संश्लेषित रेशे एवं प्लास्टिक
यह पेज संश्लेषित रेशों के प्रकार, प्लास्टिक के वर्गीकरण और अपशिष्ट प्रबंधन को REET परीक्षा के नज़रिए से कवर करता है। REET में इस टॉपिक से जैव-निम्नीकरणीय बनाम अजैव-निम्नीकरणीय पदार्थों की पहचान और उपयुक्त अपशिष्ट-निपटान विधि चुनने वाले प्रश्न पूछे जाते हैं।
- REET 2024 में 2 प्रश्न
- कक्षा 6-8 स्तर
- 10 मिनट पढ़ें
REET में यह टॉपिक कैसे पूछा जाता है
REET 2024 में इस टॉपिक से दो प्रश्न पूछे गए — दोनों ही अपशिष्ट के वर्गीकरण व प्रबंधन पर आधारित थे, न कि रेशों के नाम रटने पर। पहला प्रश्न जैव-निम्नीकरणीय अपशिष्ट पहचानने पर था (उत्तर: रूई, क्योंकि यह प्राकृतिक व अपघटित होने वाला रेशा है), और दूसरा यह पूछने पर था कि किस अपशिष्ट का पुनर्चक्रण द्वारा उपचार सबसे उत्तम है (उत्तर: धात्विक अपशिष्ट)। इससे स्पष्ट है कि REET में इस टॉपिक से केवल रेशों-प्लास्टिकों के नाम नहीं, बल्कि जैव-निम्नीकरणीय/अजैव-निम्नीकरणीय वर्गीकरण और उचित अपशिष्ट-प्रबंधन विधि की व्यावहारिक समझ परखी जाती है। संश्लेषित रेशों के प्रकार, उनके स्रोत व प्लास्टिक के थर्मोप्लास्टिक-थर्मोसेटिंग वर्गीकरण से जुड़े प्रश्न भी पूर्व वर्षों में REET-स्तर की परीक्षाओं में आते रहे हैं, इसलिए दोनों भाग अच्छी तरह तैयार करें।
संश्लेषित रेशे क्या होते हैं
संश्लेषित (मानव-निर्मित) रेशे मुख्यतः पेट्रो-रसायनों से रासायनिक प्रक्रिया द्वारा बनाए जाते हैं। इनमें छोटी-छोटी रासायनिक इकाइयाँ (मोनोमर) आपस में जुड़कर एक लंबी शृंखला (बहुलक/पॉलिमर) बनाती हैं, जिससे रेशा बनता है। यह प्राकृतिक रेशों (जैसे कपास, ऊन, रेशम) से अलग है, जो पौधों या जंतुओं से सीधे प्राप्त होते हैं।
प्लास्टिक के गुण व व्यापक उपयोग का कारण
प्लास्टिक भी संश्लेषित रेशों की तरह लंबी बहुलक शृंखलाओं से बना पदार्थ है, जो अपने कुछ विशेष गुणों के कारण आज लगभग हर क्षेत्र में उपयोग होता है — यह हल्का, टिकाऊ, जंग-रोधी, रासायनिक रूप से अक्रिय (non-reactive) होता है, आसानी से किसी भी आकार में ढाला जा सकता है, और अपेक्षाकृत सस्ता है। यही गुण इसे पैकेजिंग, बर्तन, खिलौने, इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के कवर आदि में बेहद लोकप्रिय बनाते हैं। परंतु यही अक्रियता (कि यह आसानी से नष्ट नहीं होता) इसकी सबसे बड़ी पर्यावरणीय समस्या भी है, क्योंकि यह वर्षों-दशकों तक बिना अपघटित हुए पर्यावरण में बना रहता है, मिट्टी व जल-स्रोतों को प्रदूषित करता है, और जीव-जंतुओं के लिए भी हानिकारक सिद्ध होता है।
संश्लेषित रेशों के प्रकार
| रेशा | स्रोत/विशेषता | मुख्य उपयोग |
|---|---|---|
| रेयॉन | लकड़ी की लुगदी (सेलुलोज़) से रासायनिक प्रक्रिया द्वारा बनता है, रेशम जैसा चमकदार व मुलायम — 'कृत्रिम रेशम' भी कहलाता है | साड़ी, वस्त्र |
| नायलॉन | कोयला, जल व वायु से बना पहला पूर्णतः संश्लेषित रेशा, अत्यंत मजबूत, हल्का व लचीला | रस्सी, पैराशूट, मोज़े, टूथब्रश के ब्रिसल |
| पॉलिएस्टर | एस्टर इकाइयों की पुनरावृत्ति से बना, झुर्री-रोधी व जल्दी सूखने वाला, PET बोतलें भी इसी से बनती हैं | वस्त्र, प्लास्टिक की बोतलें |
| ऐक्रिलिक | ऊन का सस्ता, हल्का व टिकाऊ विकल्प, आसानी से रंगा जा सकता है | स्वेटर, कंबल |
प्लास्टिक के प्रकार
| प्रकार | गुण | उदाहरण |
|---|---|---|
| थर्मोप्लास्टिक | गर्म करने पर मुलायम होकर बार-बार अलग-अलग आकार में मोड़ा व ढाला जा सकता है | पॉलिथीन (PVC), पॉलीविनाइल क्लोराइड — बैग, बोतल |
| थर्मोसेटिंग प्लास्टिक | एक बार साँचे में ढलने के बाद गर्म करने पर यह पिघलता नहीं, बल्कि टूट जाता है — दोबारा किसी नए आकार में नहीं ढाला जा सकता | बैकेलाइट, मेलामीन — बिजली के स्विच, बर्तन |
जैव-निम्नीकरणीय बनाम अजैव-निम्नीकरणीय पदार्थ
- जैव-निम्नीकरणीय (biodegradable)
- जो सूक्ष्मजीवों (जीवाणु, कवक) द्वारा प्राकृतिक रूप से अपघटित हो जाते हैं — जैसे रूई, कागज़, सब्जी के छिलके, ऊन
- अजैव-निम्नीकरणीय (non-biodegradable)
- जो सूक्ष्मजीवों द्वारा अपघटित नहीं होते और लंबे समय तक पर्यावरण में बने रहते हैं — जैसे प्लास्टिक, धातु, काँच
अपशिष्ट प्रबंधन के उपाय
- घरेलू व कृषि अपशिष्ट
- इसका अधिकांश भाग (सब्ज़ी-फल के छिलके, बचा हुआ भोजन, पुआल) जैव-निम्नीकरणीय होता है, इसलिए कंपोस्टिंग (खाद बनाना) इसके लिए सबसे उत्तम व पर्यावरण-अनुकूल उपाय है
- धात्विक अपशिष्ट
- पुनर्चक्रण (recycling) सबसे उत्तम उपाय है, क्योंकि धातु को बार-बार पिघलाकर बिना गुणवत्ता खोए नई वस्तु बनाई जा सकती है
- चिकित्सकीय अपशिष्ट
- संक्रमण फैलने के खतरे के कारण इसे सामान्य कचरे से अलग रखा जाता है और प्रायः भस्मीकरण (incineration) जैसी विशेष विधियों से सुरक्षित निपटान किया जाता है
- प्लास्टिक अपशिष्ट
- 3R सिद्धांत अपनाना सबसे उत्तम है — Reduce (कम उपयोग), Reuse (पुनः उपयोग), Recycle (पुनर्चक्रण); इसे कभी जलाना नहीं चाहिए क्योंकि इससे विषैली गैसें बनती हैं और वायु प्रदूषण बढ़ता है
बच्चों को कैसे पढ़ाएँ
गतिविधि
घर से लाए कपड़ों के छोटे टुकड़े (सूती, नायलॉन, पॉलिएस्टर) दिखाकर व उनके लेबल पढ़वाकर विद्यार्थियों से प्राकृतिक व संश्लेषित रेशों में अंतर पहचानने को कहें, और यह भी बताएँ कि लेबल पर लिखी रेशा-सामग्री पढ़ना एक उपयोगी जीवन-कौशल है।
शिक्षण सहायक सामग्री
घर से लाई विभिन्न वस्तुओं (कागज़, प्लास्टिक की थैली, धातु का टुकड़ा, सब्ज़ी का छिलका, काँच) को कक्षा में रखकर एक तालिका में जैव-निम्नीकरणीय/अजैव-निम्नीकरणीय के अनुसार छँटवाएँ, और प्रत्येक के लिए उपयुक्त निपटान विधि पर चर्चा करवाएँ।
सामान्य भ्रांति
बहुत-से विद्यार्थी सोचते हैं कि सभी प्लास्टिक बराबर हानिकारक होते हैं या समान रूप से पुनर्चक्रित किए जा सकते हैं, या यह कि सभी संश्लेषित वस्तुएँ 'नकली' व घटिया होती हैं — स्पष्ट करें कि थर्मोप्लास्टिक को पुनः ढाला जा सकता है जबकि थर्मोसेटिंग प्लास्टिक को नहीं, और यह भी कि 'संश्लेषित' होना स्वतः 'हानिकारक' या 'घटिया' होने के बराबर नहीं है — कई संश्लेषित रेशे व प्लास्टिक अपने विशेष गुणों (मजबूती, हल्कापन, स्थायित्व) के कारण ही व्यापक रूप से उपयोगी सिद्ध हुए हैं।
आकलन
विद्यार्थियों को 8 रोज़मर्रा की वस्तुओं की सूची देकर उन्हें जैव-निम्नीकरणीय/अजैव-निम्नीकरणीय में वर्गीकृत करने और प्रत्येक के लिए उपयुक्त निपटान विधि (कंपोस्टिंग, पुनर्चक्रण, भस्मीकरण) बताने को कहें, फिर कक्षा में चर्चा कर सही-गलत उत्तर मिलाएँ और सामान्य गलतियों पर फिर से समझाएँ।
याद रखने की ट्रिक / परीक्षा टिप
थर्मोप्लास्टिक व थर्मोसेटिंग याद रखने की ट्रिक — 'थर्मोसेटिंग' नाम में ही 'सेट' शब्द है, यानी एक बार आकार में 'सेट' होने के बाद यह स्थायी हो जाता है और दोबारा नहीं पिघलता (जैसे बिजली का स्विच)। इसके विपरीत थर्मोप्लास्टिक को नाम की तरह ही बार-बार गर्म कर नया आकार (प्लास्टिक की तरह लचीला व्यवहार) दिया जा सकता है, जैसे पॉलिथीन बैग। रेशों के लिए याद रखें — रेयॉन 'लकड़ी' से, नायलॉन 'कोयला-जल-वायु' से, पॉलिएस्टर 'बोतल व कपड़े' दोनों में, और ऐक्रिलिक 'ऊन के विकल्प' के रूप में जाना जाता है।
REET 2024 में पूछे गए प्रश्न (हल सहित)
प्रश्न 131
जैव-निम्नीकरणीय अपशिष्ट का उदाहरण है
- Aप्लास्टिक
- Bधातु
- Cकाँच
- Dरूई
व्याख्या
जो पदार्थ जीवाणु, कवक आदि सूक्ष्मजीवों द्वारा प्राकृतिक रूप से अपघटित हो जाते हैं, वे जैव-निम्नीकरणीय (biodegradable) कहलाते हैं। रूई (कपास) पौधे से प्राप्त प्राकृतिक रेशा है, इसलिए यह अपघटित हो जाती है। प्लास्टिक, धातु और काँच सूक्ष्मजीवों द्वारा अपघटित नहीं होते।
प्रश्न 127
कौन-से अपशिष्ट का पुनर्चक्रण द्वारा उपचारित करना सबसे उत्तम है ?
- Aघरेलू अपशिष्ट
- Bकृषिय अपशिष्ट
- Cधात्विक अपशिष्ट
- Dचिकित्सकीय अपशिष्ट
व्याख्या
धात्विक अपशिष्ट (जैसे लोहा, एल्युमिनियम, तांबा) को पिघलाकर बार-बार नई वस्तुएँ बनाई जा सकती हैं और इससे गुणवत्ता में खास कमी नहीं आती, इसलिए इसका उपचार पुनर्चक्रण द्वारा सबसे उत्तम है। घरेलू व कृषि अपशिष्ट का बड़ा भाग जैव-निम्नीकरणीय होता है, जिसे कम्पोस्ट आदि से उपचारित किया जाता है, और चिकित्सकीय अपशिष्ट संक्रामक होने के कारण प्रायः भस्मीकरण जैसी विधियों से नष्ट किया जाता है।
अभ्यास प्रश्न
प्रश्न 1
रेयॉन किस प्राकृतिक पदार्थ से बनाया जाता है?
- Aकोयला
- Bलकड़ी की लुगदी (सेलुलोज़)
- Cपेट्रोलियम
- Dरेशम कीट का रेशा
व्याख्या
रेयॉन लकड़ी की लुगदी (सेलुलोज़) पर रासायनिक प्रक्रिया करके बनाया जाता है, इसलिए इसे अर्ध-संश्लेषित रेशा भी माना जाता है, और इसकी रेशम जैसी चमक के कारण इसे कृत्रिम रेशम कहते हैं।
प्रश्न 2
पहला पूर्णतः संश्लेषित (मानव-निर्मित) रेशा कौन-सा था, जो कोयला, जल व वायु से बनाया गया था?
- Aरेयॉन
- Bपॉलिएस्टर
- Cनायलॉन
- Dऐक्रिलिक
व्याख्या
नायलॉन पहला पूर्णतः संश्लेषित रेशा था, जिसे कोयला, जल व वायु से बनाया गया — यह अत्यंत मजबूत होने के कारण पैराशूट, रस्सी व मोज़ों में प्रयुक्त होता है।
प्रश्न 3
निम्नलिखित में से कौन-सा थर्मोसेटिंग प्लास्टिक का उदाहरण है?
- Aपॉलिथीन
- BPVC
- Cपॉलिएस्टर
- Dबैकेलाइट
व्याख्या
बैकेलाइट थर्मोसेटिंग प्लास्टिक है, जिसे एक बार साँचे में ढालने के बाद गर्म करने पर दोबारा नहीं ढाला जा सकता — इसका उपयोग बिजली के स्विच व हैंडल बनाने में होता है। पॉलिथीन व PVC थर्मोप्लास्टिक हैं।
प्रश्न 4
प्लास्टिक की पानी की बोतलें (PET बोतलें) मुख्यतः किस संश्लेषित रेशे/पदार्थ से बनती हैं?
- Aरेयॉन
- Bनायलॉन
- Cऐक्रिलिक
- Dपॉलिएस्टर
व्याख्या
PET (पॉलिएथिलीन टेरेफ्थैलेट) बोतलें पॉलिएस्टर परिवार की सामग्री से बनती हैं, जो हल्की, मजबूत व झुर्री-रोधी होती है।
प्रश्न 5
निम्नलिखित में से कौन-सा जैव-निम्नीकरणीय अपशिष्ट का उदाहरण है?
- Aरूई
- Bकाँच
- Cप्लास्टिक
- Dधातु
व्याख्या
रूई (कपास) एक प्राकृतिक पौधा-आधारित रेशा है, जो सूक्ष्मजीवों द्वारा अपघटित हो जाता है, इसलिए यह जैव-निम्नीकरणीय है। प्लास्टिक, काँच व धातु अजैव-निम्नीकरणीय हैं।
प्रश्न 6
धात्विक अपशिष्ट (जैसे लोहा, एल्युमिनियम) के निपटान की सबसे उत्तम विधि है:
- Aभस्मीकरण (जलाना)
- Bकंपोस्टिंग
- Cपुनर्चक्रण
- Dभूमि में दबाना
व्याख्या
धात्विक अपशिष्ट को बार-बार पिघलाकर बिना गुणवत्ता खोए नई वस्तुएँ बनाई जा सकती हैं, इसलिए पुनर्चक्रण (recycling) इसके निपटान की सबसे उत्तम विधि है।
प्रश्न 7
प्लास्टिक कचरे को खुले में जलाने से पर्यावरण को हानि पहुँचने का मुख्य कारण है:
- Aयह कोई गंध नहीं छोड़ता
- Bइससे विषैली गैसें उत्पन्न होती हैं
- Cयह जल्दी अपघटित हो जाता है
- Dइससे कोई हानि नहीं होती
व्याख्या
प्लास्टिक जलाने पर डाइऑक्सिन जैसी विषैली गैसें उत्पन्न होती हैं, जो वायु प्रदूषण फैलाती हैं और स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हैं, इसलिए प्लास्टिक कचरे को कभी खुले में नहीं जलाना चाहिए।
प्रश्न 8
ऐक्रिलिक रेशा मुख्यतः किस प्राकृतिक रेशे का सस्ता विकल्प माना जाता है?
- Aऊन
- Bरेशम
- Cकपास
- Dजूट
व्याख्या
ऐक्रिलिक रेशा हल्का, गर्म व सस्ता होता है, इसलिए इसे ऊन का किफ़ायती विकल्प माना जाता है और स्वेटर, कंबल बनाने में प्रयुक्त होता है।
प्रश्न 9
कक्षा 8 में जैव-निम्नीकरणीय व अजैव-निम्नीकरणीय पदार्थों का वर्गीकरण सिखाने का सबसे उपयुक्त तरीका है:
- Aकेवल परिभाषा श्यामपट्ट पर लिखना
- Bघर से लाई वस्तुओं को छाँटकर तालिका बनवाना
- Cपाठ्यपुस्तक रटवाना
- Dकेवल चित्र दिखाना
व्याख्या
विद्यार्थियों को स्वयं घर से लाई परिचित वस्तुएँ (कागज़, प्लास्टिक, छिलके, धातु के टुकड़े) छाँटकर तालिका बनाने पर वे वर्गीकरण के आधार को स्वयं खोज व समझ पाते हैं, जो केवल परिभाषा रटने से कहीं अधिक स्थायी सीख देता है।
प्रश्न 10
प्लास्टिक के उपयोग व निपटान में जिम्मेदार व्यवहार के लिए '3R' सिद्धांत में शामिल हैं:
- AReduce, Reuse, Recycle
- BRepair, Replace, Reuse
- CRemove, Reduce, Refuse
- DRecycle, Repair, Replace
व्याख्या
3R सिद्धांत — Reduce (उपयोग कम करना), Reuse (पुनः उपयोग करना) व Recycle (पुनर्चक्रण करना) — प्लास्टिक अपशिष्ट को जिम्मेदारी से कम करने व प्रबंधित करने की मानक रणनीति है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
संश्लेषित रेशे व प्राकृतिक रेशे में क्या अंतर है?+
प्राकृतिक रेशे (कपास, ऊन, रेशम) सीधे पौधों या जंतुओं से प्राप्त होते हैं, जबकि संश्लेषित रेशे (रेयॉन, नायलॉन, पॉलिएस्टर, ऐक्रिलिक) पेट्रो-रसायनों से रासायनिक प्रक्रिया द्वारा मानव-निर्मित होते हैं।
रेयॉन को कृत्रिम रेशम क्यों कहते हैं?+
रेयॉन लकड़ी की लुगदी (सेलुलोज़) से रासायनिक उपचार द्वारा बनाया जाता है, और इसकी चमक व बनावट प्राकृतिक रेशम से काफी मिलती-जुलती होती है, इसलिए इसे कृत्रिम रेशम कहा जाता है।
थर्मोप्लास्टिक व थर्मोसेटिंग प्लास्टिक में क्या अंतर है?+
थर्मोप्लास्टिक (जैसे पॉलिथीन) को गर्म कर बार-बार नया आकार दिया जा सकता है, जबकि थर्मोसेटिंग प्लास्टिक (जैसे बैकेलाइट) एक बार साँचे में ढलने के बाद गर्म करने पर पिघलने के बजाय टूट जाता है और दोबारा नहीं ढाला जा सकता।
प्लास्टिक अजैव-निम्नीकरणीय क्यों है, फिर भी इतना लोकप्रिय क्यों है?+
प्लास्टिक के बहुलक अणुओं की संरचना ऐसी होती है कि सूक्ष्मजीव इन्हें तोड़ नहीं पाते, इसलिए यह वर्षों तक पर्यावरण में बना रहता है। फिर भी यह हल्का, टिकाऊ, जंग-रोधी व सस्ता होने के कारण पैकेजिंग से इलेक्ट्रॉनिक्स तक हर जगह उपयोगी है — इसलिए इसका जिम्मेदारी से उपयोग व निपटान (3R सिद्धांत) ज़रूरी है। ध्यान रहे, रेयॉन जैसे सेलुलोज़-आधारित रेशे अपेक्षाकृत जल्दी अपघटित हो सकते हैं, जबकि नायलॉन-पॉलिएस्टर जैसे पूर्ण-पेट्रो रसायन रेशे लगभग अजैव-निम्नीकरणीय ही माने जाते हैं।
पुनर्चक्रण किन अपशिष्टों के लिए सर्वोत्तम विधि है?+
धात्विक अपशिष्ट (लोहा, एल्युमिनियम, ताँबा) के लिए पुनर्चक्रण सर्वोत्तम विधि है, क्योंकि इन्हें बार-बार पिघलाकर बिना गुणवत्ता खोए नई वस्तुएँ बनाई जा सकती हैं — REET 2024 में यह सीधे पूछा गया था।
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बदलाव लॉग
- 16 सितंबर 2026 — पेज प्रकाशित — तथ्य स्वतंत्र रूप से जाँचे गए