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REET L2 · विज्ञान

कोयला एवं पेट्रोलियम (Coal and Petroleum) — REET विज्ञान नोट्स

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यह पेज REET लेवल 2 विज्ञान के 'कोयला एवं पेट्रोलियम' टॉपिक को कक्षा 8 NCERT के अनुसार कवर करता है — जीवाश्म ईंधनों का निर्माण, कोयले व पेट्रोलियम के उत्पाद, तथा भंडार का संरक्षण। परीक्षा में निर्माण प्रक्रिया, प्रभाजी आसवन (fractional distillation) और उत्पादों से जुड़े प्रश्न अक्सर पूछे जाते हैं, इसलिए हर बिंदु स्पष्ट रूप से समझाया गया है।

  • REET 2024 में 0 प्रश्न
  • कक्षा 6–8 स्तर
  • 7 मिनट पढ़ें

REET में यह टॉपिक कैसे पूछा जाता है

REET 2024 के पेपर में 'कोयला एवं पेट्रोलियम' टॉपिक से सीधा कोई प्रश्न दर्ज नहीं हुआ, इसलिए यहाँ प्रश्न-पैटर्न कक्षा 8 NCERT सिलेबस की भाषा पर आधारित है, किसी वास्तविक पूर्व-प्रश्न पर नहीं। सामान्यतः जीवाश्म ईंधन के निर्माण, कोयले की श्रेणियों, पेट्रोलियम शोधन के उत्पादों और प्राकृतिक गैस से जुड़े तथ्यात्मक प्रश्न पूछे जाने की संभावना रहती है।

जीवाश्म ईंधन (Fossil Fuels) क्या हैं

कोयला, पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस — तीनों को सम्मिलित रूप से जीवाश्म ईंधन कहा जाता है, क्योंकि इनका निर्माण लाखों वर्ष पूर्व पृथ्वी के भीतर दबे हुए मृत पेड़-पौधों व जीव-जंतुओं के अवशेषों से, अत्यधिक ताप और दाब की क्रिया द्वारा हुआ है। ये अक्षय (non-renewable) प्राकृतिक संसाधन हैं, अर्थात एक बार समाप्त होने पर इन्हें दोबारा शीघ्र प्राप्त नहीं किया जा सकता, इसलिए इनका किफायती उपयोग आवश्यक है।

जीवाश्म ईंधनों में मुख्यतः कार्बन तथा हाइड्रोजन तत्व होते हैं, तथा जलने पर ये ऊर्जा (ऊष्मा) मुक्त करते हैं, इसीलिए इन्हें ईंधन के रूप में उपयोग किया जाता है। कोयला मुख्यतः ठोस अवस्था में, पेट्रोलियम द्रव अवस्था में तथा प्राकृतिक गैस गैसीय अवस्था में पाई जाती है, परंतु तीनों का मूल स्रोत करोड़ों वर्ष पूर्व जीवित रहे जीवों के अवशेष ही हैं।

कोयले का निर्माण एवं श्रेणियाँ

निर्माण प्रक्रिया
मृत वनस्पति के मिट्टी की परतों में दबने व धीरे-धीरे कार्बनीकरण (carbonisation) से कोयला बनता है
पीट (Peat)
कोयला बनने की पहली अवस्था; कार्बन की मात्रा सबसे कम
लिग्नाइट (Lignite)
भूरा कोयला; निम्न श्रेणी का कोयला
बिटुमिनस (Bituminous)
सबसे अधिक उपयोग होने वाला कोयला, मध्यम-उच्च गुणवत्ता; घरेलू व औद्योगिक दोनों उपयोगों में प्रचलित
एन्थ्रासाइट (Anthracite)
सर्वोत्तम श्रेणी का कोयला; सर्वाधिक कार्बन व ताप क्षमता, धुआँ सबसे कम उत्पन्न करता है
कार्बनीकरण (Carbonisation)
वह धीमी प्रक्रिया जिसमें दबी हुई वनस्पति में समय के साथ कार्बन की मात्रा बढ़ती जाती है और नमी व अन्य तत्व घटते जाते हैं — जितना अधिक कार्बनीकरण, उतनी बेहतर श्रेणी का कोयला बनता है

कोयले से प्राप्त उत्पाद

कोक (Coke)
कठोर, सछिद्र कार्बन का रूप; इस्पात उद्योग में धातु के अपचयन (reduction) हेतु प्रयुक्त — वायु की अनुपस्थिति में कोयले के भंजक आसवन (destructive distillation) से प्राप्त
कोलतार (Coal Tar)
काला, गाढ़ा, तीव्र गंध वाला तरल; इससे सैकड़ों उपयोगी पदार्थ (नैफ्थलीन, रंजक, दवाइयाँ, विस्फोटक आदि) प्राप्त होते हैं, इसलिए इसे रसायनों का खजाना भी कहा जाता है
कोल गैस (Coal Gas)
ईंधन व प्रकाश के स्रोत के रूप में प्रयुक्त होने वाली गैस, जो भंजक आसवन से प्राप्त होती है और कभी सड़कों की रोशनी के लिए उपयोग होती थी

पेट्रोलियम एवं उसका शोधन (Refining)

पेट्रोलियम का निर्माण समुद्र में रहने वाले सूक्ष्मजीवों के अवशेषों से हुआ है, जो लाखों वर्षों तक रेत व मिट्टी की परतों के नीचे दबे रहकर ताप-दाब की क्रिया से पेट्रोलियम में परिवर्तित हुए। इसे इसके विविध व मूल्यवान उपयोगों के कारण 'काला सोना' (black gold) भी कहा जाता है। प्राकृतिक अवस्था में पेट्रोलियम विभिन्न गैसीय, तरल और ठोस घटकों का मिश्रण होता है, जिन्हें पेट्रोलियम शोधनशाला (refinery) में प्रभाजी आसवन (fractional distillation) की विधि से अलग-अलग किया जाता है। भूमिगत पेट्रोलियम भंडार तक पहुँचने के लिए गहरी खुदाई कर कुएँ (wells) खोदे जाते हैं, और तेल को धरती से बाहर निकालकर पाइपलाइनों या टैंकरों द्वारा रिफाइनरी तक पहुँचाया जाता है।

कच्चे पेट्रोलियम (crude oil) को सबसे पहले शोधनशाला में गर्म कर वाष्प में बदला जाता है, फिर इस वाष्प को प्रभाजन स्तंभ (fractionating column) में भेजा जाता है, जहाँ स्तंभ के भीतर तापमान ऊपर की ओर क्रमशः घटता जाता है। जिन घटकों का क्वथनांक कम होता है वे वाष्प रूप में स्तंभ के ऊपरी भाग तक पहुँचकर वहाँ संघनित (condense) होते हैं, जबकि अधिक क्वथनांक वाले भारी घटक नीचे के भाग में ही संघनित हो जाते हैं। इसी सिद्धांत के आधार पर पेट्रोलियम गैस, पेट्रोल, केरोसिन, डीजल आदि उत्पाद अलग-अलग प्राप्त होते हैं।

प्रभाजी आसवन से प्राप्त मुख्य उत्पाद

उत्पादमुख्य उपयोग
पेट्रोलियम गैस (LPG)घरेलू व औद्योगिक ईंधन
पेट्रोलवाहनों का ईंधन
केरोसिनप्रकाश व स्टोव ईंधन
डीजलभारी वाहन व जनरेटर ईंधन
स्नेहक तेल (Lubricating Oil)मशीनों में चिकनाई हेतु
पैराफिन मोममोमबत्ती, वैसलीन आदि
बिटुमेन (Bitumen)सड़क निर्माण

प्राकृतिक गैस एवं ईंधन संरक्षण

प्राकृतिक गैस का मुख्य घटक मीथेन है। इसे उच्च दाब पर संपीड़ित कर संपीड़ित प्राकृतिक गैस (CNG) के रूप में वाहन ईंधन के रूप में उपयोग किया जाता है; यह विद्युत उत्पादन और उर्वरक उद्योग में हाइड्रोजन के स्रोत के रूप में भी काम आती है। भारत में कोयले के प्रमुख भंडार झारखंड, पश्चिम बंगाल, ओडिशा, छत्तीसगढ़ व मध्य प्रदेश में हैं, जबकि पेट्रोलियम मुख्यतः असम, गुजरात और मुंबई हाई (अरब सागर) क्षेत्र से प्राप्त होता है। चूँकि जीवाश्म ईंधन बनने में लाखों वर्ष लगते हैं और भंडार सीमित हैं, इनके किफायती उपयोग व वैकल्पिक ऊर्जा स्रोतों को अपनाना आवश्यक है।

जीवाश्म ईंधनों के जलने से कार्बन डाइऑक्साइड, सल्फर डाइऑक्साइड व नाइट्रोजन ऑक्साइड जैसी गैसें वायुमंडल में मुक्त होती हैं, जो वायु प्रदूषण और ग्रीनहाउस प्रभाव को बढ़ाती हैं। चूँकि इनके बनने में लाखों वर्ष लगते हैं जबकि उपयोग की दर बहुत तेज है, आने वाले दशकों में इनके भंडार लगातार घटते जाएँगे। इसलिए ईंधन के किफायती उपयोग के साथ-साथ सौर ऊर्जा व पवन ऊर्जा जैसे नवीकरणीय (renewable) ऊर्जा स्रोतों को अपनाना भी आवश्यक हो गया है। विद्यालय स्तर पर छात्रों को बिजली-पंखे व वाहनों के अनावश्यक उपयोग से बचने, तथा सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा देने जैसी आदतों के महत्व से अवगत कराना, जीवाश्म ईंधन संरक्षण की दिशा में एक व्यावहारिक कदम है।

रसोई गैस के रूप में प्रयुक्त LPG (द्रवित पेट्रोलियम गैस) मुख्यतः ब्यूटेन व प्रोपेन गैसों का मिश्रण है, जिसे दाब देकर द्रव रूप में सिलेंडर में भरा जाता है। LPG व CNG दोनों वास्तव में रंगहीन व गंधहीन होती हैं, इसलिए रिसाव का शीघ्र पता लगाने हेतु इनमें एथिल मरकैप्टन जैसे तीव्र गंध वाले पदार्थ जानबूझकर मिलाए जाते हैं।

बच्चों को कैसे पढ़ाएँ

कक्षा गतिविधि

छात्रों को पेट्रोलियम शोधनशाला की प्रभाजी आसवन स्तंभ (fractionating column) का चार्ट दिखाकर समझाएँ कि हल्के (कम क्वथनांक वाले) उत्पाद ऊपर और भारी (अधिक क्वथनांक वाले) उत्पाद नीचे इकट्ठे होते हैं। छात्रों से स्तंभ के हर भाग पर मिलने वाले उत्पाद का नाम बुलवाएँ।

शिक्षण सहायक सामग्री

कोयले की विभिन्न श्रेणियों (पीट, लिग्नाइट, बिटुमिनस, एन्थ्रासाइट) के चित्र दिखाकर उनके रंग व कठोरता में अंतर स्पष्ट करें, तथा भारत के मानचित्र पर कोयला व पेट्रोलियम भंडार वाले राज्यों को चिन्हित करवाएँ।

सामान्य भ्रांति

छात्र प्रायः सोचते हैं कि जीवाश्म ईंधन जल्दी दोबारा बन सकते हैं। स्पष्ट करें कि इनके बनने में लाखों वर्ष लगते हैं, इसलिए इन्हें अक्षय (non-renewable) संसाधन कहा जाता है, जबकि सौर व पवन ऊर्जा नवीकरणीय संसाधन हैं।

मूल्यांकन विचार

छात्रों से पूछें कि उनके घर में कौन-कौन से जीवाश्म ईंधन-आधारित उत्पाद उपयोग होते हैं (LPG, पेट्रोल, डीजल, मोम) और इनके बचाव के लिए वे क्या कर सकते हैं — इससे रोजमर्रा जीवन से जोड़कर समझ जांची जा सकती है।

याद रखने की ट्रिक

प्रभाजी आसवन स्तंभ में उत्पादों का क्रम याद रखें — जितना हल्का (कम क्वथनांक) उत्पाद, उतना ऊपर इकट्ठा होता है: ऊपर से नीचे क्रम है 'पेट्रोलियम गैस → पेट्रोल → केरोसिन → डीजल → स्नेहक तेल → पैराफिन मोम → बिटुमेन' — यानी ऊपर से नीचे भारीपन (व क्वथनांक) बढ़ता जाता है।

अभ्यास प्रश्न

प्रश्न 1

कोयला व पेट्रोलियम को क्या कहा जाता है?

  1. Aनवीकरणीय ऊर्जा स्रोत
  2. Bजैव ईंधन
  3. Cजीवाश्म ईंधन
  4. Dपरमाणु ईंधन

व्याख्या

कोयला व पेट्रोलियम लाखों वर्ष पूर्व दबे मृत जीवों के अवशेषों से बने हैं, इसलिए इन्हें जीवाश्म ईंधन (fossil fuels) कहा जाता है।

प्रश्न 2

कोयले की सर्वोत्तम श्रेणी है

  1. Aपीट
  2. Bलिग्नाइट
  3. Cएन्थ्रासाइट
  4. Dबिटुमिनस

व्याख्या

एन्थ्रासाइट में कार्बन की मात्रा सबसे अधिक होती है, जिससे यह सबसे उच्च गुणवत्ता व ताप क्षमता वाली कोयले की श्रेणी है।

प्रश्न 3

पेट्रोलियम के विभिन्न घटकों को अलग करने की विधि है

  1. Aक्रिस्टलीकरण
  2. Bनिस्पंदन
  3. Cप्रभाजी आसवन
  4. Dवाष्पीकरण

व्याख्या

पेट्रोलियम रिफाइनरी में प्रभाजी आसवन विधि से पेट्रोलियम के घटकों को उनके भिन्न-भिन्न क्वथनांक के आधार पर अलग किया जाता है।

प्रश्न 4

कोयले का भंजक आसवन (destructive distillation) किसकी अनुपस्थिति में किया जाता है?

  1. Aवायु (ऑक्सीजन) की अनुपस्थिति में
  2. Bऊष्मा की अनुपस्थिति में
  3. Cदाब की अनुपस्थिति में
  4. Dप्रकाश की अनुपस्थिति में

व्याख्या

कोयले को वायु (ऑक्सीजन) की अनुपस्थिति में गर्म करने पर कोक, कोलतार व कोल गैस प्राप्त होते हैं — इसे भंजक आसवन कहते हैं।

प्रश्न 5

प्राकृतिक गैस का मुख्य घटक है

  1. Aएथेन
  2. Bमीथेन
  3. Cप्रोपेन
  4. Dब्यूटेन

व्याख्या

प्राकृतिक गैस का मुख्य घटक मीथेन (CH₄) है, जो ईंधन के रूप में व्यापक रूप से उपयोग होता है।

प्रश्न 6

CNG का पूर्ण रूप है

  1. Aकार्बन नाइट्रोजन गैस
  2. Bकोल्ड नेचुरल गैस
  3. Cकैल्सिफाइड नाइट्रोजन गैस
  4. Dकंप्रेस्ड नेचुरल गैस

व्याख्या

CNG का पूर्ण रूप 'कंप्रेस्ड नेचुरल गैस' (संपीड़ित प्राकृतिक गैस) है, जिसे वाहन ईंधन के रूप में उच्च दाब पर संपीड़ित कर प्रयोग किया जाता है।

प्रश्न 7

प्रभाजी आसवन स्तंभ में सबसे ऊपर कौन-सा उत्पाद प्राप्त होता है?

  1. Aबिटुमेन
  2. Bपेट्रोलियम गैस
  3. Cडीजल
  4. Dस्नेहक तेल

व्याख्या

सबसे कम क्वथनांक वाला उत्पाद (पेट्रोलियम गैस) स्तंभ में सबसे ऊपर एकत्रित होता है, जबकि सबसे अधिक क्वथनांक वाला बिटुमेन सबसे नीचे रहता है।

प्रश्न 8

भारत में पेट्रोलियम के प्रमुख भंडार कहाँ पाए जाते हैं?

  1. Aझारखंड व छत्तीसगढ़
  2. Bअसम व गुजरात
  3. Cराजस्थान व पंजाब
  4. Dकेरल व तमिलनाडु

व्याख्या

भारत में पेट्रोलियम के प्रमुख भंडार असम, गुजरात व मुंबई हाई (अरब सागर) क्षेत्र में पाए जाते हैं, जबकि कोयला मुख्यतः झारखंड, पश्चिम बंगाल, ओडिशा व छत्तीसगढ़ में मिलता है।

प्रश्न 9

कक्षा 8 में कोयला व पेट्रोलियम पढ़ाते समय सबसे प्रभावी तरीका है

  1. Aप्रभाजी आसवन स्तंभ का चार्ट दिखाकर उत्पादों का क्रम समझाना
  2. Bकेवल परिभाषा याद करवाना
  3. Cकेवल पाठ्यपुस्तक पढ़ना
  4. Dटॉपिक छोड़ देना

व्याख्या

चार्ट के माध्यम से छात्र दृश्य रूप से समझ पाते हैं कि हल्के उत्पाद ऊपर और भारी उत्पाद नीचे क्यों प्राप्त होते हैं।

प्रश्न 10

यदि छात्र सोचते हैं कि जीवाश्म ईंधन जल्दी फिर से बन सकते हैं, तो शिक्षक के लिए सबसे उपयुक्त सुधारात्मक कदम है

  1. Aउन्हें यह बता दें कि यह सही है
  2. Bटॉपिक पर आगे चर्चा न करें
  3. Cकेवल परीक्षा में सही उत्तर याद करवाएँ
  4. Dउन्हें बताएं कि इनके बनने में लाखों वर्ष लगते हैं, इसलिए संरक्षण जरूरी है

व्याख्या

स्पष्ट रूप से समझाना जरूरी है कि जीवाश्म ईंधन बनने की प्रक्रिया अत्यंत धीमी (लाखों वर्ष) है, इसलिए वर्तमान भंडार सीमित हैं और इनका सोच-समझकर उपयोग जरूरी है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कोयला व पेट्रोलियम को जीवाश्म ईंधन क्यों कहा जाता है?+

क्योंकि इनका निर्माण लाखों वर्ष पूर्व दबे हुए मृत पेड़-पौधों व जीव-जंतुओं के अवशेषों से ताप-दाब की क्रिया द्वारा हुआ है। इसी कारण इन्हें अक्षय (non-renewable) संसाधन भी कहा जाता है, क्योंकि ये शीघ्र दोबारा नहीं बन सकते।

कोयले की सबसे अच्छी श्रेणी कौन-सी है?+

एन्थ्रासाइट कोयले की सबसे अच्छी श्रेणी है, जिसमें कार्बन की मात्रा सबसे अधिक और ताप क्षमता सर्वाधिक होती है, जबकि पीट में कार्बन की मात्रा सबसे कम होती है।

प्रभाजी आसवन क्या है?+

प्रभाजी आसवन वह विधि है जिससे पेट्रोलियम रिफाइनरी में पेट्रोलियम के विभिन्न घटकों को उनके क्वथनांक के अंतर के आधार पर अलग किया जाता है।

CNG किसे कहते हैं और इसका मुख्य घटक क्या है?+

CNG (संपीड़ित प्राकृतिक गैस) प्राकृतिक गैस को उच्च दाब पर संपीड़ित कर बनाई जाती है; इसका मुख्य घटक मीथेन है।

जीवाश्म ईंधन के संरक्षण की आवश्यकता क्यों है?+

जीवाश्म ईंधन अक्षय (non-renewable) संसाधन हैं और इन्हें बनने में लाखों वर्ष लगते हैं, इसलिए सीमित भंडार के किफायती उपयोग की आवश्यकता है।

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आधिकारिक स्रोत

  1. NCERT कक्षा 8 विज्ञान — अध्याय 3: कोयला एवं पेट्रोलियम

बदलाव लॉग

  • 16 सितंबर 2026 — पेज प्रकाशित — तथ्य स्वतंत्र रूप से जाँचे गए