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REET L2 (गणित-विज्ञान) · विज्ञान

पोषण एवं प्रकाश संश्लेषण (Nutrition & Photosynthesis) — REET नोट्स

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प्रकाश संश्लेषण और पोषण REET Level 2 विज्ञान के सबसे बुनियादी व नियमित रूप से पूछे जाने वाले टॉपिक हैं। यह पेज प्रकाश संश्लेषण के सूत्र, प्रक्रिया व कारकों के साथ-साथ स्वपोषी व परपोषी पोषण के प्रकारों को उदाहरण सहित सरल भाषा में समझाता है।

  • REET 2024 में 0 प्रश्न
  • कक्षा 7-10 स्तर की विषय-वस्तु
  • 7 मिनट पढ़ें
16 सितंबर 2026 को सत्यापित · स्रोत: NCERT विज्ञान पाठ्यपुस्तक (कक्षा 9-10)

REET में यह टॉपिक कैसे पूछा जाता है

ईमानदारी से बताएं तो REET 2024 के पेपर में इस टॉपिक से सीधा कोई प्रश्न नहीं आया — यहाँ 2024 में शून्य (0) प्रश्न रहे। यह पेज पूरी तरह REET Level 2 (गणित-विज्ञान) के आधिकारिक सिलेबस की भाषा पर आधारित है। सिलेबस में 'पोषण' व 'जैव प्रक्रम' खंड होने से प्रकाश संश्लेषण का रासायनिक समीकरण, इसके होने का स्थान (पर्णहरित/क्लोरोफिल) और स्वपोषी-परपोषी पोषण के भेद पर सीधा एक-वाक्य MCQ आने की संभावना रहती है।

पोषण के प्रकार — स्वपोषी व परपोषी

पोषण (Nutrition) वह प्रक्रिया है जिसके द्वारा जीव अपने शरीर की वृद्धि, ऊर्जा व मरम्मत के लिए भोजन प्राप्त करता है। इसके आधार पर सजीवों को दो मुख्य वर्गों में बाँटा जाता है। स्वपोषी (Autotrophic) जीव — जैसे हरे पौधे व कुछ जीवाणु — प्रकाश संश्लेषण द्वारा अपना भोजन स्वयं सरल अकार्बनिक पदार्थों (CO₂ व जल) से बना लेते हैं।

परपोषी (Heterotrophic) जीव — जैसे सभी जंतु व मनुष्य — अपना भोजन स्वयं नहीं बना सकते और इसके लिए दूसरे जीवों पर निर्भर रहते हैं। परपोषी पोषण की भी मुख्यतः तीन विधियाँ होती हैं जिन्हें आगे विस्तार से समझाया गया है।

प्रकाश संश्लेषण की प्रक्रिया

प्रकाश संश्लेषण (Photosynthesis) वह प्रक्रिया है जिसमें हरे पौधे सूर्य के प्रकाश, कार्बन डाइऑक्साइड (CO₂) व जल (H₂O) की सहायता से पर्णहरित (क्लोरोफिल) की उपस्थिति में ग्लूकोज़ (भोजन) व ऑक्सीजन बनाते हैं। इसका सरल रासायनिक समीकरण है: 6CO₂ + 6H₂O → (सूर्य के प्रकाश व क्लोरोफिल की उपस्थिति में) → C₆H₁₂O₆ + 6O₂।

यह प्रक्रिया मुख्यतः पत्तियों की कोशिकाओं में स्थित हरितलवक (क्लोरोप्लास्ट) में होती है। पौधा CO₂ को पत्तियों की सतह पर मौजूद रंध्रों (स्टोमेटा) के माध्यम से वातावरण से लेता है और जल को जड़ों द्वारा मिट्टी से खींचकर पत्तियों तक पहुँचाता है। निकलने वाली ऑक्सीजन भी स्टोमेटा से ही वातावरण में बाहर जाती है, जिससे जल-अपघटन (जल के टूटने) का प्रमाण मिलता है कि छोड़ी गई ऑक्सीजन जल से आती है, कार्बन डाइऑक्साइड से नहीं।

प्रकाश संश्लेषण की दो अवस्थाएँ

अवस्थास्थानमुख्य घटना
प्रकाश अभिक्रिया (Light reaction)थाइलेकॉइड/ग्रेना (हरितलवक का भाग)जल का प्रकाश-अपघटन, ATP व NADPH का निर्माण, ऑक्सीजन मुक्त होना
अप्रकाश अभिक्रिया (Dark reaction / केल्विन चक्र)स्ट्रोमा (हरितलवक का भाग)ATP व NADPH का उपयोग कर CO₂ से ग्लूकोज़ का निर्माण

दोनों अवस्थाएँ हरितलवक के भीतर ही होती हैं, पर अलग-अलग भागों में।

परपोषी पोषण की विधियाँ

होलोजोइक पोषण (Holozoic) में जीव ठोस भोजन को शरीर के अंदर लेकर पचाता है — जैसे मनुष्य व अधिकांश जंतु। मृतजीवी या मृतोपजीवी पोषण (Saprophytic/Saprotrophic) में जीव मृत व सड़े-गले कार्बनिक पदार्थों से पोषण प्राप्त करता है — जैसे कवक (फफूंद) व अनेक जीवाणु, जो अपघटक (decomposers) कहलाते हैं। परजीवी पोषण (Parasitic) में जीव किसी दूसरे सजीव (परपोषी/host) के शरीर पर या भीतर रहकर उसी से पोषण चुराता है, जिससे परपोषी को हानि होती है — जैसे अमरबेल (Cuscuta, एक परजीवी पौधा जिसमें क्लोरोफिल नहीं होता) व जोंक (जलीय परजीवी जंतु)।

प्रकाश संश्लेषण को प्रभावित करने वाले कारक

प्रकाश की तीव्रता
एक सीमा तक अधिक प्रकाश से दर बढ़ती है, फिर स्थिर हो जाती है
कार्बन डाइऑक्साइड की सांद्रता
CO₂ बढ़ने से प्रकाश संश्लेषण की दर बढ़ती है (सीमा तक)
तापमान
अत्यधिक कम या अधिक तापमान दर घटाता है, इष्टतम तापमान पर दर सर्वाधिक
जल की उपलब्धता
जल की कमी से रंध्र बंद होकर CO₂ ग्रहण करना कम हो जाता है
क्लोरोफिल की उपस्थिति
बिना क्लोरोफिल के सूर्य के प्रकाश की ऊर्जा को रासायनिक ऊर्जा में बदलना संभव नहीं है

प्रकाश संश्लेषण का पारिस्थितिक महत्व

प्रकाश संश्लेषण केवल पौधों के अपने भोजन तक सीमित नहीं है — यह पृथ्वी पर लगभग सभी जीवों के जीवन का आधार है। हरे पौधे खाद्य श्रृंखला (food chain) के प्रथम स्तर पर होते हैं, यानी सभी शाकाहारी व मांसाहारी जीव अंततः पौधों द्वारा बनाए गए भोजन पर ही निर्भर करते हैं। इसके अलावा प्रकाश संश्लेषण के दौरान वायुमंडल में छोड़ी गई ऑक्सीजन ही सभी जीवों की श्वसन प्रक्रिया के लिए उपलब्ध होती है।

साथ ही, पौधे प्रकाश संश्लेषण के दौरान वायुमंडल से कार्बन डाइऑक्साइड ग्रहण करते हैं, जिससे कार्बन चक्र संतुलित रहता है और अत्यधिक CO₂ के कारण होने वाले वातावरणीय असंतुलन को कुछ हद तक नियंत्रित किया जाता है। इसी कारण वनों व हरियाली की सुरक्षा को पर्यावरण संतुलन के लिए अनिवार्य माना जाता है।

बच्चों को कैसे पढ़ाएँ

कक्षा गतिविधि

एक गमले के पौधे को कुछ दिन अंधेरे में रखकर मंडित करें (स्टार्च रहित करें), फिर एक पत्ती के हिस्से को काले कागज़ से ढककर धूप में रखें; कुछ दिन बाद आयोडीन घोल से पत्ती की जांच कर दिखाएं कि प्रकाश पड़े भाग में ही नीला-काला रंग (स्टार्च) बनता है।

शिक्षण सहायक सामग्री

हरितलवक व पत्ती की काट का चार्ट, और असली गमले का पौधा कक्षा में लाकर रंध्रों व पत्ती की संरचना दिखाना कक्षा 7-8 स्तर पर बहुत प्रभावी है।

सामान्य गलतफहमी

विद्यार्थी अक्सर सोचते हैं कि पौधे मिट्टी से सीधा 'भोजन' सोखते हैं, जबकि मिट्टी से केवल जल व खनिज लवण मिलते हैं — भोजन (ग्लूकोज़) पौधा स्वयं प्रकाश संश्लेषण से बनाता है, यह स्पष्ट करना जरूरी है।

आकलन विचार

विद्यार्थियों से प्रकाश संश्लेषण का समीकरण लिखवाकर हर घटक (अभिकारक/उत्पाद) को पहचानने को कहें, और स्वपोषी-परपोषी के उदाहरण वर्गीकृत करने का वर्कशीट दें।

याद रखने की ट्रिक / परीक्षा टिप

प्रकाश संश्लेषण के समीकरण को याद रखने के लिए संख्या पैटर्न याद करें — '6-6-1-6': 6CO₂ + 6H₂O → C₆H₁₂O₆ + 6O₂। और शब्द-मूल याद रखें: 'ऑटो' का अर्थ 'स्वयं' (स्वपोषी) व 'हेटरो' का अर्थ 'दूसरा' (परपोषी) — इससे स्वपोषी व परपोषी में कन्फ्यूज़न कभी नहीं होगा।

अभ्यास प्रश्न

प्रश्न 1

प्रकाश संश्लेषण की प्रक्रिया पौधे की कोशिका के किस भाग में होती है?

  1. Aमाइटोकॉन्ड्रिया
  2. Bहरितलवक (क्लोरोप्लास्ट)
  3. Cकेंद्रक
  4. Dराइबोसोम

व्याख्या

प्रकाश संश्लेषण हरितलवक (क्लोरोप्लास्ट) में होता है क्योंकि इसी में क्लोरोफिल नामक हरा वर्णक पाया जाता है, जो सूर्य के प्रकाश को अवशोषित करता है।

प्रश्न 2

प्रकाश संश्लेषण के दौरान निकलने वाली ऑक्सीजन मुख्यतः किससे प्राप्त होती है?

  1. Aकार्बन डाइऑक्साइड से
  2. Bग्लूकोज़ से
  3. Cजल से
  4. Dक्लोरोफिल से

व्याख्या

प्रकाश अभिक्रिया के दौरान जल का प्रकाश-अपघटन (photolysis) होता है, जिससे ऑक्सीजन मुक्त होती है — यह प्रयोगों से सिद्ध तथ्य है।

प्रश्न 3

निम्न में से कौनसा जीव मृतजीवी (saprophytic) पोषण का उदाहरण है?

  1. Aअमरबेल (Cuscuta)
  2. Bअमीबा
  3. Cफफूंद (कवक)
  4. Dजोंक

व्याख्या

फफूंद (कवक) मृत व सड़े-गले कार्बनिक पदार्थों से पोषण लेती है, इसलिए इसे मृतजीवी या अपघटक कहा जाता है।

प्रश्न 4

अमरबेल (Cuscuta) पौधे में पोषण की कौनसी विधि पाई जाती है?

  1. Aस्वपोषी
  2. Bहोलोजोइक
  3. Cपरजीवी
  4. Dमृतजीवी

व्याख्या

अमरबेल में क्लोरोफिल नहीं होता, यह दूसरे पौधों से चिपककर उनका रस चूसती है, इसलिए यह परजीवी पोषण का उदाहरण है।

प्रश्न 5

पत्ती में गैसों (CO₂ व O₂) का आदान-प्रदान मुख्यतः किसके माध्यम से होता है?

  1. Aजड़ रोम
  2. Bरंध्र (स्टोमेटा)
  3. Cजाइलम
  4. Dफ्लोएम

व्याख्या

पत्तियों की सतह पर स्थित छोटे-छोटे छिद्र, जिन्हें रंध्र (स्टोमेटा) कहते हैं, गैसों के आदान-प्रदान व वाष्पोत्सर्जन का मुख्य मार्ग हैं।

प्रश्न 6

प्रकाश संश्लेषण की अप्रकाश अभिक्रिया (Dark reaction) हरितलवक के किस भाग में होती है?

  1. Aथाइलेकॉइड
  2. Bग्रेना
  3. Cस्ट्रोमा
  4. Dबाह्य झिल्ली

व्याख्या

अप्रकाश अभिक्रिया (केल्विन चक्र) स्ट्रोमा में होती है, जहाँ प्रकाश अभिक्रिया से बने ATP व NADPH का उपयोग कर CO₂ से ग्लूकोज़ बनता है।

प्रश्न 7

स्वपोषी (Autotrophic) पोषण की मुख्य विशेषता क्या है?

  1. Aजीव दूसरे जीवों को खाकर भोजन प्राप्त करता है
  2. Bजीव सरल अकार्बनिक पदार्थों से अपना भोजन स्वयं बनाता है
  3. Cजीव मृत पदार्थों से पोषण लेता है
  4. Dजीव किसी परपोषी पर निर्भर रहता है

व्याख्या

स्वपोषी जीव CO₂, जल व सूर्य के प्रकाश की सहायता से प्रकाश संश्लेषण द्वारा अपना भोजन स्वयं बनाते हैं, इन्हें बाहरी भोजन की जरूरत नहीं होती।

प्रश्न 8

एक शिक्षक पौधे की एक पत्ती को काले कागज़ से ढककर कुछ दिन धूप में रखता है और बाद में आयोडीन जांच करता है। इस प्रयोग का उद्देश्य क्या दिखाना है?

  1. Aपौधे में जल की मात्रा
  2. Bप्रकाश की उपस्थिति में ही स्टार्च (भोजन) बनता है
  3. Cपौधे की जड़ों की लंबाई
  4. Dपत्ती का रंग परिवर्तन तापमान से होता है

व्याख्या

ढके हुए (अंधेरे) भाग में स्टार्च नहीं बनता जबकि खुले (प्रकाश युक्त) भाग में आयोडीन से नीला-काला रंग आता है, जो सिद्ध करता है कि प्रकाश संश्लेषण के लिए प्रकाश आवश्यक है।

प्रश्न 9

निम्न में से कौनसा कारक प्रकाश संश्लेषण की दर को प्रभावित नहीं करता?

  1. Aप्रकाश की तीव्रता
  2. Bकार्बन डाइऑक्साइड की सांद्रता
  3. Cतापमान
  4. Dचंद्रमा की स्थिति

व्याख्या

प्रकाश संश्लेषण की दर प्रकाश तीव्रता, CO₂ सांद्रता, तापमान व जल उपलब्धता से प्रभावित होती है; चंद्रमा की स्थिति का इससे कोई वैज्ञानिक संबंध नहीं है।

प्रश्न 10

होलोजोइक पोषण (Holozoic nutrition) का सबसे उपयुक्त उदाहरण कौनसा है?

  1. Aमनुष्य ठोस भोजन खाकर उसे शरीर के अंदर पचाता है
  2. Bफफूंद सड़े फल से पोषण लेती है
  3. Cअमरबेल दूसरे पौधे का रस चूसती है
  4. Dहरा पौधा प्रकाश संश्लेषण करता है

व्याख्या

होलोजोइक पोषण में जीव ठोस भोजन को शरीर के भीतर ग्रहण कर उसे पचाता है, जो मनुष्य व अधिकांश जंतुओं में पाया जाता है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

प्रकाश संश्लेषण का रासायनिक समीकरण क्या है?+

6CO₂ + 6H₂O → (सूर्य के प्रकाश व क्लोरोफिल की उपस्थिति में) → C₆H₁₂O₆ + 6O₂ — यही प्रकाश संश्लेषण का मानक समीकरण है।

प्रकाश संश्लेषण पौधे के किस भाग में होता है?+

यह मुख्यतः पत्तियों की कोशिकाओं में उपस्थित हरितलवक (क्लोरोप्लास्ट) में होता है, क्योंकि वहीं क्लोरोफिल पाया जाता है।

परजीवी पोषण किसे कहते हैं?+

जब कोई जीव किसी दूसरे सजीव (परपोषी) के शरीर पर या भीतर रहकर उसी से पोषण प्राप्त करता है और परपोषी को हानि पहुँचाता है, उसे परजीवी पोषण कहते हैं — जैसे अमरबेल।

REET में इस टॉपिक से कितने प्रश्न पूछे गए?+

REET 2024 में प्रकाश संश्लेषण व पोषण से सीधा कोई प्रश्न नहीं पूछा गया था, पर यह सिलेबस का नियमित हिस्सा होने से आगामी परीक्षाओं के लिए महत्वपूर्ण है।

प्रकाश संश्लेषण में निकलने वाली ऑक्सीजन कहाँ से आती है?+

यह ऑक्सीजन जल (H₂O) के प्रकाश-अपघटन से आती है, न कि कार्बन डाइऑक्साइड से — यह प्रकाश अभिक्रिया के दौरान होता है।

होलोजोइक पोषण किसे कहते हैं?+

जब कोई जीव ठोस भोजन को शरीर के भीतर ग्रहण कर उसे अंदर ही पचाता है, तो उसे होलोजोइक पोषण कहते हैं — मनुष्य व अधिकांश जंतु इसी विधि से पोषण प्राप्त करते हैं।

आगे पढ़ें

आधिकारिक स्रोत

  1. NCERT विज्ञान पाठ्यपुस्तक (कक्षा 9-10)
  2. NCERT विज्ञान पाठ्यपुस्तक (कक्षा 6-8)

बदलाव लॉग

  • 16 सितंबर 2026 — पेज प्रकाशित — तथ्य स्वतंत्र रूप से जाँचे गए