कोशिका विभाजन (Cell Division) — REET नोट्स
कोशिका विभाजन REET Level 2 के विज्ञान भाग का एक बुनियादी टॉपिक है, जिसमें समसूत्री (Mitosis) और अर्धसूत्री (Meiosis) विभाजन के चरण, उद्देश्य और अंतर सबसे ज्यादा पूछे जाते हैं। यह पेज सिलेबस के अनुसार दोनों प्रकार के विभाजन को तुलनात्मक तरीके से समझाता है ताकि परीक्षा में कोई भ्रम न रहे।
- REET 2024 में 0 प्रश्न
- कक्षा 9-10 स्तर की विषय-वस्तु
- 7 मिनट पढ़ें
REET में यह टॉपिक कैसे पूछा जाता है
ईमानदारी से बताएं तो REET 2024 के पेपर में कोशिका विभाजन से सीधा कोई प्रश्न नहीं पूछा गया था — इस टॉपिक के 2024 में शून्य (0) प्रश्न रहे। इसलिए यह पूरा पेज REET Level 2 (गणित-विज्ञान) के आधिकारिक सिलेबस की भाषा पर आधारित है, न कि किसी पुराने प्रश्न पर। सिलेबस में यह टॉपिक 'कोशिका' खंड के अंतर्गत आता है, इसलिए आगामी परीक्षाओं में समसूत्री व अर्धसूत्री विभाजन के चरणों, गुणसूत्र संख्या में परिवर्तन और दोनों में अंतर पर सीधा एक-वाक्य वाला MCQ आने की पूरी संभावना है।
कोशिका चक्र और विभाजन क्यों जरूरी है
हर सजीव कोशिका एक निश्चित चक्र से गुजरती है जिसे कोशिका चक्र (Cell Cycle) कहते हैं। इसके दो मुख्य भाग होते हैं — इंटरफेज़ (Interphase), जिसमें कोशिका बढ़ती है और अपने DNA की प्रतिकृति (replication) बनाती है, और M-प्रावस्था (M-phase), जिसमें वास्तविक कोशिका विभाजन होता है। इंटरफेज़ को आगे G1, S और G2 उप-चरणों में बांटा जाता है; DNA की प्रतिकृति S-प्रावस्था में बनती है।
कोशिका विभाजन जीवों के लिए अनिवार्य है क्योंकि इसी से शरीर की वृद्धि (growth) होती है, घिसी-पिटी या क्षतिग्रस्त कोशिकाओं की मरम्मत (repair) होती है, और जनन कोशिकाओं (gametes) का निर्माण होकर प्रजनन संभव होता है। सामान्य शरीर की कोशिकाओं (कायिक कोशिकाओं) में समसूत्री विभाजन होता है, जबकि जनन कोशिकाओं के निर्माण के लिए अर्धसूत्री विभाजन जरूरी है।
समसूत्री विभाजन (Mitosis)
समसूत्री विभाजन कायिक (सोमैटिक) कोशिकाओं में होता है और इसमें एक मातृ कोशिका से दो संतति कोशिकाएँ बनती हैं, जो आनुवंशिक रूप से मातृ कोशिका के बिल्कुल समान होती हैं — गुणसूत्रों की संख्या मातृ कोशिका जितनी ही (द्विगुणित से द्विगुणित) रहती है। यह चार मुख्य चरणों में पूरा होता है, जिन्हें क्रम से याद रखना उपयोगी है — प्रोफेज़ (Prophase), मेटाफेज़ (Metaphase), एनाफेज़ (Anaphase) और टीलोफेज़ (Telophase), संक्षेप में P-M-A-T।
प्रोफेज़ में गुणसूत्र मोटे व स्पष्ट दिखाई देने लगते हैं और केंद्रक झिल्ली टूटने लगती है। मेटाफेज़ में सभी गुणसूत्र कोशिका के मध्य तल (spindle equator) पर पंक्तिबद्ध हो जाते हैं। एनाफेज़ में प्रत्येक गुणसूत्र की दोनों क्रोमैटिड अलग होकर विपरीत ध्रुवों की ओर खिंचती हैं। टीलोफेज़ में नई केंद्रक झिल्ली बनती है और अंत में कोशिकाद्रव्य विभाजन (cytokinesis) से दो पूर्ण संतति कोशिकाएँ बन जाती हैं। इसी विभाजन से शरीर की वृद्धि और घाव भरने जैसी मरम्मत होती है।
अर्धसूत्री विभाजन (Meiosis)
अर्धसूत्री विभाजन केवल जनन कोशिकाओं (जनन-मातृ कोशिकाओं) में होता है और इसका उद्देश्य युग्मक (gametes जैसे शुक्राणु व अंडाणु) बनाना है। इसमें एक मातृ कोशिका से क्रमिक रूप से दो विभाजन (मियोसिस-I और मियोसिस-II) होकर कुल चार संतति कोशिकाएँ बनती हैं, और हर संतति कोशिका में गुणसूत्रों की संख्या मातृ कोशिका की आधी (अगुणित) रह जाती है।
मियोसिस-I को न्यूनकारी विभाजन (reductional division) कहा जाता है क्योंकि इसी में गुणसूत्र संख्या आधी होती है — इसमें समजात गुणसूत्र (homologous chromosomes) जोड़े में आकर अलग होते हैं। इसी चरण के प्रोफेज़-I के दौरान क्रॉसिंग ओवर (crossing over) होता है, जिसमें समजात गुणसूत्रों के बीच आनुवंशिक पदार्थ का आदान-प्रदान होता है — यही नई पीढ़ी में आनुवंशिक विविधता (genetic variation) का सबसे बड़ा कारण है। मियोसिस-II लगभग समसूत्री विभाजन जैसा ही होता है, जिसमें क्रोमैटिड अलग होते हैं। इस तरह अर्धसूत्री विभाजन प्रजनन व आनुवंशिक विविधता दोनों के लिए आवश्यक है।
समसूत्री बनाम अर्धसूत्री विभाजन में अंतर
समसूत्री विभाजन (Mitosis)
कहाँ होता हैकायिक (शारीरिक) कोशिकाएँ
विभाजनों की संख्याएक बार
संतति कोशिकाओं की संख्या2
गुणसूत्र संख्यामातृ कोशिका के बराबर (द्विगुणित)
आनुवंशिक विविधतानहीं (सभी समान)
मुख्य उद्देश्यवृद्धि व मरम्मत
अर्धसूत्री विभाजन (Meiosis)
कहाँ होता हैजनन कोशिकाएँ
विभाजनों की संख्यादो बार (मियोसिस-I व II)
संतति कोशिकाओं की संख्या4
गुणसूत्र संख्यामातृ कोशिका की आधी (अगुणित)
आनुवंशिक विविधताहाँ (क्रॉसिंग ओवर से)
मुख्य उद्देश्यप्रजनन (युग्मक निर्माण)
REET में सबसे अधिक इसी तुलनात्मक रूप में प्रश्न बनते हैं।
याद रखने योग्य त्वरित तथ्य
- मनुष्य में गुणसूत्र संख्या
- 46 (23 जोड़े) — द्विगुणित कोशिकाओं में
- युग्मकों (शुक्राणु/अंडाणु) में गुणसूत्र संख्या
- 23 — अगुणित, अर्धसूत्री विभाजन के कारण
- क्रॉसिंग ओवर कब होता है
- मियोसिस-I के प्रोफेज़-I चरण में
- DNA प्रतिकृति कब बनती है
- इंटरफेज़ की S-प्रावस्था में, विभाजन से पहले
कोशिका विभाजन के जैविक महत्व और वास्तविक उदाहरण
कोशिका विभाजन केवल किताबी संकल्पना नहीं, बल्कि जीवन की रोजमर्रा की घटनाओं से जुड़ा है। जब त्वचा पर कोई घाव होता है, तो घाव के किनारों की कोशिकाएँ तेज़ी से समसूत्री विभाजन करके नई कोशिकाएँ बनाती हैं जिससे घाव भर जाता है। पौधों में जड़ों व तनों के शीर्ष भाग (meristematic regions) में लगातार समसूत्री विभाजन होते रहने से ही पौधे की लंबाई व मोटाई में वृद्धि होती है।
इसके विपरीत, यदि कोशिका विभाजन अनियंत्रित हो जाए और कोशिकाएँ बिना किसी नियंत्रण के बार-बार विभाजित होती रहें, तो असामान्य ऊतक-वृद्धि (ट्यूमर) बन सकती है — यही कैंसर की मूल वैज्ञानिक समझ है। इससे स्पष्ट होता है कि कोशिका विभाजन का ठीक समय पर और नियंत्रित ढंग से होना शरीर के स्वस्थ रहने के लिए कितना आवश्यक है।
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कक्षा गतिविधि
विद्यार्थियों को अलग-अलग रंग की मिट्टी या ऊनी धागों से 'गुणसूत्र मॉडल' बनवाएं और उन्हें हाथों से अलग करवाकर दिखाएं कि समसूत्री में 2 व अर्धसूत्री में 4 संतति समूह कैसे बनते हैं।
शिक्षण सहायक सामग्री
P-M-A-T के चार चरणों का बड़ा चार्ट या फ्लिप-चार्ट कक्षा में लगाएं; जहाँ संभव हो, प्याज की जड़ की स्थायी स्लाइड सूक्ष्मदर्शी से दिखाना कक्षा 9-10 स्तर पर प्रभावी रहता है।
सामान्य गलतफहमी
विद्यार्थी अक्सर मानते हैं कि अर्धसूत्री विभाजन में भी गुणसूत्र संख्या मातृ कोशिका के बराबर रहती है, या समसूत्री व अर्धसूत्री विभाजन में संतति कोशिकाओं की संख्या को उल्टा याद रखते हैं — इसे तुलनात्मक तालिका से बार-बार दोहराकर स्पष्ट करें।
आकलन विचार
बिना लेबल का PMAT आरेख देकर विद्यार्थियों से चरण पहचानने व क्रम में लगाने को कहें, और एक पंक्ति में मातृ व संतति कोशिका की गुणसूत्र संख्या लिखवाएं।
याद रखने की ट्रिक / परीक्षा टिप
'मायोसिस मतलब आधा' — Meiosis में गुणसूत्र संख्या हमेशा आधी होती है और संतति कोशिकाएँ 4 बनती हैं, जबकि Mitosis में संख्या मातृ कोशिका जितनी ही रहती है और संतति कोशिकाएँ सिर्फ 2 बनती हैं। परीक्षा में जैसे ही 'गुणसूत्र संख्या आधी' या '4 संतति कोशिकाएँ' शब्द दिखें, सीधा उत्तर अर्धसूत्री विभाजन (Meiosis) चुनें।
अभ्यास प्रश्न
प्रश्न 1
समसूत्री विभाजन (Mitosis) के फलस्वरूप एक मातृ कोशिका से कितनी संतति कोशिकाएँ बनती हैं?
- Aएक
- Bदो
- Cतीन
- Dचार
व्याख्या
समसूत्री विभाजन में एक मातृ कोशिका से दो संतति कोशिकाएँ बनती हैं, जो गुणसूत्र संख्या व आनुवंशिक गुणों में मातृ कोशिका के समान होती हैं।
प्रश्न 2
अर्धसूत्री विभाजन (Meiosis) के अंत में बनने वाली संतति कोशिकाओं में गुणसूत्रों की संख्या मातृ कोशिका की तुलना में कैसी होती है?
- Aदोगुनी
- Bबराबर
- Cआधी
- Dतीन गुनी
व्याख्या
अर्धसूत्री विभाजन में गुणसूत्र संख्या आधी (अगुणित) हो जाती है, जिससे निषेचन के बाद संतान में सामान्य द्विगुणित संख्या पुनः स्थापित हो जाती है।
प्रश्न 3
समसूत्री विभाजन के चरणों का सही क्रम क्या है?
- Aमेटाफेज़ - प्रोफेज़ - एनाफेज़ - टीलोफेज़
- Bप्रोफेज़ - मेटाफेज़ - एनाफेज़ - टीलोफेज़
- Cटीलोफेज़ - एनाफेज़ - मेटाफेज़ - प्रोफेज़
- Dप्रोफेज़ - एनाफेज़ - मेटाफेज़ - टीलोफेज़
व्याख्या
समसूत्री विभाजन का सही क्रम P-M-A-T यानी प्रोफेज़ → मेटाफेज़ → एनाफेज़ → टीलोफेज़ होता है।
प्रश्न 4
क्रॉसिंग ओवर (Crossing over), जो आनुवंशिक विविधता का मुख्य कारण है, किस चरण में होता है?
- Aसमसूत्री विभाजन की मेटाफेज़
- Bअर्धसूत्री विभाजन की प्रोफेज़-I
- Cअर्धसूत्री विभाजन की एनाफेज़-II
- Dइंटरफेज़ की G1 प्रावस्था
व्याख्या
क्रॉसिंग ओवर अर्धसूत्री विभाजन के मियोसिस-I के प्रोफेज़-I में समजात गुणसूत्रों के बीच होता है, जिससे संतान में नई आनुवंशिक विविधता आती है।
प्रश्न 5
कोशिका में DNA की प्रतिकृति (replication) कोशिका चक्र की किस प्रावस्था में बनती है?
- AG1 प्रावस्था
- BS-प्रावस्था
- CG2 प्रावस्था
- DM-प्रावस्था
व्याख्या
इंटरफेज़ की S-प्रावस्था (Synthesis phase) में DNA की प्रतिकृति बनती है, जिसके बाद कोशिका M-प्रावस्था में विभाजित होती है।
प्रश्न 6
अर्धसूत्री विभाजन को न्यूनकारी विभाजन (Reductional division) क्यों कहा जाता है?
- Aक्योंकि इसमें कोशिका का आकार घट जाता है
- Bक्योंकि इसमें गुणसूत्रों की संख्या आधी हो जाती है
- Cक्योंकि इसमें केवल एक संतति कोशिका बनती है
- Dक्योंकि इसमें कोशिकाद्रव्य विभाजित नहीं होता
व्याख्या
मियोसिस-I में समजात गुणसूत्र अलग होकर गुणसूत्र संख्या को द्विगुणित से अगुणित कर देते हैं, इसलिए इसे न्यूनकारी विभाजन कहते हैं।
प्रश्न 7
निम्न में से कौनसा कथन कायिक कोशिकाओं में होने वाले विभाजन के लिए सही है?
- Aयह अर्धसूत्री विभाजन है और युग्मक बनाता है
- Bयह समसूत्री विभाजन है और वृद्धि व मरम्मत करता है
- Cइसमें गुणसूत्र संख्या आधी हो जाती है
- Dइसमें चार संतति कोशिकाएँ बनती हैं
व्याख्या
कायिक (शारीरिक) कोशिकाओं में समसूत्री विभाजन होता है, जो शरीर की वृद्धि और क्षतिग्रस्त ऊतकों की मरम्मत के लिए उत्तरदायी है।
प्रश्न 8
एक शिक्षक कक्षा में कोशिका विभाजन पढ़ाते समय विद्यार्थियों से धागे व मिट्टी के मॉडल बनवाकर गुणसूत्रों के पृथक्करण को दिखलाता है। यह गतिविधि मुख्यतः किस शिक्षण उद्देश्य की पूर्ति करती है?
- Aकेवल परीक्षा के लिए रटना
- Bअमूर्त प्रक्रिया को मूर्त रूप में समझाना
- Cसमय की बचत करना
- Dकक्षा को व्यस्त रखना मात्र
व्याख्या
कोशिका विभाजन जैसी सूक्ष्म व अमूर्त प्रक्रिया को मॉडल व गतिविधि द्वारा दिखाना विद्यार्थियों को प्रत्यक्ष अनुभव देकर संप्रत्यय स्पष्ट करने में मदद करता है।
प्रश्न 9
समसूत्री विभाजन के किस चरण में गुणसूत्र कोशिका के मध्य तल (स्पिंडल भूमध्य रेखा) पर व्यवस्थित हो जाते हैं?
- Aप्रोफेज़
- Bमेटाफेज़
- Cएनाफेज़
- Dटीलोफेज़
व्याख्या
मेटाफेज़ में सभी गुणसूत्र स्पिंडल तंतुओं की सहायता से कोशिका के मध्य तल पर एक पंक्ति में व्यवस्थित हो जाते हैं, यह इस चरण की पहचान है।
प्रश्न 10
अर्धसूत्री विभाजन की जैविक महत्ता के संदर्भ में निम्न में से सबसे उपयुक्त कथन कौनसा है?
- Aयह केवल कोशिका की संख्या बढ़ाता है
- Bयह पीढ़ी-दर-पीढ़ी गुणसूत्र संख्या स्थिर रखने के साथ आनुवंशिक विविधता भी लाता है
- Cयह केवल पौधों में होता है
- Dइसमें कोई आनुवंशिक परिवर्तन नहीं होता
व्याख्या
अर्धसूत्री विभाजन युग्मकों में गुणसूत्र संख्या आधी करता है ताकि निषेचन के बाद सामान्य संख्या बनी रहे, और क्रॉसिंग ओवर के कारण आनुवंशिक विविधता भी उत्पन्न करता है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
अर्धसूत्री विभाजन (Meiosis) किन कोशिकाओं में होता है?+
अर्धसूत्री विभाजन केवल जनन कोशिकाओं (जनन-मातृ कोशिकाओं) में होता है, जिससे शुक्राणु व अंडाणु जैसे युग्मक बनते हैं।
मनुष्य की कायिक कोशिकाओं में गुणसूत्रों की संख्या कितनी होती है?+
मनुष्य की सामान्य कायिक कोशिकाओं में 46 गुणसूत्र (23 जोड़े) होते हैं; युग्मकों में यह संख्या अर्धसूत्री विभाजन के बाद घटकर 23 रह जाती है।
समसूत्री और अर्धसूत्री विभाजन में मुख्य अंतर क्या है?+
समसूत्री विभाजन में 2 समान संतति कोशिकाएँ (गुणसूत्र संख्या बराबर) बनती हैं, जबकि अर्धसूत्री विभाजन में 4 संतति कोशिकाएँ बनती हैं जिनमें गुणसूत्र संख्या आधी होती है।
REET में कोशिका विभाजन से कितने प्रश्न पूछे गए हैं?+
REET 2024 में इस टॉपिक से सीधा कोई प्रश्न नहीं पूछा गया था, लेकिन यह 'कोशिका' खंड का हिस्सा होने से आगामी परीक्षाओं के लिए महत्वपूर्ण बना रहता है।
क्रॉसिंग ओवर किसे कहते हैं?+
अर्धसूत्री विभाजन के प्रोफेज़-I में समजात गुणसूत्रों के बीच आनुवंशिक पदार्थ के आदान-प्रदान को क्रॉसिंग ओवर कहते हैं, जो संतान में आनुवंशिक विविधता लाता है।
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आधिकारिक स्रोत
बदलाव लॉग
- 16 सितंबर 2026 — पेज प्रकाशित — तथ्य स्वतंत्र रूप से जाँचे गए