े नाम हैं।
प्रश्न 127
राष्ट्रीय चिह्न अशोक स्तम्भ में कितनी दिशाओं में सिंह के मुख हैं ?
- Aएक
- Bदो
- Cतीन
- Dचार
व्याख्या
सारनाथ के अशोक स्तम्भ के सिंह शीर्ष में चार सिंह पीठ से पीठ सटाकर चारों दिशाओं की ओर मुख किए बैठे हैं। राष्ट्रीय चिह्न के चित्र में सामने से केवल तीन सिंह दिखाई देते हैं, इसलिए 'तीन' विकल्प भ्रमित कर सकता है, पर वास्तव में मुख चार दिशाओं में हैं।
प्रश्न 128
भारत में पटसन (जूट) की खेती कौन-सी ऋतु में की जाती है ?
- Aसर्दी
- Bगर्मी
- Cवर्षा
- Dबसंत
व्याख्या
पटसन (जूट) खरीफ की फसल है, जिसे गर्म और आर्द्र जलवायु तथा पर्याप्त वर्षा की आवश्यकता होती है; इसकी बुवाई वर्षा से पहले और मुख्य वृद्धि वर्षा ऋतु में होती है। इसलिए इसे वर्षा ऋतु की फसल माना जाता है। भारत में पश्चिम बंगाल इसका प्रमुख उत्पादक राज्य है।
प्रश्न 129बोनस — अंतिम कुंजी में निरस्त
अन्तर्राष्ट्रीय मानकों के अनुसार अस्पताल क्षेत्रों में कितने डेसीबल ध्वनी को सहनशीलता की सीमा माना गया है ?
- A65 dB
- B90 dB
- C105 dB
- D140 dB
व्याख्या
BSER ने अंतिम उत्तर कुंजी में इस प्रश्न को BONUS घोषित किया, अर्थात सभी अभ्यर्थियों को अंक दिए गए; बोर्ड ने कारण नहीं बताया। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के सामुदायिक शोर दिशानिर्देशों में अस्पताल के वार्ड के भीतर लगभग 30 dB (LAeq) की सीमा सुझाई गई है, और भारत के ध्वनि प्रदूषण नियम, 2000 में शान्त क्षेत्र (silence zone) के लिए दिन में 50 dB तथा रात में 40 dB की सीमा है। दिए गए विकल्पों 65, 90, 105 और 140 dB में से कोई भी इन मानकों से मेल नहीं खाता।
प्रश्न 130
जंगली मुर्गे कौन-से वन्यजीव अभयारण्य का प्रमुख जंगली जीव है ?
- Aसरिस्का - अलवर
- Bमाउण्ट आबू - सिरोही
- Cतालछापर - चूरु
- Dकैलादेवी - करौली
व्याख्या
माउण्ट आबू वन्यजीव अभयारण्य (सिरोही) जंगली मुर्गे (Grey Jungle Fowl) के लिए प्रसिद्ध है। सरिस्का बाघों के लिए, तालछापर काले हिरण (कृष्ण मृग) के लिए और कैलादेवी मुख्यतः बघेरा, भालू आदि के लिए जाने जाते हैं।
प्रश्न 131
हमारे सौर मण्डल का सबसे बड़ा ग्रह कौन-सा है ?
- Aअरुण
- Bवरुण
- Cबृहस्पति
- Dशनि
व्याख्या
बृहस्पति (Jupiter) हमारे सौर मण्डल का सबसे बड़ा ग्रह है; इसका आकार अन्य सभी ग्रहों से बड़ा है। शनि दूसरा सबसे बड़ा ग्रह है, जबकि अरुण (Uranus) और वरुण (Neptune) इनसे छोटे हैं।
प्रश्न 132
निम्नलिखित में से उस त्यौहार को चुनिए, जो कार्तिक मास की अमावस्या को मनाया जाता है ।
- Aहोली
- Bदिवाली
- Cदशहरा
- Dरक्षाबंधन
व्याख्या
दीपावली (दिवाली) कार्तिक मास की अमावस्या को मनाई जाती है। होली फाल्गुन पूर्णिमा को, दशहरा आश्विन शुक्ल दशमी को और रक्षाबंधन श्रावण पूर्णिमा को मनाया जाता है।
प्रश्न 133
कौन-से दाँत भोजन को चीरने-फाड़ने के काम आते हैं ?
- Aकृन्तक
- Bरदनक
- Cचर्वणक
- Dपश्च चर्वणक
व्याख्या
रदनक (Canine) दाँत नुकीले होते हैं और भोजन को चीरने-फाड़ने का काम करते हैं। कृन्तक (Incisor) भोजन को काटने तथा चर्वणक व अग्र-चर्वणक भोजन को चबाने-पीसने का काम करते हैं।
प्रश्न 134
नीचे दिया गया यातायात का संकेत इंगित करता है :
चित्र: A triangular road warning sign showing two road-edge lines narrowing toward the top, indicating the road narrows ahead. Diagram added.
- Aआगे संकरा पुल है
- Bआगे संकरा रास्ता है
- Cआगे चौड़ा रास्ता है
- Dआगे खतरनाक गहराई है
व्याख्या
चित्र में त्रिभुजाकार चेतावनी (cautionary) संकेत के भीतर सड़क की दोनों किनारा-रेखाएँ बीच में अंदर की ओर मुड़कर पास आती दिखाई गई हैं, जिसका अर्थ है सड़क आगे संकरी हो रही है। अतः यह संकेत 'आगे संकरा रास्ता है' (Narrow road ahead) दर्शाता है, और BSER की अंतिम कुंजी के अनुसार उत्तर (B) है।
प्रश्न 135
निम्नलिखित में से कौन-सा उपकरण दृष्टिबाधित छात्रों के लिए ICT में सबसे अच्छा उपयोग है ?
- Aटेक्स्ट टू स्पीच
- Bप्रोजेक्शन स्क्रीन
- Cसोशल नेटवर्किंग
- Dवीडियो कॉन्फ्रेंसिंग
व्याख्या
दृष्टिबाधित छात्र लिखी हुई सामग्री नहीं पढ़ सकते, इसलिए 'टेक्स्ट टू स्पीच' (Text to speech) उपकरण लिखित पाठ को बोलकर सुनाता है और उनके लिए ICT का सबसे उपयोगी साधन है। प्रोजेक्शन स्क्रीन और वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग मुख्यतः देखने पर आधारित हैं।
प्रश्न 136
आपकी माताजी के भाई की माँ से आपका क्या रिश्ता होगा ?
- Aमामी
- Bनानी
- Cबहन
- Dमौसी
व्याख्या
माताजी के भाई आपके मामा हैं, और मामा की माँ वही है जो आपकी माँ की माँ है, अर्थात आपकी नानी। मामी मामा की पत्नी और मौसी माँ की बहन होती है।
प्रश्न 137
यह भारत की सबसे गहरी व बड़ी बावड़ियों में से एक है
- Aतुरजी का झालरा
- Bआभानेरी की चाँद बावड़ी
- Cभंडारों की बड़ी बावड़ी
- Dपन्ना मीना की बावड़ी
व्याख्या
दौसा जिले के आभानेरी गाँव की चाँद बावड़ी भारत की सबसे गहरी और बड़ी बावड़ियों में से एक मानी जाती है। इसका निर्माण निकुम्भ वंश के राजा चाँद (चन्द्र) के समय माना जाता है और इसमें अनेक मंजिलों तक सीढ़ियाँ बनी हैं।
प्रश्न 138
कौन-सा उद्देश्य पाठ्य-सहगामी क्रियाओं के आयोजन का नहीं है ?
- Aशारीरिक एवं मानसिक स्वस्थता दोनों को बनाए रखना
- Bबालकों में विकसित होने वाले सद्गुणों का ज्ञान प्राप्त करना
- Cआवश्यक उपकरणों तथा साधनों की परिचयात्मक जानकारी
- Dशैक्षिक कार्यक्रम और शिक्षण विधियों को कसौटी पर कसना
व्याख्या
पाठ्य-सहगामी क्रियाओं का उद्देश्य बच्चों का शारीरिक-मानसिक स्वास्थ्य, सद्गुणों का विकास और आवश्यक उपकरणों/साधनों से परिचय जैसे व्यावहारिक पक्षों का विकास करना है। शैक्षिक कार्यक्रम और शिक्षण विधियों को कसौटी पर कसना (परखना) मूल्यांकन या शोध का कार्य है, पाठ्य-सहगामी क्रियाओं के आयोजन का उद्देश्य नहीं।
प्रश्न 139
कुओं, झीलों एवं नहरों के जल को खेतों तक पहुँचाने का कौन-सा पारम्परिक तरीका नहीं है ?
- Aमोट
- Bढेकली
- Cरहट
- Dड्रिप तंत्र
व्याख्या
मोट (चरस), ढेकली और रहट कुओं व जलाशयों से पानी निकालकर खेतों तक पहुँचाने की पारम्परिक विधियाँ हैं। ड्रिप (टपक) सिंचाई तंत्र एक आधुनिक सिंचाई विधि है जिसमें पाइपों द्वारा बूँद-बूँद पानी पौधों की जड़ों तक पहुँचाया जाता है, इसलिए यह पारम्परिक तरीका नहीं है।
प्रश्न 140
निम्नलिखित में से कौन-सी सामग्री एक पर्वतारोही द्वारा ले जाना सबसे महत्वपूर्ण है ?
- Aस्लीपिंग बैग
- Bऑक्सीजन किट
- Cकंबल
- Dटॉर्च
व्याख्या
ऊँचाई बढ़ने के साथ वायु विरल हो जाती है और ऑक्सीजन की मात्रा कम हो जाती है, जिससे साँस लेने में कठिनाई होती है। इसलिए ऊँचे पर्वतों पर चढ़ने वाले पर्वतारोही के लिए ऑक्सीजन किट सबसे महत्वपूर्ण है; स्लीपिंग बैग, कंबल व टॉर्च उपयोगी तो हैं पर जीवन-रक्षक नहीं।
प्रश्न 141एक से अधिक उत्तर मान्य
‘मोटर वेहीकल एक्ट’ के सेक्शन 112 – 183 के तहत कौन-सी गतिविधि पर दण्ड का प्रावधान है ?
- Aगंभीर दुर्घटना या तेज ड्राइविंग
- Bवस्तुओं को असुरक्षित ले जाना
- Cशान्ति (नो हॉर्न) क्षेत्र में हॉर्न का प्रयोग
- Dबिना लाइसेंस के गाड़ी चलाना
व्याख्या
BSER की अंतिम कुंजी ने इस प्रश्न में (A) और (D) दोनों को सही माना है। मोटर वाहन अधिनियम, 1988 की धारा 112 गति सीमा से और धारा 183 अधिक गति से वाहन चलाने के दण्ड से संबंधित है, इसलिए तेज ड्राइविंग (A) इस दायरे में दण्डनीय है। बिना लाइसेंस वाहन चलाने का दण्ड धारा 181 में है, जो धारा 112 से 183 के बीच आती है, इसलिए (D) भी स्वीकार किया गया।
प्रश्न 142
बछेन्द्री पाल ने माउण्ट एवरेस्ट की चोटी पर कदम कब रखा था ?
- A23 मई, 1984
- B25 मई, 1984
- C23 मई, 1989
- D25 मई, 1989
व्याख्या
बछेन्द्री पाल 23 मई, 1984 को माउण्ट एवरेस्ट की चोटी पर पहुँचीं और एवरेस्ट पर चढ़ने वाली पहली भारतीय महिला बनीं। अन्य विकल्पों में दिन या वर्ष बदलकर भ्रम पैदा किया गया है।
प्रश्न 143
अफ़ीम में कौन-सा ऐल्केलॉइड नहीं पाया जाता है ?
- Aमॉर्फीन
- Bकोडीन
- Cसोमनिफेरिन
- Dकैफ़ीन
व्याख्या
अफ़ीम पोस्त (Papaver somniferum) के कच्चे फल के दूध (latex) से प्राप्त होती है और इसमें मॉर्फीन, कोडीन जैसे ऐल्केलॉइड पाए जाते हैं। कैफ़ीन चाय और कॉफी में पाया जाने वाला ऐल्केलॉइड है, अफ़ीम में नहीं।
प्रश्न 144
कौन-सी शिक्षण सामग्री का उपयोग छात्रों की भाषा संबंधी त्रुटि सुधार में किया जाता है ?
- Aसंग्रहालय
- Bमानचित्र
- Cफोनोग्राफ
- Dरेखाचित्र
व्याख्या
फोनोग्राफ एक श्रव्य (audio) सामग्री है जिसमें ध्वनि रिकॉर्ड करके बार-बार सुनी जा सकती है; इससे छात्र सही उच्चारण सुनकर अपनी भाषा संबंधी त्रुटियाँ सुधार सकते हैं। संग्रहालय, मानचित्र और रेखाचित्र दृश्य सामग्रियाँ हैं जो उच्चारण सुधार में सहायक नहीं होतीं।
प्रश्न 145
राजस्थान का राज्य पुष्प कौन-सा है ?
- Aकमल
- Bपलाश
- Cरोहिड़ा
- Dअमलतास
व्याख्या
रोहिड़ा (Tecomella undulata) राजस्थान का राज्य पुष्प है, जिसे 'मरुस्थल का सागवान' और 'मारवाड़ टीक' भी कहा जाता है। कमल भारत का राष्ट्रीय पुष्प है; राजस्थान का राज्य वृक्ष खेजड़ी है।
प्रश्न 146बोनस — अंतिम कुंजी में निरस्त
राजस्थान के कौन-से दुर्ग को अजेयगढ़ के नाम से भी जाना जाता है ?
- Aसोनार किला
- Bकुंभलगढ़ दुर्ग
- Cमेहरानगढ़ किला
- Dरणथंभौर दुर्ग
व्याख्या
BSER ने अंतिम उत्तर कुंजी में इस प्रश्न को BONUS घोषित कर दिया, अर्थात सभी अभ्यर्थियों को अंक दिए गए। बोर्ड ने प्रश्न हटाने का कारण नहीं बताया।
प्रश्न 147
विटामिन – D की कमी से होने वाला रोग है
- Aरतौंधी
- Bबेरी-बेरी
- Cस्कर्वी
- Dरिकेट्स
व्याख्या
विटामिन D की कमी से बच्चों में रिकेट्स (Rickets) रोग होता है, जिसमें हड्डियाँ कमजोर और टेढ़ी हो जाती हैं। रतौंधी विटामिन A की, बेरी-बेरी विटामिन B1 (थायमिन) की और स्कर्वी विटामिन C की कमी से होती है।
प्रश्न 148
निम्नलिखित में से कौन-सा मानव निर्मित पर्यावरण का घटक है ?
- Aस्थलमंडल
- Bउद्योग
- Cसमुदाय
- Dजलमंडल
व्याख्या
मानव निर्मित पर्यावरण में वे घटक आते हैं जिन्हें मनुष्य ने स्वयं बनाया है, जैसे उद्योग, भवन, सड़कें आदि। स्थलमंडल और जलमंडल प्राकृतिक (भौतिक) पर्यावरण के घटक हैं, इसलिए उद्योग सही उत्तर है।
प्रश्न 149
निम्नलिखित में से कौन-सी बकरी की अच्छी नस्ल है ?
- Aमुर्रा
- Bगिर
- Cसाहिवाल
- Dजमुनापरी
व्याख्या
जमुनापरी बकरी की एक प्रसिद्ध दुधारू नस्ल है, जो मूलतः उत्तर प्रदेश के यमुना-चम्बल क्षेत्र की है। मुर्रा भैंस की, जबकि गिर और साहिवाल गाय की नस्लें हैं।
प्रश्न 150
किस रसायनशास्त्री का दर्शन ‘शून्यवाद’ के नाम से प्रसिद्ध हुआ ?
- Aनील्स बोर
- Bदिमित्र मेंडेलीव
- Cआचार्य प्रफुल्ल चंद रे
- Dनागार्जुन
व्याख्या
नागार्जुन प्राचीन भारतीय विद्वान थे जिन्हें रसायनशास्त्र (धातुकर्म/कीमिया) से भी जोड़ा जाता है, और उनका दार्शनिक सिद्धान्त 'शून्यवाद' (माध्यमिक दर्शन) के नाम से प्रसिद्ध है। नील्स बोर, मेंडेलीव और आचार्य प्रफुल्ल चंद्र रे आधुनिक वैज्ञानिक हैं जिनका शून्यवाद दर्शन से संबंध नहीं है।
इसी पेपर को टाइमर के साथ दें
असली परीक्षा जैसा अनुभव — 150 मिनट, तुरंत स्कोर।