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REET Level 2 · विज्ञान

धातु एवं अधातु (Metals and Non-Metals) — REET Level 2 विज्ञान नोट्स

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यह पेज REET Level 2 विज्ञान के लिए धातु एवं अधातु — उनके भौतिक गुणों की तुलना, अपवाद तथा ऑक्साइड के अम्लीय-क्षारकीय-उभयधर्मी वर्गीकरण — को परीक्षा-केंद्रित रूप में कवर करता है। REET 2024 में उभयधर्मी ऑक्साइड (Al₂O₃) पर सीधा प्रश्न पूछा गया था।

  • REET 2024 में 1 प्रश्न
  • कक्षा 6-8 स्तर
  • 6 मिनट पढ़ें
16 सितंबर 2026 को सत्यापित

REET में यह टॉपिक कैसे पूछा जाता है

REET 2024 में उभयधर्मी ऑक्साइड (amphoteric oxide) की सीधी पहचान पूछी गई थी (Al₂O₃)। यानी REET यहाँ धातु/अधातु के भौतिक गुणों के साथ-साथ ऑक्साइड के अम्लीय, क्षारकीय व उभयधर्मी वर्गीकरण पर भी बारीक प्रश्न पूछता है, इसलिए यह अंतर स्पष्ट रूप से समझना ज़रूरी है।

धातु व अधातु की पहचान

तत्वों को उनके भौतिक व रासायनिक गुणों के आधार पर धातु व अधातु में बाँटा जाता है। अधिकांश तत्व धातु हैं (जैसे लोहा, तांबा, एल्युमिनियम), जबकि अधातु तुलना में कम संख्या में हैं (जैसे कार्बन, ऑक्सीजन, गंधक, आयोडीन)।

धातु व अधातु की पहचान केवल एक गुण से नहीं, बल्कि कई भौतिक व रासायनिक गुणों को एक साथ देखकर की जाती है, क्योंकि लगभग हर नियम के कुछ अपवाद भी मौजूद होते हैं। इसी कारण REET जैसी परीक्षाओं में अक्सर इन्हीं अपवादों पर आधारित प्रश्न पूछे जाते हैं।

रोज़मर्रा की ज़िंदगी में धातुओं का उपयोग बर्तन, तार, गहने, वाहन व निर्माण में होता है, जबकि अधातुओं का उपयोग ईंधन (कोयला), उर्वरक (नाइट्रोजन, फॉस्फोरस) व चिकित्सा (आयोडीन टिंचर) जैसे कार्यों में होता है।

धातु व अधातु के भौतिक गुणों की तुलना

धातु

आघातवर्ध्यता (Malleability)पीटकर पतली चादर बनाई जा सकती है

तन्यता (Ductility)खींचकर तार बनाया जा सकता है

ध्वानिकता (Sonorous)टकराने पर घंटी जैसी ध्वनि

चालकताऊष्मा व विद्युत की अच्छी चालक

चमक (Lustre)सामान्यतः चमकदार

सामान्य ताप पर अवस्थाअधिकांशतः ठोस (अपवाद: पारा — द्रव)

अधातु

आघातवर्ध्यता (Malleability)सामान्यतः भंगुर, चादर नहीं बनती

तन्यता (Ductility)तार नहीं बनता (भंगुर)

ध्वानिकता (Sonorous)ध्वनि उत्पन्न नहीं करते

चालकतासामान्यतः कुचालक (अपवाद: ग्रेफाइट अच्छा चालक)

चमक (Lustre)सामान्यतः चमकरहित (अपवाद: आयोडीन चमकदार)

सामान्य ताप पर अवस्थाठोस, द्रव (ब्रोमीन) व गैस — तीनों अवस्था में मिलते हैं

REET में अपवाद (exceptions) वाले उदाहरण — पारा, ग्रेफाइट, आयोडीन — बार-बार पूछे जाते हैं, इसलिए इन्हें विशेष रूप से रेखांकित करके याद रखना चाहिए।

अपवाद (Exceptions) — याद रखने योग्य

पारा (Mercury)
सामान्य ताप पर द्रव अवस्था वाली एकमात्र सामान्य धातु, परंपरागत थर्मामीटर में उपयोग
ग्रेफाइट
अधातु होते हुए भी विद्युत का अच्छा चालक, इसलिए पेंसिल की सीसे व विद्युत इलेक्ट्रोड में उपयोगी
आयोडीन
अधातु होते हुए भी चमकदार (lustrous), चिकित्सा में एंटीसेप्टिक के रूप में उपयोगी
ब्रोमीन
सामान्य ताप पर द्रव अवस्था वाली अधातु, गहरे लाल-भूरे रंग की व तीव्र गंध वाली
हीरा (Diamond)
कार्बन का एक रूप, अत्यंत कठोर होते हुए भी विद्युत का कुचालक (ग्रेफाइट के विपरीत), आभूषण व औद्योगिक काटने-छेदने के उपकरणों में उपयोगी

धातु व अधातुओं के रोज़मर्रा उपयोग

पदार्थमुख्य उपयोग
लोहाऔज़ार, मशीनें, भवन-निर्माण की छड़ें
तांबाविद्युत तार, बर्तन (चालकता के कारण)
एल्युमिनियमबर्तन, वायुयान का ढाँचा (हल्का व मज़बूत होने के कारण)
कार्बनईंधन (कोयला), पेंसिल की सीसे में ग्रेफाइट के रूप में
ऑक्सीजन व नाइट्रोजनश्वसन व उर्वरक उद्योग में
आयोडीनचिकित्सा में एंटीसेप्टिक (टिंचर आयोडीन) के रूप में

इन उपयोगों से यह भी स्पष्ट होता है कि धातु व अधातु दोनों ही रोज़मर्रा जीवन में अपरिहार्य हैं, केवल उनके अनुप्रयोग क्षेत्र अलग-अलग हैं। किसी पदार्थ का चयन उसके विशिष्ट गुण (जैसे चालकता, हल्कापन या क्रियाशीलता) देखकर किया जाता है।

धातु व अधातु ऑक्साइड — अम्लीय, क्षारकीय व उभयधर्मी

धातुओं के ऑक्साइड सामान्यतः क्षारकीय (basic) होते हैं, जैसे Na₂O व CaO — ये जल में घुलकर क्षार बनाते हैं। अधातुओं के ऑक्साइड सामान्यतः अम्लीय (acidic) होते हैं, जैसे CO₂ — ये जल में घुलकर अम्ल बनाते हैं।

कुछ धातु ऑक्साइड अम्ल व क्षार दोनों से अभिक्रिया कर लवण व जल बनाते हैं; इन्हें उभयधर्मी ऑक्साइड (amphoteric oxide) कहते हैं — जैसे एल्युमिनियम ऑक्साइड (Al₂O₃) व ज़िंक ऑक्साइड (ZnO)। ऑक्साइड की यह प्रकृति यह तय करने में मदद करती है कि कोई तत्व मूलतः धातु है या अधातु।

धातुएँ सामान्यतः तनु अम्लों (जैसे तनु HCl) से अभिक्रिया करके हाइड्रोजन गैस मुक्त करती हैं और संगत लवण बनाती हैं, जबकि अधातुएँ सामान्यतः अम्लों से अभिक्रिया नहीं करतीं। यही कारण है कि धातु व अधातु की पहचान के लिए भौतिक गुणों के साथ-साथ यह रासायनिक व्यवहार भी परखा जाता है।

धातुओं की क्रियाशीलता (reactivity) भी अलग-अलग होती है — सोडियम व पोटैशियम जैसी धातुएँ जल व वायु से बहुत तेज़ी से अभिक्रिया करती हैं, जबकि सोना व चांदी जैसी धातुएँ बहुत कम क्रियाशील होती हैं, इसीलिए इन्हें आभूषणों में उपयोग किया जाता है क्योंकि ये आसानी से संक्षारित (corrode) नहीं होतीं।

बच्चों को कैसे पढ़ाएँ

कक्षा गतिविधि

तांबे के तार, एल्युमिनियम फॉइल, कार्बन की छड़ (पेंसिल की सीसे) व गंधक के टुकड़े को बारी-बारी हल्के से ठोककर आघातवर्ध्यता की तुलना कराएं। परिणामों को 'चादर बनी / नहीं बनी' के रूप में तालिका में दर्ज कराएं।

शिक्षण सामग्री

एक चार्ट पर धातु व अधातु के रोज़मर्रा उदाहरण (बर्तन-तार बनाम कोयला-गंधक) चित्रों सहित दिखाएं तथा पारा व ग्रेफाइट जैसे अपवादों को अलग रंग से चिह्नित करें। संभव हो तो पारा थर्मामीटर का उदाहरण दिखाकर द्रव धातु की अवधारणा को पुष्ट करें।

सामान्य भ्रांति

विद्यार्थी अक्सर सोचते हैं कि सभी अधातु कुचालक व सभी धातु ठोस होते हैं; ग्रेफाइट (चालक अधातु) व पारा (द्रव धातु) के उदाहरण से यह भ्रांति दूर करें। यह भी स्पष्ट करें कि केवल चमक देखकर धातु-अधातु तय नहीं किया जा सकता, क्योंकि आयोडीन जैसी अधातु भी चमकदार होती है।

आकलन विचार

विद्यार्थियों को अलग-अलग पदार्थों के नाम देकर धातु/अधातु में वर्गीकृत करवाएं व कारण पूछें, इससे गुणों की व्यावहारिक समझ जाँची जा सकती है। उनसे यह भी पूछें कि किसी ऑक्साइड को अम्लीय, क्षारकीय या उभयधर्मी में वर्गीकृत करने के लिए वे कौन-सा परीक्षण करेंगे।

याद रखने की ट्रिक

उभयधर्मी ऑक्साइड याद रखने के लिए 'AZ' याद रखें — Aluminium (Al₂O₃) व Zinc (ZnO) — दोनों के ऑक्साइड उभयधर्मी होते हैं, यानी अम्ल व क्षार दोनों से अभिक्रिया करते हैं। अपवादों के लिए याद रखें — 'पारा तरल, ग्रेफाइट चालक, आयोडीन चमकदार' — ये तीनों नियम की सबसे सामान्य अपवाद-श्रृंखला हैं।

REET 2024 में पूछे गए प्रश्न (हल सहित)

प्रश्न 150

उभयधर्मी ऑक्साइड का उदाहरण है

  1. ANa₂O
  2. BCO₂
  3. CAl₂O₃
  4. DCaO

व्याख्या

उभयधर्मी ऑक्साइड वे हैं जो अम्ल और क्षार दोनों से अभिक्रिया करके लवण और जल बनाते हैं। Al₂O₃ HCl और NaOH दोनों से अभिक्रिया करता है, इसलिए उभयधर्मी है। Na₂O और CaO क्षारकीय ऑक्साइड हैं तथा CO₂ अम्लीय ऑक्साइड है।

अभ्यास प्रश्न

प्रश्न 1

निम्न में से कौन-सी धातु सामान्य ताप पर द्रव अवस्था में पाई जाती है?

  1. Aलोहा
  2. Bतांबा
  3. Cपारा (मरकरी)
  4. Dएल्युमिनियम

व्याख्या

पारा (मरकरी) सामान्य ताप पर द्रव अवस्था में पाई जाने वाली एकमात्र सामान्य धातु है; शेष सभी विकल्प ठोस धातुएँ हैं।

प्रश्न 2

निम्न में से कौन-सी अधातु विद्युत की अच्छी चालक है?

  1. Aगंधक
  2. Bग्रेफाइट
  3. Cआयोडीन
  4. Dफॉस्फोरस

व्याख्या

ग्रेफाइट अधातु होते हुए भी विद्युत का अच्छा चालक है, जो अधातुओं के सामान्य नियम का अपवाद है।

प्रश्न 3

उभयधर्मी ऑक्साइड वह होता है जो

  1. Aकेवल अम्ल से अभिक्रिया करता है
  2. Bकेवल क्षार से अभिक्रिया करता है
  3. Cअम्ल व क्षार दोनों से अभिक्रिया करके लवण व जल बनाता है
  4. Dकिसी से भी अभिक्रिया नहीं करता

व्याख्या

उभयधर्मी ऑक्साइड की परिभाषा यही है कि वह अम्ल व क्षार दोनों से अभिक्रिया करके लवण व जल बनाता है।

प्रश्न 4

निम्न में से उभयधर्मी ऑक्साइड कौन-सा है?

  1. ANa₂O
  2. BCaO
  3. CAl₂O₃
  4. DCO₂

व्याख्या

Al₂O₃ (एल्युमिनियम ऑक्साइड) अम्ल व क्षार दोनों से अभिक्रिया करता है, इसलिए यह उभयधर्मी है। Na₂O व CaO क्षारकीय तथा CO₂ अम्लीय ऑक्साइड हैं।

प्रश्न 5

धातुओं के ऑक्साइड सामान्यतः प्रकृति में होते हैं

  1. Aअम्लीय
  2. Bक्षारकीय
  3. Cउदासीन
  4. Dउभयधर्मी

व्याख्या

धातुओं के ऑक्साइड सामान्यतः क्षारकीय (basic) होते हैं, जैसे Na₂O व CaO, जो जल में घुलकर क्षार बनाते हैं।

प्रश्न 6

अधातुओं के ऑक्साइड सामान्यतः प्रकृति में होते हैं

  1. Aअम्लीय
  2. Bक्षारकीय
  3. Cउदासीन
  4. Dउभयधर्मी

व्याख्या

अधातुओं के ऑक्साइड सामान्यतः अम्लीय (acidic) होते हैं, जैसे CO₂, जो जल में घुलकर अम्ल बनाते हैं।

प्रश्न 7

निम्न में से कौन-सा गुण अधातुओं का सामान्य गुण नहीं है?

  1. Aभंगुर होना
  2. Bकुचालक होना
  3. Cआघातवर्ध्य (malleable) होना
  4. Dचमकरहित होना

व्याख्या

अधातु सामान्यतः भंगुर होती हैं और आघातवर्ध्य नहीं होतीं (पीटने पर चादर नहीं बनती); आघातवर्ध्यता धातुओं का गुण है।

प्रश्न 8

शिक्षक बच्चों को आघातवर्ध्यता (malleability) का अंतर प्रत्यक्ष दिखाने के लिए सबसे उपयुक्त गतिविधि चुनेगा

  1. Aकेवल परिभाषा बताना
  2. Bधातु व अधातु के टुकड़ों को हल्के हथौड़े से ठोककर परिणाम की तुलना कराना
  3. Cचित्र दिखाना
  4. Dकोई प्रयोग न कराना

व्याख्या

प्रत्यक्ष प्रयोग से बच्चे स्वयं देखते हैं कि धातु पीटने पर चपटी होती है जबकि अधातु टूट जाती है, जिससे आघातवर्ध्यता का अंतर स्पष्ट होता है।

प्रश्न 9

निम्न में से कौन-सा युग्म सही सुमेलित नहीं है?

  1. Aग्रेफाइट - अधातु परन्तु विद्युत चालक
  2. Bपारा - धातु परन्तु द्रव अवस्था
  3. Cआयोडीन - अधातु परन्तु चमकदार
  4. Dसोडियम - अधातु परन्तु ठोस

व्याख्या

सोडियम एक धातु है, अधातु नहीं; शेष तीनों युग्म (ग्रेफाइट, पारा, आयोडीन) अपने-अपने वर्ग के सही अपवाद हैं।

प्रश्न 10

कक्षा में विद्यार्थियों की एक सामान्य भ्रांति होती है कि सभी धातुएँ चमकदार व ठोस होती हैं; शिक्षक इसे दूर करने के लिए सबसे उपयुक्त उदाहरण देगा

  1. Aसोना व चांदी
  2. Bपारा (द्रव धातु) का उदाहरण
  3. Cलोहा
  4. Dतांबा

व्याख्या

पारा एक धातु होते हुए भी सामान्य ताप पर द्रव अवस्था में रहता है, जो इस भ्रांति को दूर करने का सबसे उपयुक्त उदाहरण है कि सभी धातुएँ ठोस नहीं होतीं।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

उभयधर्मी ऑक्साइड किसे कहते हैं?+

जो धातु ऑक्साइड अम्ल व क्षार दोनों से अभिक्रिया करके लवण व जल बनाते हैं, उन्हें उभयधर्मी ऑक्साइड कहते हैं; उदाहरण — Al₂O₃, ZnO।

कौन-सी अधातु विद्युत की सुचालक है?+

ग्रेफाइट एक अधातु है जो विद्युत की अच्छी चालक है — यह अधातुओं के सामान्य नियम का अपवाद है, इसलिए पेंसिल-सीसे में इसका उपयोग विद्युत परिपथों में भी होता है।

कौन-सी धातु सामान्य ताप पर द्रव होती है?+

पारा (मरकरी) सामान्य ताप पर द्रव अवस्था में पाई जाने वाली एकमात्र सामान्य धातु है, जिसका उपयोग पारंपरिक थर्मामीटर में किया जाता था।

धातु ऑक्साइड व अधातु ऑक्साइड में क्या अंतर है?+

धातु ऑक्साइड सामान्यतः क्षारकीय होते हैं जबकि अधातु ऑक्साइड सामान्यतः अम्लीय होते हैं; कुछ धातु ऑक्साइड (जैसे Al₂O₃) उभयधर्मी भी होते हैं।

REET में धातु-अधातु से कैसे प्रश्न आते हैं?+

भौतिक गुणों के अपवादों (जैसे पारा, ग्रेफाइट) व ऑक्साइड के वर्गीकरण (अम्लीय/क्षारकीय/उभयधर्मी) पर, जैसा REET 2024 के प्रश्न में देखा गया।

धातु अम्ल से अभिक्रिया कर क्या बनाती है?+

अधिकांश धातुएँ तनु अम्ल से अभिक्रिया कर हाइड्रोजन गैस व संगत लवण बनाती हैं; अधातुएँ सामान्यतः अम्लों से इस प्रकार अभिक्रिया नहीं करतीं।

सोना व चांदी आभूषणों में क्यों उपयोग होते हैं?+

सोना व चांदी बहुत कम क्रियाशील धातुएँ हैं, जो आसानी से हवा या नमी से संक्षारित (corrode) नहीं होतीं, इसलिए इनकी चमक लंबे समय तक बनी रहती है।

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  • 16 सितंबर 2026 — पेज प्रकाशित — तथ्य स्वतंत्र रूप से जाँचे गए