विज्ञान शिक्षण की विधियाँ: प्रवर्तक, शिक्षण सूत्र और सहायक सामग्री — REET नोट्स
इस पेज पर विज्ञान शिक्षण की सभी प्रमुख विधियाँ उनके प्रवर्तक, चरण, शिक्षण सूत्र और कक्षा-उदाहरण के साथ दी गई हैं। REET 2024 में इस टॉपिक से 4 प्रश्न सीधे प्रवर्तक, सूत्र और शिक्षण सामग्री पर आए, इसलिए यह शिक्षणशास्त्र का सबसे अंक-दायी हिस्सा है।
- REET 2024 में 4 प्रश्न
- शिक्षक-प्रशिक्षण स्तर
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REET में यह टॉपिक कैसे पूछा जाता है
REET 2024 में विज्ञान शिक्षण विधियों से 4 प्रश्न आए, और स्वरूप साफ़ है: 'विधि → प्रवर्तक' (अन्वेषण/ह्यूरिस्टिक विधि — एच. ई. आर्मस्ट्राँग; प्रोजेक्ट की परिभाषा — किलपैट्रिक), 'विधि → शिक्षण सूत्र' (आगमन विधि — ज्ञात से अज्ञात की ओर) और 'शिक्षण सामग्री का वर्गीकरण' (चलचित्र दृश्य-श्रव्य है)। यानी प्रश्न सैद्धांतिक-तथ्यात्मक हैं, पर विकल्प मिलते-जुलते होते हैं (डीवी बनाम किलपैट्रिक), इसलिए हर विधि का प्रवर्तक, चरण और सूत्र सटीक याद होना चाहिए।
विधि चुनने का आधार
विज्ञान केवल तथ्यों का संग्रह नहीं, बल्कि प्रश्न पूछने, अवलोकन, प्रयोग और निष्कर्ष निकालने की प्रक्रिया है। इसलिए NCF 2005 विज्ञान को करके सीखने (learning by doing), खोज और गतिविधि के माध्यम से पढ़ाने पर ज़ोर देता है। कोई एक विधि हर पाठ के लिए श्रेष्ठ नहीं; शिक्षक पाठ की प्रकृति, कक्षा का स्तर, उपलब्ध उपकरण, समय और बच्चों की संख्या देखकर विधि चुनता है।
एक उपयोगी भेद: शिक्षक-केंद्रित विधियाँ (व्याख्यान, प्रदर्शन) कम समय में अधिक पाठ्यवस्तु देती हैं पर बच्चा निष्क्रिय रहता है; बाल-केंद्रित विधियाँ (प्रयोगशाला, अन्वेषण, प्रोजेक्ट, समस्या-समाधान) समय अधिक लेती हैं, पर वैज्ञानिक दृष्टिकोण और कौशल विकसित करती हैं। REET में 'सबसे उपयुक्त विधि' वाले प्रश्नों में प्रायः बाल-केंद्रित विकल्प सही होता है।
प्रमुख विधियाँ — प्रवर्तक, मूल विचार, सीमा
| विधि | प्रवर्तक / संबंध | मूल विचार | मुख्य सीमा |
|---|---|---|---|
| व्याख्यान (lecture) | परंपरागत | शिक्षक बोलता है, छात्र सुनते हैं | छात्र निष्क्रिय; प्रयोगात्मक कौशल नहीं बनता |
| प्रदर्शन (demonstration) | — | शिक्षक प्रयोग करके दिखाता है, छात्र अवलोकन करते हैं; उपकरण महँगे/ख़तरनाक हों तब उपयुक्त | छात्र स्वयं हाथ से नहीं करते |
| प्रयोगशाला (laboratory) | — | छात्र स्वयं प्रयोग करके निष्कर्ष निकालते हैं | उपकरण, समय और स्थान की माँग |
| अन्वेषण / ह्यूरिस्टिक (heuristic) | एच. ई. आर्मस्ट्राँग | छात्र को 'खोजकर्ता' की स्थिति में रखना; शब्द यूनानी 'heurisko' (मैं खोजता हूँ) से | समय अधिक; छोटी कक्षाओं के लिए कठिन |
| प्रोजेक्ट / योजना (project) | विलियम हर्ड किलपैट्रिक (1918); जॉन डीवी के प्रयोजनवाद पर आधारित | वास्तविक जीवन की सप्रयोजन गतिविधि, सामाजिक वातावरण में | पूरे पाठ्यक्रम को प्रोजेक्ट में बाँधना कठिन |
| समस्या-समाधान (problem solving) | जॉन डीवी के चिंतनशील विचार (reflective thinking) से संबद्ध | समस्या → परिकल्पना → प्रयोग/जाँच → निष्कर्ष | हर विषयवस्तु समस्या के रूप में नहीं ढलती |
| डाल्टन योजना (Dalton plan) | हेलन पार्कहर्स्ट | छात्र मासिक 'असाइनमेंट' अपनी गति से प्रयोगशाला-कक्ष में पूरा करते हैं | अधिक संसाधन व स्व-अनुशासन चाहिए |
| अभिक्रमित अनुदेशन (programmed instruction) | बी. एफ. स्किनर (रेखीय अभिक्रम) | छोटे-छोटे पद, तुरंत प्रतिपुष्टि, अपनी गति | सृजनात्मकता व चर्चा सीमित |
| आगमन (inductive) | — | उदाहरण → नियम; विशिष्ट → सामान्य; ज्ञात → अज्ञात | धीमी; अकेले पूर्ण नहीं |
| निगमन (deductive) | — | नियम → उदाहरण; सामान्य → विशिष्ट | रटने को बढ़ावा; समझ कम |
प्रवर्तक वाले प्रश्नों में जॉन डीवी और किलपैट्रिक को सबसे अधिक आपस में मिलाकर विकल्प बनाए जाते हैं।[स्रोत 1]
प्रोजेक्ट और अन्वेषण विधि — गहराई से
किलपैट्रिक की परिभाषा (REET 2024 में पूछी गई): 'प्रोजेक्ट वह सप्रयोजन गतिविधि है जो पूर्ण मनोयोग के साथ सामाजिक वातावरण में की जाती है' (A project is a whole-hearted purposeful activity proceeding in a social environment)। स्टीवेंसन के अनुसार प्रोजेक्ट 'एक समस्यामूलक कार्य है जो अपने स्वाभाविक वातावरण में पूर्ण किया जाता है।' प्रोजेक्ट विधि के सामान्य चरण हैं: परिस्थिति प्रदान करना → प्रोजेक्ट का चुनाव (उद्देश्य तय करना) → योजना बनाना → क्रियान्वयन → मूल्यांकन → अभिलेखन। उदाहरण: कक्षा 7 के बच्चे 'विद्यालय के आसपास जल-स्रोतों की शुद्धता' पर प्रोजेक्ट करें — नमूने लें, pH पेपर से जाँचें, रिपोर्ट बनाएँ।
आर्मस्ट्राँग की अन्वेषण विधि में शिक्षक उत्तर नहीं बताता; वह प्रश्न-पत्रक या समस्या देता है और छात्र प्रयोग व निरीक्षण से स्वयं उत्तर खोजता है। इससे आत्मनिर्भरता, निरीक्षण क्षमता और वैज्ञानिक दृष्टिकोण बनता है। आधुनिक खोज-आधारित (inquiry-based) अधिगम इसी का विस्तार है; इसका लोकप्रिय ढाँचा 5E मॉडल है — Engage (जोड़ना), Explore (खोजना), Explain (व्याख्या), Elaborate (विस्तार) और Evaluate (मूल्यांकन)।
शिक्षण सूत्र (maxims) — किस विधि से संबंध
| शिक्षण सूत्र | विज्ञान कक्षा में उदाहरण | संबद्ध विधि |
|---|---|---|
| ज्ञात से अज्ञात की ओर | घर में दूध से दही जमना → सूक्ष्मजीवों द्वारा किण्वन | आगमन, संश्लेषण |
| उदाहरण से नियम की ओर | कई धातुओं को गरम कर फैलते देखना → 'ऊष्मा से ठोस फैलते हैं' | आगमन |
| नियम से उदाहरण की ओर | पहले ओम का नियम, फिर प्रश्न हल करना | निगमन |
| मूर्त से अमूर्त की ओर | चुंबक से खेलना → चुंबकीय क्षेत्र की अवधारणा | प्रदर्शन, प्रयोगशाला |
| सरल से जटिल की ओर | एकल कोशिका → ऊतक → अंग तंत्र | सभी विधियाँ |
| विशिष्ट से सामान्य की ओर | मेंढक का जीवन-चक्र → 'कायांतरण' की सामान्य अवधारणा | आगमन |
| विश्लेषण से संश्लेषण की ओर | फूल के भाग अलग करना → पूरे फूल की संरचना समझना | विश्लेषण-संश्लेषण |
विश्लेषण विधि अज्ञात (निष्कर्ष) से ज्ञात की ओर चलती है और संश्लेषण विधि ज्ञात से अज्ञात की ओर।
शिक्षण सहायक सामग्री का वर्गीकरण
| प्रकार | इंद्रिय | उदाहरण |
|---|---|---|
| श्रव्य (audio) | केवल कान | रेडियो, ग्रामोफोन, टेप रिकॉर्डर, ऑडियो पॉडकास्ट |
| दृश्य (visual) | केवल आँख | चार्ट, मॉडल, मानचित्र, श्यामपट्ट, फ़्लैश कार्ड, स्लाइड |
| दृश्य-श्रव्य (audio-visual) | आँख और कान दोनों | चलचित्र (सवाक् फ़िल्म), टेलीविज़न, वीडियो |
एडगर डेल के अनुभव शंकु (Cone of Experience, 1946) में सबसे आधार पर प्रत्यक्ष, उद्देश्यपूर्ण अनुभव और शीर्ष पर शाब्दिक प्रतीक हैं — जितना प्रत्यक्ष अनुभव, उतना स्थायी अधिगम।
कक्षा में इसका उपयोग
| पाठ (कक्षा 6–8) | उपयुक्त विधि | क्यों |
|---|---|---|
| अम्ल-क्षार की पहचान (हल्दी, लिटमस) | प्रयोगशाला / अन्वेषण | सस्ते सूचक, बच्चे स्वयं रंग-परिवर्तन देखकर नियम बनाते हैं |
| सोडियम का पानी से अभिक्रिया, विद्युत लेपन | प्रदर्शन | रसायन ख़तरनाक या उपकरण सीमित; शिक्षक सुरक्षित ढंग से दिखाए |
| अपने गाँव की फ़सलें और मिट्टी | प्रोजेक्ट | वास्तविक जीवन, समूह-कार्य, सर्वे और रिपोर्ट |
| पौधे को धूप की आवश्यकता क्यों? | समस्या-समाधान | परिकल्पना बनाकर दो गमलों पर नियंत्रित प्रयोग |
| ऊष्मा से प्रसार का नियम | आगमन, फिर निगमन | पहले कई उदाहरणों से नियम, फिर नियम से नए उदाहरणों की व्याख्या |
| सौर मंडल, ज्वालामुखी | दृश्य-श्रव्य सामग्री (वीडियो, मॉडल) | प्रत्यक्ष अनुभव संभव नहीं, इसलिए डेल के शंकु के अगले स्तर का उपयोग |
बड़ी कक्षा और कम संसाधनों में भी 'सस्ती सामग्री से प्रयोग' (बोतल, गुब्बारा, हल्दी) से बाल-केंद्रित विधियाँ संभव हैं।
याद रखने की ट्रिक / परीक्षा टिप
प्रवर्तक याद करने का सूत्र: 'आर्म (Armstrong) से अन्वेषण, किल (Kilpatrick) से प्रोजेक्ट, पार्क (Parkhurst) में डाल्टन, स्किन (Skinner) पर अभिक्रम'। और आगमन = 'आ-गमन' यानी उदाहरणों से चलकर नियम तक 'आना' — इसलिए ज्ञात से अज्ञात, विशिष्ट से सामान्य। निगमन इसका ठीक उलटा है।
REET 2024 में पूछे गए प्रश्न (हल सहित)
प्रश्न 135
जीव विज्ञान शिक्षण की अन्वेषण विधि के जन्मदाता थे
- Aएच. ई. आर्मस्ट्राँग
- Bजॉन डीवी
- Cविलियम किलपैट्रिक
- Dसी. वी. गुड
व्याख्या
अन्वेषण या ह्यूरिस्टिक विधि (heuristic method) के प्रवर्तक प्रो. एच. ई. आर्मस्ट्राँग (H. E. Armstrong) माने जाते हैं। इसमें छात्र स्वयं खोजकर्ता की तरह प्रयोग व निरीक्षण द्वारा ज्ञान प्राप्त करता है। विलियम किलपैट्रिक प्रोजेक्ट (योजना) विधि से और जॉन डीवी प्रयोजनवाद/करके सीखने से जुड़े हैं।
प्रश्न 143
आगमन विधि निम्नलिखित शिक्षण सूत्र पर आधारित है
- Aनियम से उदाहरण की ओर
- Bज्ञात से अज्ञात की ओर
- Cसामान्य से विशिष्ट की ओर
- Dप्रमाण से प्रत्यक्ष की ओर
व्याख्या
आगमन विधि (inductive method) में छात्र परिचित उदाहरणों और अनुभवों से शुरू करके सामान्य नियम तक पहुँचते हैं, अतः यह 'ज्ञात से अज्ञात की ओर', 'उदाहरण से नियम की ओर' और 'विशिष्ट से सामान्य की ओर' जैसे शिक्षण सूत्रों पर आधारित है। 'नियम से उदाहरण की ओर' और 'सामान्य से विशिष्ट की ओर' निगमन (deductive) विधि के सूत्र हैं। इसलिए (B) सही है।
प्रश्न 136
कौन-सी शिक्षण-सहायक सामग्री दृश्य-श्रव्य सामग्री में सम्मिलित है ?
- Aचलचित्र
- Bरेडियो
- Cमॉडल
- Dग्रामोफोन
व्याख्या
दृश्य-श्रव्य (audio-visual) सामग्री वह है जिसमें देखने और सुनने दोनों इन्द्रियों का प्रयोग होता है; चलचित्र (movie) में चित्र और ध्वनि दोनों होते हैं। रेडियो और ग्रामोफोन केवल श्रव्य सामग्री हैं, जबकि मॉडल केवल दृश्य सामग्री है।
प्रश्न 146
“प्रोजेक्ट (परियोजना) वह सप्रयोजन गतिविधि है, जो पूर्ण-मनोयोग के साथ सामाजिक वातावरण में की जाये ।” यह कथन किस शिक्षाशास्त्री ने दिया ?
- Aजॉन डेवी
- Bसिगमंड फ्रूयड
- Cजीन पियाजे
- Dविलियम हर्ड किलपैट्रिक
व्याख्या
“Project is a whole-hearted purposeful activity proceeding in a social environment” — परियोजना की यह प्रसिद्ध परिभाषा विलियम हर्ड किलपैट्रिक ने दी है, जिन्हें परियोजना विधि का प्रवर्तक माना जाता है। वे जॉन डेवी के शिष्य थे और यह विधि डेवी के 'करके सीखना' विचार पर आधारित है, पर परिभाषा किलपैट्रिक की है।
अभ्यास प्रश्न
प्रश्न 1
डाल्टन योजना की प्रवर्तक हैं —
- Aमारिया मॉन्टेसरी
- Bहेलन पार्कहर्स्ट
- Cहेलन केलर
- Dफ्रोबेल
व्याख्या
डाल्टन योजना हेलन पार्कहर्स्ट ने विकसित की, जिसमें छात्र अपनी गति से असाइनमेंट पूरे करते हैं। मॉन्टेसरी और फ्रोबेल पूर्व-प्राथमिक शिक्षा की पद्धतियों से जुड़े हैं।
प्रश्न 2
निगमन विधि किस शिक्षण सूत्र पर आधारित है?
- Aउदाहरण से नियम की ओर
- Bविशिष्ट से सामान्य की ओर
- Cसामान्य से विशिष्ट की ओर
- Dमूर्त से अमूर्त की ओर
व्याख्या
निगमन में पहले सामान्य नियम दिया जाता है और फिर उसे विशिष्ट उदाहरणों पर लागू किया जाता है। 'उदाहरण से नियम' और 'विशिष्ट से सामान्य' आगमन विधि के सूत्र हैं।
प्रश्न 3
जब प्रयोग ख़तरनाक हो या उपकरण महँगे और कम हों, तब विज्ञान शिक्षण की सबसे उपयुक्त विधि है —
- Aप्रयोगशाला विधि
- Bप्रदर्शन विधि
- Cप्रोजेक्ट विधि
- Dडाल्टन योजना
व्याख्या
प्रदर्शन विधि में शिक्षक स्वयं सुरक्षित ढंग से प्रयोग करता है और पूरी कक्षा अवलोकन करती है, इसलिए कम उपकरणों और जोखिम वाले प्रयोगों में यह उपयुक्त है।
प्रश्न 4
'प्रोजेक्ट एक समस्यामूलक कार्य है जो अपने स्वाभाविक वातावरण में पूर्ण किया जाता है।' यह परिभाषा किसकी है?
- Aकिलपैट्रिक
- Bस्टीवेंसन
- Cआर्मस्ट्राँग
- Dस्किनर
व्याख्या
यह परिभाषा स्टीवेंसन की है। किलपैट्रिक की परिभाषा में 'पूर्ण मनोयोग से की गई सप्रयोजन गतिविधि, सामाजिक वातावरण में' पर ज़ोर है।
प्रश्न 5
एडगर डेल के अनुभव शंकु के आधार (सबसे नीचे) पर कौन-सा अनुभव है?
- Aशाब्दिक प्रतीक
- Bचलचित्र
- Cप्रत्यक्ष, उद्देश्यपूर्ण अनुभव
- Dरेडियो व रिकॉर्डिंग
व्याख्या
डेल के शंकु में आधार पर प्रत्यक्ष उद्देश्यपूर्ण अनुभव हैं और शीर्ष पर सबसे अमूर्त शाब्दिक प्रतीक। नीचे जाने पर अनुभव अधिक मूर्त और अधिगम अधिक स्थायी होता है।
प्रश्न 6
अभिक्रमित अनुदेशन (रेखीय अभिक्रम) का संबंध किससे है?
- Aबी. एफ. स्किनर
- Bजॉन डीवी
- Cएच. ई. आर्मस्ट्राँग
- Dजीन पियाजे
व्याख्या
रेखीय अभिक्रमित अनुदेशन बी. एफ. स्किनर के क्रियाप्रसूत अनुबंधन सिद्धांत पर आधारित है — छोटे पद, सक्रिय अनुक्रिया और तुरंत पुनर्बलन।
प्रश्न 7
निम्न में से कौन-सी शिक्षण सामग्री केवल श्रव्य है?
- Aटेलीविज़न
- Bमॉडल
- Cरेडियो
- Dवीडियो
व्याख्या
रेडियो में केवल सुना जाता है। टेलीविज़न और वीडियो दृश्य-श्रव्य हैं, जबकि मॉडल दृश्य सामग्री है।
प्रश्न 8
कक्षा 7 में शिक्षक पूछता है, 'क्या पौधों को भोजन बनाने के लिए धूप चाहिए?' और बच्चे परिकल्पना बनाकर दो गमलों पर प्रयोग करते हैं। यह कौन-सी विधि है?
- Aव्याख्यान विधि
- Bसमस्या-समाधान विधि
- Cनिगमन विधि
- Dप्रदर्शन विधि
व्याख्या
समस्या प्रस्तुत करना, परिकल्पना बनाना, नियंत्रित प्रयोग से जाँचना और निष्कर्ष निकालना — ये समस्या-समाधान विधि के चरण हैं।
प्रश्न 9
प्रोजेक्ट विधि के चरणों का सही क्रम है —
- Aयोजना → परिस्थिति → चुनाव → क्रियान्वयन → मूल्यांकन → अभिलेखन
- Bपरिस्थिति → चुनाव → योजना → क्रियान्वयन → मूल्यांकन → अभिलेखन
- Cचुनाव → क्रियान्वयन → योजना → परिस्थिति → अभिलेखन → मूल्यांकन
- Dपरिस्थिति → योजना → मूल्यांकन → चुनाव → क्रियान्वयन → अभिलेखन
व्याख्या
पहले शिक्षक समस्या-परिस्थिति देता है, छात्र प्रोजेक्ट चुनते हैं, योजना बनाते हैं, उसे लागू करते हैं, फिर कार्य का मूल्यांकन और अंत में अभिलेखन करते हैं।
प्रश्न 10
विज्ञान कक्षा में 5E मॉडल का पहला चरण 'Engage' मुख्य रूप से क्या करता है?
- Aअंतिम परीक्षा लेना
- Bबच्चों की जिज्ञासा जगाकर पूर्वज्ञान को नए विषय से जोड़ना
- Cनियम की परिभाषा लिखवाना
- Dगृहकार्य देना
व्याख्या
Engage चरण में रोचक प्रश्न, घटना या छोटी गतिविधि से जिज्ञासा जगाई जाती है और बच्चों की पूर्व धारणाएँ सामने आती हैं। मूल्यांकन अंतिम 'Evaluate' चरण का काम है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
विज्ञान शिक्षण की अन्वेषण (ह्यूरिस्टिक) विधि के जनक कौन हैं?+
प्रो. एच. ई. आर्मस्ट्राँग। इस विधि में छात्र खोजकर्ता की तरह स्वयं प्रयोग व निरीक्षण से ज्ञान प्राप्त करता है।
प्रोजेक्ट विधि के प्रवर्तक कौन हैं?+
विलियम हर्ड किलपैट्रिक (1918); यह जॉन डीवी के प्रयोजनवादी दर्शन पर आधारित है।
आगमन और निगमन विधि में क्या अंतर है?+
आगमन विधि उदाहरण से नियम, विशिष्ट से सामान्य और ज्ञात से अज्ञात की ओर चलती है; निगमन विधि नियम से उदाहरण और सामान्य से विशिष्ट की ओर।
चलचित्र किस प्रकार की शिक्षण सामग्री है?+
सवाक् चलचित्र (फ़िल्म) दृश्य-श्रव्य सामग्री है; रेडियो-ग्रामोफोन श्रव्य और मॉडल-चार्ट दृश्य सामग्री हैं।
REET में विज्ञान शिक्षण विधियों से कितने प्रश्न आते हैं?+
REET 2024 (लेवल 2 विज्ञान) में इस टॉपिक से 4 प्रश्न आए — प्रवर्तक, शिक्षण सूत्र और शिक्षण सामग्री पर।
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आधिकारिक स्रोत
बदलाव लॉग
- 16 सितंबर 2026 — पेज प्रकाशित — तथ्य स्वतंत्र रूप से जाँचे गए