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REET L2 · विज्ञान

तत्व, यौगिक एवं मिश्रण

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यह पेज तत्व, यौगिक व मिश्रण के वर्गीकरण, समांगी-विषमांगी मिश्रण और मिश्रणों को अलग करने की विधियों को REET परीक्षा के नज़रिए से कवर करता है। REET में इस टॉपिक से किसी दिए गए मिश्रण की सही पहचान करने और उपयुक्त पृथक्करण विधि चुनने वाले प्रश्न बार-बार पूछे जाते हैं।

  • REET 2024 में 2 प्रश्न
  • कक्षा 6-8 स्तर
  • 10 मिनट पढ़ें

REET में यह टॉपिक कैसे पूछा जाता है

REET 2024 में इस टॉपिक से दो प्रश्न पूछे गए, और दोनों ही 'सही पहचान करने' वाले थे। पहले प्रश्न में चार विकल्पों में से यह पहचानना था कि कौन-सा समांगी मिश्रण का उदाहरण नहीं है (उत्तर: जल में तेल, क्योंकि यह विषमांगी है)। दूसरे प्रश्न में यह पूछा गया कि दो मिश्रणीय द्रवों को अलग करने की उपयुक्त विधि कौन-सी है (उत्तर: आसवन)। इससे स्पष्ट है कि REET में इस टॉपिक से केवल परिभाषाएँ नहीं, बल्कि दिए गए उदाहरण को सही श्रेणी में रखने और स्थिति के अनुसार सही पृथक्करण विधि चुनने की समझ परखी जाती है।

शुद्ध पदार्थ, तत्व, यौगिक व मिश्रण

जिस पदार्थ में केवल एक ही प्रकार के कण (एक ही रासायनिक संघटन) हों, उसे शुद्ध पदार्थ कहते हैं, जिसमें तत्व व यौगिक दोनों शामिल हैं। तत्व (element) वह शुद्ध पदार्थ है जिसे रासायनिक विधियों से दो या अधिक सरल पदार्थों में नहीं तोड़ा जा सकता, जैसे हाइड्रोजन, ऑक्सीजन, सोना। यौगिक (compound) दो या अधिक तत्वों के निश्चित अनुपात में रासायनिक संयोजन से बनता है, जिसमें मूल तत्वों के गुण खो जाते हैं और यौगिक के अपने नए गुण होते हैं — जैसे हाइड्रोजन व ऑक्सीजन के मिलने से बना जल, जिसके गुण अपने घटक तत्वों से बिल्कुल अलग हैं। इसके विपरीत मिश्रण (mixture) दो या अधिक पदार्थों को किसी भी अनुपात में भौतिक रूप से मिलाने से बनता है, जिसमें हर घटक अपने मूल गुण बनाए रखता है और इसे भौतिक विधियों (छानना, वाष्पीकरण आदि) से आसानी से अलग किया जा सकता है।

यौगिक व मिश्रण में सबसे बड़ा अंतर यही है कि यौगिक बनने में एक निश्चित अनुपात व ऊर्जा परिवर्तन (रासायनिक अभिक्रिया) शामिल होता है और नए गुण वाला पदार्थ बनता है, जबकि मिश्रण में घटकों का अनुपात परिवर्तनशील होता है और कोई नई रासायनिक इकाई नहीं बनती — इसे केवल भौतिक विधि से ही अलग किया जा सकता है, रासायनिक विधि की ज़रूरत नहीं पड़ती।

तत्वों का वर्गीकरण: धातु, अधातु व उपधातु

वर्गगुणउदाहरण
धातु (metal)चमकदार, आघातवर्धनीय (पीटकर चादर बनाई जा सके), तन्य (खींचकर तार बनाई जा सके), ऊष्मा व विद्युत की सुचालकलोहा, ताँबा, सोना, एलुमिनियम
अधातु (non-metal)प्रायः चमकहीन (ग्रेफाइट व आयोडीन अपवाद), भंगुर, ऊष्मा व विद्युत की कुचालक (ग्रेफाइट अपवाद)ऑक्सीजन, कार्बन, सल्फर, नाइट्रोजन
उपधातु/मेटलॉइड (metalloid)धातु व अधातु दोनों के मिश्रित गुण दिखाते हैंसिलिकॉन, बोरॉन, आर्सेनिक, जर्मेनियम

समांगी व विषमांगी मिश्रण

समांगी मिश्रण (homogeneous)
जिसमें घटक पूरे मिश्रण में एकसमान रूप से मिले हों और कोई सीमा-रेखा (boundary) दिखाई न दे — जैसे जल में शक्कर, जल में एथेनॉल, कार्बन डाइसल्फाइड में सल्फर
विषमांगी मिश्रण (heterogeneous)
जिसमें घटक असमान रूप से मिले हों और अलग-अलग परतें/भाग स्पष्ट दिखें — जैसे जल में तेल, जल में बालू
विलयन, निलंबन व कोलॉइड
विलयन (solution) में कण बहुत महीन (1 nm से छोटे) होते हैं और दिखाई नहीं देते; निलंबन (suspension) में कण नग्न आँखों से दिखते हैं व तल में बैठ जाते हैं; कोलॉइड (colloid) में कण मध्यम आकार के होते हैं और टिंडल प्रभाव (प्रकाश किरण का बिखरना) दिखाते हैं

पृथक्करण की विधियाँ एवं उनका उपयोग

विधिकिसके लिए उपयुक्त
वाष्पीकरण (evaporation)विलयन में घुले ठोस पदार्थ को अलग करने के लिए (जैसे नमक के जल से नमक)
आसवन / प्रभाजी आसवन (distillation)परस्पर घुलनशील (मिश्रणीय) द्रवों को अलग करने के लिए, जिनके क्वथनांक में अंतर हो
पृथक्कारी कीप (separating funnel)अघुलनशील (अमिश्रणीय) द्रवों को अलग करने के लिए, जैसे तेल व जल
ऊर्ध्वपातन (sublimation)उर्ध्वपातित होने वाले ठोस (जैसे कपूर, अमोनियम क्लोराइड, आयोडीन) को अन्य ठोस से अलग करने के लिए
वर्णलेखन (chromatography)स्याही/रंगों जैसे मिश्रण के घटकों को उनके भिन्न-भिन्न गुणों के आधार पर अलग करने के लिए
अपकेंद्रण (centrifugation)बहुत महीन निलंबित कणों को तेज़ी से घुमाकर अलग करने के लिए, जैसे दूध से क्रीम

[स्रोत 1]

यौगिक व मिश्रण के उदाहरणों की तुलना

जल (यौगिक)
हाइड्रोजन व ऑक्सीजन निश्चित अनुपात (2:1) में रासायनिक बंध से जुड़े हैं; न हाइड्रोजन के गुण दिखते हैं, न ऑक्सीजन के — जल के अपने ही नए गुण हैं और इसे केवल विद्युत-अपघटन जैसी रासायनिक विधि से ही तोड़ा जा सकता है
नमकीन जल (मिश्रण)
नमक व जल किसी भी अनुपात में मिल सकते हैं; दोनों अपने मूल गुण (नमक का स्वाद, जल की तरलता) बनाए रखते हैं और वाष्पीकरण जैसी सरल भौतिक विधि से आसानी से अलग किए जा सकते हैं
वायु (मिश्रण)
नाइट्रोजन (~78%), ऑक्सीजन (~21%) व अन्य गैसों का समांगी मिश्रण — इसका अनुपात स्थान व ऊँचाई के अनुसार थोड़ा बदल सकता है, जो इसे मिश्रण सिद्ध करता है

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गतिविधि

रेत, नमक व जल का मिश्रण बनाकर विद्यार्थियों से पहले छानने (filtration) से रेत अलग करवाएँ, फिर शेष नमकीन जल को गर्म कर वाष्पीकरण से नमक प्राप्त करवाएँ — इससे दो पृथक्करण विधियाँ एक ही प्रयोग में समझ आती हैं और विद्यार्थी स्वयं देख पाते हैं कि कोई नई पदार्थ नहीं बना, केवल घटक अलग हुए हैं।

शिक्षण सहायक सामग्री

रसोई की वस्तुओं (चाय की पत्ती-जल, तेल-जल, चीनी-जल, लोहे का बुरादा-बालू) को कक्षा में लाकर विद्यार्थियों से इन्हें तत्व/यौगिक/मिश्रण और समांगी/विषमांगी में वर्गीकृत करवाएँ, ताकि रोज़मर्रा के अनुभव से अवधारणा जुड़ सके।

सामान्य भ्रांति

बहुत-से विद्यार्थी मान लेते हैं कि 'मिश्रण' का मतलब सदैव ठोस व द्रव का मिश्रण होता है, या यौगिक व मिश्रण को एक ही मान लेते हैं, या यह सोचते हैं कि हवा एक तत्व/यौगिक है — जल (यौगिक) व नमकीन जल (मिश्रण) तथा वायु (मिश्रण) की तुलना कर यह भ्रम दूर करें।

आकलन

विद्यार्थियों को 6 रोज़मर्रा की वस्तुओं की सूची देकर उन्हें तत्व/यौगिक/मिश्रण में वर्गीकृत करने और प्रत्येक मिश्रण के लिए उपयुक्त पृथक्करण विधि बताने को कहें, फिर कक्षा में समूह-चर्चा से उत्तर मिलाएँ।

याद रखने की ट्रिक / परीक्षा टिप

पृथक्करण विधि चुनने में उलझन हो तो यह क्रम याद रखें — घुलनशील ठोस के लिए वाष्पीकरण, मिश्रणीय द्रवों के लिए आसवन, अमिश्रणीय द्रवों के लिए पृथक्कारी कीप, और उर्ध्वपातित होने वाले ठोस के लिए ऊर्ध्वपातन। REET में अक्सर 'द्रव-द्रव' या 'ठोस-द्रव' का जोड़ा देकर पूछा जाता है, इसलिए पहले यह पहचानें कि मिश्रण किन दो अवस्थाओं का है।

REET 2024 में पूछे गए प्रश्न (हल सहित)

प्रश्न 127

निम्नलिखित में से कौन-सा समांगी मिश्रण का उदाहरण नहीं है ?

  1. Aकार्बन डाइसल्फाइड में सल्फर
  2. Bजल में शक्कर
  3. Cजल में एथेनॉल
  4. Dजल में तेल

व्याख्या

समांगी मिश्रण (homogeneous mixture) में घटक पूरे मिश्रण में एकसमान रूप से मिले रहते हैं, जैसे जल में शक्कर, जल में एथेनॉल और कार्बन डाइसल्फाइड में घुला सल्फर (विलयन)। तेल जल में नहीं घुलता और अलग परत बना लेता है, इसलिए जल में तेल विषमांगी (heterogeneous) मिश्रण है।

प्रश्न 140

दो घुलनशील द्रवों के मिश्रण को पृथक् करने की उपयुक्त विधि है

  1. Aआसवन
  2. Bउर्ध्वपातन
  3. Cवाष्पीकरण
  4. Dपृथक्कारी कीप

व्याख्या

परस्पर घुलनशील (मिश्रणीय) द्रवों को पृथक् करने के लिए आसवन (distillation) — क्वथनांक का अंतर कम होने पर प्रभाजी आसवन — उपयुक्त है, क्योंकि गर्म करने पर कम क्वथनांक वाला द्रव पहले वाष्पित होकर अलग संघनित हो जाता है। पृथक्कारी कीप केवल अमिश्रणीय द्रवों (जैसे तेल और जल) के लिए है और उर्ध्वपातन ठोस पदार्थों के लिए।

अभ्यास प्रश्न

प्रश्न 1

निम्नलिखित में से कौन-सा तत्व का उदाहरण है?

  1. Aजल
  2. Bनमक का घोल
  3. Cसोना
  4. Dवायु

व्याख्या

सोना (Au) एक तत्व है, जिसे रासायनिक विधि से आगे सरल पदार्थों में नहीं तोड़ा जा सकता। जल एक यौगिक है, जबकि नमक का घोल व वायु मिश्रण हैं।

प्रश्न 2

निम्नलिखित में से कौन-सा विषमांगी मिश्रण का उदाहरण है?

  1. Aजल में शक्कर
  2. Bजल में बालू
  3. Cजल में एथेनॉल
  4. Dवायु

व्याख्या

जल में बालू मिलाने पर बालू घुलता नहीं और तल में बैठ जाता है, जिससे दोनों भाग स्पष्ट अलग दिखते हैं — यह विषमांगी मिश्रण है। जल में शक्कर, जल में एथेनॉल तथा वायु समांगी मिश्रण के उदाहरण हैं।

प्रश्न 3

कपूर (camphor) को रेत से अलग करने की उपयुक्त विधि है:

  1. Aआसवन
  2. Bअपकेंद्रण
  3. Cपृथक्कारी कीप
  4. Dऊर्ध्वपातन

व्याख्या

कपूर एक उर्ध्वपातित होने वाला ठोस है, अर्थात गर्म करने पर यह द्रव अवस्था में गए बिना सीधे गैस में बदल जाता है। इसलिए इसे रेत (जो ऊर्ध्वपातित नहीं होती) से ऊर्ध्वपातन विधि द्वारा अलग किया जाता है।

प्रश्न 4

सिलिकॉन (silicon) को किस वर्ग में रखा जाता है?

  1. Aधातु
  2. Bअधातु
  3. Cउपधातु
  4. Dयौगिक

व्याख्या

सिलिकॉन उपधातु (metalloid) है, जो धातु व अधातु दोनों के मिश्रित गुण दिखाता है और अर्धचालक के रूप में इलेक्ट्रॉनिक्स में प्रयुक्त होता है।

प्रश्न 5

दूध से क्रीम अलग करने के लिए किस विधि का उपयोग किया जाता है?

  1. Aवाष्पीकरण
  2. Bपृथक्कारी कीप
  3. Cऊर्ध्वपातन
  4. Dअपकेंद्रण

व्याख्या

दूध से क्रीम को अपकेंद्रण (centrifugation) विधि से अलग किया जाता है, जिसमें तेज़ी से घुमाने पर भारी व हल्के कण अलग-अलग परतों में बँट जाते हैं।

प्रश्न 6

यौगिक व मिश्रण में मुख्य अंतर क्या है?

  1. Aयौगिक निश्चित अनुपात में बनता है और नए गुण रखता है, मिश्रण में घटक अपने मूल गुण बनाए रखते हैं
  2. Bयौगिक भौतिक विधि से अलग होता है, मिश्रण नहीं
  3. Cमिश्रण को रासायनिक विधि से ही अलग किया जा सकता है
  4. Dदोनों में कोई अंतर नहीं है

व्याख्या

यौगिक तत्वों के निश्चित अनुपात में रासायनिक संयोजन से बनता है और मूल तत्वों से भिन्न नए गुण रखता है, जबकि मिश्रण में घटक भौतिक रूप से मिले होते हैं और अपने मूल गुण बनाए रखते हैं तथा भौतिक विधि से ही अलग किए जा सकते हैं।

प्रश्न 7

स्याही में मिले विभिन्न रंगों को अलग करने के लिए सबसे उपयुक्त विधि है:

  1. Aवर्णलेखन (chromatography)
  2. Bआसवन
  3. Cऊर्ध्वपातन
  4. Dअपकेंद्रण

व्याख्या

स्याही में मिले विभिन्न रंगों के घुलनशीलता व अवशोषण गुण भिन्न होते हैं, इसलिए इन्हें वर्णलेखन (chromatography) विधि से अलग-अलग बैंड के रूप में अलग किया जाता है।

प्रश्न 8

टिंडल प्रभाव (प्रकाश किरण का बिखरना) किसमें देखा जाता है?

  1. Aसच्चे विलयन में
  2. Bकोलॉइड में
  3. Cशुद्ध जल में
  4. Dगैसों के मिश्रण में

व्याख्या

कोलॉइड में कणों का आकार सच्चे विलयन से बड़ा होता है, जिससे प्रकाश किरण इन कणों से टकराकर बिखर जाती है — इसे टिंडल प्रभाव कहते हैं। सच्चे विलयन के कण बहुत महीन होने के कारण यह प्रभाव नहीं दिखाते।

प्रश्न 9

कक्षा 7 में तत्व, यौगिक व मिश्रण का अंतर स्पष्ट कराने के लिए शिक्षक की सबसे उपयुक्त गतिविधि है:

  1. Aकेवल परिभाषाएँ श्यामपट्ट पर लिखना
  2. Bपाठ्यपुस्तक के प्रश्न-उत्तर रटवाना
  3. Cरसोई की वस्तुओं को कक्षा में लाकर वर्गीकृत करवाना
  4. Dकेवल चित्र दिखाना

व्याख्या

रसोई की परिचित वस्तुओं (जल, नमक, तेल-जल, चाय आदि) से वर्गीकरण करवाने पर विद्यार्थी अमूर्त परिभाषाओं को रोज़मर्रा के उदाहरणों से जोड़ पाते हैं, जिससे अवधारणा स्थायी रूप से समझ में आती है।

प्रश्न 10

पेट्रोलियम से पेट्रोल, डीज़ल व केरोसिन जैसे विभिन्न घटकों को अलग करने के लिए किस विधि का उपयोग होता है?

  1. Aसरल आसवन
  2. Bप्रभाजी आसवन
  3. Cऊर्ध्वपातन
  4. Dपृथक्कारी कीप

व्याख्या

पेट्रोलियम कई मिश्रणीय द्रवों (हाइड्रोकार्बन) का मिश्रण है, जिनके क्वथनांक में थोड़ा-थोड़ा अंतर होता है। इन्हें अलग करने के लिए प्रभाजी आसवन (fractional distillation) का उपयोग किया जाता है, जो सरल आसवन का ही विस्तृत रूप है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

तत्व, यौगिक व मिश्रण में क्या अंतर है?+

तत्व को रासायनिक विधि से आगे नहीं तोड़ा जा सकता; यौगिक दो या अधिक तत्वों के निश्चित अनुपात में रासायनिक संयोजन से बनता है और नए गुण रखता है; मिश्रण दो या अधिक पदार्थों का भौतिक मेल है, जिसमें हर घटक अपने मूल गुण बनाए रखता है।

समांगी व विषमांगी मिश्रण किसे कहते हैं?+

समांगी मिश्रण में घटक पूरे मिश्रण में एकसमान रूप से मिले होते हैं (जैसे जल में शक्कर), जबकि विषमांगी मिश्रण में घटक असमान रूप से मिले होते हैं और अलग-अलग भाग स्पष्ट दिखते हैं (जैसे जल में तेल)।

दो मिश्रणीय द्रवों को कैसे अलग करेंगे?+

परस्पर घुलनशील (मिश्रणीय) द्रवों को आसवन (distillation) विधि से अलग किया जाता है, जिसमें कम क्वथनांक वाला द्रव पहले वाष्पित होकर अलग संघनित हो जाता है।

धातु व अधातु में क्या अंतर है?+

धातु चमकदार, आघातवर्धनीय, तन्य तथा ऊष्मा व विद्युत की सुचालक होती हैं (जैसे लोहा, ताँबा), जबकि अधातु प्रायः चमकहीन, भंगुर तथा ऊष्मा व विद्युत की कुचालक होती हैं (जैसे सल्फर, ऑक्सीजन)।

उपधातु (metalloid) क्या होते हैं?+

उपधातु वे तत्व हैं जो धातु व अधातु दोनों के मिश्रित गुण दिखाते हैं, जैसे सिलिकॉन व बोरॉन — ये अर्धचालक (semiconductor) के रूप में इलेक्ट्रॉनिक्स में उपयोगी होते हैं।

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आधिकारिक स्रोत

  1. NCERT कक्षा 9 विज्ञान — अध्याय 5: मिश्रण एवं उनके पृथक्करण का अन्वेषण

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  • 16 सितंबर 2026 — पेज प्रकाशित — तथ्य स्वतंत्र रूप से जाँचे गए