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REET L2 · विज्ञान

अम्ल, क्षार एवं लवण

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यह पेज अम्ल-क्षार की पहचान, सूचक, pH स्केल, दैनिक जीवन में पाए जाने वाले अम्ल-क्षार-लवण और क्लोर-क्षार जैसी औद्योगिक प्रक्रिया को REET परीक्षा के नज़रिए से कवर करता है। REET में इस टॉपिक से प्राकृतिक स्रोतों में पाए जाने वाले अम्लों और रासायनिक समीकरणों दोनों पर सीधे प्रश्न पूछे जाते हैं।

  • REET 2024 में 2 प्रश्न
  • कक्षा 6-8 स्तर
  • 11 मिनट पढ़ें
16 सितंबर 2026 को सत्यापित

REET में यह टॉपिक कैसे पूछा जाता है

REET 2024 में इस टॉपिक से दो प्रश्न पूछे गए — एक प्राकृतिक स्रोत में पाए जाने वाले अम्ल की पहचान पर (नेटल/बिच्छू घास के डंक में मेथेनॉइक अम्ल) और दूसरा क्लोर-क्षार प्रक्रिया के सही रासायनिक समीकरण की पहचान पर। इससे स्पष्ट है कि REET में यह टॉपिक दो स्तर पर पूछा जाता है — रोज़मर्रा के स्रोतों में मिलने वाले अम्ल-क्षार (जैसे कौन-सा फल किस अम्ल के लिए जाना जाता है) और उद्योग में प्रयुक्त महत्वपूर्ण रासायनिक अभिक्रियाओं के सही समीकरण। दोनों तरह की तैयारी ज़रूरी है, साथ ही महत्वपूर्ण लवणों के सूत्र व उनके रोज़मर्रा के उपयोग भी अच्छी तरह याद रखने चाहिए।

अम्ल व क्षार की पहचान

अम्ल (acid) वे पदार्थ हैं जो नीले लिटमस को लाल कर देते हैं और जल में घुलने पर हाइड्रोजन आयन (H⁺) मुक्त करते हैं, जो जल के साथ मिलकर हाइड्रोनियम आयन (H₃O⁺) बनाते हैं। क्षार (base) वे पदार्थ हैं जो लाल लिटमस को नीला कर देते हैं और जल में घुलने पर हाइड्रॉक्साइड आयन (OH⁻) मुक्त करते हैं — जल में घुलनशील क्षार को क्षारक/एल्कली (alkali) कहा जाता है, जैसे सोडियम हाइड्रॉक्साइड।

अम्ल व क्षार दोनों प्रबल (strong) या दुर्बल (weak) हो सकते हैं, यह इस पर निर्भर करता है कि जल में घुलने पर वे कितने आयन मुक्त करते हैं — हाइड्रोक्लोरिक अम्ल व सल्फ्यूरिक अम्ल प्रबल अम्ल हैं, जबकि सिरके का ऐसिटिक अम्ल दुर्बल अम्ल है। दैनिक जीवन में उदासीनीकरण अभिक्रिया के कई व्यावहारिक उदाहरण मिलते हैं — पेट में अधिक अम्ल बनने (अपच/एसिडिटी) पर मैग्नीशियम हाइड्रॉक्साइड (मिल्क ऑफ मैग्नीशिया) जैसे हल्के क्षार वाली एंटासिड दवा ली जाती है, जो अतिरिक्त अम्ल को उदासीन कर आराम देती है। इसी तरह चींटी के डंक में मौजूद मेथेनॉइक अम्ल की जलन से राहत पाने के लिए बेकिंग सोडा (हल्का क्षार) मलने की सलाह दी जाती है। दाँतों में सड़न भी तब शुरू होती है जब मुँह का pH 5.5 से नीचे गिर जाता है, क्योंकि शर्करा पर जीवाणुओं की क्रिया से बना अम्ल दाँत की इनेमल परत को नुकसान पहुँचाता है — इसीलिए खाने के बाद मुँह साफ रखने की सलाह दी जाती है।

सूचक (indicators)

प्रकारउदाहरणअम्ल में रंगक्षार में रंग
प्राकृतिक सूचकलिटमस (लाइकेन से प्राप्त)लालनीला
प्राकृतिक सूचकहल्दीपीला (कोई परिवर्तन नहीं)लाल-भूरा
गंधीय सूचकलौंग, वैनिला, प्याज़गंध बनी रहती हैगंध बदल/समाप्त हो जाती है
संश्लेषित सूचकमिथाइल ऑरेंज / फिनॉल्फथेलिनगुलाबी-नारंगी / रंगहीनपीला / गुलाबी

दैनिक जीवन में पाए जाने वाले अम्ल

स्रोतअम्ल
सिरकाऐसिटिक अम्ल (एथेनॉइक अम्ल)
खट्टे फल (नींबू, संतरा)सिट्रिक अम्ल
दही/खट्टा दूधलैक्टिक अम्ल
इमलीटार्टरिक अम्ल
चींटी व बिच्छू घास (नेटल) का डंकमेथेनॉइक अम्ल (फॉर्मिक अम्ल)
आमाशय (पेट) का रसहाइड्रोक्लोरिक अम्ल

pH स्केल

pH स्केल की सीमा
0 से 14 तक — किसी विलयन की अम्लीयता या क्षारीयता की मात्रा दर्शाता है
pH < 7
अम्लीय विलयन — pH जितना कम, अम्लीयता उतनी अधिक
pH = 7
उदासीन (neutral) — जैसे शुद्ध आसुत जल
pH > 7
क्षारीय विलयन — pH जितना अधिक, क्षारीयता उतनी अधिक
मृदा व फसल में महत्व
पौधों की अच्छी वृद्धि के लिए मिट्टी का उपयुक्त pH आवश्यक है; अत्यधिक अम्लीय मिट्टी में बुझा चूना व अत्यधिक क्षारीय मिट्टी में जैविक/कार्बनिक पदार्थ मिलाकर pH संतुलित किया जाता है
वर्षा जल व प्रदूषण
वायुमंडलीय कार्बन डाइऑक्साइड घुलने से सामान्य वर्षा जल का pH स्वाभाविक रूप से लगभग 5.6 (हल्का अम्लीय) होता है; जब वायु प्रदूषण के कारण pH इससे भी नीचे चला जाए, तो इसे अम्ल वर्षा (acid rain) कहा जाता है, जो भवनों व फसलों को नुकसान पहुँचाती है

महत्वपूर्ण लवण व उनके सूत्र

लवणरासायनिक सूत्रमुख्य उपयोग
सामान्य नमकNaClभोजन में, क्लोर-क्षार प्रक्रिया का कच्चा माल
बेकिंग सोडाNaHCO₃खाना पकाने, अग्निशामक यंत्र
धोवन सोडाNa₂CO₃·10H₂Oकाँच-साबुन उद्योग, जल की कठोरता दूर करना
विरंजक चूर्ण (ब्लीचिंग पाउडर)CaOCl₂कपड़ा विरंजन, जल शुद्धिकरण, विसंक्रामक
प्लास्टर ऑफ पेरिसCaSO₄·½H₂Oटूटी हड्डी पर प्लास्टर, मूर्ति व साँचे बनाना
नीला थोथा (कॉपर सल्फेट)CuSO₄·5H₂Oक्रिस्टलन जल (water of crystallisation) का उदाहरण

क्लोर-क्षार (chlor-alkali) प्रक्रिया

समीकरण
2NaCl + 2H₂O → 2NaOH + Cl₂ + H₂ (सोडियम क्लोराइड के जलीय विलयन/ब्राइन का विद्युत-अपघटन)
बनने वाले उत्पाद
NaOH (क्षार/सोडियम हाइड्रॉक्साइड), Cl₂ (क्लोरीन गैस), H₂ (हाइड्रोजन गैस)
उपयोग
Cl₂ का उपयोग PVC, विरंजक चूर्ण व विसंक्रामक बनाने में; H₂ ईंधन व वनस्पति घी बनाने में; NaOH साबुन-कागज़ उद्योग व अन्य रासायनिक प्रक्रियाओं में

बच्चों को कैसे पढ़ाएँ

गतिविधि

नींबू के रस, सिरके, साबुन के घोल व बेकिंग सोडा के घोल जैसी सुरक्षित घरेलू वस्तुओं पर लिटमस पत्र या घर पर बनाए लाल पत्तागोभी के रस (natural indicator) से परीक्षण करवाकर रंग-परिवर्तन तालिका भरवाएँ।

शिक्षण सहायक सामग्री

pH स्केल का रंगीन चार्ट (0-14) कक्षा में लगाएँ और रोज़मर्रा के पदार्थों (नींबू, दूध, साबुन, बेकिंग सोडा) को उनके अनुमानित pH स्थान पर चिन्हित करवाएँ।

सुरक्षा व सामान्य भ्रांति

विद्यार्थियों को स्पष्ट करें कि प्रयोगशाला के सांद्र अम्ल-क्षार कभी चखे या छुए नहीं जाते — यह केवल घरेलू तनु (dilute) पदार्थों पर ही सुरक्षित है। साथ ही यह भ्रांति दूर करें कि सभी खट्टे पदार्थ खतरनाक अम्ल हैं — भोजन के अम्ल तनु व सुरक्षित मात्रा में होते हैं।

आकलन

विद्यार्थियों से पूछें कि किसी अज्ञात घोल का pH मीटर पर मान 4 आने पर वह अम्लीय है या क्षारीय, और कारण सहित उत्तर देने को कहें; साथ ही चींटी के डंक व एसिडिटी जैसी रोज़मर्रा की स्थितियों में उदासीनीकरण का उदाहरण देने को कहकर समझ जाँचें, और महत्वपूर्ण लवणों के सूत्र मौखिक रूप से दोहरवाएँ।

याद रखने की ट्रिक / परीक्षा टिप

प्लास्टर ऑफ पेरिस (CaSO₄·½H₂O) को हमेशा नमी-रोधी (वायु-रोधी) बर्तन में रखा जाता है, क्योंकि हवा की नमी सोखकर यह जिप्सम (CaSO₄·2H₂O) में बदल जाता है और सख्त, बेकार हो जाता है — यह तथ्य लगभग हर वर्ष REET-स्तर की परीक्षाओं में किसी न किसी रूप में पूछा जाता है, इसलिए दोनों सूत्र व यह परिवर्तन याद रखें। इसी तरह याद रखें कि 'सोडा' नाम वाले सभी यौगिक अलग-अलग होते हैं — बेकिंग सोडा, धोवन सोडा और कास्टिक सोडा (NaOH) को सूत्र के आधार पर स्पष्ट रूप से अलग-अलग पहचानने का अभ्यास करें।

REET 2024 में पूछे गए प्रश्न (हल सहित)

प्रश्न 137

नेटल के डंक में पाया जाने वाला अम्ल है

  1. Aलैक्टिक अम्ल
  2. Bसिट्रिक अम्ल
  3. Cमेथेनॉइक अम्ल
  4. Dटार्टरिक अम्ल

व्याख्या

नेटल (बिच्छू घास) की पत्तियों के डंकनुमा रोमों में मेथेनॉइक अम्ल (methanoic acid, फॉर्मिक अम्ल) होता है, जिससे जलन होती है। लैक्टिक अम्ल दही में, सिट्रिक अम्ल नींबू-संतरे में और टार्टरिक अम्ल इमली में पाया जाता है।

प्रश्न 125

‘क्लोर-क्षार’ प्रक्रिया की रासायनिक समीकरण है

  1. ACa(OH)₂ + Cl₂ → CaOCl₂ + H₂O
  2. BNaCl + H₂O + CO₂ + NH₃ → NH₄Cl + NaHCO₃
  3. CNa₂CO₃ + 2HCl → 2NaCl + H₂O + CO₂
  4. D2NaCl + 2H₂O → 2NaOH + Cl₂ + H₂

व्याख्या

क्लोर-क्षार प्रक्रिया में सोडियम क्लोराइड के जलीय विलयन (ब्राइन) का विद्युत अपघटन किया जाता है, जिससे NaOH (क्षार), Cl₂ (क्लोर) और H₂ बनते हैं: 2NaCl + 2H₂O → 2NaOH + Cl₂ + H₂। विकल्प (A) विरंजक चूर्ण बनने की तथा (B) बेकिंग सोडा (सॉल्वे प्रक्रम) बनने की अभिक्रिया है।

अभ्यास प्रश्न

प्रश्न 1

शुद्ध आसुत जल (distilled water) का pH मान कितना होता है?

  1. A0
  2. B14
  3. C10
  4. D7

व्याख्या

शुद्ध जल उदासीन होता है, इसलिए इसका pH मान ठीक 7 होता है — न अम्लीय (7 से कम), न क्षारीय (7 से अधिक)।

प्रश्न 2

अम्ल व क्षार की अभिक्रिया से लवण व जल बनने की प्रक्रिया कहलाती है:

  1. Aऑक्सीकरण
  2. Bउदासीनीकरण
  3. Cअपघटन
  4. Dसंक्षारण

व्याख्या

जब अम्ल व क्षार परस्पर अभिक्रिया करके लवण व जल बनाते हैं और दोनों के गुण निष्प्रभावी हो जाते हैं, तो इसे उदासीनीकरण अभिक्रिया कहते हैं — जैसे HCl + NaOH → NaCl + H₂O।

प्रश्न 3

बेकिंग सोडा का रासायनिक सूत्र है:

  1. ANaHCO₃
  2. BNa₂CO₃
  3. CNaOH
  4. DCaCO₃

व्याख्या

बेकिंग सोडा का रासायनिक नाम सोडियम हाइड्रोजनकार्बोनेट है, जिसका सूत्र NaHCO₃ है — इसे खाना पकाने व अग्निशामक यंत्र में उपयोग किया जाता है।

प्रश्न 4

साबुन का घोल सामान्यतः प्रकृति में कैसा होता है, जिस कारण त्वचा पर हल्की जलन महसूस हो सकती है?

  1. Aप्रबल अम्लीय (pH लगभग 2-3)
  2. Bउदासीन (pH ठीक 7)
  3. Cहल्का क्षारीय (pH लगभग 9-10)
  4. Dप्रबल क्षारीय (pH 14)

व्याख्या

साबुन उच्च वसा अम्लों के सोडियम/पोटैशियम लवण होते हैं, जिनका जलीय घोल सामान्यतः हल्का क्षारीय (pH लगभग 9-10) होता है — इसी कारण अधिक देर तक प्रयोग करने पर त्वचा में हल्की जलन महसूस हो सकती है।

प्रश्न 5

इमली में मुख्य रूप से कौन-सा अम्ल पाया जाता है?

  1. Aसिट्रिक अम्ल
  2. Bलैक्टिक अम्ल
  3. Cटार्टरिक अम्ल
  4. Dमेथेनॉइक अम्ल

व्याख्या

इमली में मुख्य रूप से टार्टरिक अम्ल पाया जाता है, जो इसे विशिष्ट खट्टा स्वाद देता है। सिट्रिक अम्ल खट्टे फलों में, लैक्टिक अम्ल दही में और मेथेनॉइक अम्ल चींटी/नेटल के डंक में पाया जाता है।

प्रश्न 6

धोवन सोडा (Na₂CO₃) के क्रिस्टल में क्रिस्टलन जल के कितने अणु उपस्थित होते हैं?

  1. A2
  2. B5
  3. C7
  4. D10

व्याख्या

धोवन सोडा का पूर्ण रासायनिक सूत्र Na₂CO₃·10H₂O है, अर्थात इसके प्रत्येक अणु में क्रिस्टलन जल के 10 अणु उपस्थित होते हैं।

प्रश्न 7

प्लास्टर ऑफ पेरिस में जल मिलाने पर यह सख्त होकर किसमें बदल जाता है?

  1. Aबेकिंग सोडा
  2. Bजिप्सम
  3. Cविरंजक चूर्ण
  4. Dधोवन सोडा

व्याख्या

प्लास्टर ऑफ पेरिस (CaSO₄·½H₂O) में जल मिलाने पर यह जल सोखकर सख्त हो जाता है और जिप्सम (CaSO₄·2H₂O) में बदल जाता है — इसी गुण के कारण यह टूटी हड्डी पर प्लास्टर व साँचे बनाने में उपयोगी है।

प्रश्न 8

दूध के खट्टा होने का मुख्य कारण किस अम्ल का बनना है?

  1. Aसिट्रिक अम्ल
  2. Bऐसिटिक अम्ल
  3. Cलैक्टिक अम्ल
  4. Dटार्टरिक अम्ल

व्याख्या

दूध में उपस्थित जीवाणु शर्करा (लैक्टोज़) को किण्वित कर लैक्टिक अम्ल बनाते हैं, जिससे दूध खट्टा हो जाता है और जम भी सकता है।

प्रश्न 9

कक्षा 7 के विद्यार्थियों को अम्ल-क्षार की पहचान सिखाने के लिए शिक्षक की सबसे उपयुक्त व सुरक्षित गतिविधि है:

  1. Aप्रयोगशाला के सांद्र अम्ल चखवाना
  2. Bघरेलू पदार्थों व लिटमस/पत्तागोभी सूचक से सुरक्षित परीक्षण करवाना
  3. Cकेवल पाठ्यपुस्तक की परिभाषा पढ़ाना
  4. Dबिना समझाए सीधे pH मीटर का मान बताना

व्याख्या

कक्षा 6-8 स्तर पर विद्यार्थियों को घरेलू, सुरक्षित पदार्थों (नींबू, साबुन, बेकिंग सोडा) पर लिटमस या घर पर बनाए प्राकृतिक सूचक (जैसे लाल पत्तागोभी के रस) से हाथों-हाथ परीक्षण करवाना सबसे सुरक्षित और प्रभावी तरीका है। प्रयोगशाला के सांद्र रसायन कभी चखे या असुरक्षित ढंग से प्रयोग नहीं कराए जाते।

प्रश्न 10

विरंजक चूर्ण (bleaching powder) का रासायनिक सूत्र है:

  1. ACaOCl₂
  2. BCaCO₃
  3. CCaSO₄
  4. DCa(OH)₂

व्याख्या

विरंजक चूर्ण, बुझे चूने [Ca(OH)₂] पर क्लोरीन गैस प्रवाहित करने से बनता है और इसका रासायनिक सूत्र CaOCl₂ है — इसका उपयोग कपड़ा विरंजन, जल शुद्धिकरण व विसंक्रामक के रूप में होता है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

pH किसे कहते हैं?+

pH वह मापदंड (0 से 14 के स्केल पर) है जो किसी विलयन की अम्लीयता या क्षारीयता को दर्शाता है — pH 7 से कम अम्लीय, 7 उदासीन और 7 से अधिक क्षारीय माना जाता है।

उदासीनीकरण अभिक्रिया क्या है, और अपच में एंटासिड दवा कैसे राहत देती है?+

जब अम्ल व क्षार आपस में अभिक्रिया कर लवण व जल बनाते हैं, तो इसे उदासीनीकरण अभिक्रिया कहते हैं। इसी सिद्धांत पर पेट में अधिक अम्ल बनने (अपच/एसिडिटी) पर मिल्क ऑफ मैग्नीशिया जैसी हल्की क्षारीय एंटासिड दवा अतिरिक्त अम्ल को निष्प्रभावी कर राहत देती है।

क्लोर-क्षार प्रक्रिया में कौन-कौन से उत्पाद बनते हैं?+

सोडियम क्लोराइड के जलीय विलयन के विद्युत-अपघटन से सोडियम हाइड्रॉक्साइड (NaOH), क्लोरीन गैस (Cl₂) और हाइड्रोजन गैस (H₂) बनते हैं।

नेटल (बिच्छू घास) के डंक में कौन-सा अम्ल पाया जाता है?+

नेटल की पत्तियों के डंकनुमा रोमों में मेथेनॉइक अम्ल (फॉर्मिक अम्ल) पाया जाता है, जिससे त्वचा पर जलन होती है।

धोवन सोडा व बेकिंग सोडा में क्या अंतर है?+

धोवन सोडा (Na₂CO₃·10H₂O) में क्रिस्टलन जल के 10 अणु होते हैं और यह मुख्यतः सफाई व काँच-साबुन उद्योग में प्रयुक्त होता है, जबकि बेकिंग सोडा (NaHCO₃) मुख्यतः खाना पकाने व अग्निशामक यंत्र में प्रयुक्त होता है।

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  • 16 सितंबर 2026 — पेज प्रकाशित — तथ्य स्वतंत्र रूप से जाँचे गए