ध्वनि (Sound): तरंग, तारत्व, प्रतिध्वनि और ध्वनि प्रदूषण — REET नोट्स
इस पेज पर ध्वनि का उत्पादन, तरंग की विशेषताएँ, तारत्व-प्रबलता-गुणता, चाल, प्रतिध्वनि, पराध्वनि, मानव कान और ध्वनि प्रदूषण कक्षा 8–9 NCERT स्तर पर समेटे गए हैं। REET 2024 Level 2 में इसी दायरे से सीधे, एक-पंक्ति वाले प्रश्न आए, इसलिए ये पक्के अंक हैं।
- REET 2024 में 4 प्रश्न
- कक्षा 8–9 NCERT स्तर
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REET में यह टॉपिक कैसे पूछा जाता है
REET 2024 Level 2 (गणित-विज्ञान) में ध्वनि से 4 प्रश्न आए: तारत्व (pitch) किस पर निर्भर करता है, मच्छर के पंखों के आवर्तकाल से आवृत्ति निकालना (f = 1/T), और WHO द्वारा शहर के लिए सुरक्षित शोर स्तर (दो पालियों में दोहराया गया)। यानी स्तर कक्षा 8–9 की NCERT/RBSE पुस्तक का है — परिभाषाएँ, एक-पंक्ति के सूत्र वाले छोटे सवाल और ध्वनि प्रदूषण से जुड़े तथ्य। लंबी गणना नहीं, पर इकाइयों और सूत्रों पर पकड़ ज़रूरी है।
ध्वनि का उत्पादन और संचरण
ध्वनि ऊर्जा का एक रूप है जो किसी वस्तु के कम्पन (vibration) से उत्पन्न होती है। किसी वस्तु के आगे-पीछे या ऊपर-नीचे की बार-बार होने वाली गति कम्पन है। मनुष्य में ध्वनि कण्ठ (larynx) से बनती है — श्वासनली के ऊपरी सिरे पर दो स्वर-तंत्रियाँ (vocal cords) होती हैं, जिनके बीच से फेफड़ों की वायु निकलने पर वे कम्पन करती हैं। NCERT के अनुसार पुरुषों में स्वर-तंत्रियाँ लगभग 20 mm लंबी और महिलाओं में लगभग 5 mm छोटी होती हैं, इसलिए पुरुषों, महिलाओं और बच्चों की आवाज़ अलग होती है।
ध्वनि को चलने के लिए माध्यम (ठोस, द्रव या गैस) चाहिए; यह निर्वात (vacuum) में नहीं चल सकती — इसीलिए चंद्रमा पर अंतरिक्ष यात्री रेडियो से बात करते हैं। वायु में ध्वनि अनुदैर्ध्य तरंग (longitudinal wave) के रूप में चलती है, जिसमें माध्यम के कण तरंग की दिशा के समानांतर कम्पन करते हैं और संपीडन (compression — अधिक दाब/घनत्व) तथा विरलन (rarefaction — कम दाब/घनत्व) बनते हैं।
ध्वनि तरंग की विशेषताएँ और सूत्र
| राशि | अर्थ | SI मात्रक / सूत्र |
|---|---|---|
| तरंगदैर्घ्य (λ) | दो क्रमागत संपीडनों या विरलनों के बीच की दूरी | मीटर (m) |
| आवृत्ति (ν या f) | एक सेकंड में होने वाले कम्पनों / दोलनों की संख्या | हर्ट्ज़ (Hz) |
| आवर्तकाल (T) | एक पूरा कम्पन होने में लगा समय | सेकंड (s); T = 1/ν |
| आयाम (A) | माध्य स्थिति से अधिकतम विस्थापन | प्रबलता तय करता है |
| तरंग का वेग (v) | एक सेकंड में तरंग द्वारा तय दूरी | v = ν × λ (m/s) |
उदाहरण: T = 0.005 s हो तो ν = 1/0.005 = 200 Hz (REET 2024 का प्रश्न)।[स्रोत 1]
तारत्व, प्रबलता और गुणता — किस पर निर्भर
| लक्षण | निर्भर करता है | उदाहरण |
|---|---|---|
| तारत्व (pitch) | आवृत्ति — अधिक आवृत्ति = ऊँचा (तीक्ष्ण) तारत्व | बच्चे और महिला की आवाज़ का तारत्व सामान्यतः पुरुष से ऊँचा; सीटी तीक्ष्ण, ढोल मोटा |
| प्रबलता (loudness) | आयाम — प्रबलता आयाम के वर्ग के समानुपाती | ढोल को ज़ोर से पीटने पर आयाम और प्रबलता बढ़ती है; मात्रक डेसीबल (dB) |
| गुणता / टिम्बर (quality) | तरंग का आकार (waveform) | समान तारत्व और प्रबलता पर भी सितार और बाँसुरी की ध्वनि अलग पहचानी जाती है |
विभिन्न माध्यमों में ध्वनि की चाल
| माध्यम | चाल (m/s) |
|---|---|
| वायु (0 °C) | 331 |
| वायु (25 °C) | 346 |
| आसुत जल (25 °C) | 1498 |
| समुद्री जल (25 °C) | 1531 |
| इस्पात (25 °C) | 5960 |
ध्वनि की चाल ठोस में सबसे अधिक, फिर द्रव, फिर गैस में होती है; ताप बढ़ने पर वायु में चाल बढ़ती है। प्रकाश की चाल (लगभग 3 × 10⁸ m/s) ध्वनि से बहुत अधिक है, इसलिए बिजली की चमक पहले दिखती है और गड़गड़ाहट बाद में सुनाई देती है।[स्रोत 1]
प्रतिध्वनि, श्रव्यता परास, पराध्वनि और मानव कान
प्रतिध्वनि (echo): परावर्तित ध्वनि जो मूल ध्वनि के बाद अलग सुनाई दे। ध्वनि का प्रभाव मस्तिष्क में लगभग 0.1 s तक बना रहता है, इसलिए परावर्तित ध्वनि को कम से कम 0.1 s बाद पहुँचना चाहिए। 344 m/s (22 °C) की चाल पर परावर्तक सतह की न्यूनतम दूरी = (344 × 0.1)/2 = 17.2 m। किसी बड़े हॉल में ध्वनि के बार-बार परावर्तन से ध्वनि का बना रहना अनुरणन (reverberation) कहलाता है; इसे कम करने के लिए दीवारों-छत पर ध्वनि-अवशोषक पदार्थ (फाइबर बोर्ड, पर्दे) लगाए जाते हैं। मेगाफोन, स्टेथोस्कोप और हॉल की वक्राकार छत ध्वनि के बहु-परावर्तन पर काम करते हैं।
मानव की श्रव्यता परास (audible range) लगभग 20 Hz से 20,000 Hz (20 kHz) है। 20 Hz से कम आवृत्ति अवश्रव्य (infrasonic) — जैसे हाथी और व्हेल इसका उपयोग करते हैं; 20 kHz से अधिक पराध्वनि (ultrasonic) — चमगादड़ और डॉल्फ़िन इसका उपयोग करते हैं और कुत्ते इसे सुन सकते हैं। पराध्वनि के उपयोग: अल्ट्रासोनोग्राफी, इकोकार्डियोग्राफी, गुर्दे की छोटी पथरी तोड़ना, धातु में दरार का पता लगाना और कठिन पहुँच वाले पुर्ज़ों की सफ़ाई। SONAR (Sound Navigation And Ranging) में पराध्वनि भेजकर समुद्र की गहराई या पनडुब्बी की दूरी निकाली जाती है: 2d = v × t।
मानव कान: बाह्य कर्ण (कर्ण पल्लव / pinna और कर्ण नलिका) ध्वनि एकत्र करता है; कर्णपटह (eardrum) कम्पन करता है; मध्य कर्ण की तीन अस्थियाँ — मैलियस (हथौड़ा), इंकस (निहाई) और स्टेपीज़ (रकाब) — कम्पन को बढ़ाकर आंतरिक कर्ण तक पहुँचाती हैं; आंतरिक कर्ण का कॉक्लिया (कर्णावर्त) इन्हें विद्युत संकेतों में बदलता है जो श्रवण तंत्रिका से मस्तिष्क तक जाते हैं। कर्णपटह को नुकीली वस्तु से कभी नहीं छूना चाहिए।
शोर और ध्वनि प्रदूषण
- प्रबलता का मात्रक
- डेसीबल (dB)
- सामान्य बातचीत
- लगभग 60 dB[स्रोत 1]
- पीड़ादायक स्तर
- 80 dB से अधिक शोर शारीरिक रूप से कष्टदायक (NCERT)[स्रोत 1]
- शहर के लिए सुरक्षित शोर स्तर (REET 2024 कुंजी)
- 45 dB — BSER की अंतिम उत्तर कुंजी में यही उत्तर माना गया
- दुष्प्रभाव
- नींद की कमी, उच्च रक्तचाप, चिंता, अस्थायी या स्थायी श्रवण-हानि[स्रोत 1]
- नियंत्रण
- सड़क किनारे पेड़, वाहनों-मशीनों में साइलेंसर, शोर वाले उद्योग आवासीय क्षेत्र से दूर[स्रोत 1]
बच्चों को कैसे पढ़ाएँ
कक्षा-गतिविधि (कक्षा 6–8)
थाली या ढोलक पर चावल/रेत के दाने रखकर बजाएँ — दाने उछलते हैं, यानी ध्वनि करने वाली वस्तु कम्पन करती है। फिर माचिस की डिब्बियों और धागे से ‘खिलौना टेलीफोन’ बनवाएँ, जिससे पता चले कि ध्वनि ठोस (धागे) से भी चलती है।
शिक्षण सामग्री
स्लिंकी (स्प्रिंग) को मेज़ पर आगे-पीछे धकेलकर संपीडन-विरलन दिखाएँ। पानी की अलग-अलग मात्रा वाली 6–8 बोतलों या गिलासों पर चम्मच मारकर ‘जल-तरंग’ से तारत्व और आवृत्ति का संबंध समझाएँ।
आम भ्रांतियाँ
बच्चे अक्सर मानते हैं कि ध्वनि वायु में सबसे तेज़ चलती है, ‘तेज़ आवाज़’ का अर्थ ऊँचा तारत्व है, या ध्वनि निर्वात में भी चल सकती है। मेज़ के एक सिरे पर कान लगाकर दूसरे सिरे की हल्की खटखट साफ़ सुनने की गतिविधि और तारत्व-प्रबलता की तुलना तालिका इन्हें दूर करती है।
आकलन का विचार
बच्चों से अपने आसपास की 10 ध्वनियों की सूची बनवाएँ और उन्हें ‘सुखद / शोर’ तथा ‘ऊँचा / नीचा तारत्व’ में वर्गीकृत कराएँ; साथ में f = 1/T और v = νλ के दो-दो आसान प्रश्न दें।
याद रखने की ट्रिक / परीक्षा टिप
‘ता-आ, प्र-आ’ याद रखें: तारत्व ↔ आवृत्ति, प्रबलता ↔ आयाम; और तीसरा गुणता ↔ तरंग का आकार। ‘तेज़ आवाज़’ (loud) और ‘ऊँची/पतली आवाज़’ (high pitch) को कभी एक न मानें। आवृत्ति के प्रश्न में आवर्तकाल दशमलव में हो तो 1/T को भिन्न में बदलें: 0.005 = 5/1000, इसलिए 1/0.005 = 1000/5 = 200 Hz।
REET 2024 में पूछे गए प्रश्न (हल सहित)
प्रश्न 139
विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने एक शहर के लिए कितने डेसीबल (dB) को सुरक्षित शोर स्तर तय किया है ?
- A140 dB
- B90 dB
- C65 dB
- D45 dB
व्याख्या
BSER की उत्तर कुंजी के अनुसार विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) द्वारा शहर के लिए सुरक्षित शोर स्तर 45 dB माना गया है। इससे अधिक शोर लंबे समय तक रहने पर नींद, एकाग्रता और सुनने की क्षमता पर बुरा प्रभाव पड़ सकता है। 90 dB या 140 dB जैसे स्तर तो हानिकारक और पीड़ादायक श्रेणी के हैं।
प्रश्न 146
किसी ध्वनि का तारत्व निर्भर करता है
- Aतरंगदैर्घ्य पर
- Bआवृत्ति पर
- Cआयाम पर
- Dतीव्रता पर
व्याख्या
ध्वनि का तारत्व (pitch) उसकी आवृत्ति (frequency) पर निर्भर करता है – आवृत्ति अधिक होने पर ध्वनि तीक्ष्ण (ऊँचे तारत्व की) और कम होने पर मोटी होती है। ध्वनि की प्रबलता (loudness) आयाम पर निर्भर करती है।
प्रश्न 122
विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने एक शहर के लिए कितने डेसीबल (dB) को सुरक्षित शोर स्तर तय किया है ?
- A45 dB
- B90 dB
- C140 dB
- D65 dB
व्याख्या
प्रतियोगी परीक्षाओं की पुस्तकों में WHO द्वारा शहर के लिए सुरक्षित शोर स्तर 45 dB बताया जाता है, और BSER की अंतिम कुंजी में यही उत्तर (A) है। WHO के दिशानिर्देश स्थान और समय के अनुसार अलग-अलग मान देते हैं, जैसे रात में आवासों के बाहर 45 dB तक। 70 dB से ऊपर लगातार शोर श्रवण क्षमता के लिए जोखिम माना गया है और 140 dB तो वयस्कों के लिए भी अधिकतम शिखर-सीमा है, इसलिए 90 और 140 dB सुरक्षित स्तर नहीं हैं।
प्रश्न 135
एक मच्छर के पंखों के कम्पन का आवर्तकाल 0.005 सेकण्ड है, तो उसके पंखों के कम्पन की आवृत्ति होगी
- A200 Hz
- B2000 Hz
- C500 Hz
- D5000 Hz
व्याख्या
आवृत्ति = 1/आवर्तकाल। अतः आवृत्ति = 1/0.005 = 1000/5 = 200 Hz।
अभ्यास प्रश्न
प्रश्न 1
वायु में ध्वनि किस प्रकार की तरंग के रूप में संचरित होती है?
- Aअनुप्रस्थ तरंग
- Bअनुदैर्ध्य तरंग
- Cविद्युतचुंबकीय तरंग
- Dस्थिर तरंग
व्याख्या
वायु में ध्वनि अनुदैर्ध्य तरंग है — कण तरंग की दिशा के समानांतर कम्पन करते हैं और संपीडन-विरलन बनाते हैं। ध्वनि विद्युतचुंबकीय तरंग नहीं है, इसलिए निर्वात में नहीं चलती।
प्रश्न 2
ध्वनि निम्न में से किसमें संचरित नहीं हो सकती?
- Aजल
- Bइस्पात
- Cवायु
- Dनिर्वात
व्याख्या
ध्वनि को चलने के लिए माध्यम के कण चाहिए। निर्वात में कोई कण नहीं होते, इसलिए वहाँ ध्वनि नहीं चलती।
प्रश्न 3
किसी ध्वनि तरंग की आवृत्ति 500 Hz और तरंगदैर्घ्य 0.68 m है। उसकी चाल होगी
- A340 m/s
- B680 m/s
- C170 m/s
- D735 m/s
व्याख्या
v = ν × λ = 500 × 0.68 = 340 m/s। अन्य विकल्प सूत्र के गलत प्रयोग से आते हैं।
प्रश्न 4
सामान्य मनुष्य की श्रव्यता परास है
- A2 Hz से 2,000 Hz
- B20 Hz से 2,000 Hz
- C20 Hz से 20,000 Hz
- D200 Hz से 2,00,000 Hz
व्याख्या
मनुष्य लगभग 20 Hz से 20,000 Hz तक की ध्वनि सुन सकता है। इससे कम अवश्रव्य और अधिक पराध्वनि कहलाती है।
प्रश्न 5
ढोल को अधिक ज़ोर से पीटने पर ध्वनि की कौन-सी राशि मुख्य रूप से बढ़ती है?
- Aआवृत्ति
- Bआयाम
- Cतरंगदैर्घ्य
- Dआवर्तकाल
व्याख्या
ज़ोर से पीटने पर कम्पन का आयाम बढ़ता है, जिससे प्रबलता बढ़ती है। आवृत्ति ढोल की बनावट पर निर्भर करती है, पीटने की शक्ति पर नहीं।
प्रश्न 6
चमगादड़ अंधेरे में उड़ते समय बाधाओं का पता लगाने के लिए किसका उपयोग करते हैं?
- Aअवश्रव्य ध्वनि
- Bपराध्वनि
- Cप्रकाश तरंगें
- Dश्रव्य ध्वनि
व्याख्या
चमगादड़ उच्च आवृत्ति की पराध्वनि (20 kHz से अधिक) उत्पन्न करते हैं और बाधाओं से परावर्तित तरंगों को सुनकर उनकी स्थिति जानते हैं।
प्रश्न 7
एक व्यक्ति चट्टान के सामने ताली बजाता है और 2 s बाद प्रतिध्वनि सुनता है। ध्वनि की चाल 340 m/s हो तो चट्टान की दूरी है
- A680 m
- B340 m
- C170 m
- D1360 m
व्याख्या
2 s में ध्वनि चट्टान तक जाकर लौटती है, इसलिए 2d = v × t = 340 × 2 = 680 m, और d = 340 m। 680 m कुल तय दूरी है, चट्टान की दूरी नहीं।
प्रश्न 8
थाली पर चावल के दाने रखकर उसे बजाने पर दाने उछलने लगते हैं। इस गतिविधि से विद्यार्थी मुख्य रूप से क्या समझते हैं?
- Aध्वनि उत्पन्न करने वाली वस्तु कम्पन करती है
- Bध्वनि निर्वात में चलती है
- Cध्वनि की चाल प्रकाश से अधिक है
- Dतारत्व आयाम पर निर्भर करता है
व्याख्या
उछलते दाने दिखाते हैं कि बजती थाली कम्पन कर रही है, यानी ध्वनि कम्पन से बनती है। बाकी तीनों कथन वैज्ञानिक रूप से गलत हैं।
प्रश्न 9
कक्षा 8 में ‘ध्वनि ठोस माध्यम से भी चलती है’ समझाने के लिए सबसे उपयुक्त गतिविधि है
- Aधागे और डिब्बियों से खिलौना टेलीफोन बनवाकर बात करवाना
- Bपरिभाषा को पाँच बार लिखवाना
- Cकेवल पाठ्यपुस्तक का अनुच्छेद पढ़कर सुनाना
- Dध्वनि की चाल की तालिका रटवाना
व्याख्या
खिलौना टेलीफोन में ध्वनि तने हुए धागे (ठोस) से एक सिरे से दूसरे सिरे तक पहुँचती है, जिसे बच्चे स्वयं अनुभव करते हैं। रटना या केवल पढ़कर सुनाना प्रत्यक्ष अनुभव नहीं देता।
प्रश्न 10
एक विद्यार्थी का मानना है कि ध्वनि वायु में सबसे तेज़ चलती है। इस भ्रांति को सुधारने के लिए शिक्षक कौन-सा सही तथ्य बताएगा?
- Aध्वनि जल में सबसे तेज़ चलती है
- Bध्वनि निर्वात में सबसे तेज़ चलती है
- Cध्वनि इस्पात जैसे ठोस में वायु और जल से अधिक तेज़ चलती है
- Dध्वनि की चाल सभी माध्यमों में समान है
व्याख्या
25 °C पर वायु में ध्वनि की चाल लगभग 346 m/s, जल में लगभग 1498 m/s और इस्पात में लगभग 5960 m/s है, इसलिए ठोस में सबसे अधिक। निर्वात में ध्वनि चलती ही नहीं।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
REET Level 2 में ध्वनि (Sound) से कितने प्रश्न आते हैं?+
संख्या तय नहीं है, पर REET 2024 Level 2 की गणित-विज्ञान की दो पालियों में ध्वनि से कुल 4 प्रश्न आए, जिनमें WHO शोर स्तर वाला प्रश्न दोनों पालियों में दोहराया गया।
ध्वनि का तारत्व किस पर निर्भर करता है?+
आवृत्ति (frequency) पर। आवृत्ति जितनी अधिक, तारत्व उतना ऊँचा।
मनुष्य की श्रव्यता परास कितनी है?+
लगभग 20 Hz से 20,000 Hz। इससे कम अवश्रव्य और इससे अधिक आवृत्ति पराध्वनि कहलाती है।
प्रतिध्वनि सुनने के लिए न्यूनतम दूरी कितनी होनी चाहिए?+
344 m/s की चाल पर लगभग 17.2 m, क्योंकि ध्वनि का प्रभाव कान-मस्तिष्क पर लगभग 0.1 s तक रहता है।
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आधिकारिक स्रोत
बदलाव लॉग
- 16 सितंबर 2026 — पेज प्रकाशित — तथ्य स्वतंत्र रूप से जाँचे गए