श्वसन (Respiration) — REET Level 2 विज्ञान नोट्स
यह पेज REET Level 2 विज्ञान के लिए श्वसन — श्वास व श्वसन में अंतर, वायवीय-अवायवीय श्वसन तथा विभिन्न जीवों के श्वसन अंग — को परीक्षा-केंद्रित रूप में कवर करता है। REET 2024 में इस टॉपिक से प्रक्रिया-स्तर का प्रश्न पूछा गया था, इसलिए ग्लाइकोलिसिस जैसी बारीकियाँ भी शामिल की गई हैं।
- REET 2024 में 1 प्रश्न
- कक्षा 6-8 स्तर
- 6 मिनट पढ़ें
REET में यह टॉपिक कैसे पूछा जाता है
REET 2024 में इस टॉपिक पर काफी गहराई वाला प्रश्न पूछा गया था — ग्लूकोस के विखंडन के पहले चरण में कौन-सा अणु बनता है (पायरुवेट)। यानी REET यहाँ केवल श्वास-श्वसन के बुनियादी अंतर तक सीमित नहीं रहता, बल्कि ग्लाइकोलिसिस जैसी प्रक्रिया-स्तर की समझ भी जाँचता है। यह पेज दोनों स्तर — बुनियादी परिभाषा व प्रक्रिया-विवरण — को कवर करता है, साथ ही पौधों व विभिन्न जीवों में श्वसन के अंगों को भी शामिल करता है ताकि पूरा टॉपिक एक ही जगह मिल सके।
श्वास-प्रश्वास व श्वसन में अंतर
श्वास-प्रश्वास (breathing) केवल शरीर के भीतर व बाहर वायु का भौतिक आदान-प्रदान है — फेफड़ों में ऑक्सीजन अंदर लेना व कार्बन डाइऑक्साइड बाहर छोड़ना। यह पूरी तरह एक भौतिक (mechanical) क्रिया है, जिसमें कोई रासायनिक अभिक्रिया नहीं होती।
श्वसन (respiration) एक व्यापक रासायनिक प्रक्रिया है जो कोशिका के अंदर होती है, जिसमें ग्लूकोस का विखंडन कर ऊर्जा मुक्त की जाती है। श्वास-प्रश्वास इस पूरी प्रक्रिया का केवल एक भाग है, संपूर्ण प्रक्रिया नहीं। श्वसन से मुक्त ऊर्जा शरीर की सभी क्रियाओं — वृद्धि, गति, पाचन आदि — के लिए उपयोग होती है।
श्वसन केवल जंतुओं तक सीमित नहीं है; पौधे भी लगातार श्वसन करते हैं, दिन हो या रात, जबकि प्रकाश संश्लेषण केवल दिन में सूर्य के प्रकाश में होता है। पौधों में पत्तियों के रंध्रों (stomata), तने की वल्करंध्रों (lenticels) व जड़ों के रोमों से गैसों का आदान-प्रदान होता है, और इन सभी अंगों को अलग-अलग पहचानना REET में पूछे जाने वाले वर्गीकरण-आधारित प्रश्नों के लिए उपयोगी है।
श्वसन के प्रकार व उत्पाद
| चरण / प्रकार | स्थान | अभिकारक → उत्पाद |
|---|---|---|
| ग्लाइकोलिसिस (सामान्य पहला चरण) | कोशिकाद्रव्य (cytoplasm) | ग्लूकोस → पायरुवेट (दोनों प्रकार के श्वसन में समान चरण) |
| वायवीय श्वसन (Aerobic) | माइटोकॉन्ड्रिया | पायरुवेट + ऑक्सीजन → कार्बन डाइऑक्साइड + जल + अधिक ऊर्जा |
| अवायवीय श्वसन — यीस्ट में | कोशिकाद्रव्य | पायरुवेट → एथेनॉल (एल्कोहल) + कार्बन डाइऑक्साइड + कम ऊर्जा |
| अवायवीय श्वसन — मानव पेशियों में (तीव्र व्यायाम के समय) | कोशिकाद्रव्य | पायरुवेट → लैक्टिक अम्ल + कम ऊर्जा (थकान/ऐंठन का कारण) |
REET 2024 में ग्लाइकोलिसिस के पहले उत्पाद (पायरुवेट) पर सीधा प्रश्न पूछा गया था; याद रखें कि ग्लाइकोलिसिस दोनों प्रकार के श्वसन में समान रहता है, केवल आगे का रास्ता ऑक्सीजन की उपलब्धता पर निर्भर करता है।
वायवीय बनाम अवायवीय श्वसन — त्वरित तुलना
- ऑक्सीजन की आवश्यकता
- वायवीय में आवश्यक; अवायवीय में आवश्यक नहीं
- स्थान
- वायवीय — माइटोकॉन्ड्रिया; अवायवीय — केवल कोशिकाद्रव्य
- ऊर्जा उत्पादन
- वायवीय में अधिक ऊर्जा मुक्त होती है; अवायवीय में तुलनात्मक रूप से कम
- अंतिम उत्पाद
- वायवीय — CO₂ व जल; अवायवीय — एथेनॉल+CO₂ (यीस्ट) या लैक्टिक अम्ल (पेशियाँ)
विभिन्न जीवों के श्वसन अंग
- मनुष्य
- फेफड़े (lungs)
- मछली
- गलफड़े (gills) — पानी में घुली ऑक्सीजन को अवशोषित करने के लिए विशेष रूप से अनुकूलित संरचना
- केंचुआ
- नम त्वचा (skin) द्वारा गैस विनिमय
- कीट (जैसे तिलचट्टा)
- श्वास नलिकाएँ (tracheae), शरीर के रंध्रों (spiracles) से वायु प्रवेश
- मेंढक
- पानी में नम त्वचा से व जमीन पर फेफड़ों से — दोनों माध्यमों से श्वसन
श्वसन दर व सामान्य परीक्षण
विश्राम अवस्था में एक सामान्य वयस्क की श्वसन दर लगभग 15-18 श्वास प्रति मिनट होती है। व्यायाम या परिश्रम के दौरान यह दर बढ़ जाती है क्योंकि पेशियों को अधिक ऊर्जा चाहिए होती है, जिसके लिए अधिक ऑक्सीजन व ग्लूकोस की आवश्यकता होती है।
एक सरल कक्षा-परीक्षण से यह दिखाया जा सकता है कि छोड़ी गई (exhaled) हवा में ली गई हवा से अधिक कार्बन डाइऑक्साइड होती है — जब छोड़ी गई हवा को चूने के पानी (lime water) में फूँका जाता है तो वह ली गई हवा की तुलना में जल्दी दूधिया (milky) हो जाता है।
श्वसन से मुक्त ऊर्जा का उपयोग शरीर की हर कोशिका अपनी आवश्यकताओं के अनुसार करती है — जैसे पेशियों में गति के लिए, मस्तिष्क में सोचने-समझने के लिए व वृद्धि में नई कोशिकाओं के निर्माण के लिए। यही कारण है कि श्वसन को जीवन की सबसे आवश्यक प्रक्रियाओं में गिना जाता है, और इसका रुक जाना ही मृत्यु का संकेत माना जाता है।
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कक्षा गतिविधि
विद्यार्थियों से पहले 1 मिनट में सामान्य श्वसन दर गिनवाएं, फिर 1 मिनट दौड़ने के बाद पुनः गिनवाएं और अंतर पर चर्चा कराएं। परिणामों को बोर्ड पर तालिका बनाकर पूरी कक्षा के साथ साझा किया जा सकता है।
शिक्षण सामग्री
चूने के पानी में फूँक मारने का सरल प्रयोग कक्षा में कराएं ताकि बच्चे कार्बन डाइऑक्साइड उत्पादन को प्रत्यक्ष देख सकें। दो टेस्ट-ट्यूब में ली गई व छोड़ी गई हवा फूँककर दोनों के दूधियापन की गति की तुलना कराई जा सकती है।
सामान्य भ्रांति
कई विद्यार्थी श्वास लेना और श्वसन को एक ही मान लेते हैं; स्पष्ट करें कि श्वास-प्रश्वास केवल गैसों का आदान-प्रदान है जबकि श्वसन कोशिका के अंदर ऊर्जा-मुक्ति की रासायनिक प्रक्रिया है। यह भी स्पष्ट करें कि पौधे भी लगातार श्वसन करते हैं, भले ही उनमें फेफड़े नहीं होते।
आकलन विचार
विद्यार्थियों से पूछें "दौड़ने के बाद पैरों में ऐंठन (cramp) क्यों होती है?" — सही उत्तर में लैक्टिक अम्ल के जमाव की समझ जाँची जा सकती है। इसके अतिरिक्त, यीस्ट के उदाहरण से अवायवीय श्वसन के उत्पाद (एथेनॉल) की समझ भी परखी जा सकती है।
याद रखने की ट्रिक
ग्लाइकोलिसिस हमेशा सबसे पहले पायरुवेट बनाता है — चाहे ऑक्सीजन हो या न हो; यह दोनों प्रकार के श्वसन (वायवीय व अवायवीय) का साझा पहला कदम है। इसके बाद ही रास्ता अलग होता है — ऑक्सीजन मिलने पर माइटोकॉन्ड्रिया में CO2+जल, न मिलने पर एथेनॉल या लैक्टिक अम्ल। संक्षेप में याद रखें: 'पहले पायरुवेट, फिर ऑक्सीजन तय करे आगे का रास्ता'।
REET 2024 में पूछे गए प्रश्न (हल सहित)
प्रश्न 124
श्वसन के दौरान ग्लूकोस के विखंडन के प्रथम चरण में बनने वाला अणु है
- Aइथेनॉल
- Bपायरुवेट
- Cलैक्टिक अम्ल
- Dकार्बन-डाइऑक्साइड
व्याख्या
श्वसन के पहले चरण ग्लाइकोलाइसिस में, जो कोशिकाद्रव्य में होता है, ग्लूकोस (6 कार्बन) टूटकर पायरुवेट (3 कार्बन) के दो अणु बनाता है। इसके बाद ऑक्सीजन की उपस्थिति/अनुपस्थिति के अनुसार पायरुवेट से CO₂ और जल, इथेनॉल या लैक्टिक अम्ल बनते हैं, इसलिए ये पहले चरण के उत्पाद नहीं हैं।
अभ्यास प्रश्न
प्रश्न 1
श्वसन के दौरान ग्लूकोस के टूटने की पहली अभिक्रिया (ग्लाइकोलिसिस) कहाँ होती है?
- Aमाइटोकॉन्ड्रिया
- Bकोशिकाद्रव्य (cytoplasm)
- Cकेन्द्रक (nucleus)
- Dकोशिका भित्ति
व्याख्या
ग्लाइकोलिसिस कोशिकाद्रव्य में होती है और यह वायवीय व अवायवीय दोनों प्रकार के श्वसन का साझा पहला चरण है।
प्रश्न 2
वायवीय श्वसन किसकी उपस्थिति में होता है?
- Aकार्बन डाइऑक्साइड
- Bऑक्सीजन
- Cनाइट्रोजन
- Dजल
व्याख्या
वायवीय (aerobic) श्वसन ऑक्सीजन की उपस्थिति में माइटोकॉन्ड्रिया में होता है और अधिक ऊर्जा मुक्त करता है।
प्रश्न 3
यीस्ट में अवायवीय श्वसन से कौन-सा उत्पाद बनता है?
- Aलैक्टिक अम्ल
- Bएथेनॉल व कार्बन डाइऑक्साइड
- Cकेवल जल
- Dकेवल ऑक्सीजन
व्याख्या
यीस्ट में अवायवीय श्वसन (एल्कोहलीय किण्वन) से एथेनॉल व कार्बन डाइऑक्साइड बनते हैं, जो बेकिंग उद्योग में उपयोगी है।
प्रश्न 4
तीव्र व्यायाम के दौरान मानव पेशियों में ऐंठन (cramp) का मुख्य कारण है
- Aग्लूकोस की अधिकता
- Bलैक्टिक अम्ल का जमाव
- Cऑक्सीजन की अधिकता
- Dएथेनॉल का बनना
व्याख्या
जब पेशियों को पर्याप्त ऑक्सीजन नहीं मिलती तो वे अवायवीय श्वसन द्वारा लैक्टिक अम्ल बनाती हैं, जिसके जमाव से ऐंठन व थकान होती है।
प्रश्न 5
यदि शिक्षक चाहता है कि विद्यार्थी स्वयं अनुभव से समझें कि व्यायाम के बाद श्वसन दर क्यों बढ़ती है, तो सबसे उपयुक्त कक्षा-गतिविधि है
- Aकेवल परिभाषा रटवाना
- Bव्यायाम से पहले व बाद की श्वसन दर गिनवाना
- Cचित्र दिखाना
- Dप्रश्नोत्तर पुस्तिका हल कराना
व्याख्या
व्यायाम से पहले व बाद की श्वसन दर की प्रत्यक्ष गणना से बच्चे स्वयं अनुभव द्वारा ऊर्जा-मांग व श्वसन दर के संबंध को समझते हैं।
प्रश्न 6
कौन-सा सही क्रम वायवीय श्वसन के चरणों को दर्शाता है?
- Aग्लूकोस → पायरुवेट → कार्बन डाइऑक्साइड + जल + ऊर्जा
- Bग्लूकोस → एथेनॉल → पायरुवेट
- Cपायरुवेट → ग्लूकोस → कार्बन डाइऑक्साइड
- Dग्लूकोस → लैक्टिक अम्ल → पायरुवेट
व्याख्या
वायवीय श्वसन में ग्लूकोस पहले पायरुवेट में टूटता है (ग्लाइकोलिसिस), फिर माइटोकॉन्ड्रिया में ऑक्सीजन की उपस्थिति में कार्बन डाइऑक्साइड, जल व ऊर्जा बनती है।
प्रश्न 7
केंचुए में गैसों का आदान-प्रदान मुख्यतः किसके माध्यम से होता है?
- Aफेफड़े
- Bगलफड़े
- Cनम त्वचा
- Dश्वास नलिकाएँ
व्याख्या
केंचुआ अपनी नम त्वचा के माध्यम से ऑक्सीजन व कार्बन डाइऑक्साइड का आदान-प्रदान करता है।
प्रश्न 8
चूने के पानी (lime water) में साँस छोड़ने पर वह जल्दी दूधिया (milky) हो जाता है, यह किस गैस की अधिकता दर्शाता है?
- Aऑक्सीजन
- Bनाइट्रोजन
- Cकार्बन डाइऑक्साइड
- Dहाइड्रोजन
व्याख्या
छोड़ी गई हवा में ली गई हवा से अधिक कार्बन डाइऑक्साइड होती है, जो चूने के पानी को जल्दी दूधिया बना देती है।
प्रश्न 9
निम्न में से कौन-सा कथन असत्य है?
- Aग्लाइकोलिसिस वायवीय व अवायवीय दोनों श्वसन में होती है
- Bवायवीय श्वसन में अवायवीय की तुलना में अधिक ऊर्जा मुक्त होती है
- Cअवायवीय श्वसन माइटोकॉन्ड्रिया में होता है
- Dमानव पेशियों में अवायवीय श्वसन से लैक्टिक अम्ल बनता है
व्याख्या
अवायवीय श्वसन कोशिकाद्रव्य में होता है, माइटोकॉन्ड्रिया में नहीं; माइटोकॉन्ड्रिया केवल वायवीय श्वसन के लिए आवश्यक है।
प्रश्न 10
कक्षा में "श्वास" और "श्वसन" के अंतर को स्पष्ट करने के लिए शिक्षक सबसे उपयुक्त उदाहरण किसे देगा?
- Aनाक से हवा अंदर-बाहर करना बनाम कोशिका में ऊर्जा-मुक्ति की प्रक्रिया
- Bकेवल फेफड़ों का चित्र दिखाना
- Cश्वसन दर गिनवाना
- Dकोई अंतर नहीं है, यह समझाना
व्याख्या
नाक से वायु के भौतिक आदान-प्रदान (श्वास) और कोशिका के अंदर ऊर्जा-मुक्ति (श्वसन) की तुलना से बच्चे दोनों प्रक्रियाओं का स्पष्ट अंतर समझ पाते हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
श्वास और श्वसन में क्या अंतर है?+
श्वास-प्रश्वास केवल फेफड़ों में वायु का भौतिक आदान-प्रदान है, जबकि श्वसन कोशिका के अंदर ग्लूकोस के विखंडन से ऊर्जा मुक्त करने की पूरी रासायनिक प्रक्रिया है, जो श्वास-प्रश्वास से कहीं व्यापक है।
अवायवीय श्वसन किसमें होता है?+
अवायवीय श्वसन यीस्ट में (एल्कोहल किण्वन, ब्रेड व शराब उद्योग में उपयोगी) व मानव पेशियों में तीव्र व्यायाम के दौरान (लैक्टिक अम्ल बनना) होता है।
लैक्टिक अम्ल कहाँ बनता है और क्यों?+
तीव्र व्यायाम के दौरान जब मांसपेशियों को पर्याप्त ऑक्सीजन नहीं मिल पाती, तो वे अवायवीय श्वसन द्वारा पायरुवेट से लैक्टिक अम्ल बनाती हैं, जिससे ऐंठन व थकान होती है। आराम करने पर धीरे-धीरे यह अम्ल हट जाता है और दर्द कम हो जाता है।
REET में श्वसन से किस स्तर के प्रश्न आते हैं?+
REET 2024 के अनुसार यह टॉपिक ग्लाइकोलिसिस जैसे प्रक्रिया-स्तर तक जा सकता है, केवल परिभाषा तक सीमित नहीं रहता; इसलिए वायवीय-अवायवीय दोनों पथों के हर चरण को समझना ज़रूरी है।
सामान्य वयस्क की विश्राम अवस्था में श्वसन दर कितनी होती है?+
सामान्यतः लगभग 15-18 श्वास प्रति मिनट, जो व्यायाम, बुखार या ऊँचाई पर जाने जैसी स्थितियों में बढ़ जाती है।
क्या पौधे भी श्वसन करते हैं?+
हाँ, पौधे दिन-रात लगातार श्वसन करते हैं, जबकि प्रकाश संश्लेषण केवल दिन के समय सूर्य के प्रकाश में होता है — दोनों अलग-अलग प्रक्रियाएँ हैं, जो REET में अक्सर भ्रमित करने के लिए साथ पूछी जाती हैं।
श्वसन में मुक्त ऊर्जा का उपयोग किसके लिए होता है?+
श्वसन से मुक्त ऊर्जा शरीर की सभी क्रियाओं — गति, वृद्धि, पाचन व सोचने-समझने — के लिए उपयोग होती है, इसलिए इसे जीवन की मूल प्रक्रिया माना जाता है।
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बदलाव लॉग
- 16 सितंबर 2026 — पेज प्रकाशित — तथ्य स्वतंत्र रूप से जाँचे गए