विद्युत धारा: स्थिर आवेश, ओम का नियम, परिपथ सुरक्षा और धारा के प्रभाव — REET विज्ञान नोट्स
इस पेज पर रगड़ से आवेश, विद्युत धारा की मूल राशियाँ व सूत्र, श्रेणी-समांतर क्रम, लघुपथन-फ्यूज़ और धारा के तापीय, चुंबकीय व रासायनिक प्रभाव कक्षा 6–8 की NCERT के अनुसार दिए गए हैं। REET 2024 में इससे 3 प्रश्न आए, जो स्थिर विद्युत और परिपथ-सुरक्षा पर थे।
- REET 2024 में 3 प्रश्न
- कक्षा 6–8 स्तर
- 9 मिनट पढ़ें
REET में यह टॉपिक कैसे पूछा जाता है
REET 2024 में इस टॉपिक से 3 प्रश्न आए: लघुपथन (short circuit) में धारा का बहुत अधिक बढ़ जाना, और स्थिर विद्युत पर दो प्रश्न — काँच की छड़ को रेशम से रगड़ने पर वह धनावेशित होती है, तथा 'प्लास्टिक स्ट्रॉ पॉलिथीन से रगड़ने पर ऋणावेशित' वाला कथन-आधारित प्रश्न। यानी REET 'विद्युत' को व्यापक अर्थ में लेता है — स्थिर आवेश, परिपथ, ओम का नियम, सुरक्षा (फ्यूज़, लघुपथन) और धारा के प्रभाव। स्तर NCERT कक्षा 6–8 का है, पर कारण समझाने के लिए कक्षा 10 का I = V/R जानना ज़रूरी है।
आवेश और स्थिर विद्युत
पदार्थ परमाणुओं से बने हैं जिनमें धनावेशित प्रोटॉन और ऋणावेशित इलेक्ट्रॉन होते हैं। सामान्य अवस्था में वस्तु उदासीन (neutral) रहती है। दो वस्तुओं को रगड़ने पर कुछ इलेक्ट्रॉन एक से दूसरी में चले जाते हैं: जो इलेक्ट्रॉन खोती है वह धनावेशित, जो पाती है वह ऋणावेशित हो जाती है। रगड़ से प्राप्त यह आवेश स्थिर आवेश (static charge) कहलाता है, क्योंकि यह अपने आप बहता नहीं।
सजातीय आवेश एक-दूसरे को प्रतिकर्षित और विजातीय आवेश आकर्षित करते हैं। रेशम से रगड़ी काँच की छड़ धनावेशित और रेशम ऋणावेशित होता है; पॉलिथीन से रगड़ी प्लास्टिक स्ट्रॉ ऋणावेशित होती है (NCERT कक्षा 8)। इसीलिए दो आवेशित स्ट्रॉ एक-दूसरे को दूर धकेलती हैं, जबकि आवेशित स्ट्रॉ काँच की आवेशित छड़ को खींचती है। ध्यान दें: आकर्षण उदासीन वस्तु से भी हो सकता है (कंघी कागज़ के टुकड़े खींचती है), इसलिए आवेश की पक्की पहचान प्रतिकर्षण है।
किसी वस्तु पर आवेश है या नहीं, यह जाँचने का उपकरण विद्युतदर्शी (electroscope) है — आवेशित वस्तु छूने पर इसकी धातु पत्तियाँ समान आवेश पाकर फैल जाती हैं। आवेशित वस्तु से आवेश को पृथ्वी में भेजना भूसंपर्कण (earthing) कहलाता है। तड़ित (lightning) बादलों में संचित आवेशों के बीच या बादल और पृथ्वी के बीच होने वाला विद्युत विसर्जन है; ऊँची इमारतों पर लगा तड़ित चालक आवेश को सुरक्षित रूप से पृथ्वी में पहुँचा देता है।
विद्युत धारा — मूल राशियाँ
- विद्युत धारा (I)
- आवेश के प्रवाह की दर: I = Q / t; SI मात्रक ऐम्पियर (A); मापक यंत्र ऐमीटर (परिपथ में श्रेणी में जोड़ा जाता है)[स्रोत 2]
- आवेश (Q)
- SI मात्रक कूलॉम (C); 1 A = 1 C/s[स्रोत 3]
- विभवांतर (V)
- SI मात्रक वोल्ट (V); मापक यंत्र वोल्टमीटर (समांतर में जोड़ा जाता है)[स्रोत 2]
- धारा की दिशा
- परिपाटी के अनुसार सेल के धन (+) टर्मिनल से ऋण (−) की ओर; इलेक्ट्रॉन उलटी दिशा में बहते हैं[स्रोत 2]
- ओम का नियम
- स्थिर ताप पर V = IR; प्रतिरोध R का मात्रक ओम (Ω)[स्रोत 2]
- प्रतिरोध किस पर निर्भर
- चालक की लंबाई के अनुक्रमानुपाती, अनुप्रस्थ-काट क्षेत्रफल के व्युत्क्रमानुपाती, पदार्थ की प्रकृति और ताप पर[स्रोत 2]
- श्रेणी क्रम
- R = R₁ + R₂ + …; सभी में समान धारा[स्रोत 2]
- समांतर क्रम
- 1/R = 1/R₁ + 1/R₂ + …; सभी पर समान विभवांतर — घरों की वायरिंग इसी क्रम में[स्रोत 2]
- शक्ति व ऊर्जा
- P = VI (वाट); व्यापारिक मात्रक किलोवाट-घंटा: 1 kWh = 3.6 × 10⁶ J (बिल की 1 'यूनिट')[स्रोत 2]
परिपथ, सेल और सुरक्षा
सेल में दो टर्मिनल होते हैं; परिपथ-प्रतीक में लंबी पतली रेखा धन और छोटी मोटी रेखा ऋण टर्मिनल दर्शाती है। दो या अधिक सेलों का संयोजन बैटरी कहलाता है। टॉर्च में प्रयुक्त शुष्क सेल लगभग 1.5 V देता है। धारा तभी बहती है जब परिपथ बंद (closed) हो; स्विच 'ON' करने पर परिपथ पूरा होता है। जिन पदार्थों से धारा आसानी से बहती है वे चालक (ताँबा, एल्युमिनियम, मानव शरीर, लवण-युक्त पानी) और जिनसे नहीं बहती वे विद्युतरोधी (रबर, प्लास्टिक, सूखी लकड़ी, काँच) हैं।
लघुपथन (short circuit) तब होता है जब विद्युतरोधी आवरण ख़राब होने से जीवित (live) और उदासीन (neutral) तार सीधे छू जाते हैं। परिपथ का प्रतिरोध लगभग शून्य हो जाने से I = V/R के अनुसार धारा बहुत अधिक बढ़ जाती है, तार अत्यधिक गरम होकर आग लग सकती है। अतिभारण (overloading) में एक ही सॉकेट से बहुत-से उपकरण चलाने पर धारा सीमा से अधिक हो जाती है। दोनों से बचाव के लिए फ्यूज़ लगाया जाता है — यह कम गलनांक वाले पदार्थ का तार है जो सीमा से अधिक धारा पर पिघलकर परिपथ तोड़ देता है। आजकल फ्यूज़ के स्थान पर MCB (मिनिएचर सर्किट ब्रेकर) लगते हैं, जो अधिक धारा पर स्वतः स्विच बंद कर देते हैं। विद्युत उपकरणों पर ISI चिह्न देखकर ही उन्हें ख़रीदना चाहिए।
विद्युत धारा के प्रभाव
| प्रभाव | सिद्धांत | उपयोग / उदाहरण |
|---|---|---|
| तापीय (heating) | प्रतिरोध में धारा बहने पर ऊष्मा: H = I²Rt (जूल का नियम) | हीटर, इस्त्री, गीज़र (नाइक्रोम तार); बल्ब का तंतु (टंगस्टन — उच्च गलनांक); फ्यूज़ |
| चुंबकीय (magnetic) | धारावाही तार के पास कंपास सुई विक्षेपित होती है — खोज: हैंस क्रिश्चियन ओर्स्टेड | विद्युत चुंबक, विद्युत घंटी, क्रेन से लोहा उठाना, मोटर |
| रासायनिक (chemical) | चालक विलयन से धारा बहने पर रासायनिक परिवर्तन — इलेक्ट्रोड पर गैस के बुलबुले, धातु जमना, रंग बदलना | विद्युत लेपन: साइकिल हैंडल/कार पुर्ज़ों पर क्रोमियम, लोहे के डिब्बों पर टिन, ताँबे का शुद्धीकरण |
CFL और LED ट्यूबलाइट, तंतु वाले बल्ब की तुलना में ऊष्मा के रूप में कम ऊर्जा व्यर्थ करते हैं, इसलिए बिजली बचाते हैं।[स्रोत 1]
विद्युत लेपन (electroplating) कैसे होता है
NCERT कक्षा 8 की गतिविधि: कॉपर सल्फ़ेट विलयन में दो ताँबे की प्लेटें रखकर बैटरी से जोड़ें। कुछ समय बाद बैटरी के ऋण टर्मिनल से जुड़ी प्लेट पर ताँबे की परत जम जाती है और धन टर्मिनल से जुड़ी प्लेट पतली होती जाती है — विलयन से ताँबा ऋण इलेक्ट्रोड पर जमता है और धन इलेक्ट्रोड से उतनी ही मात्रा विलयन में घुलती है। किसी वस्तु पर विद्युत धारा द्वारा किसी वांछित धातु की परत चढ़ाना विद्युत लेपन कहलाता है।
अधिकांश द्रव जो विद्युत चालन करते हैं, वे अम्लों, क्षारकों और लवणों के विलयन होते हैं। आसुत जल (distilled water) विद्युत का दुर्बल चालक है, पर उसमें थोड़ा नमक घोलने पर वह चालक बन जाता है; नल के पानी में घुले लवणों के कारण वह चालन करता है। दुर्बल चालन को पकड़ने के लिए परीक्षित्र (tester) में बल्ब के स्थान पर LED लगाई जाती है, क्योंकि यह बहुत कम धारा पर भी चमक उठती है।
बच्चों को कैसे पढ़ाएँ
गतिविधि: चालक-विद्युतरोधी खोज (कक्षा 6)
सेल, बल्ब, तार और दो खुले सिरों से सरल परीक्षित्र बनवाएँ। बच्चे चाबी, रबर, पेंसिल की लीड (ग्रेफ़ाइट), सिक्का, प्लास्टिक स्केल, पानी आदि जाँचकर तालिका भरें। ग्रेफ़ाइट का चालक निकलना बच्चों के लिए रोचक 'आश्चर्य' बनता है।
प्रयोग: स्थिर आवेश
दो प्लास्टिक स्ट्रॉ को पॉलिथीन से रगड़कर एक को धागे से लटकाएँ और दूसरी पास लाएँ (प्रतिकर्षण); फिर रेशम से रगड़ी काँच की छड़ पास लाएँ (आकर्षण)। स्ट्रॉ-पिन से घर पर विद्युतदर्शी भी बनवाएँ।
शिक्षण सामग्री
पुराना टॉर्च, 1.5 V सेल, LED, कॉपर सल्फ़ेट, कील और बैटरी से विद्युत चुंबक; फ्यूज़ और MCB के वास्तविक नमूने; परिपथ-प्रतीकों के फ़्लैश कार्ड।
आम ग़लतफ़हमियाँ
'सेल में बिजली भरी होती है जो बल्ब में ख़र्च हो जाती है' (वास्तव में आवेश परिपथ में घूमता है, ऊर्जा रूपांतरित होती है); 'एक ही तार से बल्ब जल जाएगा' (बंद परिपथ ज़रूरी); 'लघुपथन में धारा रुक जाती है' (उलटा — बहुत बढ़ जाती है); 'पानी हमेशा चालक है' (आसुत जल दुर्बल चालक)।
आकलन और सुरक्षा
बच्चों को अधूरा परिपथ-चित्र देकर पूछें कि बल्ब क्यों नहीं जलेगा। सुरक्षा पर ज़ोर दें: प्रयोग केवल सेल/बैटरी से करें, घर के मेन सॉकेट से कभी नहीं।
याद रखने की ट्रिक / परीक्षा टिप
स्थिर विद्युत का सूत्र: 'काँच-रेशम = काँच धन (+), स्ट्रॉ-पॉलिथीन = स्ट्रॉ ऋण (−)' — बस इतना याद रखें कि रेशम इलेक्ट्रॉन 'लेता' है। और सुरक्षा वाले हर प्रश्न को I = V/R से सोचें: प्रतिरोध घटा (लघुपथन) या कुल धारा बढ़ी (अतिभारण) → ऊष्मा बढ़ी → फ्यूज़ पिघला।
REET 2024 में पूछे गए प्रश्न (हल सहित)
प्रश्न 121
लघुपथन के समय परिपथ में धारा
- Aपर्याप्त कमी होती है
- Bनिरंतर परिवर्तित होती है
- Cबहुत अधिक बढ़ जाती है
- Dपरिवर्तित नहीं होती है
व्याख्या
लघुपथन (short circuit) में जीवित (live) और उदासीन (neutral) तार सीधे संपर्क में आ जाते हैं, जिससे परिपथ का प्रतिरोध लगभग शून्य हो जाता है। ओम के नियम I = V/R के अनुसार प्रतिरोध बहुत कम होने से धारा बहुत अधिक बढ़ जाती है। इसी से अत्यधिक ऊष्मा बनती है और फ्यूज़ उड़ जाता है।
प्रश्न 144
जब काँच की छड़ को रेशम के कपड़े से रगड़ते हैं, तो काँच की छड़ बन जाएगी
- Aविद्युत उदासीन
- Bधनावेशित
- Cऋणावेशित
- Dउपरोक्त में से कोई नहीं
व्याख्या
काँच की छड़ को रेशम से रगड़ने पर छड़ से कुछ इलेक्ट्रॉन रेशम में चले जाते हैं। इलेक्ट्रॉन खोने के कारण काँच की छड़ धनावेशित (positively charged) और इलेक्ट्रॉन पाने के कारण रेशम ऋणावेशित हो जाता है।
प्रश्न 143
निम्नानुसार दो कथन दिए गये हैं i. प्लास्टिक स्ट्रॉ को पॉलिथीन से रगड़ने पर वह ऋणावेशित हो जाती है । ii. काँच की छड़ को रेशम से रगड़ने पर वह ऋणावेशित हो जाती है । तो गलत कथन है/हैं
- Aकेवल (i)
- Bकेवल (ii)
- C(i) व (ii) दोनों
- Dउपरोक्त में से कोई नहीं
व्याख्या
प्लास्टिक स्ट्रॉ को पॉलिथीन से रगड़ने पर स्ट्रॉ ऋणावेशित हो जाती है, इसलिए कथन (i) सही है (NCERT कक्षा 8)। काँच की छड़ को रेशम से रगड़ने पर काँच की छड़ इलेक्ट्रॉन खोकर धनावेशित होती है, ऋणावेशित नहीं। अतः केवल कथन (ii) गलत है।
अभ्यास प्रश्न
प्रश्न 1
विद्युत धारा मापने के लिए ऐमीटर को परिपथ में कैसे जोड़ा जाता है?
- Aसमांतर क्रम में
- Bश्रेणी क्रम में
- Cभूसंपर्कित करके
- Dपरिपथ से अलग रखकर
व्याख्या
ऐमीटर श्रेणी क्रम में जोड़ा जाता है ताकि पूरी धारा उससे होकर बहे। वोल्टमीटर को समांतर क्रम में जोड़ा जाता है।
प्रश्न 2
किसी चालक में 10 सेकंड में 20 कूलॉम आवेश प्रवाहित होता है। धारा का मान है —
- A200 A
- B0.5 A
- C2 A
- D30 A
व्याख्या
I = Q/t = 20 C / 10 s = 2 A।
प्रश्न 3
3 Ω और 6 Ω के दो प्रतिरोधक समांतर क्रम में जोड़े गए हैं। तुल्य प्रतिरोध है —
- A9 Ω
- B2 Ω
- C4.5 Ω
- D18 Ω
व्याख्या
1/R = 1/3 + 1/6 = 2/6 + 1/6 = 3/6 = 1/2, अतः R = 2 Ω। समांतर क्रम में तुल्य प्रतिरोध सबसे छोटे प्रतिरोध से भी कम होता है।
प्रश्न 4
विद्युत हीटर के तापन अवयव (element) में सामान्यतः किस पदार्थ का तार प्रयुक्त होता है?
- Aताँबा
- Bनाइक्रोम
- Cएल्युमिनियम
- Dचाँदी
व्याख्या
नाइक्रोम का प्रतिरोध अधिक होता है और यह ऊँचे ताप पर भी जल्दी ऑक्सीकृत नहीं होता, इसलिए तापन अवयवों में प्रयुक्त होता है। ताँबा और एल्युमिनियम कम प्रतिरोध के कारण संयोजक तारों में प्रयुक्त होते हैं।
प्रश्न 5
विद्युत लेपन में कॉपर सल्फ़ेट विलयन से ताँबा किस इलेक्ट्रोड पर जमता है?
- Aबैटरी के धन टर्मिनल से जुड़े इलेक्ट्रोड पर
- Bबैटरी के ऋण टर्मिनल से जुड़े इलेक्ट्रोड पर
- Cदोनों इलेक्ट्रोड पर बराबर
- Dकिसी पर नहीं, केवल गैस बनती है
व्याख्या
विलयन से ताँबा ऋण टर्मिनल से जुड़े इलेक्ट्रोड पर जमता है, जबकि धन टर्मिनल से जुड़ी ताँबे की प्लेट से ताँबा घुलकर विलयन में जाता है। इसीलिए जिस वस्तु पर लेपन करना हो, उसे ऋण टर्मिनल से जोड़ते हैं।
प्रश्न 6
कमज़ोर चालक विलयन की जाँच के लिए परीक्षित्र में बल्ब के स्थान पर LED लगाई जाती है, क्योंकि —
- ALED अधिक ऊष्मा देती है
- BLED बहुत कम धारा पर भी चमकती है
- CLED को सेल की आवश्यकता नहीं होती
- DLED धारा को बढ़ा देती है
व्याख्या
दुर्बल चालक विलयन से बहुत कम धारा बहती है, जिससे बल्ब का तंतु गरम होकर नहीं चमकता; LED इतनी कम धारा पर भी प्रकाश देती है।
प्रश्न 7
धारावाही तार के पास रखी चुंबकीय सुई के विक्षेपित होने की खोज किसने की?
- Aमाइकल फ़ैराडे
- Bहैंस क्रिश्चियन ओर्स्टेड
- Cजॉर्ज साइमन ओम
- Dएलेसेंड्रो वोल्टा
व्याख्या
ओर्स्टेड ने देखा कि तार में धारा बहने पर पास रखी कंपास सुई विक्षेपित होती है — यह धारा के चुंबकीय प्रभाव की खोज थी।
प्रश्न 8
बिजली के बिल में 1 'यूनिट' ऊर्जा बराबर होती है —
- A1 वाट-सेकंड
- B1 किलोवाट-घंटा = 3.6 × 10⁶ J
- C1 जूल
- D1000 जूल
व्याख्या
1 kWh = 1000 W × 3600 s = 3.6 × 10⁶ J; घरेलू बिल की एक यूनिट यही है।
प्रश्न 9
कक्षा 6 का एक विद्यार्थी मानता है कि 'सेल से केवल एक तार बल्ब तक जोड़ने पर बल्ब जल जाएगा।' इस धारणा को बदलने का सबसे प्रभावी तरीका है —
- Aउसे सही उत्तर लिखकर याद करने को कहना
- Bविद्यार्थी से स्वयं एक तार और फिर दो तार से परिपथ बनवाकर परिणाम की तुलना कराना
- Cग़लती पर अंक काट लेना
- Dअगले पाठ पर आगे बढ़ जाना
व्याख्या
स्वयं प्रयोग करने पर जब एक तार से बल्ब नहीं जलता, तो बच्चे के मन में संज्ञानात्मक द्वंद्व पैदा होता है और वह बंद परिपथ की अवधारणा स्वयं बनाता है — यही रचनावादी तरीका है।
प्रश्न 10
बरसात में आसमानी बिजली के समय सबसे सुरक्षित व्यवहार कौन-सा है?
- Aखुले मैदान में किसी अकेले ऊँचे पेड़ के नीचे खड़े होना
- Bछाता ऊपर उठाकर खुले में चलना
- Cकिसी घर या बंद इमारत के अंदर रहना
- Dपानी के तालाब में तैरना
व्याख्या
घर या बंद इमारत सुरक्षित स्थान है। अकेला ऊँचा पेड़, खुले में धातु का छाता और पानी — तीनों तड़ित के समय ख़तरनाक हैं (NCERT कक्षा 8)।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
विद्युत धारा का SI मात्रक क्या है?+
ऐम्पियर (A)। 1 ऐम्पियर = 1 कूलॉम आवेश प्रति सेकंड का प्रवाह। धारा ऐमीटर से मापी जाती है।
लघुपथन के समय परिपथ में धारा का क्या होता है?+
लघुपथन में प्रतिरोध लगभग शून्य हो जाता है, इसलिए I = V/R के अनुसार धारा बहुत अधिक बढ़ जाती है और फ्यूज़ पिघल जाता है।
काँच की छड़ को रेशम से रगड़ने पर कौन-सा आवेश आता है?+
काँच की छड़ इलेक्ट्रॉन खोकर धनावेशित हो जाती है और रेशम इलेक्ट्रॉन पाकर ऋणावेशित।
फ्यूज़ का तार कैसा होता है?+
फ्यूज़ का तार कम गलनांक वाले पदार्थ का होता है, जो सीमा से अधिक धारा बहने पर गरम होकर पिघल जाता है और परिपथ तोड़ देता है।
REET में विद्युत धारा से कितने प्रश्न आते हैं?+
REET 2024 (लेवल 2 विज्ञान) में इस टॉपिक से 3 प्रश्न आए — लघुपथन पर 1 और स्थिर विद्युत (रगड़ से आवेश) पर 2।
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आधिकारिक स्रोत
बदलाव लॉग
- 16 सितंबर 2026 — पेज प्रकाशित — तथ्य स्वतंत्र रूप से जाँचे गए