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REET Level 2 · विज्ञान

विज्ञान में मूल्यांकन: प्रकार, परीक्षण के गुण और ब्लूम वर्गीकरण — REET नोट्स

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इस पेज पर मापन-आकलन-मूल्यांकन का अंतर, मूल्यांकन के प्रकार, अच्छे परीक्षण की विशेषताएँ, वस्तुनिष्ठ व निबंधात्मक परीक्षा के गुण-दोष और ब्लूम का वर्गीकरण विज्ञान उदाहरणों के साथ दिया गया है। REET 2024 में इससे 4 प्रश्न आए, इसलिए विज्ञान शिक्षणशास्त्र में यह पक्के अंक देने वाला टॉपिक है।

  • REET 2024 में 4 प्रश्न
  • शिक्षक-प्रशिक्षण स्तर
  • 9 मिनट पढ़ें
16 सितंबर 2026 को सत्यापित · स्रोत: NCERT — Pedagogy of Science (B.Ed. पाठ्यपुस्तक), मूल्यांकन इकाई

REET में यह टॉपिक कैसे पूछा जाता है

REET 2024 में विज्ञान में मूल्यांकन से 4 प्रश्न आए: वस्तुनिष्ठ परीक्षण का गुण (उच्च विश्वसनीयता व वैधता), निबंधात्मक परीक्षा का गुण (विचारों की स्वतंत्रता), अच्छे मूल्यांकन की विशेषता न होने वाला विकल्प (संकीर्णता) और एक उद्देश्य-कथन को वर्गीकृत करना ('अम्ल व क्षार में अंतर कर सकेगा' — विश्लेषण)। पैटर्न साफ़ है: 'गुण बनाम दोष' पहचानना और उद्देश्य-कथन की क्रिया (verb) देखकर संज्ञानात्मक स्तर बताना। रटने से ज़्यादा यहाँ शब्दों की बारीक समझ काम आती है।

मापन, आकलन और मूल्यांकन

मापन (measurement) किसी गुण को अंकों में व्यक्त करना है — 'रीना को 40 में से 32 अंक मिले।' यह केवल मात्रात्मक होता है। आकलन (assessment) सीखने के प्रमाण जुटाने की प्रक्रिया है — परीक्षण, अवलोकन, प्रोजेक्ट, पोर्टफ़ोलियो से। मूल्यांकन (evaluation) इन प्रमाणों के आधार पर मूल्य-निर्णय देना है — 'रीना ने प्रकाश-संश्लेषण की अवधारणा अच्छी तरह समझ ली है, पर प्रयोग का अभिलेखन कमज़ोर है।' यानी मूल्यांकन = मापन (मात्रात्मक) + अवलोकन (गुणात्मक) + मूल्य-निर्णय।

मूल्यांकन शिक्षण के उद्देश्यों से जुड़ा रहता है: उद्देश्य तय होते हैं → उनके अनुसार अधिगम अनुभव दिए जाते हैं → मूल्यांकन जाँचता है कि उद्देश्य कितने प्राप्त हुए, और परिणाम फिर उद्देश्यों व शिक्षण में सुधार कराते हैं। इसीलिए विज्ञान में मूल्यांकन केवल लिखित परीक्षा नहीं; प्रयोग करने का कौशल, अवलोकन, वैज्ञानिक दृष्टिकोण और समूह में कार्य भी आँके जाते हैं।

मूल्यांकन के प्रकार

प्रकारकबउद्देश्यविज्ञान कक्षा में उदाहरण
रचनात्मक (formative)शिक्षण के दौरान, लगातारसीखने में सुधार, तुरंत प्रतिपुष्टिपाठ के बीच मौखिक प्रश्न, एग्ज़िट-कार्ड, प्रयोग के समय अवलोकन
योगात्मक (summative)इकाई/सत्र के अंत मेंउपलब्धि का निर्णय, ग्रेड/प्रमाणनअर्धवार्षिक-वार्षिक परीक्षा
निदानात्मक (diagnostic)जब कोई कठिनाई बार-बार दिखेकठिनाई का सटीक कारण खोजना, फिर उपचारात्मक शिक्षण'भार और द्रव्यमान' में भ्रम खोजने हेतु विशेष प्रश्न-सेट
सतत एवं व्यापक (CCE)पूरे सत्रशैक्षिक व सह-शैक्षिक दोनों पक्षों का निरंतर आकलनप्रोजेक्ट, पोर्टफ़ोलियो, प्रायोगिक कार्य, व्यवहार का अवलोकन

शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 की धारा 29 में प्रारंभिक शिक्षा के लिए सतत और व्यापक मूल्यांकन का प्रावधान है। निदानात्मक परीक्षण के बाद उपचारात्मक शिक्षण (remedial teaching) अनिवार्य कदम है।[स्रोत 2]

अच्छे मूल्यांकन / परीक्षण की विशेषताएँ

वैधता (validity)
परीक्षण वही मापे जिसके लिए बना है — 'प्रयोग-कौशल' जाँचना हो तो केवल लिखित प्रश्न वैध नहीं।
विश्वसनीयता (reliability)
बार-बार या अलग परीक्षकों द्वारा जाँचने पर परिणाम लगभग एक जैसे आएँ; परिणामों में संगति।
वस्तुनिष्ठता (objectivity)
अंकन पर परीक्षक की व्यक्तिगत राय का प्रभाव न हो।
व्यापकता (comprehensiveness)
पूरी पाठ्यवस्तु और सभी उद्देश्यों (ज्ञान, समझ, कौशल, दृष्टिकोण) का प्रतिनिधित्व — संकीर्णता इसका उलटा और दोष है।
निरंतरता (continuity)
मूल्यांकन सत्र के अंत में एक बार नहीं, पूरे शिक्षण के साथ चले।
विभेदकारिता (discrimination)
प्रश्न तेज़ और कमज़ोर विद्यार्थियों में अंतर कर सकें।
व्यावहारिकता (usability)
समय, ख़र्च, प्रशासन और अंकन की दृष्टि से आसानी से लागू हो सके।

वस्तुनिष्ठ बनाम निबंधात्मक परीक्षा

वस्तुनिष्ठ (objective)

गुणउच्च विश्वसनीयता व वैधता, अंकन वस्तुनिष्ठ, पूरे पाठ्यक्रम का व्यापक प्रतिनिधित्व, जल्दी जाँच

दोषअनुमान (guessing) का प्रभाव, मौलिक चिंतन व अभिव्यक्ति की उपेक्षा, हर उद्देश्य/विषय में संभव नहीं, बनाना कठिन

प्रश्न रूपबहुविकल्पी, सत्य-असत्य, मिलान, रिक्त स्थान

बीच का रास्तालघूत्तरात्मक प्रश्न — दोनों के गुणों को संतुलित करते हैं

निबंधात्मक (essay)

गुणविचारों की स्वतंत्रता, अभिव्यक्ति, तर्क, संगठन व मौलिकता की जाँच; बनाना आसान

दोषअंकन में आत्मनिष्ठता, विश्वसनीयता व वैधता कम, सीमित प्रतिनिधित्व (कम प्रश्न), जाँचने में अधिक समय

प्रश्न रूपविस्तृत उत्तर, 'व्याख्या करें', 'तुलना करें'

बीच का रास्ता—

REET 2024 के दोनों प्रश्नों में दोषों को ही 'गुण' के विकल्प के रूप में रखा गया था — हर विकल्प पर पूछें: 'यह ताक़त है या कमज़ोरी?'

ब्लूम का संज्ञानात्मक वर्गीकरण — विज्ञान उदाहरण सहित

मूल स्तर (1956)संशोधित नाम (2001)पहचान की क्रियाएँविज्ञान उद्देश्य-कथन
1. ज्ञान (knowledge)स्मरण (remember)बताना, सूची बनाना, नाम लिखनाविद्यार्थी अम्लों के नाम बता सकेगा।
2. बोध (comprehension)समझ (understand)व्याख्या, उदाहरण देना, वर्गीकरणविद्यार्थी उदासीनीकरण की व्याख्या कर सकेगा।
3. अनुप्रयोग (application)अनुप्रयोग (apply)उपयोग करना, हल करना, दैनिक जीवन में लागू करनाविद्यार्थी चींटी के डंक पर बेकिंग सोडा लगाने का कारण बता सकेगा।
4. विश्लेषण (analysis)विश्लेषण (analyse)अंतर करना, तुलना, भागों में बाँटनाविद्यार्थी अम्ल व क्षार के मध्य अंतर कर सकेगा।
5. संश्लेषण (synthesis)सृजन (create) — संशोधन में छठा (शीर्ष) स्तररचना, डिज़ाइन, योजना बनानाविद्यार्थी हल्दी से घरेलू सूचक बनाने का प्रयोग डिज़ाइन कर सकेगा।
6. मूल्यांकन (evaluation)मूल्यांकन (evaluate) — संशोधन में पाँचवाँ स्तरनिर्णय, औचित्य, आलोचनाविद्यार्थी दो जल-शोधन विधियों में बेहतर विधि का औचित्य दे सकेगा।

मूल 1956 वर्गीकरण बेंजामिन ब्लूम का है; 2001 में एंडरसन और क्रैथवोल ने संशोधन कर स्तरों के नाम संज्ञा से क्रिया में बदले, 'संश्लेषण' का स्थान 'सृजन' ने लिया और उसे 'मूल्यांकन' के ऊपर शीर्ष पर रखा गया। राजस्थान की पाठ-योजनाओं में उद्देश्य प्रायः ज्ञान, अवबोध, ज्ञानोपयोग और कौशल वर्गों में लिखे जाते हैं।

कक्षा में इसका उपयोग

उपकरण / तकनीकक्या आँकता हैकक्षा 6–8 विज्ञान में प्रयोग
जाँच-सूची (checklist)कोई व्यवहार/चरण हुआ या नहीं (हाँ/नहीं)प्रयोग में: उपकरण सही जमाया? अवलोकन लिखा? सफ़ाई की?
निर्धारण मापनी (rating scale)गुण की मात्रा (जैसे 1–5)समूह-प्रोजेक्ट में सहयोग, प्रस्तुति की स्पष्टता
रूब्रिक (rubric)हर स्तर का स्पष्ट वर्णनमॉडल-निर्माण: वैज्ञानिक शुद्धता, रचनात्मकता, व्याख्या — प्रत्येक के 3 स्तर
उपाख्यानात्मक अभिलेख (anecdotal record)किसी विशेष घटना का तथ्यात्मक विवरण'अमन ने ख़ुद पूछा कि बादल क्यों गरजते हैं और किताब में खोजा' — जिज्ञासा का प्रमाण
पोर्टफ़ोलियोसमय के साथ प्रगतिअवलोकन-डायरी, प्रयोग-रिपोर्ट, चार्ट, स्व-आकलन पत्रक का संग्रह
प्रायोगिक/मौखिक परीक्षाकौशल व समझस्लाइड बनाकर प्याज़ की झिल्ली दिखाना और प्रश्नों के उत्तर देना
नील-पत्र (blueprint)परीक्षा का संतुलनप्रश्न-पत्र बनाने से पहले उद्देश्य × पाठ्यवस्तु × प्रश्न-प्रकार के अंक-भार की तालिका

राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 रटने वाली परीक्षा के स्थान पर योग्यता-आधारित, नियमित रचनात्मक आकलन और समग्र प्रगति-पत्र (360-डिग्री) की अनुशंसा करती है; राष्ट्रीय आकलन केंद्र के रूप में PARAKH प्रस्तावित है।[स्रोत 3]

याद रखने की ट्रिक / परीक्षा टिप

उद्देश्य-कथन वाले प्रश्न में पूरा वाक्य नहीं, केवल क्रिया देखें: 'नाम बताना / पहचानना' = ज्ञान; 'व्याख्या / उदाहरण देना' = बोध; 'दैनिक जीवन में उपयोग / हल करना' = अनुप्रयोग; 'अंतर करना / तुलना' = विश्लेषण। और 'गुण' पूछे जाने पर वे विकल्प तुरंत काटें जिनमें 'अभाव', 'नहीं', 'अवहेलना', 'सीमित' जैसे नकारात्मक शब्द हों।

REET 2024 में पूछे गए प्रश्न (हल सहित)

प्रश्न 126

वस्तुनिष्ठ परीक्षण का मुख्य गुण है

  1. Aसभी विषयों में सम्भव नहीं
  2. Bमौलिक चिन्तन की अवहेलना
  3. Cअनुमान का प्रभाव
  4. Dविश्वसनीयता और वैधता का उच्च स्तर

व्याख्या

वस्तुनिष्ठ परीक्षण (objective test) में उत्तर निश्चित होते हैं और अंकन पर परीक्षक के व्यक्तिगत प्रभाव नहीं पड़ता, साथ ही पाठ्यवस्तु का व्यापक प्रतिनिधित्व होता है; इसलिए इसकी विश्वसनीयता और वैधता उच्च होती है। शेष विकल्प – सभी विषयों में संभव न होना, मौलिक चिंतन की अवहेलना और अनुमान (guessing) का प्रभाव – इसकी सीमाएँ (दोष) हैं, गुण नहीं।

प्रश्न 150

निम्नांकित में से कौन-सी एक अच्छे मूल्यांकन की विशेषता नहीं है ?

  1. Aवैधता
  2. Bनिरन्तरता
  3. Cविश्वसनीयता
  4. Dसंकीर्णता

व्याख्या

अच्छे मूल्यांकन की विशेषताएँ वैधता (validity), विश्वसनीयता (reliability), निरन्तरता (continuity), व्यापकता और वस्तुनिष्ठता हैं। संकीर्णता (narrow mindedness) व्यापकता के विपरीत है, इसलिए यह अच्छे मूल्यांकन की विशेषता नहीं है।

प्रश्न 129

‘विद्यार्थी अम्ल व क्षार के मध्य अन्तर कर सकेगा ।’ यह कथन कौन-से अधिगम उद्देश्य को प्रदर्शित करता है ?

  1. Aविश्लेषण
  2. Bज्ञान
  3. Cज्ञानोपयोग
  4. Dकौशल

व्याख्या

संशोधित ब्लूम वर्गीकरण (Revised Bloom's taxonomy) में 'अन्तर करना (differentiating)' विश्लेषण (analyze) स्तर की प्रक्रिया है, क्योंकि इसमें विद्यार्थी अम्ल व क्षार के गुणों को अलग-अलग पहचानकर उनकी तुलना करता है। केवल तथ्यों को याद करना ज्ञान तथा नई परिस्थिति में प्रयोग करना ज्ञानोपयोग (application) है। अतः उत्तर (A) है।

प्रश्न 131

निबन्धात्मक परीक्षा का गुण है

  1. Aविचारों की स्वतंत्रता
  2. Bविश्वसनियता एवं वैधता का अभाव
  3. Cउपचारात्मक उपयोग का अभाव
  4. Dसीमित प्रतिनिधित्व

व्याख्या

निबन्धात्मक परीक्षा में विद्यार्थी अपने विचारों को स्वतंत्र रूप से, अपनी भाषा और क्रम में व्यक्त कर सकता है — यह इसका मुख्य गुण है। विश्वसनीयता व वैधता का अभाव, उपचारात्मक उपयोग का अभाव और पाठ्यवस्तु का सीमित प्रतिनिधित्व इसके दोष हैं, गुण नहीं।

अभ्यास प्रश्न

प्रश्न 1

एक परीक्षण को अलग-अलग परीक्षक जाँचें और अंक लगभग समान आएँ, तो उस परीक्षण में कौन-सा गुण है?

  1. Aविभेदकारिता
  2. Bवस्तुनिष्ठता
  3. Cव्यापकता
  4. Dव्यावहारिकता

व्याख्या

जब अंकन पर परीक्षक की व्यक्तिगत राय का प्रभाव नहीं पड़ता और अलग परीक्षक समान अंक देते हैं, तो परीक्षण वस्तुनिष्ठ है। वस्तुनिष्ठता विश्वसनीयता को भी बढ़ाती है।

प्रश्न 2

विद्यार्थियों की किसी विशेष अधिगम कठिनाई का कारण जानने के लिए प्रयुक्त परीक्षण है —

  1. Aउपलब्धि परीक्षण
  2. Bनिदानात्मक परीक्षण
  3. Cयोगात्मक परीक्षण
  4. Dबुद्धि परीक्षण

व्याख्या

निदानात्मक परीक्षण कठिनाई के सटीक बिंदु और कारण को पहचानता है, जिसके बाद उपचारात्मक शिक्षण किया जाता है।

प्रश्न 3

'विद्यार्थी दैनिक जीवन में चींटी के डंक पर बेकिंग सोडा लगाने का कारण बता सकेगा।' यह किस उद्देश्य से संबंधित है?

  1. Aज्ञान
  2. Bअनुप्रयोग (ज्ञानोपयोग)
  3. Cमूल्यांकन
  4. Dसृजन

व्याख्या

उदासीनीकरण के सिद्धांत को दैनिक जीवन की नई परिस्थिति में लागू करना अनुप्रयोग (ज्ञानोपयोग) स्तर है।

प्रश्न 4

प्रयोगशाला कार्य में 'उपकरण सही जमाया — हाँ/नहीं' जैसे बिंदुओं पर आकलन के लिए सबसे उपयुक्त उपकरण है —

  1. Aजाँच-सूची (checklist)
  2. Bउपाख्यानात्मक अभिलेख
  3. Cनिबंधात्मक परीक्षा
  4. Dसमाजमिति

व्याख्या

जाँच-सूची में किसी व्यवहार या चरण के होने/न होने को हाँ-नहीं में दर्ज किया जाता है, इसलिए प्रयोग के चरणों के आकलन के लिए यह उपयुक्त है।

प्रश्न 5

निम्न में से कौन-सा वस्तुनिष्ठ परीक्षण का दोष है?

  1. Aअंकन में आसानी
  2. Bपाठ्यवस्तु का व्यापक प्रतिनिधित्व
  3. Cअनुमान (guessing) से सही उत्तर की संभावना
  4. Dउच्च विश्वसनीयता

व्याख्या

वस्तुनिष्ठ प्रश्नों में विद्यार्थी बिना जाने अनुमान से भी सही विकल्प चुन सकता है — यह इसका दोष है। शेष तीनों इसके गुण हैं।

प्रश्न 6

ब्लूम के संशोधित वर्गीकरण (2001) में सबसे उच्च संज्ञानात्मक स्तर है —

  1. Aमूल्यांकन (evaluate)
  2. Bविश्लेषण (analyse)
  3. Cसृजन (create)
  4. Dसंश्लेषण (synthesis)

व्याख्या

2001 में एंडरसन और क्रैथवोल के संशोधन में क्रम है: स्मरण, समझ, अनुप्रयोग, विश्लेषण, मूल्यांकन और सबसे ऊपर सृजन। मूल 1956 वर्गीकरण में शीर्ष स्तर मूल्यांकन था।

प्रश्न 7

कक्षा 8 का एक शिक्षक पाठ के अंत में हर बच्चे से एक पर्ची पर लिखवाता है — 'आज क्या समझ आया और क्या नहीं।' यह किस प्रकार का आकलन है?

  1. Aयोगात्मक आकलन
  2. Bरचनात्मक आकलन
  3. Cमानक-संदर्भित आकलन
  4. Dप्रवेश परीक्षा

व्याख्या

शिक्षण के दौरान तुरंत प्रतिपुष्टि लेकर अगली कक्षा में सुधार करना रचनात्मक आकलन है; इसमें ग्रेड देना उद्देश्य नहीं होता।

प्रश्न 8

प्रश्न-पत्र का नील-पत्र (blueprint) बनाते समय सामान्यतः किन आयामों को भार (weightage) दिया जाता है?

  1. Aकेवल पाठ्यवस्तु
  2. Bउद्देश्य, पाठ्यवस्तु और प्रश्नों के प्रकार
  3. Cकेवल प्रश्नों की संख्या
  4. Dविद्यार्थियों के पिछले अंक

व्याख्या

नील-पत्र एक त्रि-आयामी योजना है जिसमें उद्देश्यों, पाठ्यवस्तु (इकाइयों) और प्रश्न-प्रकारों को अंक-भार दिया जाता है, जिससे प्रश्न-पत्र संतुलित और वैध बनता है।

प्रश्न 9

एक विज्ञान शिक्षक केवल लिखित परीक्षा से विद्यार्थियों के 'प्रयोग करने के कौशल' को आँकता है। इस मूल्यांकन में किसकी कमी है?

  1. Aवैधता
  2. Bवस्तुनिष्ठता
  3. Cव्यावहारिकता
  4. Dविभेदकारिता

व्याख्या

वैधता का अर्थ है परीक्षण वही मापे जिसके लिए बना है। प्रयोग-कौशल को प्रायोगिक परीक्षा या अवलोकन से ही सही मापा जा सकता है, इसलिए यहाँ वैधता कम है।

प्रश्न 10

सतत एवं व्यापक मूल्यांकन (CCE) में 'व्यापक' शब्द का अर्थ है —

  1. Aवर्ष में अधिक परीक्षाएँ लेना
  2. Bशैक्षिक और सह-शैक्षिक, दोनों पक्षों का आकलन
  3. Cकेवल बोर्ड परीक्षा के अंक
  4. Dकेवल लिखित परीक्षा का विस्तार

व्याख्या

'सतत' का अर्थ पूरे सत्र में नियमित आकलन है, जबकि 'व्यापक' का अर्थ है ज्ञान-समझ के साथ कौशल, दृष्टिकोण, रुचि, स्वास्थ्य जैसे सह-शैक्षिक पक्षों को भी शामिल करना।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

वस्तुनिष्ठ परीक्षण का मुख्य गुण क्या है?+

उच्च विश्वसनीयता और वैधता — उत्तर निश्चित होने से अंकन परीक्षक पर निर्भर नहीं करता और पूरी पाठ्यवस्तु का प्रतिनिधित्व होता है।

निबंधात्मक परीक्षा का गुण क्या है?+

विचारों की स्वतंत्रता — विद्यार्थी अपने ढंग से तर्क, संगठन और अभिव्यक्ति दिखा सकता है। इसकी कमी आत्मनिष्ठ अंकन और कम विश्वसनीयता है।

रचनात्मक और योगात्मक मूल्यांकन में क्या अंतर है?+

रचनात्मक मूल्यांकन शिक्षण के दौरान सुधार के लिए होता है; योगात्मक मूल्यांकन इकाई या सत्र के अंत में उपलब्धि का निर्णय करता है।

'विद्यार्थी अम्ल व क्षार में अंतर कर सकेगा' कौन-सा उद्देश्य है?+

REET 2024 की आधिकारिक कुंजी के अनुसार यह विश्लेषण स्तर का उद्देश्य है, क्योंकि 'अंतर करना' विश्लेषण की क्रिया है।

REET में विज्ञान में मूल्यांकन से कितने प्रश्न आते हैं?+

REET 2024 (लेवल 2 विज्ञान) में इस टॉपिक से 4 प्रश्न आए — परीक्षा के गुण-दोष, अच्छे मूल्यांकन की विशेषता और उद्देश्य-वर्गीकरण पर।

आगे पढ़ें

आधिकारिक स्रोत

  1. NCERT — Pedagogy of Science (B.Ed. पाठ्यपुस्तक), मूल्यांकन इकाई
  2. निःशुल्क और अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम, 2009 — धारा 29
  3. राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 — मंत्रिमंडल स्वीकृति (PIB, भारत सरकार)

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  • 16 सितंबर 2026 — पेज प्रकाशित — तथ्य स्वतंत्र रूप से जाँचे गए