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REET Level 2 · विज्ञान

ऊष्मा एवं ताप (Heat and Temperature) — REET Level 2 विज्ञान नोट्स

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यह पेज REET Level 2 विज्ञान के लिए ऊष्मा एवं ताप — दोनों में अंतर, ऊष्मा स्थानांतरण के तरीके, समुद्र-थल समीर व कपड़ों के रंग का प्रभाव — को परीक्षा-केंद्रित रूप में कवर करता है। REET 2024 में इस टॉपिक से एक जटिल सुमेलन प्रश्न पूछा गया था, इसलिए कारण-प्रभाव संबंधों पर विशेष ज़ोर दिया गया है।

  • REET 2024 में 1 प्रश्न
  • कक्षा 6-8 स्तर
  • 6 मिनट पढ़ें
16 सितंबर 2026 को सत्यापित

REET में यह टॉपिक कैसे पूछा जाता है

REET 2024 में इस टॉपिक से एक जटिल सुमेलन (matching) प्रश्न पूछा गया था, जिसमें कपड़ों के रंग, मौसम तथा समुद्र समीर/थल समीर के समय को आपस में जोड़ना था। यानी REET यहाँ केवल परिभाषा नहीं, बल्कि कारण-प्रभाव आधारित व्यावहारिक समझ जाँचता है — इसलिए इस पेज में हर अवधारणा के साथ उसका 'क्यों' भी स्पष्ट किया गया है, ताकि किसी भी सुमेलन प्रश्न में विद्यार्थी आत्मविश्वास से उत्तर दे सके।

ऊष्मा व ताप में अंतर

ताप (temperature) किसी वस्तु की गर्मी या सर्दी की मात्रा मापने का पैमाना है, यानी यह बताता है कि वस्तु कितनी गर्म है। इसे थर्मामीटर से मापा जाता है और यह एक अदिश राशि है।

ऊष्मा (heat) ऊर्जा का एक रूप है, जो अधिक ताप वाली वस्तु से कम ताप वाली वस्तु की ओर प्रवाहित होती है। यह प्रवाह तब तक जारी रहता है जब तक दोनों वस्तुओं का ताप बराबर (तापीय संतुलन) नहीं हो जाता। ऊष्मा का SI मात्रक जूल (Joule) है, जबकि ताप सेल्सियस, फारेनहाइट या केल्विन में मापा जाता है।

इन दोनों में अंतर एक उदाहरण से समझें — एक कप गर्म चाय का ताप अधिक हो सकता है, परन्तु एक बाल्टी गुनगुने पानी में पानी अधिक होने के कारण उसमें कुल ऊष्मा (तापीय ऊर्जा) अधिक हो सकती है। इस तरह ताप वस्तु की 'गर्माहट की डिग्री' दर्शाता है, जबकि ऊष्मा उसमें मौजूद कुल तापीय ऊर्जा दर्शाती है, और परीक्षा में यही अंतर बार-बार पूछा जाता है।

थर्मामीटर के प्रकार व परास (Range)

चिकित्सीय (क्लिनिकल) थर्मामीटर
35°C से 42°C तक; शरीर का तापमान मापने के लिए (सामान्य शरीर ताप ≈ 37°C)
प्रयोगशाला थर्मामीटर
−10°C से 110°C तक; सामान्य प्रयोगात्मक उपयोग के लिए
ताप मापने का सामान्य सिद्धांत
थर्मामीटर में पारे या रंगीन द्रव का प्रसार (expansion) व संकुचन (contraction) ताप के परिवर्तन को दर्शाता है

ऊष्मा स्थानांतरण के तीन तरीके

तरीकामाध्यमउदाहरण
चालन (Conduction)ठोस पदार्थतवे का हत्था गर्म होना; धातु की छड़ का एक सिरा गर्म करने पर दूसरा सिरा गर्म होना; धातुएँ अच्छी चालक व लकड़ी-प्लास्टिक कुचालक होते हैं
संवहन (Convection)द्रव व गैसपानी उबालने पर गर्म पानी ऊपर व ठंडा पानी नीचे आना; कमरे में गर्म हवा का ऊपर उठना
विकिरण (Radiation)किसी माध्यम की आवश्यकता नहींसूर्य से पृथ्वी तक ऊष्मा पहुँचना

चालन व संवहन के लिए माध्यम आवश्यक है, परन्तु विकिरण निर्वात (vacuum) में भी हो सकता है — यही कारण है कि सूर्य की ऊष्मा अंतरिक्ष के खाली स्थान को पार कर पृथ्वी तक पहुँच पाती है।

स्थल समीर व समुद्र समीर

दिन में स्थल (जमीन) समुद्र की अपेक्षा जल्दी गर्म हो जाता है, जिससे स्थल के ऊपर की गर्म हवा ऊपर उठती है और उसकी जगह लेने के लिए समुद्र की ठंडी हवा स्थल की ओर बहने लगती है — इसे समुद्र समीर (sea breeze) कहते हैं, जो दिन के समय बहती है।

रात में स्थल जल्दी ठंडा हो जाता है जबकि समुद्र का पानी धीरे-धीरे ठंडा होता है; तब स्थल की ठंडी हवा समुद्र की ओर बहने लगती है — इसे थल समीर (land breeze) कहते हैं, जो रात्रि के समय बहती है। यह अंतर इसलिए होता है क्योंकि पानी की विशिष्ट ऊष्मा (specific heat) मिट्टी की तुलना में अधिक होती है, जिससे पानी धीरे गर्म व धीरे ठंडा होता है।

कपड़ों के रंग व ऊष्मा

गहरे रंग के कपड़े (जैसे काला) ऊष्मा को अधिक अवशोषित करते हैं, इसलिए सर्दियों में पहनना बेहतर होता है ताकि शरीर गर्म रहे। हल्के रंग के कपड़े (जैसे सफेद) ऊष्मा को अधिक परावर्तित करते हैं, इसलिए गर्मियों में पहनना आरामदायक होता है क्योंकि शरीर कम गर्मी सोखता है।

इसी सिद्धांत का उपयोग घरों व इमारतों की छतों में भी किया जाता है — गर्म क्षेत्रों में प्रायः छतों को सफेद या हल्के रंग से रंगा जाता है ताकि सूर्य की ऊष्मा कम अवशोषित हो और भीतरी भाग ठंडा रहे।

बच्चों को कैसे पढ़ाएँ

कक्षा गतिविधि

एक काले व एक सफेद कपड़े में लिपटी दो समान बोतलों को धूप में रखें और कुछ देर बाद दोनों की गर्माहट की तुलना कराएं ताकि बच्चे रंग व ऊष्मा-अवशोषण का संबंध स्वयं देखें। परिणाम को थर्मामीटर से मापकर संख्यात्मक रूप में भी दर्ज कराया जा सकता है।

शिक्षण सामग्री

धातु की छड़ के एक सिरे को मोमबत्ती से गर्म कर दूसरे सिरे पर मक्खन/मोम चिपकाकर चालन (conduction) प्रत्यक्ष दिखाएं। इसी के साथ पानी में रंगीन बूँद डालकर गर्म करने पर संवहन धाराएँ (convection currents) भी दिखाई जा सकती हैं।

सामान्य भ्रांति

विद्यार्थी अक्सर ऊष्मा व ताप को एक ही मान लेते हैं; स्पष्ट करें कि ताप वस्तु की गर्मी की डिग्री है जबकि ऊष्मा वह ऊर्जा है जो प्रवाहित होती है। एक बड़ी वस्तु में कम तापमान पर भी अधिक ऊष्मा हो सकती है, यह उदाहरण देकर स्पष्ट करें।

आकलन विचार

विद्यार्थियों से पूछें "सर्दियों में काले और गर्मियों में सफेद कपड़े क्यों पहने जाते हैं?" — इससे अवशोषण-परावर्तन की समझ जाँची जा सकती है। साथ ही समुद्र समीर व थल समीर के समय व दिशा को चित्र बनाकर समझाने के लिए भी कहा जा सकता है।

याद रखने की ट्रिक

समुद्र समीर = दिन में समुद्र से स्थल की ओर; थल समीर = रात में स्थल से समुद्र की ओर। याद रखें — 'दिन में समुद्र स्थल को हवा भेजता है, रात में स्थल समुद्र को हवा भेजता है'। रंग के लिए: 'गहरा रंग सोखे, हल्का रंग लौटाए'। और ऊष्मा-स्थानांतरण के लिए: 'ठोस में चालन, द्रव-गैस में संवहन, खाली जगह में भी विकिरण'।

REET 2024 में पूछे गए प्रश्न (हल सहित)

प्रश्न 121

कॉलम X का कॉलम Y से मिलान कीजिए । कॉलम X: p. गहरे रंग के कपड़ों को पहनने को वरीयता देने का समय; q. समुद्र समीर के बहने का समय; r. हल्के रंग के कपड़ों को पहनने को वरीयता देने का समय; s. थल समीर के बहने का समय कॉलम Y: i. रात्रि का समय; ii. सर्दियां; iii. दिन का समय; iv. गर्मियां सही उत्तर है

  1. Ap – i, q – ii, r – iii, s – iv
  2. Bp – ii, q – iii, r – i, s – iv
  3. Cp – ii, q – iii, r – iv, s – i
  4. Dp – iv, q – i, r – ii, s – iii

व्याख्या

सर्दियों (ii) में गहरे रंग के कपड़े पहनना अच्छा है, क्योंकि गहरे रंग ऊष्मा अधिक अवशोषित करते हैं; गर्मियों (iv) में हल्के रंग के कपड़े, क्योंकि वे ऊष्मा परावर्तित करते हैं। दिन के समय (iii) स्थल जल्दी गर्म होता है, इसलिए समुद्र से स्थल की ओर समुद्र समीर बहती है; रात्रि (i) में स्थल जल्दी ठंडा होता है, इसलिए स्थल से समुद्र की ओर थल समीर बहती है। अतः p–ii, q–iii, r–iv, s–i।

अभ्यास प्रश्न

प्रश्न 1

सामान्य मानव शरीर का ताप लगभग कितना होता है?

  1. A42°C
  2. B37°C
  3. C25°C
  4. D100°C

व्याख्या

सामान्य मानव शरीर का ताप लगभग 37°C (98.6°F) होता है।

प्रश्न 2

क्लिनिकल थर्मामीटर की परास होती है

  1. A−10°C से 110°C
  2. B35°C से 42°C
  3. C0°C से 100°C
  4. D37°C से 100°C

व्याख्या

क्लिनिकल थर्मामीटर केवल मानव शरीर का तापमान मापने के लिए बना है, इसकी परास 35°C से 42°C होती है।

प्रश्न 3

ऊष्मा स्थानांतरण की वह विधि जिसमें किसी माध्यम की आवश्यकता नहीं होती, कहलाती है

  1. Aचालन
  2. Bसंवहन
  3. Cविकिरण
  4. Dस्थानांतरण

व्याख्या

विकिरण (radiation) द्वारा ऊष्मा बिना किसी माध्यम के यात्रा कर सकती है, जैसे सूर्य से पृथ्वी तक।

प्रश्न 4

दिन के समय समुद्र तट पर बहने वाली हवा (समुद्र समीर) की दिशा होती है

  1. Aस्थल से समुद्र की ओर
  2. Bसमुद्र से स्थल की ओर
  3. Cऊपर से नीचे की ओर
  4. Dस्थिर, कोई दिशा नहीं

व्याख्या

दिन में स्थल जल्दी गर्म होकर गर्म हवा ऊपर भेजता है, जिसकी जगह लेने समुद्र की ठंडी हवा स्थल की ओर बहती है।

प्रश्न 5

सर्दियों में गहरे रंग के कपड़े पहनने को प्राथमिकता दी जाती है क्योंकि वे

  1. Aऊष्मा को परावर्तित करते हैं
  2. Bऊष्मा को अधिक अवशोषित करते हैं
  3. Cऊष्मा को रोकते नहीं
  4. Dहल्के होते हैं

व्याख्या

गहरे रंग के कपड़े ऊष्मा को अधिक अवशोषित करते हैं, जिससे शरीर गर्म रहता है, यह सर्दियों के लिए उपयुक्त है।

प्रश्न 6

यदि दिन में स्थल जल्दी गर्म हो जाता है, तो रात में स्थल का व्यवहार कैसा होगा?

  1. Aजल्दी ठंडा होना, जिससे थल समीर बहती है
  2. Bजल्दी गर्म रहना
  3. Cसमुद्र से धीमा ठंडा होना
  4. Dकोई परिवर्तन नहीं

व्याख्या

स्थल जितनी जल्दी गर्म होता है उतनी ही जल्दी ठंडा भी हो जाता है, जिससे रात में थल से समुद्र की ओर थल समीर बहती है।

प्रश्न 7

तवे का हत्था पकड़ने पर गर्म महसूस होना किस विधि का उदाहरण है?

  1. Aसंवहन
  2. Bविकिरण
  3. Cचालन
  4. Dवाष्पीकरण

व्याख्या

ठोस धातु के हत्थे में ऊष्मा एक सिरे से दूसरे सिरे तक चालन (conduction) द्वारा पहुँचती है।

प्रश्न 8

एक शिक्षक बच्चों को चालन (conduction) प्रत्यक्ष रूप से दिखाने के लिए सबसे उपयुक्त प्रयोग चुनेगा

  1. Aधातु की छड़ के एक सिरे को गर्म कर दूसरे सिरे पर मोम पिघलते देखना
  2. Bपानी में रंग मिलाकर देखना
  3. Cकागज़ जलाना
  4. Dकपड़ों के रंग की तुलना करना

व्याख्या

धातु की छड़ पर मोम पिघलने से चालन द्वारा ऊष्मा के एक सिरे से दूसरे सिरे तक प्रवाहित होने का प्रत्यक्ष प्रमाण मिलता है।

प्रश्न 9

ऊष्मा व ताप के संबंध में कौन-सा कथन सही है?

  1. Aऊष्मा व ताप एक ही राशि हैं
  2. Bताप ऊर्जा का रूप है, ऊष्मा नहीं
  3. Cऊष्मा सदा अधिक ताप वाली वस्तु से कम ताप वाली वस्तु की ओर बहती है
  4. Dकम ताप वाली वस्तु से अधिक ताप वाली वस्तु की ओर ऊष्मा बहती है

व्याख्या

ऊष्मा हमेशा अधिक ताप से कम ताप की ओर प्रवाहित होती है, जब तक दोनों वस्तुओं का ताप बराबर न हो जाए।

प्रश्न 10

कक्षा में विद्यार्थियों की सबसे सामान्य भ्रांति यह होती है कि वे मानते हैं

  1. Aऊष्मा व ताप एक ही राशि हैं, केवल नाम अलग हैं
  2. Bतापमान बढ़ने पर हमेशा ऊष्मा घटती है
  3. Cचालन केवल गैसों में होता है
  4. Dविकिरण के लिए माध्यम आवश्यक है

व्याख्या

विद्यार्थी अक्सर ऊष्मा (ऊर्जा) व ताप (माप का पैमाना) को एक ही समझ लेते हैं; शिक्षक को यह अंतर स्पष्ट उदाहरणों से समझाना चाहिए।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ऊष्मा व ताप में मूल अंतर क्या है?+

ताप गर्मी का पैमाना है (कितना गर्म), जबकि ऊष्मा वह ऊर्जा है जो अधिक ताप से कम ताप की ओर बहती है; दोनों के मात्रक भी अलग-अलग हैं।

क्लिनिकल थर्मामीटर की परास कितनी होती है?+

35°C से 42°C, क्योंकि यह केवल मानव शरीर का तापमान मापने के लिए बना है, जो सामान्यतः 37°C के आसपास रहता है।

समुद्र समीर कब बहती है?+

समुद्र समीर दिन के समय समुद्र से स्थल की ओर बहती है, क्योंकि स्थल तेज़ी से गर्म होकर गर्म हवा ऊपर भेजता है और उसकी जगह समुद्र की ठंडी हवा लेती है।

गहरे रंग के कपड़े सर्दियों में क्यों पहने जाते हैं?+

गहरे रंग के कपड़े ऊष्मा को अधिक अवशोषित करते हैं, जिससे शरीर सर्दियों में गर्म रहता है; इसके विपरीत हल्के रंग गर्मियों में ऊष्मा परावर्तित कर ठंडक देते हैं।

REET में ऊष्मा टॉपिक से कैसे प्रश्न आते हैं?+

अक्सर सुमेलन व कारण-प्रभाव आधारित, जैसे REET 2024 में रंग, मौसम व समीर को जोड़ने वाला प्रश्न पूछा गया था; इसलिए हर अवधारणा का 'क्यों' समझना ज़रूरी है।

विकिरण अन्य दो विधियों से किस प्रकार अलग है?+

चालन व संवहन के लिए किसी माध्यम (ठोस, द्रव या गैस) की आवश्यकता होती है, जबकि विकिरण बिना किसी माध्यम के भी ऊष्मा पहुँचा सकता है, जैसे सूर्य से पृथ्वी तक।

प्रयोगशाला थर्मामीटर से शरीर का ताप क्यों नहीं मापा जाता?+

प्रयोगशाला थर्मामीटर की परास (−10°C से 110°C) बहुत व्यापक होती है, जिससे शरीर के सामान्य 37°C के आसपास के छोटे परिवर्तनों को सटीकता से पढ़ना कठिन होता है; इसलिए क्लिनिकल थर्मामीटर अलग से बनाया जाता है।

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  • 16 सितंबर 2026 — पेज प्रकाशित — तथ्य स्वतंत्र रूप से जाँचे गए