भारतीय अंतरिक्ष यात्री व इसरो: REET EVS नोट्स
यह पेज भारत के अंतरिक्ष यात्रियों (राकेश शर्मा, कल्पना चावला, सुनीता विलियम्स) और इसरो की प्रमुख उपलब्धियों को REET परीक्षा की दृष्टि से कवर करता है। REET 2024 में चाँद पर कदम रखने वाले यात्रियों और भारत की एवरेस्ट-विजेता बछेन्द्री पाल से जुड़े तथ्य पूछे गए थे, इसलिए भारतीय व विश्व की अंतरिक्ष/साहसिक उपलब्धियाँ दोनों याद रखना जरूरी है, तारीखों व नामों के साथ।
- REET 2024 में 2 प्रश्न
- कक्षा 1-5 स्तर
- 9 मिनट पढ़ें
REET में यह टॉपिक कैसे पूछा जाता है
REET 2024 में इस टॉपिक से चन्द्रमा पर कदम रखने वाले अंतरिक्ष यात्रियों (नील आर्मस्ट्रांग व एडविन एल्ड्रिन) और भारत की पर्वतारोही बछेन्द्री पाल के एवरेस्ट-विजय की तिथि से जुड़े प्रश्न आए। यानी यह टॉपिक भारतीय अंतरिक्ष यात्रियों (राकेश शर्मा, कल्पना चावला, सुनीता विलियम्स) और इसरो की उपलब्धियों के साथ-साथ विश्व की प्रमुख अंतरिक्ष घटनाओं व भारत की साहसिक उपलब्धियों को भी शामिल करके पूछा जाता है।
भारत के पहले अंतरिक्ष यात्री — राकेश शर्मा
विंग कमांडर राकेश शर्मा अंतरिक्ष में जाने वाले पहले भारतीय नागरिक थे। वे 3 अप्रैल 1984 को सोवियत संघ के सोयुज टी-11 यान से अंतरिक्ष के लिए रवाना हुए और लगभग 8 दिन (ठीक-ठीक 7 दिन 21 घंटे 40 मिनट) अंतरिक्ष में रहकर सोवियत सैल्युत-7 स्पेस स्टेशन पर प्रयोग किए। जब तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने अंतरिक्ष से पूछा कि भारत कैसा दिखता है, तो उन्होंने प्रसिद्ध उत्तर दिया — 'सारे जहाँ से अच्छा' (कवि इक़बाल की पंक्ति)। इस उपलब्धि के लिए उन्हें भारत का 'अशोक चक्र' और सोवियत संघ का सर्वोच्च सम्मान 'हीरो ऑफ द सोवियत यूनियन' प्रदान किया गया।
अन्य भारतीय मूल की अंतरिक्ष यात्री
कल्पना चावला भारत में जन्मी (करनाल, हरियाणा) अमेरिकी अंतरिक्ष यात्री थीं, जो 1997 में STS-87 मिशन से अंतरिक्ष में जाने वाली पहली भारतीय मूल की महिला बनीं। दुर्भाग्यवश 1 फरवरी 2003 को उनके दूसरे मिशन STS-107 के दौरान कोलंबिया स्पेस शटल वापसी के समय दुर्घटनाग्रस्त हो गया और उनकी मृत्यु हो गई। सुनीता विलियम्स भारतीय मूल (गुजरात से संबंध रखने वाले पिता) की एक और प्रसिद्ध अमेरिकी अंतरिक्ष यात्री हैं, जिन्होंने अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) पर लंबे समय तक रहने और स्पेसवॉक जैसे कई रिकॉर्ड बनाए हैं; उन्हें 2008 में भारत सरकार ने पद्म भूषण से सम्मानित किया।
ISRO (भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन) के प्रमुख तथ्य
- स्थापना व संस्थापक
- 1969 में स्थापना, मुख्यालय बेंगलुरु (कर्नाटक); डॉ. विक्रम साराभाई इसके संस्थापक व प्रथम अध्यक्ष थे, जिन्हें 'भारतीय अंतरिक्ष कार्यक्रम का जनक' कहा जाता है[स्रोत 5]
- पहला उपग्रह
- आर्यभट्ट (1975), जिसे सोवियत रॉकेट से प्रक्षेपित किया गया था[स्रोत 4]
- चंद्रयान-3
- 23 अगस्त 2023 को चाँद के दक्षिणी ध्रुव के पास सफल लैंडिंग करने वाला भारत पहला देश बना[स्रोत 4]
- मंगलयान (मार्स ऑर्बिटर मिशन)
- 2013 में प्रक्षेपित, 2014 में पहले ही प्रयास में मंगल की कक्षा में पहुँचने वाला भारत पहला देश बना[स्रोत 4]
- आदित्य-L1
- भारत का पहला सौर मिशन, सितंबर 2023 में प्रक्षेपित होकर जनवरी 2024 में L1 बिंदु की कक्षा में पहुँचा[स्रोत 4]
- गगनयान
- भारत का पहला मानव अंतरिक्ष मिशन कार्यक्रम, जिसकी तैयारी (परीक्षण उड़ानें) जारी है[स्रोत 4]
भारत की अंतरिक्ष यात्रा: महत्वपूर्ण तिथियाँ
| वर्ष | घटना |
|---|---|
| 1975 | आर्यभट्ट — भारत का पहला उपग्रह प्रक्षेपित |
| 1984 | राकेश शर्मा — अंतरिक्ष में जाने वाले पहले भारतीय |
| 1997 | कल्पना चावला — अंतरिक्ष में जाने वाली पहली भारतीय मूल की महिला |
| 2008 | चंद्रयान-1 — चाँद पर पानी के अणुओं की पुष्टि करने वाला पहला भारतीय मिशन |
| 2014 | मंगलयान — पहले ही प्रयास में मंगल कक्षा में पहुँचने वाला भारत पहला देश बना |
| 2023 | चंद्रयान-3 — चाँद के दक्षिणी ध्रुव के पास सफल लैंडिंग |
बछेन्द्री पाल — भारत की पहली महिला एवरेस्ट-विजेता
बछेन्द्री पाल 23 मई 1984 को विश्व की सबसे ऊँची चोटी माउंट एवरेस्ट पर पहुँचने वाली पहली भारतीय महिला बनीं। यद्यपि वे अंतरिक्ष यात्री नहीं बल्कि पर्वतारोही थीं, फिर भी REET परीक्षा में यह तथ्य अक्सर भारत की उपलब्धियों से जुड़े प्रश्नों में शामिल किया जाता है, इसलिए तिथि (23 मई 1984) याद रखना उपयोगी है।
बच्चों को कैसे पढ़ाएँ
कक्षा गतिविधि
बच्चों को रात के आसमान में चाँद-तारे दिखाने के बाद राकेश शर्मा व चंद्रयान-3 की सरल कहानी सुनाएं, जिससे विज्ञान की समझ व राष्ट्रीय गर्व दोनों जुड़ें, और उनसे पूछें कि वे अंतरिक्ष यात्री बनकर क्या करना चाहेंगे।
शिक्षण सामग्री
अंतरिक्ष यात्रियों व रॉकेट के चित्र या मॉडल, तथा चंद्रयान की तस्वीरें दिखाकर कक्षा में चर्चा करवाएं और बच्चों से सवाल पूछने को प्रोत्साहित करें, ताकि विज्ञान के प्रति उनकी रुचि स्वाभाविक रूप से बढ़े।
सामान्य भ्रांति
बच्चे अक्सर सोचते हैं कि सभी अंतरिक्ष यात्री चाँद पर गए थे; शिक्षक को स्पष्ट करना चाहिए कि राकेश शर्मा पृथ्वी की कक्षा (सैल्युत-7 स्टेशन) तक गए थे, चाँद पर नहीं उतरे थे, जबकि नील आर्मस्ट्रांग व एडविन एल्ड्रिन ने वास्तव में चाँद पर कदम रखा था। इसी तरह बच्चे चंद्रयान-3 को भी 'मानव मिशन' समझ बैठते हैं, जबकि यह एक मानव-रहित (बिना अंतरिक्ष यात्री के) मिशन था।
आकलन विचार
बच्चों से पूछें 'भारत का पहला अंतरिक्ष यात्री कौन था?' और उनसे एक चित्र बनवाएं जिसमें वे खुद को अंतरिक्ष यात्री के रूप में कल्पना करें और एक वाक्य में बताएं कि वे अंतरिक्ष से क्या देखना चाहेंगे व क्यों।
याद रखने की ट्रिक / परीक्षा टिप
भारत की तीन बड़ी 'पहली' उपलब्धियाँ याद रखें — राकेश शर्मा (1984) अंतरिक्ष में जाने वाले पहले भारतीय, कल्पना चावला (1997) अंतरिक्ष में जाने वाली पहली भारतीय मूल की महिला, और चंद्रयान-3 (2023) चाँद के दक्षिणी ध्रुव पर उतरने वाला पहला मिशन। तीनों के वर्ष याद रखने से तारीख वाले प्रश्न आसानी से हल होंगे — याद रखें कि तीनों वर्ष 1984, 1997 और 2023 समय के क्रम में ही बढ़ते हैं।
REET 2024 में पूछे गए प्रश्न (हल सहित)
प्रश्न 124
21 जुलाई, 1969 को नील आर्मस्ट्राँग के बाद चन्द्रमा पर पहला कदम रखने वाला कौन था ?
- Aयूरी गगारिन
- Bएलन शेफर्ड
- Cकल्पना चावला
- Dएडविन एल्ड्रिन
व्याख्या
अपोलो-11 मिशन (1969) में नील आर्मस्ट्राँग चन्द्रमा पर कदम रखने वाले पहले व्यक्ति थे और उनके बाद एडविन (बज़) एल्ड्रिन ने चन्द्रमा पर कदम रखा। यूरी गगारिन अंतरिक्ष में जाने वाले पहले व्यक्ति थे, चन्द्रमा पर नहीं गए।
प्रश्न 142
बछेन्द्री पाल ने माउण्ट एवरेस्ट की चोटी पर कदम कब रखा था ?
- A23 मई, 1984
- B25 मई, 1984
- C23 मई, 1989
- D25 मई, 1989
व्याख्या
बछेन्द्री पाल 23 मई, 1984 को माउण्ट एवरेस्ट की चोटी पर पहुँचीं और एवरेस्ट पर चढ़ने वाली पहली भारतीय महिला बनीं। अन्य विकल्पों में दिन या वर्ष बदलकर भ्रम पैदा किया गया है।
अभ्यास प्रश्न
प्रश्न 1
भारत के पहले अंतरिक्ष यात्री कौन थे?
- Aकल्पना चावला
- Bराकेश शर्मा
- Cसुनीता विलियम्स
- Dविक्रम साराभाई
व्याख्या
राकेश शर्मा 1984 में सोयुज टी-11 यान से अंतरिक्ष में जाने वाले पहले भारतीय नागरिक थे। विक्रम साराभाई इसरो के संस्थापक थे, अंतरिक्ष यात्री नहीं।
प्रश्न 2
राकेश शर्मा किस यान से अंतरिक्ष में गए थे?
- Aअपोलो-11
- Bसोयुज टी-11
- Cचंद्रयान-3
- Dगगनयान
व्याख्या
राकेश शर्मा सोवियत संघ के सोयुज टी-11 यान से 3 अप्रैल 1984 को अंतरिक्ष में गए थे।
प्रश्न 3
'सारे जहाँ से अच्छा' यह प्रसिद्ध उत्तर किसने दिया था?
- Aकल्पना चावला
- Bसुनीता विलियम्स
- Cराकेश शर्मा
- Dविक्रम साराभाई
व्याख्या
जब इंदिरा गांधी ने पूछा कि अंतरिक्ष से भारत कैसा दिखता है, तो राकेश शर्मा ने 'सारे जहाँ से अच्छा' उत्तर दिया था।
प्रश्न 4
अंतरिक्ष में जाने वाली पहली भारतीय मूल की महिला कौन थीं?
- Aसुनीता विलियम्स
- Bकल्पना चावला
- Cबछेन्द्री पाल
- Dइंदिरा गांधी
व्याख्या
कल्पना चावला 1997 में STS-87 मिशन से अंतरिक्ष में जाने वाली पहली भारतीय मूल की महिला बनीं।
प्रश्न 5
इसरो का मुख्यालय किस शहर में स्थित है?
- Aनई दिल्ली
- Bमुंबई
- Cबेंगलुरु
- Dअहमदाबाद
व्याख्या
भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) का मुख्यालय बेंगलुरु, कर्नाटक में स्थित है।
प्रश्न 6
भारत का पहला उपग्रह कौन-सा था?
- Aचंद्रयान-1
- Bआर्यभट्ट
- Cमंगलयान
- Dरोहिणी
व्याख्या
आर्यभट्ट भारत का पहला उपग्रह था, जिसे 1975 में प्रक्षेपित किया गया था।
प्रश्न 7
भारत ने चाँद के दक्षिणी ध्रुव के पास सफल लैंडिंग किस मिशन से की?
- Aचंद्रयान-1
- Bचंद्रयान-2
- Cचंद्रयान-3
- Dगगनयान
व्याख्या
चंद्रयान-3 ने 23 अगस्त 2023 को चाँद के दक्षिणी ध्रुव के पास सफल लैंडिंग की, जिससे भारत ऐसा करने वाला पहला देश बना।
प्रश्न 8
माउंट एवरेस्ट पर पहुँचने वाली पहली भारतीय महिला कौन थीं?
- Aकल्पना चावला
- Bबछेन्द्री पाल
- Cसुनीता विलियम्स
- Dकिरण बेदी
व्याख्या
बछेन्द्री पाल 23 मई 1984 को माउंट एवरेस्ट पर पहुँचने वाली पहली भारतीय महिला बनीं।
प्रश्न 9
बच्चों को भारत की अंतरिक्ष उपलब्धियों के प्रति जिज्ञासा जगाने का सबसे अच्छा तरीका है -
- Aकेवल तिथियाँ रटवाना
- Bरोचक कहानी व चित्रों के माध्यम से राकेश शर्मा व चंद्रयान की उपलब्धियाँ बताना
- Cकुछ न बताना
- Dकठिन वैज्ञानिक शब्दावली का प्रयोग करना
व्याख्या
छोटे बच्चों में कहानी व चित्रों के माध्यम से रोचक ढंग से जानकारी देना जिज्ञासा जगाने और स्थायी सीख के लिए सबसे प्रभावी तरीका है।
प्रश्न 10
भारत के पहले मानव अंतरिक्ष मिशन कार्यक्रम का नाम क्या है, जिसकी तैयारी चल रही है?
- Aचंद्रयान
- Bमंगलयान
- Cगगनयान
- Dआदित्य-L1
व्याख्या
गगनयान भारत का पहला मानव अंतरिक्ष मिशन कार्यक्रम है, जिसके लिए परीक्षण उड़ानें जारी हैं। चंद्रयान चंद्र मिशन है, मंगलयान मंगल मिशन है और आदित्य-L1 सौर मिशन है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
भारत के पहले अंतरिक्ष यात्री कौन थे?+
विंग कमांडर राकेश शर्मा भारत के पहले अंतरिक्ष यात्री थे, जो 1984 में सोयुज टी-11 यान से अंतरिक्ष में गए थे।
कल्पना चावला और सुनीता विलियम्स में क्या अंतर है?+
कल्पना चावला 1997 में अंतरिक्ष में जाने वाली पहली भारतीय मूल की महिला थीं और 2003 में कोलंबिया दुर्घटना में उनका निधन हो गया; सुनीता विलियम्स भारतीय मूल की एक और अंतरिक्ष यात्री हैं जिन्होंने ISS पर लंबे प्रवास व स्पेसवॉक के रिकॉर्ड बनाए।
इसरो की स्थापना कब हुई और इसके संस्थापक कौन थे?+
इसरो की स्थापना 1969 में हुई और डॉ. विक्रम साराभाई इसके संस्थापक व प्रथम अध्यक्ष थे।
चंद्रयान-3 कब और कहाँ लैंड हुआ?+
चंद्रयान-3, 23 अगस्त 2023 को चाँद के दक्षिणी ध्रुव के पास सफलतापूर्वक लैंड हुआ।
बछेन्द्री पाल कौन थीं?+
बछेन्द्री पाल भारत की पहली महिला पर्वतारोही थीं जिन्होंने 23 मई 1984 को माउंट एवरेस्ट फतह किया था।
राकेश शर्मा को अंतरिक्ष यात्रा के लिए कौन-से सम्मान मिले?+
राकेश शर्मा को भारत का 'अशोक चक्र' और सोवियत संघ का सर्वोच्च सम्मान 'हीरो ऑफ द सोवियत यूनियन' प्रदान किया गया।
गगनयान मिशन क्या है?+
गगनयान भारत का पहला मानव अंतरिक्ष मिशन कार्यक्रम है, जिसके तहत भारतीय अंतरिक्ष यात्रियों को स्वदेशी यान से अंतरिक्ष में भेजने की तैयारी चल रही है।
मंगलयान की सबसे बड़ी उपलब्धि क्या थी?+
मंगलयान (मार्स ऑर्बिटर मिशन) ने भारत को पहले ही प्रयास में मंगल की कक्षा में पहुँचने वाला विश्व का पहला देश बनाया, जो 2014 में हासिल हुई एक बड़ी उपलब्धि थी।
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आधिकारिक स्रोत
बदलाव लॉग
- 16 सितंबर 2026 — पेज प्रकाशित — तथ्य स्वतंत्र रूप से जाँचे गए