ऑक्सीजन एवं नाइट्रोजन चक्र (Oxygen and Nitrogen Cycle) — REET विज्ञान नोट्स
यह पेज REET लेवल 2 विज्ञान के 'ऑक्सीजन व नाइट्रोजन चक्र' टॉपिक को कक्षा 9 NCERT के अनुसार कवर करता है — दोनों चक्रों के चरण, इसमें शामिल जीवाणुओं की भूमिका, और प्रकृति में संतुलन। परीक्षा में चक्र के चरणों के क्रम और जीवाणुओं के नाम से जुड़े प्रश्न अक्सर पूछे जाते हैं, इसलिए हर चरण स्पष्ट क्रम में समझाया गया है।
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- कक्षा 6–8 स्तर
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REET में यह टॉपिक कैसे पूछा जाता है
REET 2024 के पेपर में 'ऑक्सीजन व नाइट्रोजन चक्र' टॉपिक से सीधा कोई प्रश्न दर्ज नहीं हुआ, इसलिए यहाँ प्रश्न-पैटर्न कक्षा 9 NCERT सिलेबस ('प्राकृतिक संपदा') की भाषा पर आधारित है, किसी वास्तविक पूर्व-प्रश्न पर नहीं। सामान्यतः चक्र के चरणों का सही क्रम, नाइट्रोजन स्थिरीकरण में शामिल जीवाणुओं के नाम, तथा प्रकाश-संश्लेषण व श्वसन में ऑक्सीजन की भूमिका पर आधारित प्रश्न पूछे जाने की संभावना है।
वायुमंडल में नाइट्रोजन एवं इसकी आवश्यकता
वायुमंडल में लगभग 78% भाग नाइट्रोजन गैस (N₂) का है, जो इसे सबसे प्रचुर गैस बनाता है। फिर भी अधिकांश जीव इस मुक्त नाइट्रोजन गैस का सीधे उपयोग नहीं कर सकते, क्योंकि N₂ अणु के दोनों नाइट्रोजन परमाणु एक अत्यंत मजबूत त्रिबंध (triple bond) से जुड़े होते हैं, जिससे यह रासायनिक रूप से निष्क्रिय (inert) रहती है। इसलिए जीवों को प्रोटीन व DNA जैसे आवश्यक अणु बनाने के लिए नाइट्रोजन संयुक्त (combined) रूप — जैसे अमोनिया व नाइट्रेट — में चाहिए होती है।
नाइट्रोजन जीवों के लिए अत्यंत आवश्यक तत्व है क्योंकि यह प्रोटीन, DNA, RNA तथा क्लोरोफिल जैसे महत्वपूर्ण जैविक अणुओं का प्रमुख घटक है। इसी कारण पौधों की समुचित वृद्धि व विकास के लिए मिट्टी में पर्याप्त मात्रा में उपयोगी नाइट्रोजन यौगिकों की उपलब्धता आवश्यक है; नाइट्रोजन की कमी से पौधों की पत्तियाँ पीली पड़ने लगती हैं, जिसे क्लोरोसिस कहा जाता है।
नाइट्रोजन चक्र के मुख्य चरण
- 1. नाइट्रोजन स्थिरीकरण (Fixation)
- मुक्त N₂ को उपयोगी यौगिकों में बदलना — जैविक रूप से राइजोबियम जीवाणु (फलीदार पौधों की जड़ ग्रंथियों में) व एजोटोबैक्टर जैसे मुक्तजीवी जीवाणुओं द्वारा; अजैविक रूप से बिजली गिरने (lightning) से; औद्योगिक रूप से हैबर विधि (उर्वरक निर्माण) से
- 2. नाइट्रीकरण (Nitrification)
- अमोनिया का नाइट्रोसोमोनास जीवाणु द्वारा नाइट्राइट में, फिर नाइट्रोबैक्टर जीवाणु द्वारा नाइट्रेट में परिवर्तन
- 3. स्वांगीकरण (Assimilation)
- पौधे जड़ों द्वारा नाइट्रेट/अमोनियम अवशोषित कर प्रोटीन व अमीनो अम्ल बनाते हैं; जंतु पौधों को खाकर नाइट्रोजन प्राप्त करते हैं
- 4. अमोनीकरण (Ammonification)
- अपघटक (बैक्टीरिया व कवक) मृत जीवों व अपशिष्ट को विघटित कर नाइट्रोजन को वापस अमोनिया के रूप में मिट्टी में मिलाते हैं
- 5. विनाइट्रीकरण (Denitrification)
- विनाइट्रीकारी जीवाणु (जैसे स्यूडोमोनास) नाइट्रेट को वापस मुक्त N₂ गैस में बदलकर वायुमंडल में लौटाते हैं — इससे चक्र पूर्ण होता है
नाइट्रोजन चक्र — पाँच चरण
1. नाइट्रोजन स्थिरीकरण (Fixation)
राइजोबियम / एजोटोबैक्टर जीवाणु, बिजली, या हैबर विधि से मुक्त N₂ का यौगिकों में परिवर्तन
2. नाइट्रीकरण (Nitrification)
नाइट्रोसोमोनास से नाइट्राइट, फिर नाइट्रोबैक्टर से नाइट्रेट
3. स्वांगीकरण (Assimilation)
पौधे जड़ों से अवशोषित करते हैं; जंतु पौधों को खाकर प्राप्त करते हैं
4. अमोनीकरण (Ammonification)
अपघटक मृत जीवों व अपशिष्ट को तोड़कर नाइट्रोजन को मिट्टी में अमोनिया के रूप में लौटाते हैं
5. विनाइट्रीकरण (Denitrification)
विनाइट्रीकारी जीवाणु नाइट्रेट को वापस मुक्त N₂ में बदलकर वायुमंडल में लौटाते हैं — चक्र पूर्ण
ऑक्सीजन चक्र
वायुमंडल में लगभग 21% भाग ऑक्सीजन गैस (O₂) का है। ऑक्सीजन चक्र मुख्यतः प्रकाश-संश्लेषण और श्वसन के बीच संतुलन पर आधारित है। हरे पौधे, शैवाल (algae) व कुछ जीवाणु प्रकाश-संश्लेषण की प्रक्रिया में सूर्य के प्रकाश की उपस्थिति में कार्बन डाइऑक्साइड व जल से ग्लूकोज बनाते हैं और ऑक्सीजन गैस मुक्त करते हैं, जिससे वायुमंडल में ऑक्सीजन की पूर्ति होती रहती है।
इसके विपरीत, सभी सजीव (पौधे व जंतु दोनों) श्वसन क्रिया में ऑक्सीजन का उपयोग कर भोजन से ऊर्जा प्राप्त करते हैं और कार्बन डाइऑक्साइड गैस मुक्त करते हैं। इसके अतिरिक्त, दहन (जलना) और अपघटन (decomposition) की प्रक्रियाओं में भी वायुमंडलीय ऑक्सीजन का उपयोग होता है। इस प्रकार प्रकाश-संश्लेषण द्वारा ऑक्सीजन का उत्पादन तथा श्वसन-दहन-अपघटन द्वारा उसका उपयोग — दोनों मिलकर वायुमंडल में ऑक्सीजन के स्तर को संतुलित बनाए रखते हैं। ऑक्सीजन चक्र, कार्बन चक्र से गहराई से जुड़ा हुआ है।
पृथ्वी पर बड़ी मात्रा में ऑक्सीजन का उत्पादन समुद्री शैवाल (phytoplankton) द्वारा भी होता है। इसके अतिरिक्त वन (forests), विशेषकर उष्णकटिबंधीय वर्षावन, भी बड़ी मात्रा में ऑक्सीजन उत्पन्न करते हैं, इसलिए वनों की कटाई (deforestation) से वायुमंडलीय ऑक्सीजन-कार्बन डाइऑक्साइड संतुलन पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है।
नाइट्रोजन चक्र में शामिल प्रमुख जीवाणु
| जीवाणु | भूमिका |
|---|---|
| राइजोबियम (Rhizobium) | फलीदार पौधों की जड़ ग्रंथियों में जैविक नाइट्रोजन स्थिरीकरण |
| एजोटोबैक्टर (Azotobacter) | मिट्टी में मुक्तजीवी नाइट्रोजन स्थिरीकरण |
| नाइट्रोसोमोनास (Nitrosomonas) | अमोनिया को नाइट्राइट में बदलना (नाइट्रीकरण की पहली अवस्था) |
| नाइट्रोबैक्टर (Nitrobacter) | नाइट्राइट को नाइट्रेट में बदलना (नाइट्रीकरण की दूसरी अवस्था) |
| विनाइट्रीकारी जीवाणु (जैसे स्यूडोमोनास) | नाइट्रेट को वापस मुक्त N₂ गैस में बदलना |
| क्लॉस्ट्रिडियम (Clostridium) | मिट्टी में एक अन्य मुक्तजीवी (free-living) नाइट्रोजन स्थिरीकरण करने वाला जीवाणु |
ऑक्सीजन चक्र से जुड़े मुख्य तथ्य
- प्रकाश-संश्लेषण का समीकरण (सरल रूप में)
- कार्बन डाइऑक्साइड + जल + सूर्य का प्रकाश → ग्लूकोज + ऑक्सीजन (क्लोरोफिल की उपस्थिति में)
- श्वसन में ऑक्सीजन का उपयोग
- भोजन (ग्लूकोज) के ऑक्सीकरण से ऊर्जा प्राप्त होती है, तथा कार्बन डाइऑक्साइड व जल मुक्त होते हैं
- दहन में ऑक्सीजन की भूमिका
- ईंधन के जलने के लिए ऑक्सीजन आवश्यक है; ऑक्सीजन के बिना दहन संभव नहीं
- जल में घुली ऑक्सीजन
- जलीय जीव (मछली आदि) पानी में घुली ऑक्सीजन से श्वसन करते हैं
- ओजोन परत (O₃)
- ऊपरी वायुमंडल (समतापमंडल) में ऑक्सीजन के तीन परमाणुओं से बनी ओजोन गैस सूर्य की हानिकारक पराबैंगनी (UV) किरणों को अवशोषित कर जीवन की रक्षा करती है
प्रकृति में इन चक्रों का महत्व
नाइट्रोजन व ऑक्सीजन चक्र प्रकृति में तत्वों के सतत पुनर्चक्रण (recycling) को सुनिश्चित करते हैं, जिससे जीवन के लिए आवश्यक पोषक तत्व और गैसें निरंतर उपलब्ध रहती हैं। यदि इन चक्रों में असंतुलन आए — जैसे अत्यधिक वनों की कटाई से प्रकाश-संश्लेषण घटना, या अत्यधिक उर्वरकों के उपयोग से नाइट्रोजन चक्र में गड़बड़ी — तो पर्यावरण पर गंभीर प्रभाव पड़ सकता है। इसीलिए फसल चक्र में फलीदार पौधे (जैसे चना, मूंग) उगाना मिट्टी में प्राकृतिक रूप से नाइट्रोजन बढ़ाने का एक पारंपरिक व उपयोगी तरीका है।
किसान प्रायः खेत में एक ही प्रकार की फसल (जैसे लगातार गेहूं) उगाने के बाद मिट्टी की उर्वरता घटता पाते हैं, क्योंकि पौधे मिट्टी से नाइट्रोजन युक्त पोषक तत्व लगातार लेते रहते हैं। ऐसे में फसल चक्रण (crop rotation) के अंतर्गत बीच-बीच में फलीदार फसलें उगाने से राइजोबियम जीवाणु के माध्यम से मिट्टी में नाइट्रोजन की प्राकृतिक पूर्ति होती है, जिससे रासायनिक उर्वरकों पर निर्भरता भी कम होती है — यह टिकाऊ (sustainable) खेती की एक महत्वपूर्ण पद्धति है।
इसके अतिरिक्त, नाइट्रोजनयुक्त रासायनिक उर्वरकों (जैसे यूरिया) का अत्यधिक व असंतुलित उपयोग मिट्टी व जल स्रोतों में नाइट्रेट की मात्रा बढ़ा देता है, जिससे जल-प्रदूषण तथा यूट्रोफिकेशन (eutrophication) जैसी समस्याएँ उत्पन्न हो सकती हैं। इसलिए संतुलित उर्वरक उपयोग व जैविक खेती को बढ़ावा देना नाइट्रोजन चक्र को स्वस्थ बनाए रखने के लिए महत्वपूर्ण है।
बच्चों को कैसे पढ़ाएँ
कक्षा गतिविधि
छात्रों को फलीदार पौधे (चना/मूंग) की जड़ों में ग्रंथियाँ (nodules) दिखाकर समझाएँ कि इनमें राइजोबियम जीवाणु रहकर नाइट्रोजन स्थिरीकरण करते हैं।
शिक्षण सहायक सामग्री
नाइट्रोजन चक्र को गोलाकार आरेख (चार्ट) के रूप में बनवाकर छात्रों से स्वयं चरणों को क्रम में लिखवाएँ — इससे क्रम याद रखना आसान होता है।
सामान्य भ्रांति
छात्र प्रायः सोचते हैं कि पौधे सीधे वायुमंडलीय N₂ गैस को अवशोषित कर लेते हैं। स्पष्ट करें कि पौधे केवल नाइट्रेट या अमोनियम जैसे संयुक्त रूप में ही नाइट्रोजन अवशोषित कर सकते हैं, मुक्त N₂ गैस को नहीं।
मूल्यांकन विचार
छात्रों से पूछें कि यदि खेत में लगातार एक ही फसल (जैसे गेहूं) उगाई जाए तो मिट्टी की उर्वरता पर क्या असर होगा, और फलीदार फसलों का चक्रण क्यों जरूरी है — इससे व्यावहारिक समझ जांची जा सकती है।
याद रखने की ट्रिक
नाइट्रोजन चक्र के पाँच चरणों को क्रम में याद रखें: 'स्थिरीकरण → नाइट्रीकरण → स्वांगीकरण → अमोनीकरण → विनाइट्रीकरण'। जीवाणु याद रखने के लिए ध्यान रखें: 'नाइट्रोसोमोनास पहले नाइट्राइट बनाता है, नाइट्रोबैक्टर फिर नाइट्रेट' — नाम के क्रम से चरण का क्रम भी याद रह जाता है।
अभ्यास प्रश्न
प्रश्न 1
वायुमंडल में नाइट्रोजन गैस का प्रतिशत लगभग कितना है?
- A21%
- B0.03%
- C50%
- D78%
व्याख्या
वायुमंडल में नाइट्रोजन गैस (N₂) लगभग 78% भाग बनाती है, जो इसे सबसे प्रचुर वायुमंडलीय गैस बनाता है।
प्रश्न 2
पौधे नाइट्रोजन किस रूप में अवशोषित करते हैं?
- Aमुक्त N₂ गैस के रूप में
- Bकार्बन डाइऑक्साइड के रूप में
- Cनाइट्रेट/अमोनियम जैसे संयुक्त रूप में
- Dऑक्सीजन के रूप में
व्याख्या
मुक्त N₂ गैस रासायनिक रूप से निष्क्रिय होने के कारण पौधे इसे सीधे उपयोग नहीं कर सकते, इसलिए वे नाइट्रेट या अमोनियम जैसे संयुक्त रूप में नाइट्रोजन अवशोषित करते हैं।
प्रश्न 3
राइजोबियम जीवाणु कहाँ पाया जाता है?
- Aफलीदार पौधों की जड़ ग्रंथियों में
- Bवायुमंडल में
- Cसमुद्र में
- Dमनुष्य की आँत में
व्याख्या
राइजोबियम जीवाणु फलीदार (leguminous) पौधों की जड़ ग्रंथियों (nodules) में पाया जाता है और जैविक नाइट्रोजन स्थिरीकरण करता है।
प्रश्न 4
अमोनिया को नाइट्राइट में बदलने वाला जीवाणु है
- Aनाइट्रोबैक्टर
- Bराइजोबियम
- Cनाइट्रोसोमोनास
- Dएजोटोबैक्टर
व्याख्या
नाइट्रीकरण की पहली अवस्था में नाइट्रोसोमोनास जीवाणु अमोनिया को नाइट्राइट में बदलता है, फिर नाइट्रोबैक्टर उसे नाइट्रेट में बदलता है।
प्रश्न 5
नाइट्रेट को वापस मुक्त नाइट्रोजन गैस में बदलने की प्रक्रिया कहलाती है
- Aनाइट्रीकरण
- Bस्वांगीकरण
- Cअमोनीकरण
- Dविनाइट्रीकरण
व्याख्या
विनाइट्रीकारी जीवाणु मिट्टी के नाइट्रेट को वापस मुक्त N₂ गैस में बदलकर वायुमंडल में लौटाते हैं — इसे विनाइट्रीकरण कहते हैं।
प्रश्न 6
वायुमंडल में ऑक्सीजन गैस का प्रतिशत लगभग कितना है?
- A21%
- B78%
- C0.9%
- D4%
व्याख्या
वायुमंडल में ऑक्सीजन गैस (O₂) लगभग 21% भाग बनाती है, जो नाइट्रोजन (78%) के बाद दूसरी सबसे प्रचुर गैस है।
प्रश्न 7
बिजली गिरने (lightning) के दौरान होने वाला नाइट्रोजन स्थिरीकरण किस प्रकार का उदाहरण है?
- Aजैविक स्थिरीकरण
- Bऔद्योगिक स्थिरीकरण
- Cअजैविक (वायुमंडलीय) स्थिरीकरण
- Dविनाइट्रीकरण
व्याख्या
बिजली गिरने से उत्पन्न ऊर्जा वायुमंडलीय नाइट्रोजन व ऑक्सीजन को मिलाकर नाइट्रोजन ऑक्साइड बनाती है, जो वर्षा जल के साथ मिट्टी में पहुँचता है — यह अजैविक (वायुमंडलीय) नाइट्रोजन स्थिरीकरण है।
प्रश्न 8
मृत जीवों व अपशिष्ट के विघटन से नाइट्रोजन को वापस अमोनिया के रूप में मिट्टी में मिलाने की प्रक्रिया कहलाती है
- Aनाइट्रीकरण
- Bअमोनीकरण
- Cस्वांगीकरण
- Dविनाइट्रीकरण
व्याख्या
अपघटक बैक्टीरिया व कवक मृत जीवों व अपशिष्ट को विघटित कर नाइट्रोजन को अमोनिया के रूप में मिट्टी में मिलाते हैं — इसे अमोनीकरण कहते हैं।
प्रश्न 9
कक्षा में नाइट्रोजन चक्र पढ़ाते समय छात्रों को चरणों का क्रम याद रखवाने का सबसे प्रभावी तरीका है
- Aकेवल चरणों के नाम रटवाना
- Bगोलाकार आरेख बनवाकर चरणों को क्रम में स्वयं लिखवाना
- Cकेवल परीक्षा प्रश्न हल करवाना
- Dटॉपिक को छोड़ देना
व्याख्या
स्वयं आरेख बनाने की गतिविधि से छात्र चक्र के हर चरण के तार्किक क्रम व संबंध को गहराई से समझ पाते हैं।
प्रश्न 10
यदि कोई छात्र सोचता है कि पौधे सीधे वायुमंडल की N₂ गैस को अवशोषित कर लेते हैं, तो शिक्षक को स्पष्ट करना चाहिए कि
- Aयह सही है
- Bपौधों को नाइट्रोजन की आवश्यकता नहीं होती
- Cयह केवल फलीदार पौधों पर लागू होता है
- Dपौधे केवल नाइट्रेट/अमोनियम जैसे संयुक्त रूप में ही नाइट्रोजन ले सकते हैं, मुक्त गैस को नहीं
व्याख्या
N₂ अणु का त्रिबंध इसे रासायनिक रूप से निष्क्रिय बनाता है, इसलिए पौधे इसे सीधे उपयोग नहीं कर सकते और उन्हें नाइट्रेट/अमोनियम जैसे संयुक्त रूप की आवश्यकता होती है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
वायुमंडल में नाइट्रोजन का प्रतिशत कितना है?+
वायुमंडल में लगभग 78% भाग नाइट्रोजन गैस (N₂) का है, जो सबसे प्रचुर वायुमंडलीय गैस है।
नाइट्रोजन स्थिरीकरण किसे कहते हैं?+
मुक्त वायुमंडलीय नाइट्रोजन गैस (N₂) को अमोनिया या नाइट्रेट जैसे उपयोगी यौगिकों में बदलने की प्रक्रिया को नाइट्रोजन स्थिरीकरण कहते हैं।
राइजोबियम जीवाणु कहाँ पाया जाता है और इसका क्या कार्य है?+
राइजोबियम जीवाणु फलीदार पौधों (जैसे चना, मटर) की जड़ ग्रंथियों में पाया जाता है और यह वायुमंडलीय नाइट्रोजन का जैविक स्थिरीकरण करता है।
विनाइट्रीकरण (denitrification) क्या है?+
विनाइट्रीकरण वह प्रक्रिया है जिसमें विनाइट्रीकारी जीवाणु मिट्टी के नाइट्रेट को वापस मुक्त नाइट्रोजन गैस में बदलकर वायुमंडल में लौटाते हैं।
ऑक्सीजन चक्र में प्रकाश-संश्लेषण की क्या भूमिका है?+
प्रकाश-संश्लेषण में हरे पौधे कार्बन डाइऑक्साइड व जल से भोजन बनाते हैं और ऑक्सीजन मुक्त करते हैं, जिससे वायुमंडल में ऑक्सीजन की निरंतर पूर्ति होती रहती है।
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आधिकारिक स्रोत
बदलाव लॉग
- 16 सितंबर 2026 — पेज प्रकाशित — तथ्य स्वतंत्र रूप से जाँचे गए