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REET Level 2 · विज्ञान

पादप संरचना एवं कार्य (Plant Structure & Function) — REET नोट्स

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यह पेज REET Level 2 (गणित-विज्ञान) के लिए पौधे के मुख्य भागों, जड़ के प्रकार व विशेष अनुकूलनों (जैसे न्यूमेटॉफोर) तथा फसलों के वर्गीकरण को कवर करता है। REET 2024 में इस टॉपिक से पौधों के अनुकूलन व फसल-वर्गीकरण पर आधारित प्रश्न पूछे गए थे, इसलिए यहाँ हर अवधारणा उदाहरण व चित्र-आधारित विवरण सहित सरल भाषा में स्पष्ट की गई है, जिससे कक्षा 6-8 के विद्यार्थियों को भी पढ़ाना आसान हो सके।

  • REET 2024 में 2 प्रश्न
  • कक्षा 6-8 स्तर
  • 9 मिनट पढ़ें
16 सितंबर 2026 को सत्यापित

REET में यह टॉपिक कैसे पूछा जाता है

REET 2024 में इस टॉपिक से दो तरह के प्रश्न आए — एक प्रश्न पौधों के विशेष जड़ अनुकूलन (न्यूमेटॉफोर, लवणमृदोद्भिद) पर आधारित था, और दूसरा प्रश्न फसलों के वर्गीकरण (दलहनी फसल पहचानना) पर था, जिसे बाद में गलत विकल्पों के कारण निरस्त (बोनस) कर दिया गया। यानी REET में पौधों की संरचना के साथ-साथ रोज़मर्रा के कृषि ज्ञान (फसलों के प्रकार) पर भी सीधे प्रश्न पूछे जाते हैं। चूँकि राजस्थान एक कृषि-प्रधान राज्य है, इसलिए फसलों से जुड़े व्यावहारिक उदाहरण अक्सर विकल्पों में सामने आते हैं, इसलिए स्थानीय फसलों को पहचानना भी उपयोगी रहता है।

पौधे के मुख्य भाग और उनके कार्य

एक पूर्ण विकसित पौधे के मुख्य भाग जड़, तना, पत्ती, फूल और फल होते हैं, जो मिलकर पौधे का पोषण, वृद्धि और प्रजनन सुनिश्चित करते हैं। जड़ मिट्टी से जल एवं खनिज लवणों का अवशोषण करती है और पौधे को मिट्टी में मज़बूती से स्थिर रखती है।

तना जड़ द्वारा सोखे गए जल व खनिजों को पत्तियों तक तथा पत्तियों में बने भोजन को पूरे पौधे तक पहुँचाने का कार्य करता है, साथ ही पत्तियों, फूलों व फलों को सहारा भी देता है। पत्ती पौधे का मुख्य खाद्य-निर्माण अंग है — यह प्रकाश संश्लेषण (photosynthesis) द्वारा सूर्य के प्रकाश, कार्बन डाइऑक्साइड और जल की सहायता से हरितलवक (क्लोरोफिल) की उपस्थिति में भोजन (ग्लूकोज़) व ऑक्सीजन बनाती है। पत्ती पर स्थित छोटे-छोटे छिद्र रंध्र (stomata) गैसों के आदान-प्रदान तथा वाष्पोत्सर्जन (transpiration) में सहायक होते हैं, और अधिकतर पत्तियों की निचली सतह पर पाए जाते हैं।

जड़ के प्रकार

प्रकारविशेषताउदाहरण
मूसला जड़ (Tap root)एक मुख्य मोटी जड़ से पतली शाखाएँ निकलती हैं; द्विबीजपत्री पौधों में पाई जाती हैआम, गुड़हल, सरसों, चना
झकड़ा जड़ (Fibrous root)कई पतली, लगभग समान मोटाई की जड़ें गुच्छे में; एकबीजपत्री पौधों में पाई जाती हैगेहूँ, धान, घास, मक्का

बीज के अंकुरण के समय निकलने वाली पहली जड़ को मूलांकुर (radicle) कहते हैं, जो आगे चलकर मूसला या झकड़ा जड़ प्रणाली में विकसित होती है।

विशेष जड़ अनुकूलन (Root Adaptations)

अनुकूलनकिस समूह के पौधों मेंकार्य
न्यूमेटॉफोर (श्वसन मूल)लवणमृदोद्भिद (halophytes), जैसे मैंग्रोवदलदली, ऑक्सीजन-रहित लवणीय मिट्टी में ऊपर की ओर बढ़कर वायुमंडल से ऑक्सीजन ग्रहण करना
स्तंभ मूल (Prop root)बरगद जैसे बड़े वृक्षतने को अतिरिक्त सहारा व स्थिरता देना
अपस्थानिक जड़ (Adventitious root)झकड़ा जड़ प्रणाली वाले पौधेजड़ के मुख्य स्रोत के अलावा तने या पत्ती के आधार से निकलना

मिट्टी व जल की उपलब्धता के अनुसार पौधों के प्रकार

मरुद्भिद (xerophytes) रेगिस्तान जैसे शुष्क क्षेत्रों में उगने वाले पौधे हैं; इनकी जड़ें पानी की तलाश में गहराई तक जाती हैं, तना मोटा व जल संचित करने वाला होता है और पत्तियाँ छोटी या कांटेनुमा होकर वाष्पोत्सर्जन द्वारा जल-हानि कम करती हैं, जैसे नागफनी (कैक्टस)।

जलोद्भिद (hydrophytes) जल में या जल के निकट उगने वाले पौधे हैं; इनका तना हल्का व वायु-कोष्ठों (एरेनकाइमा) से भरा होता है जिससे वे जल में तैर सकें, जैसे कमल व जलकुंभी। लवणमृदोद्भिद (halophytes) समुद्र-तटीय दलदली व लवणीय भूमि में उगते हैं और न्यूमेटॉफोर जैसी विशेष जड़ों तथा नमक सहनशीलता के लिए जाने जाते हैं, जैसे मैंग्रोव (सुंदरी वन)।

पौधे के अंग कभी-कभी अपने सामान्य कार्य से हटकर विशेष उद्देश्य के लिए रूपांतरित भी हो जाते हैं। आलू का खाने योग्य भाग वास्तव में जड़ नहीं बल्कि भोजन-संचय करने वाला भूमिगत तना (स्तंभ कंद) है, जिस पर 'आँखें' (कलिकाएँ) पाई जाती हैं। इसी तरह मटर के पौधे में पत्ती का एक भाग पतले सर्पिल टेंड्रिल (प्रतान) में बदलकर सहारे से लिपटने में मदद करता है, जबकि नागफनी (कैक्टस) में पत्तियाँ कांटों में बदलकर जल-हानि कम करती हैं।

फसलों का वर्गीकरण

प्रकारउदाहरण
अनाज (Cereal)गेहूँ, चावल, मक्का, ज्वार, बाजरा
दलहन/फलीदार फसल (Pulses)चना, मूँग, अरहर, मसूर, उड़द
तिलहन (Oilseed)मूँगफली, सरसों, सोयाबीन, तिल
नकदी फसल (Cash crop)गन्ना, कपास

राजस्थान में बाजरा, सरसों व चना जैसी फसलें व्यापक रूप से उगाई जाती हैं, इसलिए इनके वर्गीकरण को अच्छी तरह समझना REET की दृष्टि से उपयोगी है।

दलहनी (फलीदार) फसलों की विशेषता

जड़ों में गाँठें
फलीदार पौधों की जड़ों में छोटी गाँठें (root nodules) बनती हैं
राइजोबियम जीवाणु
इन गाँठों में राइजोबियम जीवाणु रहते हैं जो वायुमंडलीय नाइट्रोजन को स्थिर करते हैं
मिट्टी को लाभ
इससे मिट्टी में नाइट्रोजन की मात्रा बढ़ती है और उर्वरता में सुधार होता है
फसल-चक्र में उपयोग
इसी कारण किसान खेत की उर्वरता बनाए रखने के लिए फसल-चक्र में दलहनी फसलों को शामिल करते हैं

बच्चों को कैसे पढ़ाएँ

कक्षा गतिविधि

विद्यार्थियों को विद्यालय परिसर से मूसला व झकड़ा जड़ वाले पौधों के नमूने इकट्ठा करवाकर दोनों में अंतर स्वयं पहचानने को कहें, और उन्हें एक तालिका में वर्गीकृत करके नोटबुक में चिपकाने को कहें।

शिक्षण सहायक सामग्री

कैक्टस, कमल व मैंग्रोव जैसी विभिन्न परिस्थितियों में उगने वाले पौधों की तस्वीरें या लघु वीडियो दिखाकर उनकी जड़-पत्ती संरचना की तुलना करवाएँ, ताकि विद्यार्थी वातावरण और संरचना के संबंध को स्वयं समझ सकें।

सामान्य भ्रांति

विद्यार्थी प्रायः सोचते हैं कि जड़ का एकमात्र कार्य पौधे को मिट्टी में जकड़े रखना है, या आलू को जड़ समझ लेते हैं। स्पष्ट करें कि जल व खनिज लवणों का अवशोषण भी जड़ का उतना ही मुख्य कार्य है, और आलू पर कलिकाओं ('आँखों') की उपस्थिति इसे तना सिद्ध करती है।

मूल्यांकन विचार

कक्षा में लाए गए पौधों के नमूने दिखाकर विद्यार्थियों से जड़ का प्रकार तथा किसी विशेष अनुकूलन (यदि हो) की पहचान करवाएँ, कारण पूछें और उन्हें अपने शब्दों में लिखवाएँ।

याद रखने की ट्रिक

'रेगिस्तान में गहरी, दलदल में ऊपर' — मरुद्भिद (रेगिस्तानी पौधे) की जड़ें पानी खोजने गहराई में जाती हैं, जबकि लवणमृदोद्भिद (मैंग्रोव) की जड़ें ऑक्सीजन खोजने ऊपर की ओर उठती हैं — इन्हें ही न्यूमेटॉफोर कहते हैं।

REET 2024 में पूछे गए प्रश्न (हल सहित)

प्रश्न 145बोनस — अंतिम कुंजी में निरस्त

दलहनी फसल का उदाहरण है

  1. Aगेहूँ
  2. Bगन्ना
  3. Cज्वार
  4. Dमूँगफली

व्याख्या

BSER ने अंतिम उत्तर कुंजी में इस प्रश्न को BONUS (निरस्त) कर दिया है। दिए गए विकल्पों में कोई भी दलहनी (pulse) फसल नहीं है: गेहूँ अनाज (cereal), गन्ना नकदी/शर्करा फसल, ज्वार मोटा अनाज (millet) और मूँगफली तिलहन (oilseed) फसल है। दलहनी फसलों के उदाहरण चना, मूँग, अरहर, मसूर आदि हैं; इसलिए कोई सही विकल्प न होने से प्रश्न निरस्त हुआ प्रतीत होता है।

प्रश्न 133

जड़ों में न्यूमेटॉफोर का पाया जाना, अनुकूलन है

  1. Aमरुद्भिद
  2. Bलवणमृदोद्भिद
  3. Cजलोद्भिद
  4. Dसमेद्भिद

व्याख्या

न्यूमेटोफोर (श्वसन मूल) ऊपर की ओर बढ़ने वाली जड़ें हैं जो मैंग्रोव जैसे लवणीय, दलदली स्थानों के पौधों (लवणमृदोद्भिद / halophytes) में पाई जाती हैं। दलदली मिट्टी में ऑक्सीजन की कमी होती है, इसलिए ये जड़ें वायु से गैसीय विनिमय में सहायता करती हैं। मरुद्भिदों में गहरी जड़ें व मोटी पत्तियाँ जैसे अनुकूलन होते हैं।

अभ्यास प्रश्न

प्रश्न 1

पौधे में जल एवं खनिज लवणों का अवशोषण मुख्यतः किसके द्वारा होता है?

  1. Aतना
  2. Bजड़
  3. Cपत्ती
  4. Dफूल

व्याख्या

जड़ मिट्टी से जल व खनिज लवणों का अवशोषण करती है और पौधे को मिट्टी में स्थिर भी रखती है।

प्रश्न 2

द्विबीजपत्री पौधों में सामान्यतः किस प्रकार की जड़ पाई जाती है?

  1. Aझकड़ा जड़
  2. Bमूसला जड़
  3. Cअपस्थानिक जड़
  4. Dस्तंभ जड़

व्याख्या

द्विबीजपत्री पौधों (जैसे आम, चना) में एक मुख्य मोटी जड़ से शाखाएँ निकलती हैं, जिसे मूसला जड़ कहते हैं।

प्रश्न 3

मैंग्रोव जैसे लवणीय दलदली पौधों में पाई जाने वाली श्वसन मूल कहलाती है —

  1. Aस्तंभ मूल
  2. Bन्यूमेटॉफोर
  3. Cपरजीवी मूल
  4. Dसंचयी मूल

व्याख्या

न्यूमेटॉफोर ऊपर की ओर बढ़ने वाली विशेष जड़ें हैं जो ऑक्सीजन-रहित दलदली मिट्टी में वायु से गैसीय विनिमय में सहायता करती हैं।

प्रश्न 4

रेगिस्तानी पौधों (मरुद्भिद) में जल की हानि रोकने के लिए सामान्य अनुकूलन है —

  1. Aबड़ी चौड़ी पत्तियाँ
  2. Bमोटी छल्ली एवं कांटेनुमा पत्तियाँ
  3. Cजड़ों का पूर्ण अभाव
  4. Dअत्यंत पतली छाल

व्याख्या

मरुद्भिद पौधों में मोटी छल्ली व कांटेनुमा या छोटी पत्तियाँ वाष्पोत्सर्जन द्वारा होने वाली जल-हानि को कम करती हैं।

प्रश्न 5

पत्ती में गैसों के आदान-प्रदान व वाष्पोत्सर्जन के लिए उपस्थित रचना है —

  1. Aरंध्र (स्टोमेटा)
  2. Bजाइलम
  3. Cफ्लोएम
  4. Dक्लोरोफिल कण

व्याख्या

पत्ती की सतह पर स्थित रंध्र (stomata) गैसों के आदान-प्रदान व वाष्पोत्सर्जन दोनों में सहायक होते हैं।

प्रश्न 6

दलहनी फसलों की जड़ों की गाँठों में पाया जाने वाला, नाइट्रोजन-स्थिरीकरण करने वाला जीवाणु है —

  1. Aएस्केरिशिया कोलाई
  2. Bराइजोबियम
  3. Cलैक्टोबैसिलस
  4. Dसाल्मोनेला

व्याख्या

दलहनी (फलीदार) पौधों की जड़ की गाँठों में राइजोबियम जीवाणु रहते हैं जो वायुमंडलीय नाइट्रोजन को स्थिर कर मिट्टी उपजाऊ बनाते हैं।

प्रश्न 7

निम्न में से कौन-सी फसल तिलहन (oilseed) वर्ग में आती है?

  1. Aचना
  2. Bगेहूँ
  3. Cसरसों
  4. Dगन्ना

व्याख्या

सरसों तिलहन फसल है क्योंकि इसके बीजों से तेल निकाला जाता है; चना दलहन, गेहूँ अनाज और गन्ना नकदी फसल है।

प्रश्न 8

कक्षा 7 में जड़ों के प्रकार पढ़ाते समय सबसे प्रभावी गतिविधि है —

  1. Aकेवल पाठ्यपुस्तक का चित्र दिखाना
  2. Bविद्यार्थियों से वास्तविक पौधों की जड़ें लाकर तुलना करवाना
  3. Cकेवल परिभाषा रटवाना
  4. Dविषय पर कोई गतिविधि न करना

व्याख्या

वास्तविक नमूनों से प्रत्यक्ष अवलोकन विद्यार्थियों को मूसला व झकड़ा जड़ का अंतर स्थायी रूप से समझने में मदद करता है।

प्रश्न 9

विद्यार्थियों की सामान्य भ्रांति है कि जड़ का एकमात्र कार्य पौधे को मिट्टी में जकड़े रखना है। इसे दूर करने का उपयुक्त तरीका है —

  1. Aभ्रांति को नज़रअंदाज़ करना
  2. Bजड़ द्वारा जल व खनिज अवशोषण को उदाहरण सहित समझाना
  3. Cकेवल परीक्षा में पूछना
  4. Dजड़ का विषय हटा देना

व्याख्या

उदाहरण सहित स्पष्टीकरण से विद्यार्थी समझ पाते हैं कि जड़ का मुख्य कार्य अवशोषण भी है, न कि केवल स्थिरता देना।

प्रश्न 10

कमल (lotus) जैसे जलीय पौधों (जलोद्भिद) के तने में पाई जाने वाली वह विशेष रचना जो उन्हें जल में तैरने में मदद करती है, कहलाती है —

  1. Aकांटे
  2. Bवायु कोष्ठ (एरेनकाइमा)
  3. Cमोटी छाल
  4. Dगहरी जड़ें

व्याख्या

जलोद्भिद पौधों के तने व पत्तियों में वायु से भरे कोष्ठ (एरेनकाइमा) होते हैं जो उन्हें उत्प्लावन बल देकर जल में तैरने में मदद करते हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

REET में पादप संरचना से कितने प्रश्न आते हैं?+

REET 2024 में इस टॉपिक से 2 प्रश्न पूछे गए थे, जिसमें से एक जड़ अनुकूलन पर और एक फसल-वर्गीकरण पर आधारित था।

न्यूमेटॉफोर किसे कहते हैं?+

न्यूमेटॉफोर श्वसन मूल हैं जो मैंग्रोव जैसे लवणीय दलदली पौधों (halophytes) में ऊपर की ओर बढ़कर वायुमंडल से ऑक्सीजन ग्रहण करती हैं।

दलहनी फसल मिट्टी के लिए फायदेमंद क्यों है?+

दलहनी फसलों की जड़ की गाँठों में राइजोबियम जीवाणु वायुमंडलीय नाइट्रोजन को स्थिर करते हैं, जिससे मिट्टी की उर्वरता बढ़ती है।

मूसला जड़ और झकड़ा जड़ में क्या अंतर है?+

मूसला जड़ में एक मुख्य मोटी जड़ होती है (द्विबीजपत्री पौधे), जबकि झकड़ा जड़ में कई पतली समान जड़ें गुच्छे में होती हैं (एकबीजपत्री पौधे)।

क्या आलू एक जड़ है?+

नहीं, आलू वास्तव में जड़ नहीं बल्कि भूमिगत तना (स्तंभ कंद) है, जिस पर कलिकाएँ ('आँखें') पाई जाती हैं जो जड़ में नहीं होतीं।

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बदलाव लॉग

  • 16 सितंबर 2026 — पेज प्रकाशित — तथ्य स्वतंत्र रूप से जाँचे गए