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REET L2 · विज्ञान

अपवर्तन एवं लेंस (Refraction and Lenses) — REET विज्ञान नोट्स

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यह पेज REET लेवल 2 विज्ञान के 'अपवर्तन एवं लेंस' टॉपिक को कक्षा 10 NCERT के अनुसार कवर करता है — प्रकाश के अपवर्तन के नियम, उत्तल व अवतल लेंस, तथा लेंस सूत्र व क्षमता। परीक्षा में लेंस के प्रकार, प्रतिबिंब निर्माण और सूत्र-आधारित प्रश्न पूछे जाते हैं, इसलिए हर बिंदु स्पष्ट उदाहरण सहित समझाया गया है।

  • REET 2024 में 0 प्रश्न
  • कक्षा 6–8 स्तर
  • 7 मिनट पढ़ें

REET में यह टॉपिक कैसे पूछा जाता है

REET 2024 के पेपर में 'अपवर्तन एवं लेंस' टॉपिक से सीधा कोई प्रश्न दर्ज नहीं हुआ, इसलिए यहाँ प्रश्न-पैटर्न कक्षा 10 NCERT सिलेबस की भाषा के आधार पर बताया गया है, किसी वास्तविक पूर्व-परीक्षा प्रश्न पर नहीं। सामान्यतः इस टॉपिक से अपवर्तन के नियम, लेंस के प्रकार व उनकी प्रतिबिंब बनाने की प्रकृति, तथा लेंस सूत्र व क्षमता (power) पर आधारित प्रश्न पूछे जाने की संभावना रहती है।

अपवर्तन (Refraction) क्या है

जब प्रकाश एक पारदर्शी माध्यम से दूसरे पारदर्शी माध्यम में तिरछा प्रवेश करता है, तो माध्यम बदलने पर प्रकाश की चाल में परिवर्तन के कारण उसका मार्ग मुड़ जाता है — इसे प्रकाश का अपवर्तन कहते हैं। अपवर्तन के दो नियम हैं: (1) आपतित किरण, अपवर्तित किरण और आपतन बिंदु पर अभिलंब — तीनों एक ही तल में होते हैं। (2) दिए गए दो माध्यमों तथा दिए गए रंग के प्रकाश के लिए, आपतन कोण की ज्या (sin i) और अपवर्तन कोण की ज्या (sin r) का अनुपात नियत रहता है — इसे स्नैल का नियम कहते हैं: sin i / sin r = अचर = अपवर्तनांक (n)।

अपवर्तनांक (refractive index) यह बताता है कि माध्यम प्रकाश को कितना मोड़ता है और यह निर्वात/वायु में प्रकाश की चाल तथा उस माध्यम में प्रकाश की चाल के अनुपात के बराबर होता है (n = c/v)। सघन माध्यम (जैसे काँच, पानी) में प्रकाश की चाल कम हो जाती है, इसलिए इनका अपवर्तनांक विरल माध्यम (जैसे वायु) से अधिक होता है।

उत्तल लेंस बनाम अवतल लेंस

उत्तल लेंस (Convex Lens)

आकृतिबीच में मोटा, किनारों पर पतला

प्रकृतिअभिसारी (converging) लेंस

फोकस दूरी (चिन्ह)धनात्मक (+f)

क्षमता (चिन्ह)धनात्मक (+D)

सामान्य उपयोगआवर्धक लेंस, कैमरा, आँख का लेंस, हाइपरमेट्रोपिया सुधार

अवतल लेंस (Concave Lens)

आकृतिबीच में पतला, किनारों पर मोटा

प्रकृतिअपसारी (diverging) लेंस

फोकस दूरी (चिन्ह)ऋणात्मक (−f)

क्षमता (चिन्ह)ऋणात्मक (−D)

सामान्य उपयोगमायोपिया (निकट दृष्टि दोष) का सुधार

लेंस सूत्र एवं क्षमता

लेंस सूत्र
1/v − 1/u = 1/f (नई कार्तीय चिन्ह परिपाटी के अनुसार)
आवर्धन (m)
m = h'/h = v/u
लेंस की क्षमता (P)
P = 1/f (f मीटर में); इकाई: डायोप्टर (D)
उत्तल लेंस की क्षमता
धनात्मक (+D)
अवतल लेंस की क्षमता
ऋणात्मक (−D)

उत्तल लेंस द्वारा प्रतिबिंब निर्माण

उत्तल लेंस से बनने वाला प्रतिबिंब वस्तु की स्थिति पर निर्भर करता है। जब वस्तु फोकस दूरी से बाहर रखी जाती है, तो वास्तविक व उल्टा प्रतिबिंब बनता है, जिसका आकार वस्तु की दूरी के अनुसार छोटा, वस्तु के बराबर या बड़ा हो सकता है। परंतु जब वस्तु फोकस दूरी के अंदर (लेंस व फोकस के बीच) रखी जाती है, तो आभासी, सीधा व बड़ा प्रतिबिंब बनता है — यही सिद्धांत आवर्धक लेंस (magnifying glass) में प्रयोग होता है।

इसके विपरीत, अवतल लेंस सदैव आभासी, सीधा और वस्तु से छोटा प्रतिबिंब बनाता है, चाहे वस्तु कहीं भी रखी हो — यह प्रतिबिंब लेंस और फोकस के बीच बनता है। यही कारण है कि अवतल लेंस का उपयोग निकट दृष्टि दोष (मायोपिया) के सुधार में किया जाता है। प्रतिबिंब की प्रकृति (वास्तविक/आभासी, सीधा/उल्टा, बड़ा/छोटा) को दर्शाने के लिए किरण आरेख (ray diagram) खींचना REET परीक्षा की तैयारी के लिए एक उपयोगी अभ्यास है, क्योंकि इससे प्रत्येक स्थिति स्पष्ट रूप से समझ आती है।

अपवर्तन के दैनिक जीवन में उदाहरण

पानी में डूबा हुआ पेंसिल या सीधा डंडा मुड़ा हुआ दिखाई देता है — यह प्रकाश के अपवर्तन के कारण होता है, जब पानी (सघन माध्यम) से वायु (विरल माध्यम) में प्रकाश किरणें मुड़ती हैं। इसी तरह तालाब वास्तविक गहराई से कम गहरा दिखाई देता है और तारों का टिमटिमाना (twinkling) भी वायुमंडलीय अपवर्तन के कारण होता है, क्योंकि वायुमंडल की विभिन्न परतों का घनत्व लगातार बदलता रहता है।

एक और रोचक उदाहरण है — जब सूर्य क्षितिज से नीचे होता है, तब भी हमें कुछ मिनट पहले व बाद तक सूर्योदय व सूर्यास्त के समय वह दिखाई देता है, क्योंकि वायुमंडलीय अपवर्तन के कारण सूर्य की किरणें मुड़कर हम तक पहुँच जाती हैं। इससे स्पष्ट होता है कि अपवर्तन केवल प्रयोगशाला की घटना नहीं, बल्कि प्रकृति में लगातार घटित होने वाली परिघटना है।

लेंस के दैनिक जीवन में उपयोग

चश्मा (Spectacles)
उत्तल व अवतल लेंस का उपयोग क्रमशः दूर व निकट दृष्टि दोष सुधारने में
आवर्धक लेंस (Magnifying Glass)
उत्तल लेंस से छोटी वस्तुओं (जैसे अखबार के छोटे अक्षर) को बड़ा कर देखना
कैमरा
उत्तल लेंस द्वारा वास्तविक व उल्टा प्रतिबिंब फिल्म/सेंसर पर बनाना
सूक्ष्मदर्शी व दूरदर्शी (Microscope, Telescope)
उत्तल लेंसों के संयोजन से सूक्ष्म व दूरस्थ वस्तुओं को बड़ा करके देखना

बच्चों को कैसे पढ़ाएँ

कक्षा गतिविधि

छात्रों को एक गिलास पानी में पेंसिल डालकर अवलोकन करवाएँ कि पेंसिल मुड़ी हुई क्यों दिखती है — इससे अपवर्तन की अवधारणा व्यावहारिक रूप से स्पष्ट होती है। इसके बाद उन्हें पानी की मात्रा बदलकर या तिरछे कोण से देखकर अवलोकन दोहराने को कहें।

शिक्षण सहायक सामग्री

उत्तल व अवतल लेंस के वास्तविक नमूने (magnifying glass और चश्मे के लेंस) कक्षा में दिखाकर छात्रों से उनके आकार में अंतर पहचानवाएँ, और सूर्य के प्रकाश को उत्तल लेंस से एक बिंदु पर केंद्रित करके दिखाएँ।

सामान्य भ्रांति

छात्र प्रायः उत्तल और अवतल लेंस को केवल आकृति से याद रखते हैं पर भ्रमित हो जाते हैं कि कौन-सा प्रकाश को एक बिंदु पर एकत्रित करता है। स्पष्ट करें — 'उत्तल = मोटा बीच में = अभिसारी', 'अवतल = पतला बीच में = अपसारी'।

मूल्यांकन विचार

छात्रों को अलग-अलग वस्तु दूरी देकर पूछें कि उत्तल लेंस किस स्थिति में आभासी और किस स्थिति में वास्तविक प्रतिबिंब बनाएगा, और अपने उत्तर का कारण भी बताने को कहें — इससे अवधारणा की व्यावहारिक समझ जांची जा सकती है।

याद रखने की ट्रिक

लेंस की क्षमता का चिन्ह याद रखने के लिए: 'उत्तल = उन्नति (धन/+), अवतल = अपसरण (ऋण/−)'। साथ ही स्नैल के नियम में 'i' हमेशा आपतन (incidence) और 'r' अपवर्तन (refraction) के लिए है — क्रम न भूलें।

अभ्यास प्रश्न

प्रश्न 1

उत्तल लेंस है

  1. Aसदैव अपसारी
  2. Bसदैव अभिसारी
  3. Cकभी-कभी अभिसारी
  4. Dसमतल दर्पण के समान

व्याख्या

उत्तल लेंस बीच में मोटा होता है और प्रकाश किरणों को एक बिंदु पर एकत्रित करता है, इसलिए यह सदैव अभिसारी (converging) लेंस कहलाता है।

प्रश्न 2

स्नैल के नियम के अनुसार sin i / sin r बराबर होता है

  1. Aफोकस दूरी
  2. Bआवर्धन
  3. Cअपवर्तनांक
  4. Dलेंस की क्षमता

व्याख्या

स्नैल के नियम के अनुसार दिए गए दो माध्यमों के लिए sin i / sin r का मान नियत रहता है, जिसे अपवर्तनांक कहते हैं।

प्रश्न 3

लेंस की क्षमता की SI इकाई है

  1. Aमीटर
  2. Bडायोप्टर
  3. Cजूल
  4. Dन्यूटन

व्याख्या

लेंस की क्षमता P = 1/f (f मीटर में) से ज्ञात होती है और इसकी इकाई डायोप्टर (D) है।

प्रश्न 4

यदि किसी लेंस की फोकस दूरी 0.5 मीटर है, तो उसकी क्षमता होगी

  1. A0.5 D
  2. B1 D
  3. C2 D
  4. D5 D

व्याख्या

P = 1/f = 1/0.5 = 2 डायोप्टर।

प्रश्न 5

अवतल लेंस द्वारा बना प्रतिबिंब सदैव होता है

  1. Aवास्तविक व उल्टा
  2. Bआभासी, उल्टा व बड़ा
  3. Cवास्तविक, सीधा व बराबर
  4. Dआभासी, सीधा व छोटा

व्याख्या

अवतल लेंस वस्तु की स्थिति चाहे जो हो, सदैव आभासी, सीधा और वस्तु से छोटा प्रतिबिंब बनाता है, जो लेंस व फोकस के बीच बनता है।

प्रश्न 6

जब वस्तु उत्तल लेंस की फोकस दूरी के अंदर रखी जाती है, तो प्रतिबिंब होता है

  1. Aआभासी, सीधा, बड़ा
  2. Bवास्तविक, उल्टा, छोटा
  3. Cवास्तविक, सीधा, बराबर
  4. Dआभासी, उल्टा, छोटा

व्याख्या

जब वस्तु उत्तल लेंस व उसके फोकस के बीच रखी जाती है, तो आभासी, सीधा व बड़ा प्रतिबिंब बनता है — यही सिद्धांत आवर्धक लेंस में प्रयोग होता है।

प्रश्न 7

प्रकाश के अपवर्तन का मुख्य कारण है

  1. Aप्रकाश की तीव्रता में परिवर्तन
  2. Bप्रकाश के रंग में परिवर्तन
  3. Cमाध्यम का तापमान बढ़ना
  4. Dमाध्यम बदलने पर प्रकाश की चाल में परिवर्तन

व्याख्या

जब प्रकाश एक माध्यम से दूसरे माध्यम में जाता है, तो उसकी चाल बदल जाती है, जिससे उसका मार्ग मुड़ जाता है — इसी को अपवर्तन कहते हैं।

प्रश्न 8

तारों के टिमटिमाने (twinkling) का मुख्य कारण है

  1. Aतारों का स्वयं चमकना बंद होना
  2. Bतारों का घूमना
  3. Cवायुमंडलीय अपवर्तन
  4. Dपृथ्वी का घूर्णन

व्याख्या

तारों से आने वाला प्रकाश वायुमंडल की लगातार बदलती घनत्व वाली परतों से गुजरते हुए बार-बार अपवर्तित होता है, जिससे टिमटिमाहट दिखती है।

प्रश्न 9

कक्षा 10 में लेंस पढ़ाते समय, छात्रों को उत्तल व अवतल लेंस में अंतर स्पष्ट रूप से समझाने का सबसे प्रभावी तरीका है

  1. Aकेवल सूत्र लिखवाना
  2. Bवास्तविक लेंस के नमूने दिखाकर आकृति व प्रकाश पथ का प्रदर्शन करना
  3. Cकेवल परिभाषा रटवाना
  4. Dपिछले वर्ष के प्रश्न हल करवाना

व्याख्या

वास्तविक नमूनों व प्रदर्शन से छात्र लेंस की आकृति व प्रकाश किरणों के मुड़ने का व्यावहारिक अनुभव कर पाते हैं, जिससे अवधारणा स्थायी रूप से समझ आती है।

प्रश्न 10

यदि कोई छात्र भ्रमित है कि चश्मे में किस दृष्टि दोष के लिए कौन-सा लेंस उपयोग होता है, तो शिक्षक को समझाना चाहिए कि

  1. Aमायोपिया में अवतल और हाइपरमेट्रोपिया में उत्तल लेंस
  2. Bमायोपिया में उत्तल और हाइपरमेट्रोपिया में अवतल लेंस
  3. Cदोनों दोषों में उत्तल लेंस
  4. Dदोनों दोषों में अवतल लेंस

व्याख्या

मायोपिया (निकट दृष्टि दोष) में अवतल लेंस और हाइपरमेट्रोपिया (दूर दृष्टि दोष) में उत्तल लेंस का उपयोग होता है, ताकि प्रतिबिंब सही स्थान पर बने।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

REET में अपवर्तन एवं लेंस टॉपिक से कितने प्रश्न आते हैं?+

REET 2024 में इस टॉपिक से सीधा प्रश्न नहीं आया, लेकिन यह कक्षा 10 NCERT सिलेबस का मुख्य भाग है, इसलिए आगामी परीक्षाओं में लेंस सूत्र या प्रतिबिंब निर्माण से जुड़ा 1 प्रश्न आना सामान्य है।

उत्तल लेंस और अवतल लेंस में क्या अंतर है?+

उत्तल लेंस बीच में मोटा होता है और प्रकाश किरणों को एकत्रित (अभिसरण) करता है, जबकि अवतल लेंस बीच में पतला होता है और किरणों को फैलाता (अपसरण) है।

लेंस की क्षमता की इकाई क्या है?+

लेंस की क्षमता की इकाई डायोप्टर (D) है, जो फोकस दूरी (मीटर में) के व्युत्क्रम के बराबर होती है — P = 1/f।

स्नैल का नियम क्या बताता है?+

स्नैल का नियम बताता है कि दिए गए दो माध्यमों के लिए आपतन कोण की ज्या और अपवर्तन कोण की ज्या का अनुपात नियत (अपवर्तनांक) रहता है।

अवतल लेंस का उपयोग किस दृष्टि दोष को ठीक करने में होता है? और आवर्धक लेंस में कौन-सा लेंस उपयोग होता है?+

अवतल लेंस का उपयोग निकट दृष्टि दोष (मायोपिया) को ठीक करने में किया जाता है, क्योंकि यह प्रतिबिंब को रेटिना पर वापस लाने के लिए किरणों को अपसारित करता है। इसके विपरीत आवर्धक लेंस (magnifying glass) में उत्तल लेंस उपयोग होता है, जिसमें वस्तु को फोकस दूरी के अंदर रखने पर आभासी, सीधा व बड़ा प्रतिबिंब बनता है।

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आधिकारिक स्रोत

  1. NCERT कक्षा 10 विज्ञान — अध्याय 9: प्रकाश – परावर्तन तथा अपवर्तन

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  • 16 सितंबर 2026 — पेज प्रकाशित — तथ्य स्वतंत्र रूप से जाँचे गए