प्रदूषण (Pollution) — REET EVS नोट्स
यह पेज प्रदूषण के प्रकार (वायु, जल, मृदा, ध्वनि), उनके कारण, प्रभाव और नियंत्रण के उपायों को कवर करता है। REET EVS में यह टॉपिक स्वच्छता व पर्यावरण-संरक्षण से जुड़े कई प्रश्नों की नींव है, और कभी-कभी मानक/सीमा (standard values) से जुड़े तथ्यात्मक प्रश्न भी पूछे जाते हैं।
- REET 2024 में 1 प्रश्न
- कक्षा 1–5 स्तर
- 6 मिनट पढ़ें
REET में यह टॉपिक कैसे पूछा जाता है
REET 2024 में ध्वनि प्रदूषण से जुड़ा एक प्रश्न पूछा गया था कि अस्पताल क्षेत्रों में सहनशीलता की सीमा (dB में) क्या मानी गई है — यह प्रश्न BSER की अंतिम उत्तर कुंजी में BONUS घोषित हुआ, क्योंकि दिए गए विकल्पों में से कोई भी WHO या भारत के ध्वनि प्रदूषण नियमों के वास्तविक मानकों से मेल नहीं खाता था। इससे साफ है कि REET में प्रदूषण के मानक/सीमा (जैसे शोर की डेसिबल सीमा) पर आधारित प्रश्न बनते हैं, इसलिए इन्हें सावधानी से याद रखना चाहिए, पर अस्पष्ट/असंगत विकल्पों से घबराना नहीं चाहिए।
प्रदूषण के प्रकार, कारण व प्रभाव
| प्रकार | मुख्य कारण | मुख्य प्रभाव |
|---|---|---|
| वायु प्रदूषण | वाहनों व कारखानों का धुआँ, जीवाश्म ईंधन का दहन | श्वसन रोग, ग्लोबल वार्मिंग, अम्लीय वर्षा |
| जल प्रदूषण | औद्योगिक अपशिष्ट, सीवेज, रासायनिक उर्वरक/कीटनाशक | जल-जनित रोग, जलीय जीवों की मृत्यु |
| मृदा प्रदूषण | प्लास्टिक कचरा, कीटनाशक, अनुचित कचरा निपटान | मिट्टी की उर्वरता में कमी, खाद्य शृंखला में विषाक्तता |
| ध्वनि प्रदूषण | वाहनों के हॉर्न, लाउडस्पीकर, औद्योगिक मशीनें | सुनने की क्षमता में कमी, तनाव, नींद में बाधा |
भारत के ध्वनि प्रदूषण (नियमन एवं नियंत्रण) नियम, 2000 के अनुसार शांत क्षेत्र (silence zone, जिसमें अस्पताल शामिल हैं) में दिन में 50 dB व रात में 40 dB की सीमा तय है।[स्रोत 1]
ग्लोबल वार्मिंग व ओज़ोन परत क्षरण
कार्बन डाइऑक्साइड, मीथेन जैसी ग्रीनहाउस गैसें वायुमंडल में गर्मी को रोककर पृथ्वी के औसत तापमान को बढ़ाती हैं, जिसे ग्लोबल वार्मिंग (वैश्विक तापन) कहा जाता है। इसके विपरीत, क्लोरोफ्लोरोकार्बन (CFC) जैसे रसायन पृथ्वी को सूर्य की हानिकारक पराबैंगनी (UV) किरणों से बचाने वाली ओज़ोन परत को नुकसान पहुँचाते हैं, जिससे 'ओज़ोन परत का क्षरण' (Ozone Layer Depletion) होता है।
ये दोनों समस्याएँ अलग-अलग हैं पर अक्सर भ्रमित की जाती हैं — ग्लोबल वार्मिंग तापमान बढ़ने से जुड़ी है, जबकि ओज़ोन क्षरण पराबैंगनी किरणों से सुरक्षा कम होने से जुड़ा है। EVS में दोनों के कारक गैसों (CO₂/मीथेन बनाम CFC) को स्पष्ट रूप से अलग-अलग याद रखना ज़रूरी है।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इन दोनों समस्याओं से निपटने के लिए अलग-अलग संधियाँ बनाई गई हैं — मॉन्ट्रियल प्रोटोकॉल (1987) ओज़ोन परत को नुकसान पहुँचाने वाले रसायनों (जैसे CFC) के उत्पादन व उपयोग को चरणबद्ध रूप से समाप्त करने के लिए बनाया गया, जबकि क्योटो प्रोटोकॉल (1997) व बाद में पेरिस समझौता (2015) ग्रीनहाउस गैसों के उत्सर्जन को घटाकर ग्लोबल वार्मिंग रोकने के लिए बनाए गए। REET में कभी-कभी इन संधियों के नाम व उद्देश्य को लेकर भ्रम पैदा करने वाले प्रश्न आ सकते हैं, इसलिए 'मॉन्ट्रियल = ओज़ोन' और 'क्योटो/पेरिस = ग्लोबल वार्मिंग' का जोड़ा याद रखना उपयोगी है।
प्रदूषण से जुड़े प्रमुख प्रभाव
- अम्लीय वर्षा (Acid Rain)
- सल्फर व नाइट्रोजन ऑक्साइड गैसें वायुमंडल में जल-वाष्प से मिलकर अम्लीय वर्षा बनाती हैं, जो इमारतों, फसलों व जल-स्रोतों को नुकसान पहुँचाती है
- ग्रीनहाउस प्रभाव
- CO₂, मीथेन, नाइट्रस ऑक्साइड जैसी गैसें सूर्य की गर्मी को वायुमंडल में रोककर पृथ्वी का तापमान बढ़ाती हैं
- यूट्रोफिकेशन (Eutrophication)
- रासायनिक उर्वरकों के बहाव से जलाशयों में शैवाल की अत्यधिक वृद्धि, जिससे जल में ऑक्सीजन घटती है और जलीय जीव मरने लगते हैं
- जैव-संचयन (Bioaccumulation)
- कीटनाशक व रसायन खाद्य शृंखला में एक स्तर से दूसरे स्तर तक जाते हुए सांद्रित होते रहते हैं, जिससे शीर्ष उपभोक्ता (जैसे मनुष्य) सबसे अधिक प्रभावित होते हैं
- जैविक ऑक्सीजन माँग (BOD)
- जल में उपस्थित कार्बनिक (organic) प्रदूषकों को सूक्ष्मजीवों द्वारा अपघटित करने में लगने वाली ऑक्सीजन की मात्रा; BOD जितनी अधिक होगी, जल उतना ही अधिक प्रदूषित माना जाता है
प्रदूषण नियंत्रण के उपाय
प्रदूषण नियंत्रण के लिए 3R सिद्धांत — घटाना (Reduce), पुनः उपयोग (Reuse) और पुनर्चक्रण (Recycle) — अपनाना सबसे प्रभावी तरीका माना जाता है। इसके अलावा सार्वजनिक परिवहन का उपयोग, पेड़-पौधे लगाना, प्लास्टिक का कम उपयोग, कचरे का उचित निपटान (सूखा-गीला कचरा अलग करना) व वाहनों की नियमित जाँच (PUC प्रमाणपत्र) जैसे उपाय वायु व मृदा प्रदूषण घटाने में मदद करते हैं।
जल प्रदूषण रोकने के लिए औद्योगिक अपशिष्ट को नदी-नालों में सीधे न बहाकर पहले उपचार संयंत्र (treatment plant) से शुद्ध करना अनिवार्य है। भारत में केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) व राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (जैसे राजस्थान प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड) प्रदूषण मानकों की निगरानी व क्रियान्वयन करते हैं।
इलेक्ट्रॉनिक कचरा (e-waste) — जैसे पुराने मोबाइल, कंप्यूटर व बैटरियाँ — भी मृदा व जल प्रदूषण का बढ़ता हुआ स्रोत है, क्योंकि इनमें सीसा (lead) व पारा (mercury) जैसी विषैली धातुएँ होती हैं; इन्हें सामान्य कचरे के साथ न फेंककर अधिकृत e-waste संग्रहण केंद्रों में जमा करना चाहिए। इसी तरह वृक्षारोपण (afforestation) व शहरी हरित क्षेत्र (urban green belts) बढ़ाने से वायु प्रदूषण व शोर दोनों में कमी आती है, क्योंकि पेड़-पौधे धूल-कणों को सोखने के साथ-साथ ध्वनि को भी अवशोषित करते हैं।
स्वच्छता अभियान व सामुदायिक भागीदारी
भारत सरकार ने 2014 में 'स्वच्छ भारत अभियान' शुरू किया, जिसका उद्देश्य खुले में शौच मुक्ति, ठोस कचरा प्रबंधन व सार्वजनिक स्वच्छता को बढ़ावा देना है — यह प्रदूषण नियंत्रण से सीधे जुड़ा हुआ है क्योंकि उचित कचरा प्रबंधन से मृदा व जल प्रदूषण दोनों घटते हैं। विद्यालय स्तर पर 'स्वच्छता ही सेवा' जैसे कार्यक्रमों के अंतर्गत बच्चों को सफाई गतिविधियों में सीधे शामिल किया जाता है।
राजस्थान जैसे राज्य में खनन (mining) व पत्थर-तोड़ने (stone crushing) की गतिविधियों से भी धूल व वायु प्रदूषण की समस्या देखी जाती है, विशेषकर अरावली क्षेत्र में। EVS शिक्षक बच्चों को यह समझा सकते हैं कि विकास कार्यों के साथ पर्यावरण-संतुलन बनाए रखना क्यों ज़रूरी है।
पर्यावरण संबंधी विवादों के त्वरित निपटारे के लिए भारत सरकार ने वर्ष 2010 में राष्ट्रीय हरित अधिकरण (National Green Tribunal, NGT) की स्थापना की, जो प्रदूषण व पर्यावरण-क्षति से जुड़े मामलों की विशेष अदालत की तरह कार्य करता है।
बच्चों को कैसे पढ़ाएँ
कक्षा गतिविधि
स्कूल परिसर में 'सूखा कचरा-गीला कचरा' अलग करने की गतिविधि करवाएँ, जिसमें बच्चे स्वयं कचरे को दो डिब्बों में छाँटें — इससे 3R का व्यावहारिक अनुभव मिलता है।
शिक्षण सामग्री
प्रदूषित बनाम स्वच्छ वातावरण की दो तस्वीरें दिखाकर अंतर पूछें, या पौधरोपण गतिविधि करवाकर वायु शुद्धिकरण में पेड़ों की भूमिका समझाएँ।
सामान्य भ्रांति
बच्चे अक्सर 'ग्लोबल वार्मिंग' और 'ओज़ोन परत क्षति' को एक ही समस्या समझ लेते हैं। शिक्षक को दोनों को अलग-अलग उदाहरणों व चित्रों से स्पष्ट करना चाहिए।
मूल्यांकन विचार
बच्चों से घर में अपनाई जा सकने वाली 3 प्रदूषण-रोकथाम आदतों की सूची बनवाएँ (जैसे पानी बचाना, प्लास्टिक कम उपयोग करना) और एक हफ्ते बाद उनका पालन पूछें — यह व्यवहार-परिवर्तन आधारित मूल्यांकन है।
परियोजना कार्य
बच्चों के समूह बनाकर एक-एक प्रकार के प्रदूषण (वायु/जल/मृदा/ध्वनि) पर पोस्टर तैयार करवाएँ और कक्षा में हर समूह अपने पोस्टर की प्रस्तुति दे — इससे सहयोगात्मक शिक्षण (collaborative learning) भी विकसित होता है।
याद रखने की ट्रिक
प्रदूषण के मानकों (जैसे शोर की डेसिबल सीमा) से जुड़े प्रश्नों में अगर विकल्प WHO व भारतीय नियमों दोनों से बहुत अलग लगें, तो घबराएँ नहीं — REET 2024 में ऐसा ही एक प्रश्न BONUS हुआ था। बेहतर रणनीति है: 3R सिद्धांत, ग्रीनहाउस गैस बनाम CFC का अंतर, और CPCB जैसी संस्थाओं के नाम पक्के याद रखना, क्योंकि ये तथ्य लगभग हमेशा सही पूछे जाते हैं।
REET 2024 में पूछे गए प्रश्न (हल सहित)
प्रश्न 129बोनस — अंतिम कुंजी में निरस्त
अन्तर्राष्ट्रीय मानकों के अनुसार अस्पताल क्षेत्रों में कितने डेसीबल ध्वनी को सहनशीलता की सीमा माना गया है ?
- A65 dB
- B90 dB
- C105 dB
- D140 dB
व्याख्या
BSER ने अंतिम उत्तर कुंजी में इस प्रश्न को BONUS घोषित किया, अर्थात सभी अभ्यर्थियों को अंक दिए गए; बोर्ड ने कारण नहीं बताया। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के सामुदायिक शोर दिशानिर्देशों में अस्पताल के वार्ड के भीतर लगभग 30 dB (LAeq) की सीमा सुझाई गई है, और भारत के ध्वनि प्रदूषण नियम, 2000 में शान्त क्षेत्र (silence zone) के लिए दिन में 50 dB तथा रात में 40 dB की सीमा है। दिए गए विकल्पों 65, 90, 105 और 140 dB में से कोई भी इन मानकों से मेल नहीं खाता।
अभ्यास प्रश्न
प्रश्न 1
वाहनों व कारखानों का धुआँ मुख्यतः किस प्रकार का प्रदूषण फैलाता है?
- Aजल प्रदूषण
- Bवायु प्रदूषण
- Cध्वनि प्रदूषण
- Dमृदा प्रदूषण
व्याख्या
वाहनों व कारखानों से निकलने वाला धुआँ वातावरण में हानिकारक गैसें व कण मिलाता है, जिससे वायु प्रदूषण होता है।
प्रश्न 2
ओज़ोन परत को सबसे अधिक नुकसान कौन-सा रसायन पहुँचाता है?
- Aकार्बन डाइऑक्साइड
- Bमीथेन
- Cक्लोरोफ्लोरोकार्बन (CFC)
- Dनाइट्रोजन
व्याख्या
क्लोरोफ्लोरोकार्बन (CFC) जैसे रसायन ओज़ोन परत को नष्ट करते हैं, जबकि CO₂ व मीथेन मुख्यतः ग्लोबल वार्मिंग के लिए जिम्मेदार ग्रीनहाउस गैसें हैं।
प्रश्न 3
3R सिद्धांत में 'R' का सही क्रम क्या है?
- AReduce, Reuse, Recycle
- BRecycle, Reduce, Reuse
- CReuse, Recycle, Reduce
- DRecycle, Reuse, Reduce
व्याख्या
3R सिद्धांत में सबसे पहले उपयोग घटाना (Reduce), फिर पुनः उपयोग (Reuse) और अंत में पुनर्चक्रण (Recycle) की प्राथमिकता दी जाती है।
प्रश्न 4
औद्योगिक अपशिष्ट को नदी में सीधे बहाने से मुख्यतः कौन-सा प्रदूषण होता है?
- Aध्वनि प्रदूषण
- Bजल प्रदूषण
- Cप्रकाश प्रदूषण
- Dरेडियोधर्मी प्रदूषण केवल
व्याख्या
औद्योगिक अपशिष्ट व सीवेज को बिना उपचार के नदी-नालों में बहाना जल प्रदूषण का प्रमुख कारण है।
प्रश्न 5
भारत में ध्वनि प्रदूषण (नियमन एवं नियंत्रण) नियम कब बनाए गए?
- A1986
- B2000
- C2010
- D2019
व्याख्या
भारत के ध्वनि प्रदूषण (नियमन एवं नियंत्रण) नियम वर्ष 2000 में बनाए गए थे, जिनमें विभिन्न क्षेत्रों के लिए डेसिबल सीमाएँ तय हैं।
प्रश्न 6
प्लास्टिक कचरे का अनुचित निपटान मुख्यतः किस प्रकार का प्रदूषण बढ़ाता है?
- Aमृदा प्रदूषण
- Bध्वनि प्रदूषण
- Cप्रकाश प्रदूषण
- Dरेडियोधर्मी प्रदूषण
व्याख्या
प्लास्टिक कचरा मिट्टी में आसानी से विघटित नहीं होता, जिससे मृदा प्रदूषण होता है और मिट्टी की उर्वरता घटती है।
प्रश्न 7
भारत में प्रदूषण मानकों की निगरानी व क्रियान्वयन के लिए कौन-सी केंद्रीय संस्था जिम्मेदार है?
- Aकेंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB)
- Bभारतीय रिज़र्व बैंक (RBI)
- Cचुनाव आयोग
- Dनीति आयोग
व्याख्या
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) भारत में वायु, जल व ध्वनि प्रदूषण के मानकों की निगरानी व क्रियान्वयन करने वाली प्रमुख संस्था है।
प्रश्न 8
कक्षा में बच्चों को कचरा प्रबंधन (waste management) सिखाने के लिए सबसे उपयुक्त व्यावहारिक गतिविधि कौन-सी है?
- Aकेवल परिभाषा श्यामपट्ट पर लिखवाना
- Bस्कूल में सूखा-गीला कचरा अलग करने का अभ्यास करवाना
- Cटॉपिक को छोड़ देना
- Dबच्चों से निबंध याद करवाना
व्याख्या
व्यावहारिक (hands-on) गतिविधि से बच्चे 3R सिद्धांत को अनुभव द्वारा सीखते हैं, जो केवल परिभाषा रटने से कहीं अधिक प्रभावी है।
प्रश्न 9
वाहनों से होने वाले वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए भारत में कौन-सा प्रमाणपत्र अनिवार्य है?
- APUC प्रमाणपत्र (Pollution Under Control)
- BRC प्रमाणपत्र केवल
- Cबीमा प्रमाणपत्र केवल
- Dपैन कार्ड
व्याख्या
PUC (Pollution Under Control) प्रमाणपत्र वाहनों से निकलने वाले प्रदूषण को निर्धारित सीमा में रखने हेतु भारत में अनिवार्य है।
प्रश्न 10
यदि किसी क्षेत्र में लगातार तेज़ आवाज़ वाली मशीनें व लाउडस्पीकर चलते रहें, तो इससे मुख्यतः कौन-सा प्रदूषण होगा?
- Aजल प्रदूषण
- Bध्वनि प्रदूषण
- Cमृदा प्रदूषण
- Dवायु प्रदूषण केवल
व्याख्या
तेज़ आवाज़ वाली मशीनों व लाउडस्पीकर से उत्पन्न अवांछित शोर ध्वनि प्रदूषण कहलाता है, जो सुनने की क्षमता व मानसिक स्वास्थ्य को प्रभावित करता है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
प्रदूषण मुख्यतः कितने प्रकार का होता है?+
प्रदूषण मुख्यतः चार प्रकार का होता है — वायु प्रदूषण, जल प्रदूषण, मृदा प्रदूषण और ध्वनि प्रदूषण।
ग्लोबल वार्मिंग और ओज़ोन परत क्षरण में क्या अंतर है?+
ग्लोबल वार्मिंग CO₂/मीथेन जैसी ग्रीनहाउस गैसों से पृथ्वी का तापमान बढ़ने की समस्या है, जबकि ओज़ोन परत क्षरण CFC जैसे रसायनों से UV-सुरक्षा कवच कमज़ोर होने की समस्या है — दोनों अलग-अलग कारणों से होती हैं।
भारत में ध्वनि प्रदूषण के मानक कौन तय करता है?+
भारत में ध्वनि प्रदूषण (नियमन एवं नियंत्रण) नियम, 2000 के तहत शांत क्षेत्र, आवासीय, वाणिज्यिक व औद्योगिक क्षेत्रों के लिए अलग-अलग डेसिबल सीमाएँ निर्धारित हैं।
3R सिद्धांत क्या है?+
3R का अर्थ है Reduce (घटाना), Reuse (पुनः उपयोग) और Recycle (पुनर्चक्रण) — यह प्रदूषण व कचरा नियंत्रण की सबसे प्रभावी रणनीति मानी जाती है।
यूट्रोफिकेशन (Eutrophication) क्या है?+
रासायनिक उर्वरकों के जल-स्रोतों में बहने से जलाशयों में शैवाल की अत्यधिक वृद्धि होती है, जिससे पानी में ऑक्सीजन घट जाती है और जलीय जीव मरने लगते हैं — इसे यूट्रोफिकेशन कहते हैं।
स्वच्छ भारत अभियान कब शुरू हुआ था?+
स्वच्छ भारत अभियान वर्ष 2014 में शुरू किया गया था, जिसका उद्देश्य खुले में शौच मुक्ति व उचित कचरा प्रबंधन को बढ़ावा देना है।
जैविक ऑक्सीजन माँग (BOD) किस प्रकार के प्रदूषण को मापती है?+
BOD (Biological Oxygen Demand) जल प्रदूषण की मात्रा मापने का एक मानक है — यह बताती है कि जल में मौजूद कार्बनिक प्रदूषकों को अपघटित करने में सूक्ष्मजीवों को कितनी ऑक्सीजन चाहिए; उच्च BOD का अर्थ है अधिक प्रदूषित जल।
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आधिकारिक स्रोत
बदलाव लॉग
- 16 सितंबर 2026 — पेज प्रकाशित — तथ्य स्वतंत्र रूप से जाँचे गए