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REET L2 · विज्ञान

परमाणु एवं अणु

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यह पेज परमाणु व अणु की मूल अवधारणा, डाल्टन के परमाणु सिद्धांत, संयोजकता के आधार पर रासायनिक सूत्र बनाने और मोल संकल्पना को REET परीक्षा के नज़रिए से कवर करता है। REET में इस टॉपिक से सूत्र लेखन और मोल-द्रव्यमान की सीधी गणना वाले प्रश्न पूछे जाते हैं।

  • REET 2024 में 2 प्रश्न
  • कक्षा 6-8 स्तर
  • 10 मिनट पढ़ें
16 सितंबर 2026 को सत्यापित · स्रोत: Avogadro Constant — मोल संकल्पना व मान

REET में यह टॉपिक कैसे पूछा जाता है

REET 2024 में इस टॉपिक से दो प्रश्न पूछे गए — दोनों ही सीधी गणना/अनुप्रयोग वाले थे, न कि केवल परिभाषा वाले। पहला प्रश्न एलुमिनियम ऑक्साइड का सूत्र संयोजकताओं के क्रॉस-गुणन से बनाने पर आधारित था, और दूसरा 0.1 मोल N₂ का द्रव्यमान निकालने वाला मोल-संकल्पना का सीधा गणनात्मक प्रश्न था। इससे स्पष्ट है कि REET में परमाणु-अणु टॉपिक से केवल परिभाषाएँ नहीं, बल्कि संयोजकता से सूत्र बनाना और मोल-द्रव्यमान-कणों के बीच रूपांतरण जैसी व्यावहारिक गणनाएँ पूछी जाती हैं। इसलिए तैयारी करते समय केवल परिभाषाएँ याद करने के बजाय हाथ से कुछ सूत्र बनाकर और मोल की गणनाएँ हल करके अभ्यास करना अधिक फायदेमंद रहता है।

परमाणु की अवधारणा व डाल्टन का सिद्धांत

पदार्थ का सबसे छोटा कण जो रासायनिक अभिक्रिया में स्वतंत्र रूप से भाग ले सकता है, परमाणु (atom) कहलाता है, जबकि दो या अधिक परमाणुओं के रासायनिक बंध से बने स्वतंत्र-अस्तित्व वाले कण को अणु (molecule) कहते हैं। सन् 1808 में जॉन डाल्टन ने परमाणु सिद्धांत प्रस्तुत किया, जिसकी मुख्य बातें ये हैं: सारा पदार्थ अत्यंत सूक्ष्म कणों — परमाणुओं — से बना है, जो रासायनिक अभिक्रिया में भाग लेते हैं; परमाणु को न तो बनाया जा सकता है, न तोड़ा जा सकता है, न ही रासायनिक अभिक्रिया में नष्ट किया जा सकता है; एक ही तत्व के सभी परमाणुओं का द्रव्यमान व रासायनिक गुण समान होते हैं, जबकि अलग-अलग तत्वों के परमाणुओं का द्रव्यमान व गुण भिन्न होते हैं; परमाणु सरल पूर्ण-संख्या अनुपात में संयोग कर यौगिक बनाते हैं; और किसी दिए गए यौगिक में तत्वों की संख्या व प्रकार सदैव स्थिर रहते हैं।

डाल्टन के सिद्धांत की कुछ सीमाएँ भी बाद में सामने आईं — परमाणु वास्तव में इलेक्ट्रॉन, प्रोटॉन व न्यूट्रॉन जैसे उप-परमाण्विक कणों से बना होता है, अर्थात यह अविभाज्य नहीं है; समस्थानिकों (isotopes) की खोज से पता चला कि एक ही तत्व के परमाणुओं का द्रव्यमान भिन्न भी हो सकता है; और समभारिकों (isobars) के कारण भिन्न तत्वों के परमाणुओं का द्रव्यमान समान भी हो सकता है। इसके बावजूद डाल्टन का सिद्धांत रसायन विज्ञान की आधारशिला माना जाता है और REET में इसके मूल बिंदु व सीमाएँ दोनों पूछी जा सकती हैं।

संयोजकता व सूत्र लेखन (क्रॉस-गुणन विधि)

संयोजकता क्या है
किसी तत्व के परमाणु की दूसरे परमाणुओं से संयोजन करने की क्षमता, जो उसके संयोजी इलेक्ट्रॉनों से निर्धारित होती है
क्रॉस-गुणन नियम
दो तत्वों से यौगिक बनाते समय एक तत्व की संयोजकता दूसरे तत्व के परमाणुओं की संख्या (उपसूचक) बन जाती है — जैसे Al (संयोजकता 3) व O (संयोजकता 2) से Al₂O₃ बनता है
सामान्य संयोजकताएँ
H, Na, K, Cl = 1; O, Ca, Mg, S(सामान्यतः) = 2; N, Al = 3; C, Si = 4 — Fe, Cu जैसे कुछ तत्वों की परिवर्तनशील संयोजकता होती है (जैसे Fe²⁺ व Fe³⁺)

परमाणु प्रतीक व परमाणु द्रव्यमान

परमाणु प्रतीक
प्रत्येक तत्व को एक या दो अक्षरों के संकेत (जैसे H, O, Na, Ca) से दर्शाया जाता है — यह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्य प्रणाली है, जिसमें पहला अक्षर बड़ा (capital) और दूसरा छोटा (small) होता है, जैसे Ca (कैल्शियम) व Co (कोबाल्ट) में अंतर स्पष्ट रहे
परमाणु द्रव्यमान इकाई (amu/u)
कार्बन-12 (¹²C) परमाणु के द्रव्यमान के 1/12 भाग को 1 परमाणु द्रव्यमान इकाई (u) मानकर अन्य तत्वों का सापेक्ष परमाणु द्रव्यमान निर्धारित किया जाता है
अणुभार (molecular mass)
किसी अणु में उपस्थित सभी परमाणुओं के परमाणु द्रव्यमानों का योग — जैसे जल (H₂O) का अणुभार = 2(1) + 16 = 18 u

कुछ सामान्य यौगिकों के रासायनिक सूत्र

यौगिकसूत्र
जलH₂O
कार्बन डाइऑक्साइडCO₂
अमोनियाNH₃
एलुमिनियम ऑक्साइडAl₂O₃
कैल्शियम कार्बोनेटCaCO₃
सोडियम हाइड्रॉक्साइडNaOH

मोल संकल्पना व एवोगेड्रो संख्या

मोल (mole)
पदार्थ की वह मात्रा जिसमें 6.022 × 10²³ मूल कण (परमाणु/अणु/आयन) उपस्थित हों — इसे 1 मोल कहते हैं[स्रोत 1]
एवोगेड्रो संख्या
6.022 × 10²³ प्रति मोल (मूल कणों की संख्या, चाहे पदार्थ कोई भी हो)[स्रोत 1]
मोलर द्रव्यमान
किसी पदार्थ के 1 मोल का द्रव्यमान (ग्राम में); द्विपरमाणुक अणु N₂ का मोलर द्रव्यमान = 2 × 14 = 28 g/mol
सूत्र
मोल की संख्या = दिया गया द्रव्यमान ÷ मोलर द्रव्यमान; उदाहरण: 0.1 मोल N₂ का द्रव्यमान = 0.1 × 28 = 2.8 g

बच्चों को कैसे पढ़ाएँ

गतिविधि

दाल-मटर या रंगीन गोलियों (बॉल-एंड-स्टिक मॉडल) से जल (H₂O) व कार्बन डाइऑक्साइड (CO₂) के मॉडल बनवाएँ, ताकि विद्यार्थी देख सकें कि अणु में कितने व कौन-से परमाणु जुड़े हैं।

शिक्षण सहायक सामग्री

चार्ट पर सामान्य तत्वों के प्रतीक व संयोजकता की तालिका लगाएँ, और क्रॉस-गुणन विधि को रंगीन तीरों से दिखाकर सूत्र बनाना चरणबद्ध ढंग से समझाएँ।

सामान्य भ्रांति

बहुत-से विद्यार्थी परमाणु व अणु को एक ही समझ लेते हैं, या यह मान लेते हैं कि सभी अणु दो ही परमाणुओं से बनते हैं — उदाहरणों (O₂ बनाम O₃, H₂O बनाम NH₃) से स्पष्ट करें कि अणु में परमाणुओं की संख्या भिन्न-भिन्न हो सकती है।

आकलन

विद्यार्थियों को कुछ तत्वों की संयोजकता देकर 3-4 यौगिकों के सूत्र स्वयं बनाने को कहें, और एक सरल मोल-द्रव्यमान गणना (जैसे 2 मोल O₂ का द्रव्यमान) हल करवाएँ, ताकि यह जाँचा जा सके कि विद्यार्थी सूत्र लेखन और मोल-संकल्पना दोनों को व्यावहारिक रूप से लागू कर पा रहे हैं या नहीं, तथा उनकी गणनाओं की जाँच स्वयं समूह में करवाकर सुधार का अवसर दें।

याद रखने की ट्रिक / परीक्षा टिप

सूत्र लेखन में गलती से बचने के लिए क्रॉस-गुणन के बाद हमेशा संयोजकताओं को सरलतम अनुपात में जाँच लें — जैसे Ca (2) व O (2) से क्रॉस करने पर Ca₂O₂ मिलता है, पर सरलतम रूप में यह CaO बनता है। मोल वाले प्रश्नों में सबसे पहले मोलर द्रव्यमान निकालें (परमाणुओं की संख्या × परमाणु द्रव्यमान), तभी मोल-द्रव्यमान का सूत्र लगाएँ — N₂ जैसे द्विपरमाणुक अणुओं में यही सबसे आम गलती होती है।

REET 2024 में पूछे गए प्रश्न (हल सहित)

प्रश्न 122

एलुमिनियम ऑक्साइड का रासायनिक सूत्र है

  1. AAlO₂
  2. BAlO₃
  3. CAl₂O₃
  4. DAl₃O₂

व्याख्या

एलुमिनियम की संयोजकता 3 (Al³⁺) और ऑक्सीजन की संयोजकता 2 (O²⁻) है। संयोजकताओं का क्रॉस-गुणन (criss-cross) करने पर सूत्र Al₂O₃ प्राप्त होता है, जिसमें कुल धनावेश (+6) और ऋणावेश (−6) संतुलित रहते हैं।

प्रश्न 144

0.1 मोल N₂ का द्रव्यमान है

  1. A1.4 g
  2. B0.14 g
  3. C2.8 g
  4. D0.014 g

व्याख्या

N₂ का मोलर द्रव्यमान = 2 × 14 = 28 g/mol। द्रव्यमान = मोल × मोलर द्रव्यमान = 0.1 × 28 = 2.8 g। नाइट्रोजन परमाणु का द्रव्यमान (14) लेने पर 1.4 g आता है, जो गलत है क्योंकि नाइट्रोजन द्विपरमाणुक अणु है।

अभ्यास प्रश्न

प्रश्न 1

कैल्शियम (संयोजकता 2) और क्लोरीन (संयोजकता 1) से बनने वाले यौगिक का सूत्र होगा:

  1. ACaCl
  2. BCa₂Cl₂
  3. CCa₂Cl
  4. DCaCl₂

व्याख्या

क्रॉस-गुणन विधि से Ca की संयोजकता (2) क्लोरीन का उपसूचक बनेगी और Cl की संयोजकता (1) कैल्शियम का उपसूचक बनेगी, जिससे सूत्र CaCl₂ बनता है।

प्रश्न 2

0.5 मोल O₂ गैस का द्रव्यमान कितना होगा? (ऑक्सीजन का परमाणु द्रव्यमान = 16)

  1. A8 g
  2. B16 g
  3. C32 g
  4. D4 g

व्याख्या

O₂ का मोलर द्रव्यमान = 2 × 16 = 32 g/mol। द्रव्यमान = मोल × मोलर द्रव्यमान = 0.5 × 32 = 16 g।

प्रश्न 3

डाल्टन के परमाणु सिद्धांत के अनुसार, एक ही तत्व के सभी परमाणुओं के बारे में क्या सत्य है?

  1. Aउनका द्रव्यमान व रासायनिक गुण समान होते हैं
  2. Bउनका द्रव्यमान सदैव भिन्न होता है
  3. Cवे रासायनिक अभिक्रिया में भाग नहीं लेते
  4. Dवे हमेशा अणु के रूप में पाए जाते हैं

व्याख्या

डाल्टन के सिद्धांत के अनुसार एक ही तत्व के सभी परमाणुओं का द्रव्यमान व रासायनिक गुण समान होते हैं, जबकि भिन्न तत्वों के परमाणु द्रव्यमान व गुणों में भिन्न होते हैं। (समस्थानिकों की खोज से यह बिंदु बाद में आंशिक रूप से संशोधित हुआ, पर मूल सिद्धांत यही है।)

प्रश्न 4

सोडियम (Na, संयोजकता 1) और ऑक्सीजन (O, संयोजकता 2) से बनने वाले यौगिक का सही सूत्र है:

  1. ANaO
  2. BNaO₂
  3. CNa₂O
  4. DNa₂O₂

व्याख्या

क्रॉस-गुणन से Na की संयोजकता (1) ऑक्सीजन का उपसूचक और O की संयोजकता (2) सोडियम का उपसूचक बनेगी, जिससे सूत्र Na₂O बनता है।

प्रश्न 5

1 मोल किसी भी पदार्थ में मूल कणों (परमाणु/अणु) की संख्या होती है:

  1. A6.022 × 10²²
  2. B1.66 × 10⁻²⁴
  3. C3.011 × 10²³
  4. D6.022 × 10²³

व्याख्या

एवोगेड्रो संख्या के अनुसार किसी भी पदार्थ के 1 मोल में 6.022 × 10²³ मूल कण (परमाणु, अणु या आयन) उपस्थित होते हैं।

प्रश्न 6

मेथेन (CH₄) अणु में परमाणुओं की कुल संख्या कितनी है?

  1. A2
  2. B4
  3. C5
  4. D6

व्याख्या

मेथेन के अणु CH₄ में 1 कार्बन परमाणु व 4 हाइड्रोजन परमाणु होते हैं, अतः कुल परमाणु = 1 + 4 = 5।

प्रश्न 7

डाल्टन के परमाणु सिद्धांत की एक सीमा (limitation) यह है कि यह किसकी व्याख्या नहीं कर पाता?

  1. Aपरमाणु सरल अनुपात में संयोग करते हैं
  2. Bसमस्थानिकों (isotopes) का अस्तित्व
  3. Cयौगिक में तत्वों का अनुपात स्थिर होता है
  4. Dपदार्थ परमाणुओं से बना है

व्याख्या

डाल्टन ने माना था कि एक तत्व के सभी परमाणुओं का द्रव्यमान समान होता है, परंतु समस्थानिकों (isotopes) की खोज से पता चला कि एक ही तत्व के परमाणुओं का द्रव्यमान भिन्न भी हो सकता है — यह डाल्टन के सिद्धांत की एक प्रमुख सीमा है।

प्रश्न 8

कार्बन (C, संयोजकता 4) व ऑक्सीजन (O, संयोजकता 2) से बनने वाले सामान्य ऑक्साइड (CO₂) में क्रॉस-गुणन के बाद सरलतम सूत्र क्यों C₁O₂ न होकर CO₂ ही रहता है?

  1. Aक्योंकि C₂O₄ को सरलतम अनुपात में CO₂ लिखा जाता है
  2. Bक्योंकि कार्बन की संयोजकता वास्तव में 2 है
  3. Cक्योंकि ऑक्सीजन की संयोजकता वास्तव में 4 है
  4. Dक्योंकि CO₂ में क्रॉस-गुणन लागू नहीं होता

व्याख्या

क्रॉस-गुणन से सीधे C₂O₄ प्राप्त होता है, परंतु सूत्र सदैव सरलतम पूर्ण-संख्या अनुपात में लिखा जाता है, इसलिए 2:4 के अनुपात को 1:2 में सरल करने पर अंतिम सूत्र CO₂ बनता है।

प्रश्न 9

कक्षा 8 में विद्यार्थियों को यह समझाने के लिए कि अणु में एक से अधिक प्रकार के परमाणु हो सकते हैं, सबसे उपयुक्त कक्षा-गतिविधि है:

  1. Aकेवल परिभाषा श्यामपट्ट पर लिखना
  2. Bरंगीन गोलियों/मॉडल से H₂O व CO₂ जैसे अणु बनवाना
  3. Cपाठ्यपुस्तक की परिभाषा रटवाना
  4. Dकेवल तत्वों की सूची याद कराना

व्याख्या

कक्षा 6-8 स्तर पर मूर्त सामग्री (रंगीन गोलियों/मॉडल) से अणु बनवाने पर विद्यार्थी स्वयं देख पाते हैं कि किस अणु में कितने व कौन-से परमाणु जुड़े हैं, जिससे अमूर्त अवधारणा सहज रूप से समझ में आती है।

प्रश्न 10

2 मोल जल (H₂O) में हाइड्रोजन परमाणुओं की कुल संख्या कितनी होगी? (एवोगेड्रो संख्या = 6.022 × 10²³)

  1. A6.022 × 10²³
  2. B1.2044 × 10²⁴
  3. C2.4088 × 10²⁴
  4. D3.011 × 10²³

व्याख्या

2 मोल H₂O में कुल अणु = 2 × 6.022×10²³ = 1.2044×10²⁴। प्रत्येक H₂O अणु में 2 हाइड्रोजन परमाणु होते हैं, इसलिए हाइड्रोजन परमाणुओं की संख्या = 2 × 1.2044×10²⁴ = 2.4088×10²⁴।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

परमाणु और अणु में क्या अंतर है?+

परमाणु पदार्थ का सबसे छोटा कण है, जो अकेला रासायनिक अभिक्रिया में भाग लेता है, जबकि अणु दो या अधिक परमाणुओं के रासायनिक बंध से बनी स्वतंत्र-अस्तित्व वाली इकाई है, जैसे O₂ (दो ऑक्सीजन परमाणुओं का अणु)।

एवोगेड्रो संख्या का मान क्या है?+

एवोगेड्रो संख्या का मान 6.022 × 10²³ प्रति मोल है — यह किसी भी पदार्थ के 1 मोल में उपस्थित मूल कणों (परमाणु/अणु) की संख्या बताती है।

1 मोल किसे कहते हैं?+

पदार्थ की वह मात्रा जिसमें एवोगेड्रो संख्या (6.022 × 10²³) के बराबर मूल कण उपस्थित हों, उसे 1 मोल कहते हैं।

डाल्टन के परमाणु सिद्धांत की मुख्य बात क्या है?+

डाल्टन के अनुसार सारा पदार्थ अविभाज्य परमाणुओं से बना है, एक तत्व के सभी परमाणु समान होते हैं और परमाणु सरल पूर्ण-संख्या अनुपात में संयोग कर यौगिक बनाते हैं। बाद में उप-परमाण्विक कणों व समस्थानिकों की खोज से इसकी कुछ सीमाएँ सामने आईं।

REET में यह टॉपिक कितना महत्वपूर्ण है, और सूत्र लेखन में सबसे ज़्यादा गलती कहाँ होती है?+

यह रसायन विज्ञान की नींव है, इसलिए तत्व-यौगिक-मिश्रण, अम्ल-क्षार-लवण जैसे आगे के सभी टॉपिक इसी पर आधारित हैं और REET 2024 में इससे 2 प्रश्न सीधे पूछे गए थे। क्रॉस-गुणन विधि में अधिकतर विद्यार्थी उपसूचकों को सरलतम अनुपात में नहीं लिखते — जैसे Ca व O से पहले Ca₂O₂ मिलता है, जिसे सरल करके CaO लिखना ज़रूरी है। इसके अलावा परमाणु द्रव्यमान इकाई (u) कार्बन-12 परमाणु के 1/12 द्रव्यमान के आधार पर तय की जाती है, यह भी याद रखें।

आगे पढ़ें

आधिकारिक स्रोत

  1. Avogadro Constant — मोल संकल्पना व मान

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  • 16 सितंबर 2026 — पेज प्रकाशित — तथ्य स्वतंत्र रूप से जाँचे गए