मुख्य सामग्री पर जाएं
REET Level 2 · विज्ञान

चुंबकत्व (Magnetism) — REET Level 2 विज्ञान नोट्स

Read this in English →

यह पेज REET Level 2 विज्ञान के लिए चुंबकत्व — चुंबकीय-अचुंबकीय पदार्थ, चुंबक के मूल गुण तथा विद्युत-चुंबकत्व से जुड़े प्रमुख वैज्ञानिकों की खोजें — को परीक्षा-केंद्रित रूप में कवर करता है। REET 2024 में ऑर्स्टेड की खोज पर सीधा प्रश्न पूछा गया था, इसलिए वैज्ञानिक-खोज सुमेलन पर विशेष ध्यान दिया गया है।

  • REET 2024 में 1 प्रश्न
  • कक्षा 6-8 स्तर
  • 6 मिनट पढ़ें
16 सितंबर 2026 को सत्यापित · स्रोत: NCERT कक्षा 6 विज्ञान (जिज्ञासा) — अध्याय 4: चुंबक

REET में यह टॉपिक कैसे पूछा जाता है

REET 2024 में चुंबकत्व से विद्युत धारा के चुंबकीय प्रभाव की खोज करने वाले वैज्ञानिक (ऑर्स्टेड) पर प्रश्न पूछा गया था, जिसमें फैराडे, एम्पीयर व लेंज को भ्रामक विकल्पों के रूप में दिया गया था। यानी REET यहाँ वैज्ञानिक-खोज सुमेलन पर विशेष ज़ोर देता है, इसलिए विद्युत-चुंबकत्व से जुड़े प्रमुख वैज्ञानिकों की खोजों को अलग-अलग स्पष्ट रूप से याद रखना ज़रूरी है।

चुंबकीय व अचुंबकीय पदार्थ

जो पदार्थ चुंबक की ओर आकर्षित होते हैं उन्हें चुंबकीय पदार्थ कहते हैं, जैसे लोहा, कोबाल्ट व निकिल। इन पदार्थों का उपयोग चुंबक बनाने व विद्युत उपकरणों में विशेष रूप से किया जाता है।

जो पदार्थ चुंबक से आकर्षित नहीं होते उन्हें अचुंबकीय पदार्थ कहते हैं, जैसे लकड़ी, प्लास्टिक, रबर व एल्युमिनियम। रोज़मर्रा में उपयोग होने वाली अधिकांश वस्तुएँ (जैसे किताबें, कपड़े, काँच) अचुंबकीय पदार्थों से बनी होती हैं।

प्राचीन काल में सबसे पहले प्राकृतिक चुंबक 'मैग्नेटाइट' (लोहे का एक अयस्क) के रूप में पाया गया था, जिसे 'लोडस्टोन' भी कहा जाता है। आज उपयोग होने वाले अधिकांश चुंबक कृत्रिम (artificial) होते हैं, जो चुंबकीय पदार्थों से विशेष विधियों द्वारा बनाए जाते हैं।

चुंबक दो प्रकार के होते हैं — स्थायी चुंबक (permanent magnet), जो अपना चुंबकत्व लंबे समय तक बनाए रखते हैं, और अस्थायी चुंबक (temporary magnet), जो केवल तब तक चुंबकीय रहते हैं जब तक किसी अन्य चुंबकीय स्रोत (जैसे विद्युत धारा) की उपस्थिति रहती है। इस्पात (steel) से बने स्थायी चुंबक अधिक टिकाऊ होते हैं, जबकि नरम लोहे (soft iron) से बने अस्थायी चुंबक जल्दी अपना चुंबकत्व खो देते हैं।

चुंबक के मूल गुण

ध्रुव
हर चुंबक के दो ध्रुव होते हैं — उत्तरी (N) व दक्षिणी (S)
सम/विषम ध्रुव नियम
समान ध्रुव प्रतिकर्षित करते हैं (repel), असमान ध्रुव आकर्षित करते हैं (attract)
ध्रुवों का पृथक्करण
चुंबक को बीच से काटने पर भी हर टुकड़े में दोनों ध्रुव (N व S) बने रहते हैं, अकेला ध्रुव अलग नहीं किया जा सकता
मुक्त रूप से लटकाया चुंबक
सदैव लगभग उत्तर-दक्षिण दिशा में स्थिर होता है — यही दिक्सूचक (कम्पास) का आधार है

विद्युत-चुंबकत्व से जुड़े प्रमुख वैज्ञानिक

वैज्ञानिकखोज / योगदान
हैंस क्रिश्चियन ऑर्स्टेड (1820)विद्युत धारा प्रवाहित चालक तार के पास रखी चुंबकीय सुई में विक्षेप — विद्युत धारा का चुंबकीय प्रभाव
माइकल फैराडेविद्युत चुंबकीय प्रेरण (बदलते चुंबकीय क्षेत्र से विद्युत धारा उत्पन्न होना) — ऑर्स्टेड की खोज की विपरीत दिशा
आन्द्रे मेरी एम्पीयरविद्युत धारा व चुंबकत्व के बीच गणितीय संबंध
हेनरिक लेंज़प्रेरित धारा की दिशा बताने वाला नियम (लेंज़ का नियम)

REET 2024 के प्रश्न में यही चार नाम विकल्पों में दिए गए थे; सही उत्तर ऑर्स्टेड था। इन नामों को उनके योगदान के साथ जोड़कर याद रखना REET में इस टॉपिक की सबसे बड़ी चुनौती को हल कर देता है।

चुंबकीय पदार्थों व चुंबकों के रोज़मर्रा उपयोग

दिक्सूचक (Compass)
जहाज़ों, वायुयानों व यात्रियों को दिशा बताने में उपयोगी, जो पृथ्वी के चुंबकत्व पर आधारित है
विद्युत मोटर व जनरेटर
चुंबकीय क्षेत्र के उपयोग से विद्युत ऊर्जा को यांत्रिक ऊर्जा में (या इसके विपरीत) बदलना
टेप रिकॉर्डर व हार्ड डिस्क
चुंबकीय पदार्थों की सतह पर सूचना संग्रहीत करना
चुंबकीय क्रेन
बड़े विद्युत चुंबकों की सहायता से भारी लोहे के टुकड़ों को उठाना व अलग करना

चुंबक बनाना, चुंबकत्व नष्ट करना व उपयोग

किसी चुंबकीय पदार्थ (जैसे लोहे की सुई) को स्थायी चुंबक से एक ही दिशा में बार-बार रगड़ने से उसमें चुंबकत्व उत्पन्न किया जा सकता है। इसके अतिरिक्त, किसी लोहे की छड़ के चारों ओर विद्युत धारा प्रवाहित तार की कुंडली (coil) लपेटकर भी अस्थायी चुंबक (विद्युत चुंबक) बनाया जा सकता है।

चुंबक को गर्म करने, ज़ोर से पटकने या हथौड़े से पीटने पर उसका चुंबकत्व कम या नष्ट हो सकता है, क्योंकि इससे चुंबकीय पदार्थ के अंदर के कणों का व्यवस्थित संरेखण (alignment) बिगड़ जाता है।

चुंबकों का उपयोग रोज़मर्रा की कई वस्तुओं में होता है — दिक्सूचक (कम्पास) से दिशा जानने में, रेफ्रिजरेटर के दरवाज़े को बंद रखने में, विद्युत मोटर व जनरेटर में, तथा लोहे के टुकड़ों को अलग करने वाली औद्योगिक मशीनों में।

बच्चों को कैसे पढ़ाएँ

कक्षा गतिविधि

विभिन्न वस्तुओं (लोहे की कील, प्लास्टिक स्केल, एल्युमिनियम फॉइल, तांबे का तार) को चुंबक के पास लाकर बच्चों से आकर्षण-अनाकर्षण की सूची बनवाएं। इस सूची को दो कॉलम — 'चुंबकीय' व 'अचुंबकीय' — में वर्गीकृत करवाकर श्यामपट्ट पर लिखवाएं।

शिक्षण सामग्री

दो छड़ चुंबकों के समान व असमान ध्रुवों को पास लाकर आकर्षण/प्रतिकर्षण प्रत्यक्ष दिखाएं, तथा कम्पास से दिशा-निर्धारण का प्रदर्शन करें। लोहे के बुरादे को कागज़ पर बिखेरकर चुंबक के पास रखने पर बनने वाली आकृति से चुंबकीय क्षेत्र रेखाएँ भी दिखाई जा सकती हैं।

सामान्य भ्रांति

विद्यार्थी अक्सर सोचते हैं कि चुंबक काटने पर एक टुकड़े में केवल उत्तरी और दूसरे में केवल दक्षिणी ध्रुव बचता है; स्पष्ट करें कि हर टुकड़ा स्वयं में पूर्ण चुंबक बन जाता है, जिसमें दोनों ध्रुव होते हैं। यह प्रयोग द्वारा भी दिखाया जा सकता है यदि उपलब्ध हो।

आकलन विचार

विद्यार्थियों से पूछें "कम्पास सुई हमेशा एक ही दिशा में क्यों रुकती है?" — इससे पृथ्वी के चुंबकत्व व मुक्त चुंबक के व्यवहार की समझ जाँची जा सकती है। ऑर्स्टेड, फैराडे व एम्पीयर के नाम पर आधारित एक त्वरित मिलान-प्रश्नोत्तरी भी कराई जा सकती है।

याद रखने की ट्रिक

ऑर्स्टेड को याद रखने के लिए सोचें — 'करंट का सबसे पहला दोस्त' — धारा व चुंबकत्व का रिश्ता सबसे पहले ऑर्स्टेड ने ही खोजा (1820)। फैराडे को इसका 'उल्टा' याद रखें — फैराडे ने चुंबक से धारा बनाई (विद्युत चुंबकीय प्रेरण)। और एम्पीयर को याद रखें गणित से — उन्होंने धारा व चुंबकत्व के बीच का गणितीय संबंध खोजा था।

REET 2024 में पूछे गए प्रश्न (हल सहित)

प्रश्न 139

वे ऐसे पहले वैज्ञानिक थे, जिन्होनें यह देखा कि जब किसी चालक तार में धारा प्रवाहित होती है तो उसके पास रखी चुम्बकीय सुई में विक्षेप होता है । उनका नाम है

  1. Aमाइकल फैराडे
  2. Bआन्द्रे मेरी एम्पीयर
  3. Cहैंस क्रिश्चियन ऑर्स्टेड
  4. Dहेनरिक फ्रेड्रिक एमिल लेंज

व्याख्या

सन् 1820 में हैंस क्रिश्चियन ऑर्स्टेड ने देखा कि विद्युत धारा प्रवाहित तार के पास रखी चुम्बकीय सुई विक्षेपित हो जाती है, जिससे पता चला कि विद्युत धारा चुम्बकीय क्षेत्र उत्पन्न करती है। फैराडे ने इसके उलट विद्युत चुम्बकीय प्रेरण की खोज की थी।

अभ्यास प्रश्न

प्रश्न 1

निम्न में से कौन-सा पदार्थ चुंबकीय है?

  1. Aलकड़ी
  2. Bप्लास्टिक
  3. Cलोहा
  4. Dरबर

व्याख्या

लोहा एक चुंबकीय पदार्थ है, जो चुंबक की ओर आकर्षित होता है; लकड़ी, प्लास्टिक व रबर अचुंबकीय हैं।

प्रश्न 2

दो चुंबकों के समान ध्रुव पास लाने पर वे

  1. Aआकर्षित होते हैं
  2. Bप्रतिकर्षित होते हैं
  3. Cकोई प्रभाव नहीं
  4. Dआपस में जुड़ जाते हैं

व्याख्या

समान ध्रुव (N-N या S-S) एक-दूसरे को प्रतिकर्षित करते हैं; केवल असमान ध्रुव आकर्षित होते हैं।

प्रश्न 3

विद्युत धारा प्रवाहित चालक तार के पास रखी चुंबकीय सुई में विक्षेप की खोज सबसे पहले किसने की थी?

  1. Aमाइकल फैराडे
  2. Bहैंस क्रिश्चियन ऑर्स्टेड
  3. Cआन्द्रे मेरी एम्पीयर
  4. Dहेनरिक लेंज़

व्याख्या

सन् 1820 में हैंस क्रिश्चियन ऑर्स्टेड ने यह खोज की थी, जो विद्युत धारा के चुंबकीय प्रभाव की पहली खोज थी।

प्रश्न 4

एक छड़ चुंबक को बीच से दो भागों में काटा जाए, तो

  1. Aएक टुकड़े में केवल उत्तरी व दूसरे में केवल दक्षिणी ध्रुव बचेगा
  2. Bदोनों टुकड़े अचुंबकीय हो जाएंगे
  3. Cप्रत्येक टुकड़ा स्वयं में एक पूर्ण चुंबक बन जाएगा, जिसमें दोनों ध्रुव होंगे
  4. Dचुंबकत्व पूरी तरह नष्ट हो जाएगा

व्याख्या

चुंबक के किसी भी टुकड़े को अलग करने पर वह टुकड़ा स्वयं एक पूर्ण चुंबक बन जाता है, जिसमें दोनों ध्रुव (N व S) होते हैं; अकेला ध्रुव अलग नहीं किया जा सकता।

प्रश्न 5

विद्युत चुंबकीय प्रेरण (बदलते चुंबकीय क्षेत्र से विद्युत धारा उत्पन्न होना) की खोज किसने की थी?

  1. Aऑर्स्टेड
  2. Bमाइकल फैराडे
  3. Cन्यूटन
  4. Dडाल्टन

व्याख्या

माइकल फैराडे ने विद्युत चुंबकीय प्रेरण की खोज की, जो ऑर्स्टेड की खोज (धारा से चुंबकत्व) के विपरीत दिशा (चुंबकत्व से धारा) की प्रक्रिया है।

प्रश्न 6

मुक्त रूप से लटकाया गया चुंबक सदैव किस दिशा में स्थिर होता है?

  1. Aपूर्व-पश्चिम
  2. Bउत्तर-दक्षिण
  3. Cकोई निश्चित दिशा नहीं
  4. Dसदैव ऊपर की ओर

व्याख्या

मुक्त रूप से लटकाया गया चुंबक पृथ्वी के चुंबकीय क्षेत्र के कारण सदैव लगभग उत्तर-दक्षिण दिशा में स्थिर होता है; यही कम्पास का आधार है।

प्रश्न 7

चुंबक का चुंबकत्व नष्ट करने का उपयुक्त तरीका नहीं है

  1. Aगर्म करना
  2. Bज़ोर से पटकना
  3. Cउसी ध्रुव से एक ही दिशा में स्थायी चुंबक से रगड़ना
  4. Dहथौड़े से पीटना

व्याख्या

किसी चुंबकीय पदार्थ को स्थायी चुंबक से एक ही दिशा में रगड़ने से उसमें चुंबकत्व उत्पन्न होता है, नष्ट नहीं; गर्म करना, पटकना व पीटना चुंबकत्व नष्ट करने के तरीके हैं।

प्रश्न 8

कक्षा में विद्यार्थियों को चुंबकीय व अचुंबकीय पदार्थों में अंतर स्पष्ट रूप से समझाने के लिए सबसे उपयुक्त गतिविधि है

  1. Aकेवल परिभाषा बोर्ड पर लिखना
  2. Bविभिन्न वस्तुओं को चुंबक के पास लाकर आकर्षण की सूची बनवाना
  3. Cपाठ्यपुस्तक का चित्र दिखाना
  4. Dकोई गतिविधि आवश्यक नहीं

व्याख्या

प्रत्यक्ष प्रयोग से बच्चे स्वयं देखकर सीखते हैं कि कौन-से पदार्थ चुंबक की ओर आकर्षित होते हैं और कौन-से नहीं।

प्रश्न 9

निम्न में से कौन-सा पदार्थ अचुंबकीय है?

  1. Aकोबाल्ट
  2. Bनिकिल
  3. Cएल्युमिनियम
  4. Dलोहा

व्याख्या

एल्युमिनियम अचुंबकीय पदार्थ है; कोबाल्ट, निकिल व लोहा चुंबकीय पदार्थ हैं।

प्रश्न 10

यदि कोई विद्यार्थी गलती से सोचता है कि फैराडे ने ही विद्युत धारा के चुंबकीय प्रभाव की खोज की थी, तो शिक्षक इस भ्रांति को दूर करने के लिए सबसे उपयुक्त स्पष्टीकरण देगा

  1. Aदोनों खोजें एक ही वर्ष हुई थीं इसलिए अंतर मायने नहीं रखता
  2. Bऑर्स्टेड ने धारा से चुंबकत्व (1820), जबकि फैराडे ने इसके विपरीत चुंबकत्व से धारा (विद्युत चुंबकीय प्रेरण) खोजा
  3. Cफैराडे ने कोई खोज नहीं की
  4. Dयह भ्रांति महत्वपूर्ण नहीं है

व्याख्या

ऑर्स्टेड व फैराडे की खोजें विपरीत दिशा की हैं — ऑर्स्टेड धारा→चुंबकत्व, फैराडे चुंबकत्व→धारा; शिक्षक को यह स्पष्ट अंतर उदाहरण सहित समझाना चाहिए।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चुंबकीय व अचुंबकीय पदार्थ में क्या अंतर है?+

चुंबकीय पदार्थ (जैसे लोहा, कोबाल्ट, निकिल) चुंबक की ओर आकर्षित होते हैं; अचुंबकीय पदार्थ (जैसे लकड़ी, प्लास्टिक, एल्युमिनियम) आकर्षित नहीं होते।

समान व असमान ध्रुव कैसे व्यवहार करते हैं?+

समान ध्रुव (N-N या S-S) एक-दूसरे को प्रतिकर्षित करते हैं, जबकि असमान ध्रुव (N-S) एक-दूसरे को आकर्षित करते हैं — यह चुंबकत्व का मूल नियम है।

विद्युत धारा के चुंबकीय प्रभाव की खोज किसने की?+

सन् 1820 में हैंस क्रिश्चियन ऑर्स्टेड ने यह खोज की थी कि धारा प्रवाहित तार के पास रखी चुंबकीय सुई में विक्षेप होता है, जो आगे चलकर विद्युत-चुंबकत्व के अध्ययन का आधार बनी।

चुंबक को काटने पर क्या होता है?+

चुंबक को काटने पर हर टुकड़ा स्वयं में एक पूर्ण चुंबक बन जाता है, जिसमें दोनों ध्रुव (N व S) होते हैं; अकेला ध्रुव अलग नहीं किया जा सकता।

REET में चुंबकत्व से कैसे प्रश्न पूछे जाते हैं?+

वैज्ञानिक-खोज सुमेलन व चुंबक के मूल गुणों पर आधारित, जैसा REET 2024 के प्रश्न में देखा गया, जिसमें ऑर्स्टेड, फैराडे, एम्पीयर व लेंज़ जैसे नाम भ्रामक विकल्प के रूप में दिए गए थे।

चुंबक कैसे बनाया जाता है?+

किसी चुंबकीय पदार्थ को स्थायी चुंबक से एक ही दिशा में बार-बार रगड़ने से या विद्युत धारा प्रवाहित कुंडली में रखकर उसमें चुंबकत्व उत्पन्न किया जा सकता है।

स्थायी व अस्थायी चुंबक में क्या अंतर है?+

स्थायी चुंबक (जैसे इस्पात से बना) लंबे समय तक चुंबकत्व बनाए रखता है, जबकि अस्थायी चुंबक (जैसे नरम लोहे से बना) केवल किसी चुंबकीय स्रोत की उपस्थिति में ही चुंबकीय रहता है।

आगे पढ़ें

आधिकारिक स्रोत

  1. NCERT कक्षा 6 विज्ञान (जिज्ञासा) — अध्याय 4: चुंबक

बदलाव लॉग

  • 16 सितंबर 2026 — पेज प्रकाशित — तथ्य स्वतंत्र रूप से जाँचे गए